Category Archive : उत्तराखंड

Uttarakhand: सिलक्यारा टनल में हुआ हादसा, पत्थर की चपेट में आकर मजदूर की मौत; कंपनी प्रबंधन पर उठे सवाल.

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सिलक्यारा टनल में काम करते समय एक मजदूर की पत्थर की चपेट में आने से मौत हो गई। यह दुखद घटना 15 जुलाई की मध्य रात्रि 12:20 बजे हुई। मजदूर को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।

चिन्यालीसौड़ स्थित सिलक्यारा टनल में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक मजदूर अचानक पत्थर की चपेट में आ गया। उसे सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। कंपनी प्रबंधक ने तुरंत घायल मजदूर को सीएचसी नौगांव अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया। हालांकि, उसकी गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक मजदूर झारखंड का निवासी था।

यह हादसा 15 जुलाई 2026 की देर रात करीब 12:20 बजे हुआ। मजदूर टनल के भीतर अपने काम में लगा हुआ था। अचानक ऊपर से एक बड़ा पत्थर गिरा और वह उसकी चपेट में आ गया। इस अप्रत्याशित घटना से टनल में मौजूद अन्य मजदूर भी सहम गए।

हादसे के तुरंत बाद कंपनी के कर्मचारियों ने घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। सीएचसी नौगांव में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कंपनी प्रबंधन ने तत्काल मृत मजदूर के परिजनों को घटना की सूचना दी है। अब आगे की आवश्यक कानूनी और सहायता संबंधी कार्रवाई की जाएगी।

Uttarakhand: भूमि खरीदने के 7 दिन में पूरी होगी गैर कृषि कराने की प्रक्रिया, ऑनलाइन होगा आवेदन.

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प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए भूमि क्रय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निवेशकों को भूमि को गैर कृषि कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वह वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, एक सप्ताह के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

Uttarakhand: राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में होगा बदलाव, राशन वितरण प्रणाली होगी ऑनलाइन

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प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा जल्द संशोधित की जाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा, राशन विक्रेताओं का 39 करोड़ रुपये का बकाया लाभांश एक सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा।

Uttarakhand: राज्य कर विभाग के 72 उपनलकर्मियों को बड़ा झटका, SC जाएगी सरकार, हुई उच्च स्तरीय बैठक

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राज्य कर विभाग में तैनात उपनलकर्मियों के नियमितीकरण और सेवा संबंधी लाभों के मामले में राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) दायर करेगी। इसके लिए शासन ने तत्काल राज्य कर विभाग को प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।

सरकार के लिए प्रशासनिक और वित्तीय संकट-
शासन स्तर पर की गई समीक्षा में विभाग में कार्यरत 96 कर्मियों को चार श्रेणियों में बांटा गया। इसमें सबसे बड़ा पेंच श्रेणी-3 के उन 72 कर्मियों को लेकर फंसा है, जिनकी सेवा में समय-समय पर कृत्रिम व्यवधान रहा है। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सैनिक कल्याण विभाग के शासनादेश के अनुसार, केवल उन्हीं उपनल कर्मियों को चरणबद्ध रूप से लाभ दिया जा सकता है जो कट-ऑफ डेट 12 नवंबर 2018 तक निरंतर (बिना किसी ब्रेक) नियोजित रहे हों। 

बैठक में यह बात उठी कि जिन राज्य कर विभाग के 72 कर्मियों की सेवा में कृत्रिम व्यवधान रहा है, उनके प्रत्यावेदनों पर सकारात्मक विचार करना सैनिक कल्याण विभाग की नीति और नियमों का उल्लंघन होगा। अगर ऐसा किया गया तो अन्य विभागों से भी ऐसी मांगें उठेंगी। इससे सरकार के लिए प्रशासनिक और वित्तीय संकट पैदा हो सकता है। लिहाजा तय किया गया कि राज्य कर के इन कर्मचारियों पर आए हाईकोर्ट के आदेशों पर सरकार सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेगी। इसके लिए राज्य कर विभाग से प्रस्ताव मांगा गया है।

Uttarakhand: कैबिनेट का बड़ा फैसला; मदरसों को मान्यता व पंजीकरण के लिए देना होगा शुल्क, नियमावली को मंजूरी.

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धामी कैबिनेट ने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी। नियमावली में राज्य में मदरसों की मान्यता, नवीनीकरण के लिए शुल्क निर्धारित किया जाएगा।

