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वरुण गांधी का भावुक पत्र: मैं आपका था, हूं और रहूंगा,  पीलीभीत से अंतिम सांस तक खत्म नहीं होगा रिश्ता, पढ़िए क्या लिखा वरुण गांधी ने. 

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पीलीभीत से मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी का पिछले 35 साल से चला आ रहा सियासी रिश्ता बुधवार को खत्म हो गया। 1989 के बाद यह पहली बार हुआ कि जब दोनों में से किसी ने भी पीलीभीत सीट से पर्चा नहीं भरा। भाजपा ने वरुण गांधी का टिकट काटकर यूपी के कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। पीलीभीत से सियासी रिश्ता टूटने पर वरुण गांधी ने भावुक पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि मेरा और पीलीभीत का रिश्ता प्रेम और विश्वास का है, जो राजनीतिक गुणा-भाग से बहुत ऊपर है।

वरुण गांधी ने पीलीभीत के लोगों को प्रणाम करते हुए लिखा, ‘मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे वर्षों पीलीभीत की महान जनता की सेवा करने का मौका मिला। महज एक सांसद के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के तौर भी मेरी परवरिश और मेरे विकास में पीलीभीत में मिले आदर्श, सरलता, और सहृदयता का बहुत बड़ा योगदान है। आपको प्रतिनिधि होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है और मैंने हमेशा अपनी पूरी क्षमता से आपके हितों के लिए आवाज उठाई है।’

बचपन की याद को किया साझा 
आज जब मैं यह पत्र लिख रहा हूं, तो अनगिनत यादों ने मुझे भावुक कर दिया है। उन्होंने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए लिखा, मुझे वो तीन साल का छोटा सा बच्चा याद आ रहा है, जो अपनी मां की अंगुली पकड़कर 1983 में पहली बार पीलीभीत आया था, उसे कहां पता था कि एक दिन यह धरती उसकी कर्मभूमि और यहां के लोग उसका परिवार बन जाएंगे।

भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े’- वरुण गांधी
पत्र में आगे लिखा कि एक सांसद के तौर पर मेरा कार्यकाल भले समाप्त हो रहा हो, पर पीलीभीत से मेरा रिश्ता अंतिम सांस तक खत्म नहीं हो सकता। मैं राजनीति में आम आदमी की आवाज उठाने आया था और आज आपसे यही आशीर्वाद मांगता हूं कि सदैव यह कार्य करता रहूं, भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने पीलीभीत से अपने रिश्ते को सियासी गुणा-भाग से बहुत ऊपर बताया। अंत में लिखा- मैं आपका था, हूं और रहूंगा।

सवाल : संगठन में बड़ा पद या किसी दूसरी सीट से मिलेगा टिकट
वरुण गांधी की वजह से पीलीभीत प्रदेश में वीआईपी सीट बनी हुई है। 2009-2010 में वरुण भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। चर्चा है कि पार्टी वरुण को संगठन में कोई बड़ा पद दे सकती है। चर्चा यह भी है कि वरुण को अवध क्षेत्र की किसी वीआईपी सीट से उतारा जा सकता है। यह सब कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं कि वरुण ने टिकट कटने के बाद भी न तो भाजपा छोड़ी है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है।

Bilkis Bano: बिलकिस बानो मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की सजा माफी पर लगाई रोक, राहुल गांधी बोले- न्याय की जीत.

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गुजरात सरकार द्वारा बिलकिस बानो मामले में 11 दोषियों की सजा में छूट देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया हैं। मामले में एक गवाह ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बानो को वास्तव में आज न्याय मिला है। मैं इस मामले में गवाहों में से एक हूं। इन 11 दोषियों को महाराष्ट्र की एक अदालत ने सजा सुनाई थी। गुजरात सरकार का उन्हें रिहा करने का फैसला गलत था, इसलिए हमने इसे अदालत में चुनौती दी थी। फैसले के बाद दाहोद जिले के देवगढ़ बारिया में बिलकिस बानो के रिश्तेदारों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खुशी जाहिर करते हुए जमकर आतिशबाजी की हैं।

