Day: May 10, 2024

Char Dham: श्रद्धालुओं के लिए खुले केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट, आज से हुआ चारधाम यात्रा का आगाज।

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केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा का श्रीगणेश हो गया है। आज विधि-विधान से सुबह सात बजे पहले केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए। इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ बाबा केदार की पंचमुखी डोली केदारनाथ पहुंची है। इसके बाद यमुनोत्री और फिर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के लिए खोल दिए गए हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा -देवभूमि उत्तराखंड के पवित्र चार धाम यात्रा के शुभारंभ की बहुत-बहुत बधाई। बाबा केदारनाथ धाम समेत चारों धामों की यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक ऐसी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा है, जिससे उनकी आस्था और भक्ति को नई स्फूर्ति मिलती है। इस यात्रा पर निकले सभी भक्तों और श्रद्धालुओं को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। जय बाबा भोलेनाथ!


गुरुवार देर शाम तक 16 हजार से अधिक श्रद्धालु भी पहले दिन बाबा केदार के दर्शन के लिए केदारपुरी पहुंच गए थे। आज सुबह केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 10.29 बजे और फिर गंगोत्री धाम के कपाट 12.25 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। अब बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को सुबह छह बजे खुलेंगे।

बृहस्पतिवार सुबह बाबा केदार की पंचमुखी डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुई थी। अपराह्न तीन बजे केदारनाथ धाम पहुंची। बाबा केदार की डोली के साथ हजारों श्रद्धालु भी केदारपुरी पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों और सेना के बैंड की धुन से केदारनाथ धाम गूंज उठा।

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने पंचमुखी डोली के केदारनाथ धाम में पहुंचने पर अगवानी की। वहीं मां गंगा की डोली मुखबा से गंगोत्री धाम के रवाना हुई। शुक्रवार सुबह डोली धाम पहुंची। वहीं, मां यमुना की डोली शुक्रवार सुबह खरशाली गांव से धाम के लिए रवाना हुई थी।

भव्य रूप से सजाए गए सभी मंदिर-

केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। केदारनाथ मंदिर को 20 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया है। धाम में दर्शन के लिए इस बार श्रद्धालु आस्था पथ से जाएंगे। आस्था पथ पर बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था है। साथ ही बारिश व बर्फबारी से बचने के लिए रेन शेल्टर बनाया गया।
22 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके पंजीकरण चारधाम यात्रा के लिए अब तक 22 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकरण के आंकड़े को देखते हुए इस बार भी प्रदेश सरकार को चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है।