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UK Board Result 2024: कल सुबह होगा उत्तराखंड बोर्ड का 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित, जानिए कितने बजे होगा घोषित।

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उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल यानी कल जारी होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के मुताबिक, रिजल्ट घोषित किए जाने को लेकर विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

उत्तराखंड बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं के दो लाख से अधिक छात्रों का कल परिणाम घोषित हो जाएगा। 30 अप्रैल को उत्तराखंड बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं का परिणाम जारी किया जाएगा। इस दिन अंक सुधार द्वितीय का रिजल्ट भी जारी किया जाएगा। सुबह 11:30 रिजल्ट घोषित होगा।

उत्तराखंड बोर्ड 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 27 फरवरी से 16 मार्च 2024 तक आयोजित की गयी थी। इस साल UK बोर्ड की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में कुल दो लाख 10 हजार 354 छात्र शामिल हुए थे।

   जानिए कैसे करें परिणाम डाउनलोड?

  • सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट यानी ubse.uk.gov.in पर जाएं।
  • इसके बाद होम पेज पर उपलब्ध यूके बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2024 लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर डालें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • अब रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • छात्र अपना परिणाम डाउनलोड कर सकते हैं और आगे की आवश्यकता के लिए प्रिंटआउट ले लें।

 

 

Haryana: कौन हैं हरियाणा के नए मुख्यमंत्री नायब सैनी? जो है मनोहर लाल खट्टर के बेहद करीबी; पढ़ें राजनीतिक सफर.

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नायब सिंह सैनी हरियाणा के नए सीएम होंगे। नायब सैनी 25 जनवरी 1970 को अंबाला के गांव मिर्जापुर माजरा में सैनी परिवार में जन्मे थे। वे बीए और एलएलबी हैं। सैनी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं। सैनी ओबीसी समुदाय से आते हैं। उन्हें संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है।

वे साल 2002 में युवा मोर्चा बीजेपी अंबाला से जिला महामंत्री बने। इसके बाद साल 2005 में युवा मोर्चा भाजपा अंबाला में जिला अध्यक्ष रहे। सैनी 2009 में किसान मोर्चा भाजपा हरियाणा के प्रदेश महामंत्री भी रहे। 2012 में वे अंबाला भाजपा के जिला अध्यक्ष बने। आरएसएस के समय से सैनी को मनोहर लाल का करीबी माना जाता है। सूत्र बताते हैं कि सीएम ने ही उन्हें कुरुक्षेत्र से टिकट देने की पैरवी की थी।

2014 में सैनी ने नारायणगढ़ विधानसभा से चुनाव जीता। साल 2016 में वे हरियाणा सरकार में मंत्री पद पर रहे। पिछले लोकसभा चुनाव में वे कुरुक्षेत्र से सांसद चुने गए। कुछ समय पहले ही उन्हें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी।

BJP Candidates List: लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का शंखनाद, पहली सूची जारी; इन दिग्गजों को चुनावी रण में उतारा, वाराणसी से पीएम मोदी लड़ेंगे चुनाव।

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भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 का शंखनाद कर दिया है। पार्टी ने शनिवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने बताया कि 16 राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 195 सीटों के उम्मीदवार तय कर दिए गए हैं। बाकी सीटों पर मंथन चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे। 34 केंद्रीय एवं राज्य मंत्रियों के नाम भी इस सूची में हैं।

भाजपा की पहली सूची में क्या खास? 

  • 195 नामों की पहली सूची
  • 34 केंद्रीय मंत्रियों के नाम पहली सूची में
  • 28 महिलाओं को मौका
  • 47 युवा उम्मीदवार, जिनकी उम्र 50 साल से कम है
  • 27 नाम अनुसूचित जाति से
  • 18 प्रत्याशी अनुसूचित वर्ग से
  • 57 नाम अन्य पिछड़ वर्ग से

किस राज्य से कितनी सीटों पर प्रत्याशियों का एलान-
विनोद तावड़े ने बताया कि उत्तर प्रदेश की 51, पश्चिम बंगाल की 26, मध्य प्रदेश की 24, गुजरात की 15, राजस्थान की 15, केरल से 12, तेलंगाना से नौ, असम से 11, झारखंड से 11, छत्तीसगढ़ की 11, दिल्ली की पांच, जम्मू-कश्मीर की दाे, उत्तराखंड की तीन और अरुणाचल, गोवा, त्रिपुरा, अंडमान-निकोबार और दमन और दीव की एक-एक सीट पर प्रत्याशी तय किए गए हैं।

