Category Archive : राज्य

Uttarakhand: 1.34 लाख बुजुर्ग महिलाओं को चाहिए सरकार का सहारा; सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े आए सामने.

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प्रदेश में बुजुर्ग महिलाओं की स्थिति को लेकर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में चौंकाने वाले तस्वीर सामने आई है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की एक लाख 34 हजार से अधिक बुजुर्ग महिलाओं को सरकार की विभिन्न प्रकार की सहायता की जरूरत है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बुजुर्ग महिलाओं की प्रमुख आवश्यकताओं को लेकर कराए गए सर्वे में बताया गया है कि 4330 महिलाओं को उम्र के इस पड़ाव में सुरक्षा की आवश्यकता है। जबकि सबसे अधिक 61258 महिलाओं को आर्थिक सहायता चाहिए।

इसके अलावा 27125 को पोषाहार, 11960 को खाद्य, 23643 को स्वास्थ्य एवं 6474 को आवास की जरूरत है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि सर्वे के आधार पर जरूरतमंद बुजुर्ग महिलाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें सुरक्षा, स्वास्थ्य के लिए जरूरी दवा, आर्थिक सहायता, पोषाहार और आवास उपलब्ध कराए जाने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस सर्वे के जरिए बुजुर्ग महिलाओं की वास्तविक जरूरतों की पहचान कर उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे उनका जीवन स्तर सुधरेगा।

 

33722 बुजुर्ग महिलाएं नहीं ले रहीं कोई पेंशन
प्रदेश की 33722 बुजुर्ग महिलाएं किसी भी पेंशन का लाभ नहीं ले रही हैं। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि 456 बुजुर्ग महिलाओं को परित्यक्ता, 71397 को वृद्धा, 1339 को दिव्यांग और 27896 को विधवा पेंशन मिल रही है।

प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से यह सर्वे कराया गया था, इसके आधार पर बुजुर्ग महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार के लिए सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
– रेखा आर्या, मंत्री महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग

उत्तराखंड: सौगात व स्वागत के बीच सफलता का मंत्र देकर जाएंगे पीएम मोदी, भाजपा के लिए हैट्रिक आसान बनाना मकसद.

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उत्तराखंड में लगातार तीसरी सरकार का रिकॉर्ड कायम बनाने के लिए भाजपा की तैयारियां नए मुकाम की ओर बढ़ रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनावी माहौल को यहां जो ऊंचाईयां दी हैं, उन्हें बुलंदी तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सफलता का मंत्र देकर जाएंगे। भाजपा ने उनके स्वागत की भव्य तैयारी की है।

पीएम मोदी की 14 अप्रैल को हेलिकॉप्टर से गणेशपुर स्थित हेलीपैड़ पर पहुंचेंगे। वहां से एशिया के सबसे लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर से होते हुए उनका काफिला डाटकाली मंदिर तक पहुंचेगा। वह उत्तराखंड को यहां इस एक्सप्रेस वे समेत करोड़ों की सौगात की सौगात देंगे तो भाजपा संगठन ने भी उनके स्वागत की बड़ी तैयारी की है।

डाटकाली मंदिर से लेकर कैंट स्थित मंहिद्रा ग्राउंड तक भाजपा के 30,000 कार्यकर्ता सड़क के दोनों ओर पीएम मोदी पर पुष्पवर्षा कर स्वागत करेंगे। इसके लिए देहरादून, सहारनपुर, हरिद्वार व अन्य क्षेत्रों से कई टन गुलाब की पंखुड़ियों का इंतजाम किया गया है।

भाजपा के लिए हैट्रिक बनाना आसान हो-

दावा है कि पीएम मोदी की रैली में भी 30,000 से अधिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। भाजपा ने पांच संगठनात्मक जिलों देहरादून ग्रामीण, देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की के अलावा टिहरी के नरेंद्रनगर व उत्तरकाशी से भी कार्यकर्ताओं की टीमें रैली के लिए लगाए हैं। पीएम मोदी रैली के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से बातचीत भी करेंगे। मकसद होगा कि चुनावी माहौल को नई बुलंदियों तक पहुंचाएं, जिससे भाजपा के लिए हैट्रिक बनाना आसान हो। इधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृहस्पतिवार को पीएम मोदी की रैली की तैयारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। इसमें संगठन के प्रदेश अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी शामिल होंगे।

 

भव्य होगा कार्यक्रम-

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पीएम मोदी की रैली का कार्यक्रम भव्य होगा। उन्होंने बताया कि सीएम धामी की अध्यक्षता में बैठक होगी। वहीं, पीएम पर पुष्पवर्षा की जाएगी। वह शहर में डाटकाली मंदिर से गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड तक कार से पहुंचेंगे। बताया कि इस दौरान वह दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे।

Dehradun: जिले में एक माह में मिले 10 डेंगू पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात बरतते हुए जारी की एडवाइजरी.