वास्तव में आज मिला पूर्ण न्याय-अब्दुल रजाक-
देवगढ़ बारिया शहर के रहने वाले मामले के गवाहों में से एक अब्दुल रजाक मंसूरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने दोषियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा हैं। मुझे लगता है कि आज हमें न्याय मिला हैं। गौरतलब है कि गोधरा में 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान बिलकिस बानो 21 साल की थीं औ पांच माह की गर्भवती भी थी। उस दौरान आरोपियों द्वारा उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस दौरान आरोपियों ने उनकी तीन साल की बेटी और परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा गुजरात सरकार का फैसला-दरअसल, गुजरात सरकार ने 11 दोषियों को सजा में छूट देकर 15 अगस्त 2022 को रिहा कर दिया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सजा में दी गई छूट को सोमवार को रद्द कर दिया और दोषियों को दो सप्ताह के भीतर जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि गुजरात सरकार को छूट का आदेश पारित करने का अधिकार नहीं था।

राहुल गांधी बोले- फैसले ने बताया कौन देता है अपराधियों को पनाह-

इसी बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने एक बार फिर दिखा दिया कि अपराधियों को पनाह कौन देता हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बिलकिस बानो का अथक संघर्ष अहंकारी भाजपा सरकार के खिलाफ न्याय की जीत का प्रतीक है। चुनावी लाभ के लिए न्याय की हत्या करने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक हैं।

Uttarakhand: यमुनोत्री क्षेत्र में भोजपत्र के जंगलों पर संकट, ध्यान नहीं दिया तो हो सकते हैं विलुप्त.

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यमुनोत्री क्षेत्र में भूस्खलन और यमुना नदी के कटाव से बेशकीमती भोजपत्र के जंगल पर खतरा मंडरा रहा है। गढ़वाल के साथ ही कुमाऊं के आदि कैलाश को जाने वाले मार्ग पर भी इसके जंगल हैं लेकिन जलवायु परिवर्तन, सड़कों के निर्माण व यात्रा मार्ग में जाने वाले पर्यटकों द्वारा इसे पहुंचाए जाने वाले नुकसान एवं मलबे के चलते इसका अस्तित्व संकट में पड़ रहा है।भोजपत्र के पेड़ों के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो यह विलुप्ति की कगार पर पहुंच जाएंगे। समुद्रतल से करीब चार हजार मीटर ऊंचाई पर पाए जाने वाले भोजपत्र का जंगल यमुनोत्री धाम से लगे गरुड़ गंगा के दाईं ओर फैला है।

 

2012 में जब यमुना नदी में बाढ़ आई थी, तब भी भू-कटाव से जंगल को काफी नुकसान पहुंचा था। हनुमान चट्टी डोडीताल ट्रैक रूट पर भी भोजपत्र के पेड़ों को हानि पहुंची थी। बावजूद इसके भोजपत्र के जंगलों के संरक्षण व संवर्धन के लिए कोई ठोस योजना नहीं बन पाई। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भोजपत्र के जंगलों को आपदा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भू-कटाव के कारण बहुत नुकसान पहुंचा लेकिन संरक्षण के लिए योजना नहीं बनी। उन्होंने शासन-प्रशासन से भोजपत्र के जंगलों के संरक्षण के लिए योजना बनाने की मांग की है। 
पूर्व प्रधानमंत्री को भोजपत्र पर भेंट किया गया अभिनंदन पत्र-
1985 में जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार उत्तराखंड भ्रमण पर आए थे तो उस वक्त भाजपा नेता व चकबंदी के प्रेरणास्रोत स्व. राजेंद्र सिंह रावत ने उन्हें भोजपत्र पर लिखा अभिनंदन पत्र भेंट किया था।

Tamil Nadu: भारी बारिश के बीच तमिलनाडु के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी.