29 फरवरी को हुई थी अहम बैठक-
इससे पहले गुरुवार को पार्टी ने देर रात तक मंथन किया था। केंद्रीय चुनाव कमेटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य सदस्यों ने कई नामों को अंतिम रूप दिया था।

बैठक के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव के लिए 100 से 125 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए जा सकते हैं। बैठक में 2014-2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की हारी हुई सीटों पर चर्चा भी हुई थी। पार्टी लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा महिला प्रत्याशी उतारने की तैयारी भी कर रही है। 2019 के चुनाव में 53 महिलाएं भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव में उतरी थीं। 33 फीसदी के हिसाब से इस बार 70 महिलाओं को टिकट मिल सकता है।
2019 में भाजपा का प्रदर्शन-
भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव यानी 2019 में 543 सीटों में से 436 पर उम्मीदवार उतारे थे। बाकी सीटें पार्टी ने सहयोगी दलों को दी थीं। जिन 436 सीटों पर भाजपा ने चुनाव लड़ा था, उनमें से पार्टी को 303 पर जीत मिली थी। यह आंकड़ा लोकसभा में बहुमत के आंकड़े 272 से भी ज्यादा था। इसके अलावा 72 सीटों पर भाजपा दूसरे नंबर, 31 सीटों पर तीसरे नंबर और 30 सीटों पर इससे भी नीचे रही थी, जबकि 51 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई थी।
2019 में किस गठबंधन का कैसा था प्रदर्शन?  
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 351, कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) को 90 और सपा-बसपा के गठबंधन को 15 सीटें मिली थीं।
भाजपा को अकेले मिला था बहुमत-
2019 में भाजपा 303 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी और अकेले ही उसने बहुमत के जादुई आंकड़े (272) को पार कर लिया था। इसके बाद कांग्रेस 52 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही थी। डीएमके को 24, तृणमूल कांग्रेस को 22 और वाईएसआरसीपी को 22 सीटें मिली थीं।

Sandeshkhali Case: संदेशखाली केस का आरोपी शाहजहां शेख गिरफ्तार, जानिए कौन है ये TMC नेता शाहजहां शेख.

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लंबे समय से सुर्खियों में रहे तृणमूल कांग्रेस के नेता और संदेशखाली कांड का मुख्य आरोपी शाहजहां शेख गिरफ्तार हो गया है. शाहजहां की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के 24 उत्तर परगना जिले के मिनाखां से हुई है. शाहजहां शेख को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. बता दें कि शाहजहां पर संदेशखाली में कई महिलाओं के साथ उत्पीड़न का आरोप है. साथ ही कई लोगों के जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप है.

यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के बाद की गई है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि तृणमूल कांग्रेस नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है. विशेष रूप से, संदेशखाली में महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और हिंसा के आरोपों को लेकर पिछले एक महीने से उबाल है.

जानिए कौन है शाहजहां शेख ?

शाहजहां शेख (42 वर्षीय) को ‘भाई’ के नाम से जाना जाता है। उसने बांग्लादेश सीमा के पास उत्तर 24 परगना के संदेशखाली ब्लॉक में मत्स्य पालन में एक छोटे से श्रमिक के रूप में काम की शुरुआत की थी। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा है। उसने संदेशखाली में मत्स्य पालन और ईंट भट्टों में एक श्रमिक के काम की शुरुआत की थी।

साल 2004 में शेख ने ईंट भट्टों के यूनियन नेता के रूप में राजनीति में प्रवेश किया। बाद में वह अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए रखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की स्थानीय इकाई में शामिल हो गया। जोशीले भाषणों और संगठन कौशल के लिए पहचाने जाने वाले शेख ने 2012 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व का ध्यान अपनी ओर खींचा।

तब से सत्ता के गलियों में शेख का कद बढ़ा है। 2018 में शेख ने सरबेरिया अग्रहटी ग्राम पंचायत के उप प्रमुख के रूप में प्रसिद्धि हासिल की। शेख को उत्तर 24 परगना के लिए ‘मत्सा कर्माध्यक्ष’ (मत्स्य पालन के प्रभारी) के रूप में जाना जाता था, जिले के मत्स्य विकास की देखरेख करता था। जो राजनीतिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में उनकी प्रभावशाली स्थिति को दिखाता है।

गौरतलब है कि उत्तरी 24 परगना जिले में शाहजहां शेख और उनके समर्थकों के खिलाफ जमीन हड़पने और स्थानीय महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. पिछले महीने कथित राशन घोटाले के सिलसिले में उसके घर पर छापा मारने गई प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद से शाहजहां शेख फरार था.