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देहरादून जिले के सरकारी अस्पतालों में मार्च से अब तक करीब 10 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एहतियात बरतते हुए अस्पतालों को डेंगू और मलेरिया के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।

इसके तहत अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पॉजिटिव मामलों को आईडीएसपी पोर्टल पर बिना किसी देरी के अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।आमतौर पर डेंगू के मामले जुलाई के बाद ही सामने आते हैं लेकिन मार्च-अप्रैल में डेंगू के मामले सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।

इसके क्रम को तोड़ने के लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से हाल ही में जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी कर डेंगू और मलेरिया से लड़ने के लिए तैयारी पूरी करने के लिए कहा गया है। इसमें सभी अस्पतालों में अनिवार्य रूप से आइसोलेशन वार्ड रखना होगा। इन वार्डों के सभी बेडों में मच्छरदानी लगानी होगी। इसके अलावा सभी जरूरी दवाएं भी रखने के लिए कहा गया है।

एलाइजा जांच में पॉजिटिव मरीजों को ही मानें डेंगू पीड़ित-

विभाग की ओर से सभी अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए गए है कि सिर्फ एलाइजा पॉजिटिव मरीजों को ही डेंगू का मरीज मानें। कई बार अस्पताल कार्ड टेस्ट में डेंगू पॉजिटिव मिलने पर उसे डेंगू पॉजिटिव मान लेते हैं लेकिन बाद में जब उसकी एलाइजा जांच की जाती है तो वह नेगेटिव आती है। एलाइजा डेंगू के लिए सबसे अधिक प्रामाणिक जांच है।

डेंगू और मलेरिया को रोकने के लिए विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को इस संबंध में एडवाइजरी जारी की गई है। अभी स्थिति नियंत्रण में है। – डॉ. मनोज कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून

Uttarakhand: धामी सरकार का 4 साल का कार्यकाल, ऐतिहासिक फैसलों से प्रदेश को मिली पहचान, विकास को नई दिशा.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार ने चार साल के कार्यकाल में कई ऐसे ऐतिहासिक व सशक्त फैसले लिए हैं। इससे राष्ट्रीय स्तर पर भी राज्य को पहचान मिली है। इसके अलावा अवस्थापना विकास से राज्य के विकास को नई दिशा दी है।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करना धामी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। इसको लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। राज्य में सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून, नकलरोधी कानून के अलावा मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का फैसला लिया है। साथ ही सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई।

सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसका परिणाम यह रहा कि बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव करते हुए मदरसा बोर्ड को समाप्त कर राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया। अब यही प्राधिकरण पाठ्यक्रम और शिक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करेगा। राज्य में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

 

महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष फोकस-

महिलाओं के सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया। सहकारी प्रबंध समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकेत है। स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख तक का बिना ब्याज ऋण देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना की शुरुआत कर महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

Uttarakhand: पहली बार प्रवासी पंचायतों की रूपरेखा तैयार, होगा संवाद, 24 अप्रैल को टिहरी से की जाएगी शुरूआत

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राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों व दूसरे राज्यों में रह रहे प्रवासियों को वापस अपने पैतृक गांव लौटने के लिए उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग ने प्रवासी पंचायतों की रूपरेखा तैयार कर ली है। पहली बार प्रदेश के हर जिले में प्रवासी पंचायतें होंगी। इसकी शुरूआत 24 अप्रैल को टिहरी जिले से की जाएगी।

 

उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग की सर्वे के अनुसार 6282 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हर जिले में प्रवासी पंचायत कराने के निर्देश दिए थे। पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी की अध्यक्षता में पौड़ी में हुई बैठक में प्रवासी पंचायतों की रूपरेखा तैयार की है। प्रवासी पंचायतों में राज्य के दूसरे जिलों या बाहरी राज्यों में रहने वाले उन प्रवासियों को आमंत्रित किया जाएगा, जो अपने गांव लौटने के इच्छुक हैं।

प्रवासी स्वरोजगार क्षेत्र में अनुभवों को साझा करेंगे-
कोविड काल में अपने गांव लौटे प्रवासियों ने अनुभव के आधार पर स्वरोजगार को अपनाया है। कई प्रवासी कृषि, बागवानी, मसाले की खेती, सगंध फसलें, मधुमक्खी पालन, पुष्प उत्पादन, मशरूम उत्पादन के अलावा होमस्टे, होटल, रेस्टोरेंट, पशुपालन, डेयरी में अच्छा काम कर रहे हैं। ऐसे प्रवासी स्वरोजगार क्षेत्र में अनुभवों को साझा करेंगे।

प्रवासी पंचायतों की रूपरेखा तय हो गई है। नवंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में प्रवासी पंचायतों का आयोजन कर लिया जाएगा। जिला स्तर पर विभागीय अधिकारियों की ओर से सरकार की स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। -डॉ. एसएस नेगी, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग

Uttarakhand: 58 जगह मारे गए छापे, अवैध भंडारण पर 74 सिलिंडर हुए जब्त, विभाग ने अनियमितताओं पर वसूला अर्थदंड.