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तमिलनाडु अब तक चक्रवाती तूफान मिचौंग के प्रभाव से उबर भी नहीं पाया है कि इस बीच राज्य में एक बार फिर से भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कल देर रात और आज सुबह यहां हुई बारिश से कई इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। खासकर कई जगहों में सड़कों से लेकर लोगों के घरों में भी पानी भरा देखा गया।

तमिलनाडु के जिन-जिन जिलों में बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात हैं, उनमें तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, तेनकासी और कन्याकुमारी जिला शामिल है। तूतीकोरिन के तिरुचेंदुर में रात 1.30 बजे तक सिर्फ 15 घंटे के अंदर ही 60 सेंटीमीटर तक बारिश हुई है। वहीं, इस दौरान तिरुनेलवेली के पलयमकोट्टई में 26 सेमी पानी गिरा। कन्याकुमारी में इन 15 घंटों में 17.3 सेंटीमीटर बारिश हुई है।

इन जिलों में भारी बारिश की वजह से बांधों का पानी भी छोड़ा गया है, जिसकी वजह से कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह से लबालब भर गई हैं। इससे जुड़े कई वीडियो वायरल भी हुए हैं, जिनमें घरों में पानी भरा देखा जा सकता है। इस बीच जिलाधिकारियों को बांधों से पानी छोड़ने और जनजीवन का ध्यान रखने को लेकर अलर्ट किया गया है।

मौसम विभाग ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी-

मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को तमिलनाडु में बारिश से जुड़ी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले सात दिनों तक तमिलनाडु के कई शहरों में भारी बारिश होने के आसार हैं। इससे पहले चक्रवाती परिसंचरण के कारण रविवार को दक्षिणी तमिलनाडु में भारी बारिश हुई। कई इलाके और घर जलमग्न हो गए। वहीं थमिराबरानी नदी उफान पर है, जिसको लेकर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अधिकारियों को दक्षिणी तमिलनाडु में नदी जोड़ो परियोजना के तहत ड्राई रन को चिन्हित करते हुए अतिरिक्त जल को कन्नाडियन चैनल में छोड़ने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को चक्रवाती परिसंचरण भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के निचले क्षोभमंडल स्तर पर था।  

 

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी-

दक्षिण तमिलनाडु के कई इलाकों में सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावनाएं है। वहीं कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी और तेनकासी के स्थानों में भारी बारिश के आसार है। मंगलवार को दक्षिण तमिलनाडु में कुछ स्थानों, उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, एक या दो स्थानों पर गरज और बिजली गिरने की संभावना हैं। बुधवार से शनिवार तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना हैं। 

सरकार ने की कई स्कूलों और संस्थानों में छुट्टी-
तमिलनाडु सरकार ने भारी बारिश के कारण कई स्कूलों में अवकाश घोषित किया है. 18 दिसंबर को तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, कन्याकुमारी और तेनकासी जिलों में सभी स्कूलों, कॉलेजों, निजी संस्थानों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए छुट्टी की घोषणा की गयी है।

Rishikesh: हाईवे से लगे जंगल में मिला 13 दिन से लापता युवती का जला हुआ शव, पुलिस ने प्रेमी को किया गिरफ्तार.

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करीब 13 दिनों से घर से लापता चल रही युवती का जंगल में जला हुआ शव मिला है। पुलिस ने युवती के प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। ढालवाला निवासी विनीता भंडारी (21) चार दिसंबर से लापता थी।

पिता ने थाना मुनि की रेती में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान विनीता चार दिसंबर को 11 बजकर आठ मिनट पर नटराज चौक के पास अकेले देहरादून की ओर जाती देखी गई थी। उसके हाथ में थैला भी था। उसके बाद करीब 11 बजकर 32 मिनट पर विनीता का मोबाइल बंद हो गया था। अंतिम लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस विनीता को इसी क्षेत्र में ढूंढ रही थी। 

पुलिस को नटराज चौक से करीब एक किमी आगे देहरादून रोड पर हाईवे से लगे जंगल में 200 मीटर अंदर अधजला शव मिला। उसकी शिनाख्त के बाद उसके प्रेमी मानीवाला निवासी अर्जुन रावत को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

Assembly Election 2023: इन राज्यों में CM कैंडिडेट की तस्वीर हुई साफ! जानिये अभी किन 3 राज्यों में फंसा है पेंच.