यह नियमावली उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 की धारा 19 में राज्य सरकार को नियम बनाने की शक्ति के तहत बनाई गई है। इसमें मान्यता और नवीनीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक पात्रता, दस्तावेजों और अनुपालन संबंधी प्रावधानों को परिभाषित किया गया है। मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई है। नियमावली के अनुसार अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता के लिए निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। मान्यता या नवीनीकरण की वैधता तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए होगी। नवीनीकरण के लिए आवेदन अवधि समाप्त होने से कम से कम तीन महीने पहले करना होगा।
मान्यता के लिए आवेदन और पात्रता मानदंड-
अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता दिए जाने के लिए आवेदन प्रक्रिया के दौरान संस्थानों की पात्रता, अल्पसंख्यक हितों की पूर्ति, भूमि स्वामित्व, वित्तीय स्थिति और स्टाफ की योग्यता का परीक्षण किया जाएगा। मान्यता के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र, प्रबंधन समिति की सूची, भूमि स्वामित्व प्रमाण, बैंक विवरण और स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता जैसे दस्तावेज चाहिए। संस्थान के अल्पसंख्यक स्वरूप और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने संबंधी घोषणा भी देनी होगी। वहीं, इसके नवीनीकरण के लिए वित्तीय विवरण, बैंक स्टेटमेंट, आयकर रिटर्न और स्टाफ व छात्र नामांकन की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। अल्पसंख्यक छात्रों के नामांकन संबंधी घोषणा भी अनिवार्य है।अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण कर सकेगा मान्यता रद्द-

उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (यूएसएएमई) मान्यता के आवेदन की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर निरीक्षण भी कर सकेगा। सभी मापदंड पूरे होने पर मान्यता प्रदान की जाएगी, मापदंड पूरे न होने पर कारण सहित आवेदन रद्द किया जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन या निधियों के दुरुपयोग की स्थिति में, संबंधित संस्थान को सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाएगा। सुनवाई के बाद उसकी मान्यता रद्द की जा सकेगी।

Uttarakhand: नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही चारधाम यात्रा, अब तक 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन.

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चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यात्रा में अब तक 12.60 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बुधवार को चारों धामों में एक दिन में 80 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। चारधाम यात्रा शुरू हुए 25 दिन हो चुके हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 12.60 लाख पार कर चुका है। केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।

22 दिनों में ही 5.23 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र की यात्रा होने से प्रदेश सरकार यहां मौसम के मिजाज पर भी पूरी नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया गया
श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें, इसके लिए स्लॉट प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया गया है। रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य होने के बाद धाम दिव्य और भव्य रूप में नजर आ रहा है।

पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाए जाने से श्रद्धालुओं की राह आसान हुई है। सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा के लिए सरकार ने हरसंभव कदम उठाए हैं। मौसम पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया गया है। हर परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार है।

Chardham Yatra: चरम पर श्रद्धालुओं का उत्साह; 23 दिन में 11 लाख के पार पहुंचा दर्शन करने वालों का आंकड़ा

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चारधाम यात्रा में 23 दिन के भीतर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 11 लाख पार हो गया है। केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में प्रतिदिन औसतन 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। धामों में मौसम की चुनौतियों के बाद भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं थम रहे हैं।

चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से हुआ था। 22 अप्रैल को केदारनाथ व 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुले। यात्रा शुरू होते ही इस बार धामों में श्रद्धालुओं को खराब मौसम की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश से धामों में काफी ठंड है। इसके बावजूद बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है।

पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार चारधाम यात्रा में अब तक 11 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसमें केदारनाथ धाम में 4.50 लाख से अधिक, बदरीनाथ धाम में 2.70 लाख, गंगोत्री में 1.65 लाख, यमुनोत्री में 1.69 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा यात्रा पंजीकरण की संख्या 32.75 लाख पहुंच चुकी है।

हरिद्वार कुंभ 2027: हर की पैड़ी पर 39.60 लाख की लागत से बनेंगे तीन अस्थायी रैंप, भीड़ नियंत्रण के लिए बनी है योजना.

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कुंभ मेला 2027 के लिए हरकी पैड़ी पर तीन अस्थायी रैंप का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर अनुमानित 139.60 लाख रुपये की लागत आएगी और इसे दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रैंप ब्रह्म कुंड में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं, अखाड़ों और स्नानार्थियों की सुविधा के लिए बनाए जाएंगे।

यह निर्माण कार्य कुंभ मेला 2027 के तहत किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य हर की पैड़ी स्थित ब्रह्म कुंड में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम पहुंच प्रदान करना है। इन अस्थायी रैंप का निर्माण तीन अस्थायी स्टील सेतु पुलों के लिए किया जाएगा।

यह परियोजना कुंभ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगी। यह कार्य कुंभ मेले के शुरुआत होने से दो महीने पूर्व पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार कुंभ मेला 2027 में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।

200 मीटर लंबा और तीन मीटर चौड़ा होगा रैंप-

तीन अस्थायी रैंप का निर्माण तीन अस्थायी स्टील सेतु पुलों के लिए किया जाएगा। प्रत्येक रैंप की अनुमानित लंबाई 200 मीटर और चौड़ाई तीन मीटर निर्धारित की गई है। इससे तीन अलग-अलग सेतू से होकर लोग ब्रह्म कुंड से दूसरी तरफ मेला आरक्षित क्षेत्र के खुले स्थान पर जा सकेंगे। कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर अंतिम रूप दिया जा सके इसकी तैयारियों के बीच रैंप के निर्माण को स्वीकृति मिली है।

 

Uttarakhand Weather: मौसम का मिजाज बदला, नैनीताल समेत विभिन्न जिलों में अगले 6 दिन तक बारिश की चेतावनी.