 

हल्द्वानी में बवाल: CM धामी ने बुलाई बैठक, शहरभर में लगा कर्फ्यू, देखते ही गोली मारने के दिए आदेश.

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में गुरुवार को बवाल हो गया। मलिक के बगीचे में अवैध कब्जे तोड़ने गई नगर निगम और पुलिस की टीम पर स्थानीय लोगों ने पथराव किया । इस दौरान 20 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।  पथराव के बाद शुरू हुई हिंसा आसपास के कई इलाकों में फैल गई। जिसके बाद दंगाइयों ने बनभूलपुरा थाना फूंक दिया है। मामले का संज्ञान लेते हुए सीएम धामी ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. दिए. जिसमें सीएम ने अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए

वहीं, नैनीताल डीएम ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए है।
सीएम ने दिए सख़्ती से निपटने के निर्देश-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध निर्माण को हटाये जाने के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मियों पर हुए हमले तथा क्षेत्र में अशांति फैलाने की घटना को गंभीरता से लिया है। सीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के सख्त निर्देश भी दिये है।

CM धामी ने की स्थिति की समीक्षा-सीएम ने इस संबंध में गुरुवार शाम मुख्यमंत्री आवास में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से शान्ति बनाये रखने की अपील करते हुए अराजक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये है। सीएम ने कहा कि इस घटना के दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही कर क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि प्रदेश में किसी को भी कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।

दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के दिए निर्देश-

सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिये कि प्रदेश में किसी को भी कानून व्यवस्था से खिलवाड करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारी निरंतर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये प्रयासरत रहे। डीएम वंदना ने फ़ोन पर सीएम धामी को अवगत कराया कि अशान्ति वाले क्षेत्र बनभूलपुरा में कर्फ्यू लगाया गया है तथा स्थिति को सामान्य बनाये रखने के लिये दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिये गये है।

 

ED: कांग्रेस नेता हरक सिंह के घर पर ईडी की छापेमारी से हड़कंप, उत्तराखंड से दिल्ली तक 15 से अधिक ठिकानों पर छापा।

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उत्तराखंड  में भी प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की एंट्री हो गई है ईडी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के नेता हरक सिंह रावत  के 10 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है. उत्तराखंड से लेकर दिल्ली और चंडीगढ़ में छापा मारा है। तीन राज्यों के 15 से अधिक ठिकानों पर ईडी का तलाशी अभियान चल रहा है। 


उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व  में 6000 पेड़ों के अवैध कटान और इसके आसपास अवैध रूप से निर्माण के मामले में जांच चल रही है सीबीआई इस पूरे प्रकरण पर पहले ही नैनीताल हाई कोर्ट  के निर्देश पर जांच कर रही है जबकि कई गड़बड़ियां पकड़े जाने के बाद उत्तराखंड वन विभाग के कई IFS अधिकारियों को ED ने रडार पर ले लिया था और अब हरक सिंह रावत  के ठिकानों पर छापेमारी की गई है हालाँकि ये अभी साफ़ नहीं है कि हरक सिंह रावत के घर  किस मामले की जांच में ED ने दबिश दी है लेकिन इस छापेमारी में एक शख्स का बयान सामने आया है इस शख्स का दावा था कि उसे किसी अलमारी की चाबी बनाने के लीये हरक सिंह के आवास पर बुलाया गया जिसमें कई फाइलें मौजूद थी जिस समय ED ने हरक सिंह के आवास पर छापा मारा उस समय उनकी पत्नी ही घर पर मौजूद रही।

हरक सिंह की छापेमारी की  खबर  के बाद उत्तराखंड में तहलका मच गया इस मामले में पूरी कांग्रेस हरक सिंह रावत के साथ एकजुट दिखाई दी सभी कांग्रेसी विधायक उनसे मिलने उनके आवास पहुंचे सभी ने इस कार्रवाई को बदले की कार्रवाई बताया।

पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के अलावा वन विभाग के वरिष्ठ आइएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक के घर पर भी ED की रेड की खबर है सुशांत पटनायक एक युवती से छेड़छाड़ के मामले में चर्चाओं में  आए थे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण और पेड़ कटान के मामले में भी डीजी फॉरेस्ट की जांच में सुशांत पटनायक का  नाम है सुशांत पटनायक उत्तराखंड में ताकतवर अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं हालांकि अभी तक ED की उनके घर पर छापेमारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