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 पांचों चुनावी राज्यों के परिणाम सामने आ चुके हैं, जिसके बाद यह तय हो गया है किस राज्य में कौन-सी पार्टी अपनी सरकार बनाने जा रही है। दरअसल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की है। वहीं, तेलंगाना में कांग्रेस ने बीआरएस पार्टी के हाथ से सत्ता छीन ली है। इसके अलावा, मिजोरम में जोरम पीपुल्स मूवमेंट (Zoram People’s Movement) को दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत मिला है।

जानिए कहां किसकी हालत कैसी?

सत्ता में आने के बाद अब पार्टियों के सामने एक नई चुनौती आकर खड़ी हो गई है। दरअसल, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अब तक भाजपा ने किसी चेहरे पर मुहर नहीं लगाई है, जबकि कांग्रेस द्वारा तेलंगाना का सीएम तय होने को लेकर पार्टी में ही विरोध देखा जा रहा है। हालांकि, तेलंगाना में स्थिति स्थिर है और सीएम पद के लिए एक ही नाम सामने आ रहा है।

हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी राज्य में पार्टियों ने आधिकारिक तौर पर किसी भी नाम की घोषणा नहीं की है।

मध्य प्रदेश में शिवराज या कोई और?

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता पर अपनी पकड़ को और भी मजबूत कर लिया है। दरअसल, पांच साल तक अपनी सत्ता के जरिए जनता के दिलों पर छाप छोड़ने वाली पार्टी ने एक बार फिर सत्ता पर अपना हक बरकरार रखा है। भाजपा ने प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले काफी अच्छा प्रदर्शन रखा है। इसके बाद भी प्रदेश में भाजपा के सामने एक बड़ी मुसीबत आकर खड़ी हो गई है। दरअसल, प्रदेश में अब तक सीएम पद के लिए किसी के नाम पर मुहर नहीं लगाई गई है।

हालांकि, प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान प्रमुख नेताओं में से एक है, जिन्होंने इस बार भाजपा को भारी जीत दिलाई है। उन्होंने 1990 में अपने निर्वाचन क्षेत्र बुधनी में पहली जीत हासिल की थी, उसके बाद से आज तक वह सीट पर अपना कब्जा बनाए हुए हैं। उन्होंने पहली बार 2005 में सीएम पद की शपथ ली थी और पिछले पांच सालों में भी उन्होंने सीएम पद पर काबिज रहते हुए काफी प्रसिद्धि पाई है।

बीजेपी पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद इंदौर-एक विधानसभा सीट से विधायक चुने गए कैलाश विजयवर्गीय का प्रदर्शन भी अपनी सीट पर काफी बेहतर रहा है। इनको मुख्यमंत्री पद के लिए शिवराज सिंह चौहान का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, कैलाश विजयवर्गीय के अलावा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर जैसे बड़े नेताओं को भी पद के लिए अन्य संभावितों में देखा जा रहा है।

राजस्थान में मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस बरकरार-

राजस्थान में भाजपा ने कांग्रेस के हाथ से सत्ता छीनकर उसे करारी शिकस्त दी है। फिलहाल, प्रदेश में भाजपा ने सीएम पद पर किसी का नाम तय नहीं किया है। हालांकि, कतार में भाजपा के कई बड़े और दिग्गज नेताओं का नाम शामिल है। दरअसल, अब तक राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद वसुंधरा राजे ने सत्ता संभाली है, लेकिन इस बार भाजपा बिना सीएम चेहरे के ही चुनावी मैदान में उतरी थी।

वसुंधरा राजे दो बार राजस्थान में सीएम पद संभाल चुकी हैं। वसुंधरा राजे 4 बार विधायक रह चुकी हैं। 5 बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं 14 नवंबर, 2002 से 14 दिसंबर, 2003 तक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रही हैं। इसके अलावा, उनका पहला कार्यकाल 2003 से 2008 तक और दूसरा कार्यकाल 2013 से 2018 तक रहा।

इस बार सीएम रेस में बाबा बालकनाथ योगी का नाम भी शामिल है। अलवर के सांसद बाबा बालकनाथ को लोकप्रिय रूप से राजस्थान के योगी के रूप में जाना जाता है और वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। तिजारा विधानसभा क्षेत्र से 40 वर्षीय नेता अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं।