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सुबह हल्के बादल रहने के बाद रविवार को दोपहर में अचानक मौसम बदला। घने काले बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा नजर आने लगा। कुछ ही पल बाद अंधड़ के साथ तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे बाद आसमान साफ हुआ और धूप निकल आई।

सुबह हल्के बादल रहने के बाद रविवार को दोपहर में अचानक मौसम बदला। घने काले बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा नजर आने लगा। कुछ ही पल बाद अंधड़ के साथ तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे बाद आसमान साफ हुआ और धूप निकल आई।

26 अप्रैल से एक मई तक पारे में रही गिरावट 

नौ दिन में सिर्फ दो दिन तापमान 39 डिग्री के पार गया है। 25 अप्रैल को तापमान 40 डिग्री जबकि इसके अगले दिन 39.8 डिग्री रहा। इसके बाद एक मई तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दो मई को अधिकतम तापमान 34 तो तीन मई को 36.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम की यह सामान्य प्रक्रिया है और हर साल होता रहा है। सोमवार को मैदानी इलाकों में और मंगलवार को पर्वतीय जिलों में तेज बारिश रहेगी जिसके लिए चेतावनी दी गई है। आगे छह और सात मई को तेज हवाओं का दौर रहेगा और बिजली गिरने की आशंका ज्यादा हैं। – डॉ. चंद्र सिंह तोमर, निदेशक मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून

Uttarakhand: लाखों श्रमिकों को धामी सरकार की सौगात, न्यूनतम वेतन बढ़ा, 20 साल बाद इन्हें मिली बड़ी राहत.

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उत्तराखंड के उद्योगों और इंजीनियरिंग इकाइयों, निजी और अनुसूचित संस्थानों के तीन लाख से अधिक श्रमिकों को धामी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। उद्योगों, इंजीनियरिंग इकाइयों के श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 साल बाद पुनरीक्षित किया गया है तो निजी व अनुसूचित संस्थानों के श्रमिकों का वेतन पुनरीक्षण के बाद वीडीए 518 रुपये कर दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के बाद 50 या उससे अधिक श्रमिकों वाली इंजीनियरिंग इकाइयों और उद्योगों के लिए न्यूनतम मजदूरी की नई दरें निर्धारित कर दी गई हैं। यह दरें एक अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इंजीनियरिंग इकाइयों में वेतन पुनरीक्षण पिछले लगभग 20 वर्षों से लंबित था।

सचिव श्रम की अध्यक्षता में एक त्रिदलीय समिति का गठन किया गया था, जिसमें सरकार, नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। 27 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में सभी पक्षों की सहमति के बाद राज्यपाल ने नई मजदूरी दरों को मंजूरी दे दी। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केंद्र सरकार की मजदूरी संहिता 2019 प्रभावी कर दी गई है। मजदूरी संहिता नियमावली 2026 के प्रख्यापन की कार्यवाही चल रही है। भविष्य में वेतन का पुनर्निर्धारण इन्हीं नए नियमों के तहत किया जाएगा।

ये होंगी नई दरें-

श्रेणी- नया वेतन (वीडीए सहित)
अकुशल- 13,800
अर्धकुशल- 15,000
कुशल- 16,900

निजी प्रतिष्ठानों के श्रमिकों का महंगाई भत्ता बढ़ा-

निजी संस्थानों के श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 15 मार्च 2024 को घोषित किया जा चुका है। तब प्रदेश के एक लाख या अधिक आबादी वाले नगरों में अकुशल कार्मिकों का न्यूनतम वेतन 12,539 रुपये, अर्धकुशल का 13,280 रुपये, कुशल का 14,023 रुपये, लिपिकीय वर्ग में श्रेणी एक का 15,275 रुपये, श्रेणी दो का 14,340 रुपये किया गया था। इसी प्रकार प्रदेश के शेष भागों में प्रतिमाह न्यूनतम मजदूरी अकुशल के लिए 12,391 रुपये, अर्धकुशल के लिए 13,110 रुपये, कुशल के लिए 13,838 रुपये, लिपिक वर्ग में श्रेणी-एक का 15,035 रुपये और श्रेणी दो का 14,139 रुपये तय किया गया था। इस बीच, श्रमायुक्त प्रकाश चंद्र दुमका ने इन 57 अनुसूचित प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) की घोषणा कर दी है। ये दरें भी एक अप्रैल से लागू होंगी। सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को 518 प्रति माह का अतिरिक्त परिवर्तनीय महंगाई भत्ता देय होगा। इससे दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, सड़क निर्माण और पत्थर तोड़ने वाले, निजी क्लीनिक, अस्पताल और मेडिकल स्टोर, होटल, रेस्टोरेंट और निजी शिक्षण संस्थान, पेट्रोल पंप और ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, ईंट-भट्टा, डेयरी और बेकरी उद्योग आदि के श्रमिकों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद श्रमिकों को न्यूनतम वेतन बढ़ने और वीडीए की सौगात मिली है। हमने निर्देश जारी कर दिए हैं कि मई के वेतन में उन्हें इसका लाभ मिलेगा। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजने के अलावा उप श्रमायुक्तों को निर्देश भेज दिए गए हैं।
– पीसी दुम्का, श्रमायुक्त