दिल्ली, उत्तराखंड, चंडीगढ़ समेत 16 जगहों पर  ED की छापेमारी चल रही है हरक सिंह रावत के बिधौली स्थित हॉस्टल, और  श्रीनगर में उनके होटल, गहेड गांव स्थित उनके पैतृक घर और सहसपुर में उनके आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में भी ईडी की टीम गई है हरक सिंह के बाद ईडी ने पूर्व आएफएस अधिकारी किशन चंद के आवास पर छापा मारा,,मामले में पूर्व डीएफओ किशनचंद की संपत्ति को भी पहले अटैच किया जा चुका है।

हरक सिंह रावत 2022 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे. इसके बाद से ही ऐसा लगता है कि उनकी मुश्किल बढ़ गई हैं. हरक सिंह रावत अभी लोकसभा चुनाव  लड़ने की तैयारी में भी जुटे हुए हैं. हरिद्वार सीट से उनकी तैयारी चल रही हैं।

Budget 2024 में इन चार जातियों पर फोकस, यहां पढ़िए किसे मिली क्या सौगात.

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बिहार में तेज हुई सियासी हलचल, BJP के साथ सरकार बना सकते हैं नीतीश कुमार, सुशील मोदी बनेंगे डिप्टी CM?

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Bihar Politics: बिहार में इस वक्त सियासी भूकंप आया हुआ है। बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल (यूनाइटेड) के तनाव के बीच सूत्रों के हवाले से कई ख़बरें निकलकर सामने आ रही है. ख़बर ये निकलकर आ रही है कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का भाजपा के साथ जाना लगभग पूरी तरह से तय माना जा रहा है. 

अगले 48 घंटे बिहार की राजनीति में काफी अहम माने जा रहे हैं।  सूत्रों के अनुसार, 28 जनवरी नीतीश का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी की माने तो नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री बीजेपी से सुशील मोदी होंगे।

ये तो सूत्रों के हवाले से निकलकर सामने आया है. जैसे ही ख़बर मीडिया में आई, बयानबाजी का दौर शुरू हो गया. इस पूरे मसले पर नीतीश कुमार ने कोई बयान नहीं दिया लेकिन लेकिन सुशील मोदी, जिनके कहीं न कहीं फिर से डिप्टी सीएम बनने के योग हैं – उन्होंने कहा, कि  जो दरवाजे बंद हैं, वे खुल सकते हैं. राजनीति संभावनाओं का खेल है. इससे ज्यादा कोई टिप्पणी नहीं कर सकता.दूसरी तरफ,पटना और दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है। राजधानी पटना में भाजपा ने अपने सभी विधायकों को मौजूद रहने को कहा है।

कथित तौर पर नीतीश कुमार अपने दोनों सहयोगियों यानी लालू प्रसाद यादव की राजद और इंडिया ब्लॉक की कांग्रेस से नाराज़ हैं. कांग्रेस सीट शेयरिंग लगातार टाल रही थी. सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो पाए, इससे पहले ही भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू कर दी.

नीतीश कुमार INDIA ब्लॉक के पहले नेता नहीं हैं, जो सीट बंटवारे पर नाराज़ हैं. बल्कि हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने ये ऐलान किया  कि सीट बंटवारे से असंतुष्ट होकर वो राज्य में अकेले ही चुनाव लड़ेंगी.

लालू कैंप भी हुआ एक्टिव

सूत्रों के अनुसार, नीतीश बीजेपी के साथ जा सकते हैं, इसलिए अब लालू कैंप एक्टिव हो चुका है। नीतीश कुमार को हटाकर महागठबंधन के 114 विधायक हैं। बहुमत के लिए 122 विधायक चाहिए। एआईएमआईएम के इकलौते विधायक और प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान, निर्दलीय विधायक सुमित सिंह (मंत्री) से संपर्क साधे जाने की संभावना है। साथ ही आरजेडी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के असंतुष्टों से भी संपर्क कर सकती है।

सरकार-ट्रांसपोर्टर्स के बीच सुलह; ड्राइवर्स तुरंत काम पर लौटेंगे, आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म

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  • हिट एंड रन को लेकर नए कानून के खिआमलाफ आक्रोश के बीच जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। ट्रांसपोर्टर्स ने देशव्यापी हड़ताल की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने उनके साथ बैठक की। बैठक और वार्ता का नतीजा भी तत्काल देखने को मिला। अब ट्रांसपोर्टर तत्काल ड्यूटी पर लौटेंगे। इससे पहले अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस की बैठक पर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा, “हमने आज अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस के प्रतिनिधियों से चर्चा की।