जयपुर के शाही परिवार की सदस्य दीया कुमारी साल 2013 में भाजपा में शामिल हुईं। उसके बाद से उन्होंने तीन चुनावों में जीते हैं। वह 2019 के आम चुनाव में 5.51 लाख वोटों के अंतर से जीती थीं। जो की उस वक्त की सबसे बड़ी जीत में से एक थी। इन्हें राजस्थान में सीएम पद के लिए एक अच्छा दावेदार माना गया है।

इसके अलावा, सीएम रेस में सीपी जोशी, किरोड़ी लाल मीणा, अर्जुन राम मेघवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत और ओम बिरला का नाम शामिल है।

छत्तीसगढ़ में छाएगा किस चेहरे का जादू

छत्तीसगढ़ में भी भाजपा ने कांग्रेस से सत्ता की कुर्सी छीनकर अपनी पकड़ बना ली है। भाजपा ने इस बार मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किए बिना ही चुनाव लड़ा था। ऐसे में भाजपा की इस जीत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष अरुण साव को सीएम पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इसके अलावा, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय और भाजपा के महामंत्री व पूर्व आईएएस ओपी चौधरी के नाम को लेकर भी चर्चा है।

प्रदेश में लगातार आदिवासी मुख्यमंत्री की भी मांग होती रही है । ऐसे में अनुसूचित जनजाति(एसटी) वर्ग से प्रदेश में बड़े चेहरे में केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह, पूर्व राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम, पूर्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी व युवा नेता में पूर्व मंत्री केदार कश्यप का नाम पहले आता है।

तेलंगाना में कांग्रेस में छिड़ा विरोध

तेलंगाना में कांग्रेस ने बीआरएस को हराकर पहली बार राज्य में जीत हासिल की है। चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर स्थिति साफ नहीं हुई है। तेलंगाना में मुख्यमंत्री पद के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी का नाम सामने आ रहा है, लेकिन अब तक कांग्रेस के जीते हुए सभी 64 विधायकों के बीच सीएम के चयन पर सहमति नहीं बन पाई है।

साथ ही, पार्टी की ओर से भी अब तक सीएम पद पर किसी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

मिजोरम में तय हुआ नाम!

पूर्व आईपीएस लालदूहोमा की पार्टी जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) को मिजोरम में दो-तिहाई बहुमत मिला है। सोमवार को हुई मतगणना में 40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा में 27 सीटें जीतकर जेडपीएम ने मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) को सत्ता से बाहर कर दिया।

इसके बाद ही, सीएम पद के लिए लालदूहोमा के नाम का शोर है, लेकिन अब तक पार्टी की ओर से इस नाम की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।

Uttarakhand: केदारनाथ में हुई बर्फ़बारी, पारा-6 डिग्री पहुंचा, आज कहीं बारिश तो कहीं कोहरा, जानिए कहां कैसा है मौसम का हाल.

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प्रदेश के पर्वतीय जिलों के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने से ठंड बढ़ सकती है। मैदानी इलाकों में कोहरा लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई है।

अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले के कुछ इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाने से ठंड बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है आठ दिसंबर तक प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहेगा। इसके बाद पर्वतीय जिलों में बारिश व बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट रिकॉर्ड की जाएगी। इसका असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा।

वहीं केदारनाथ में सोमवार देर शाम को तापमान माइनस छह डिग्री पहुंच गया। धाम में जमकर बर्फबारी भी हो रही है। मौसम की बेरुखी से केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इधर, निचले इलाकों में भी सोमवार को कुछ देर हल्की बारिश हुई, जिससे ठंड बढ़ गई है। उधर, पहाड़ों की रानी मसूरी में भी देर रात हुई बारिश हुई। जौनपुर के नागटिब्बा में रात को बर्फबारी होने से क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। वहीं यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में कल की बारिश बर्फबारी से ठंड बढ़ गई।

सोमवार को सुबह से ही केदारनाथ में हल्के बादल छाए रहे। दिन चढ़ने के साथ यहां मौसम खराब होता गया और दोपहर 3 बजे से हल्की-हल्की बर्फबारी होने लगी।

देर रात तक रुक-रुककर हल्की बर्फबारी होती रही। खराब मौसम के कारण केदारनाथ में तापमान में काफी गिरावट आई है, जिससे ठंड बढ़ गई है।

धाम में अधिकतम तापमान दो डिग्री और न्यूनतम माइनस छह डिग्री दर्ज किया गया। जिला आपदा प्रबंधन-प्राधिकरण, लोनिवि के ईई विनय झिक्वांण ने बताया कि खराब मौसम के कारण पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

केदारनाथ में इन दिनों 300 मजदूर पुनर्निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं।

Vidhan Sabha Election Results 2023: मध्य प्रदेश में कमल-राज, राजस्थान में कायम रिवाज.

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Vidhan Sabha Election Results 2023: मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मतगणना जारी है। अब तक के रुझानों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है और तेलंगाना में कांग्रेस भारी बहुमत के साथ जीतती दिख रही है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान में भाजपा आगे-

चुनाव आयोग के सुबह साढ़े 11 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में भाजपा 156 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं कांग्रेस 71 सीटों पर आगे है।

राजस्थान में भाजपा 116 सीटों पर आगे है। कांग्रेस 67 सीटों पर और बसपा 3 सीटों पर आगे है।

छत्तीसगढ़ में भाजपा 44 सीटों पर और कांग्रेस 41 सीटों पर आगे चल रही हैं।

तेलंगाना में कांग्रेस 61 सीटों पर और बीआरएस 36 सीटों पर आगे है। वहीं भाजपा 10 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं एआईएमआईएम एक सीट पर आगे चल रही है।

MP Election Result Live: नरोत्तम मिश्रा पिछड़े, सीएम शिवराज आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार,  मध्य प्रदेश में राज्य के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा दो हजार वोटों से पिछड़ रहे हैं। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान बड़े अंतर से अपने प्रतिद्वंदी से आगे चल रहे हैं। वहीं राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत सरदारपुरा सीट से आठ हजार वोटों से आगे चल रहे हैं।

Kerala: ‘मैं कुछ कह रहा, वो कुछ और’, चुनावी रैली के दौरान भाषण के गलत अनुवाद पर राहुल गांधी ने कही ये बात.

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तेलंगाना विधानसभा चुनावों के लिए हर किसी ने जोर-शोर से प्रचार किया। इसी क्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी पार्टी के लिए वोट जुटाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। हालांकि, चुनावी अभियानों के दौरान आने वाली चुनौतियों को लेकर उन्होंने एक मजाकिया वाक्य साझा किया। केरल में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल ने बताया कि कैसे एक रैली के दौरान उनके एक भाषण के अनुवादक को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी यहां एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां आईयूएमएल सांसद अब्दुस्समद समदानी उनके भाषण का अनुवाद करने के लिए मौजूद थे। इस दौरान वायनाड के सांसद ने समदानी से मजाकिया लहजे में कहा कि उनका अनुवादक होना एक खतरनाक काम हो सकता है।

शब्दों को भी गिनना शुरू किया-
उन्होंने बताया कि किस तरह तेलंगाना में एक चुनावी रैली के दौरान अनुवादक बहुत परेशानी में पड़ गया। राहुल ने कहा, ‘मैं कुछ कह रहा था और वह (अनुवादक) कुछ और बोल रहे थे। फिर कुछ समय बाद, मैंने अपने शब्दों को गिनना शुरू कर दिया। जैसा आप जानते हैं कि वह तेलुगु में बोल रहे थे। इसलिए, मैंने सोचा कि अगर मैं हिंदी में पांच शब्द कहूंगा तो तेलुगु में पांच या सात शब्द लगेंगे। लेकिन वह 20, 25, 30 शब्द बोल रहे थे।’ 

उन्होंने कहा, ‘जब मैं कुछ उदास भरी बात कहता तो भीड़ उत्साहित हो जाती थी। फिर मैं कुछ दिलचस्प बात कहता तो भीड़ चुप हो जाती। मुझे समझ आ गया था कि जो मैं बोल रहा हूं, वो नहीं बताया जा रहा है, लेकिन मैं गुस्सा नहीं कर सकता था। इसलिए मुझे मुस्कराते रहना पड़ा।’  

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हालांकि मुझे यकीन है कि मेरे सहयोगी समदानी को पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मेरे भाषण का अनुवाद करते समय ऐसी कोई समस्या नहीं होगी।’ 

गौरतलब है, तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए हाई-वोल्टेज प्रचार मंगलवार को समाप्त हो गया। चुनाव 30 नवंबर को होंगे।

Rajasthan Election: कांग्रेस की उम्मीदवारों की पहली सूची हुई जारी, जानिए कौन कहां से लड़ेंगे चुनाव.