अजय भल्ला ने कहा, सरकार ये बताना चाहती है कि नए कानून और जुर्माने के प्रावधान अभी लागू नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा, भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(2) लागू करने से पहले अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस से विचार विमर्श किया जाएगा। ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टर की चिंंताओं को सुनने के बाद ही अंति निर्णय लिया जाएगा।

बैठक के बाद ट्रांसपोर्टर क्या बोले?
अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस (AIMTC) के अध्यक्ष अमृत लाल मदन ने गृह सचिव के साथ बैठक के बाद गतिरोध खत्म करने की अपील की। उन्होंने ड्राइवरों से कहा, आप सिर्फ हमारे ड्राइवर नहीं, सैनिक हैं। हम नहीं चाहते कि आप किसी भी असुविधा का सामना करें।

खुद गृह मंत्री शाह से मिला आश्वासन
उन्होंने कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वस्त किया है कि सरकार, कानून के तहत 10 साल की सजा और जुर्माने के प्रावधान पर रोक लगाएगी। अमृत लाल मदन के मुताबिक अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांग्रेस की अगली बैठक तक कोई कानून लागू नहीं किया जाएगा।

लोगों की बढ़ने वाली है मुसीबत, थम सकती है देश की रफ़्तार.

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2023 की विदाई और 2024 का पहला ही  दिन देश की आम जनता के लिए मुसीबतों वाला दिन साबित हुआ नए साल के पहले ही दिन रोडवेज बसों का अचानक चक्का जाम होने से तमाम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिर्फ रोडवेज ही  नहीं बल्कि कई राज्यों में टैक्सी यूनियन भी हड़ताल पर चली गई हैं.

नए कानून के विरोध में बस चालक हड़ताल पर चले गए। चालकों ने प्रदर्शन कर नए कानून का विरोध किया। जिसका असर प्रदेश के साथ-साथ रामनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में भी देखने को मिल रहा है। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बता दें कि, हिट एंड रन केस के नए प्रावधान को लेकर ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी एसोसिएशन ने केंद्र सरकार की ओर से लागू नए प्रावधान को लेकर नाराजगी जताई और विरोध में प्रदर्शन भी किया। सरकार से इस प्रस्तावित कानून पर पुनः विचार करने की मांग की गई। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाहन से दुर्घटना होने पर चालक को 10 वर्ष का कारावास और पांच लाख अर्थदंड वसूलने के नए प्रावधान के विरोध में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन कांग्रेस ने तीन दिनी देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है। महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल ने भी सोमवार से होने वाली हड़ताल को समर्थन दिया है। ऐसे में आज से बुधवार तक टैक्सियां नहीं चलेंगी। 

ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि जब भी कोई दुर्घटना होती है तो ड्राइवर बचने के इरादे से नहीं भागता बल्कि, बेकाबू होती भीड़ से खुद की जान बचाने के लिए भागता है। ऐसे में उस पर सजा का प्रावधान और जुर्माना लगाना ठीक नहीं है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरजीत सिंह सेठी और महामंत्री प्रदीप सब्बरवाल ने कहा कि हिट एंड रन केस के नए प्रावधानों ने ट्रक चालकों में भय पैदा हो गया है। कई ट्रक चालक नौकरी छोड़ कर जा चुके हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट कारोबार खतरे में पड़ गया है।
नए कानून में दुर्घटना की स्थिति में ट्रक चालक पर सात लाख रुपये का जुर्माना और 10 साल कैद की सजा का प्रावधान किया गया है। जो ट्रक चालक की आर्थिक स्थिति के अनुसार गलत है।
वहीं, हरिद्वार, देहरादून और रुड़की में भी हिट एंड रन कानून के विरोध में जमकर प्रदर्शन हो रहा हैं। हरिद्वार में बहादराबाद-सिडकुल फोरलेन पर ट्रक चालकों ने बीच रोड पर गाड़ी खड़ी कर कर विरोध जताया। इस दौरान आम लोगों को तो परेशानी झेलनी पड़ रही है वहीं गाड़ियों का लंबा जाम लग गया। हालांकि ट्रक चालक फैमिली की गाड़ियों को जाने दे रहे हैं।
वहीं, सिडकुल-बहादराबाद फोर लेन पर भाईचारा पुलिस पिकेट, सलेमपुर चौक से सिडकुल की ओर तीन स्थानों पर ट्रक चालकों ने बीच रोड पर जेसीबी मशीन, ऑटो रिक्शा, पिकअप आदि गाड़ियां खड़ी कर दी है। ऑटो रिक्शा से आने वाली सवारियों को नही बैठाया जा रहा है। महिलाएं और बच्चे पैदल जा रहे हैं।