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Rajasthan Election 2023- राजस्थान में अब लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी गई। इस पहली लिस्ट में पार्टी ने 33 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। कांग्रेस की पहली सूची में अशोक गहलोत के साथ ही सचिन पायलट, दिव्या मदेरणा, गोविंद सिंह डोटासरा, डॉ. अर्चना शर्मा, ममता भूपेश के साथ ही अशोक चांदना का नाम भी शामिल है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरदारपुरा से चुनाव लड़ेंगे। वहीं, सचिन पायलट टोंक से, ममता भूपेश सिकराय से, दिव्या मदेरणा ओसियां से चुनाव मैदान में उतारी गई हैं। पहली सूची में सीपी जोशी का नाम भी शामिल है, जिनके नाम को लेकर आशंकाएं जताई जा रही थी।

2020 में बागी विधायकों को भी टिकट-


2020 में सचिन पायलट के साथ बगावत करने वाले कई विधायकों को भी कांग्रेस की पहली सूची में टिकट मिला है।  विराटनगर सीट इंद्राज गुर्जर को फिर से टिकट मिल गया है। इसी तरह लाडनू सीट से मुकेश भाकर फिर से टिकट पाने में सफल रहे हैं। वहीं, वल्लभनगर से विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत का टिकट जरूर कट गया है, लेकिन उनकी जगह उनकी पत्नी प्रीति को टिकट दिया गया है। इसी तरह परबतसर से विधायक रामनिवास गावड़िया भी फिर से टिकट पा गए हैं।

 

पायलट को चुनौती देने वाले को भी टिकट-


सचिन पायलट का साथ देने वालों को टिकट मिला है, साथ ही उनको चुनौती देने वाले अशोक चांदना को भी पार्टी ने टिकट दिया है। राजस्थान के सियासी हलके में अक्सर कहा जाता है कि सचिन पायलट के सामने गुर्जर नेता के रूप में अशोक गहलोत चांदना को आगे बढ़ाते रहे हैं। पायलट और चांदना के बीच 2022 में तल्खी तब सामने आई थी जब पुष्कर में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना पर जूते-चप्पल फेंकने की घटना हुई थी। तब चंदाना ने ट्वीट कर पायलट को खुली चुनौती दी थी। चांदाना ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा ” मुझ पर जूता फेंकवाकर सचिन पायलट यदि मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं तो जल्दी से बन जाए, क्योंकि आज मेरा लड़ने का मन नहीं है। जिस दिन मैं लड़ने पर आ गया तो फिर एक ही बचेगा और यह मैं चाहता नहीं हूं।”

CM गहलोत ने दौसा में किया प्रत्याशियों का एलान-


आज यानी शुक्रवार को प्रियंका गांधी की जनसभा में सीएम अशोक गहलोत ने इशारों ही इशारों में दौसा जिले की पांच विधानसभा के टिकट बांट दिए। जिनमें चार कांग्रेस के वर्तमान विधायकों और पांचवां टिकट महवा विधानसभा से निर्दलीय विधायक ओमप्रकाश हुडला को देने की बात कही। भाषण के आखिर में गहलोत ने कहा- आप लोग दौसा से हमारे ममता भूपेश, मुरारी मीणा, गजराज खटाना और मुरारी लाल मीणा को जिताकर भेजो।

जानिए, राजस्थान का चुनावी कार्यक्रम-


30 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। छह नवंबर तक नामांकन किया जा सकता है। सात नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नौ नवंबर नाम वापसी की आखिरी तारीख है। 25 नवंबर को मतदान होगा, जबकि नतीजे तीन दिसंबर को सामने आएंगे