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खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग ने राज्य में एलपीजी एवं ईंधन की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था के दृष्टिगत राज्य में 280 जगहों का निरीक्षण किया। 58 जगहों पर छापा मारा। इस दौरान 74 सिलिंडर जब्त किए गए और चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता रुचि मोहन रयाल ने बताया, प्रदेश में 10 से 12 मार्च तक विभिन्न जिलों में निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान एक कांटा (वजन माप उपकरण) और दो रिफिलिंग किट भी जब्त की गई हैं। विभाग ने अनियमितताओं पर 4600 का अर्थदंड भी वसूला है।

आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर गैस एवं ईंधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध रिफिलिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Uttarakhand: अब शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती से पहले वित्त और कार्मिक विभाग की सहमति जरूरी, आदेश हुए जारी.

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सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती करने से पहले अब वित्त और कार्मिक विभाग की सहमति लेना अनिवार्य होगा। शासन ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि छात्र-छात्राओं की संख्या में कमी की वजह से यह संभव है कि स्कूलों में शिक्षकों के पद जरूरत से अधिक हों। बजट की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई है।

शासन ने शिक्षा महानिदेशक को जारी आदेश में कहा, पूर्व में राज्य सरकार के विभिन्न शासनादेशों के माध्यम से छात्र संख्या के आधार पर माध्यमिक और प्रांरभिक शिक्षा विभाग के तहत शिक्षकों के पद सृजित किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की समीक्षा में संज्ञान में आया कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या में लगातार कमी की वजह से संभव है कि शिक्षकों के पद जरूरत से ज्यादा हो रहे हैं।

ऐसे में शिक्षकों की भर्ती से पहले वित्त और कार्मिक विभाग को भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। प्रस्ताव में यह बताया जाएगा कि वर्तमान में स्कूलों में शिक्षकों के स्वीकृत पद और छात्रों की संख्या कितनी है। प्रस्तावित भर्ती का औचित्य और वित्तीय व्ययभार का विवरण भी देना होगा। वहीं, इस मामले में अपर निदेशक शिक्षा महानिदेशालय पदमेंद्र सकलानी ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को पत्र लिखा है।

बंदी की कगार पर हैं तीन हजार से ज्यादा स्कूल-

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या तेजी से घट रही है। यही वजह है कि तीन हजार से ज्यादा स्कूल बंदी की कगार पर हैं। इसमें छात्र-छात्राओं की संख्या दस या फिर इससे भी कम रह गई है।

 

शिक्षा विभाग में पहले शिक्षकों के 2600 पद खत्म कर दिए गए थे, अब कुछ अन्य पद समाप्त किए जाने की तैयारी है। यह सार्वजनिक शिक्षा को समाप्त करने की साजिश है। -डॉ सोहन माजिला, पूर्व प्रांतीय महामंत्री राजकीय शिक्षक संघ

Uttarakhand: प्रदेश में बिजली की मांग में उछाल, बाजार में भारी किल्लत से संकट शुरू, कई जगह हुई बिजली की कटौती.

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प्रदेश में बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी, बाजार में भारी किल्लत की वजह से बिजली संकट शुरू हो गया है। पिछले दो दिनों में न केवल ग्रामीण बल्कि छोटे कस्बों और फर्नेश इंडस्ट्री में भी यूपीसीएल ने कटौती शुरू कर दी है। हालात ये हैं कि बाजार में भी यूपीसीएल को बिजली 10 रुपये प्रति यूनिट से कम नहीं मिल रही।

प्रदेश में एक मार्च को बिजली की मांग 3.8 करोड़ यूनिट थी। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, मांग भी तेजी से उछल रही है। बृहस्पतिवार को बिजली की मांग बढ़कर 4.5 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई। इसके सापेक्ष यूजेवीएनएल की बिजली केवल 90 लाख यूनिट मिल रही है, जबकि केंद्रीय पूल से 1.3 करोड़ यूनिट। कुल मिलाकर बिजली की उपलब्धता करीब 2.3 करोड़ यूनिट है। यूपीसीएल बाजार से करीब 70 लाख यूनिट खरीदने को मजबूर है।

बिजली की किल्लत की वजह से पिछले दो दिनों में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण इलाकों में करीब दो से ढाई घंटे, छोटे कस्बों में करीब एक से डेढ़ घंटे और स्टील फर्नेश इंडस्ट्री में भी करीब दो घंटे की कटौती की जा रही है। यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, बाजार में बिजली की भारी किल्लत है। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में भी 10 रुपये प्रति यूनिट पर भी बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

गैस किल्लत से बिजली उत्पादन प्रभावित-

इस्राइल-ईरान युद्ध के कारण गैस की कमी होने से गैस आधारित पावर प्लांट भी संकट में हैं। इस कारण यूपीसीएल के काशीपुर स्थित 214 मेगावाट का श्रावंती, गामा कंपनी का बिजली उत्पादन भी बंद है। इन्हें उत्पादन के लिए बाजार से गैस खरीदनी होगी, जो कि इस वक्त या तो उपलब्ध नहीं है या फिर महंगे दामों में मिल रही है। महंगी गैस से उत्पादन करने की सूरत में यूपीसीएल को इनकी बिजली 10 रुपये यूनिट से भी अधिक पैसे में मिलेगी। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना है कि बाजार से मांग के सापेक्ष आपूर्ति पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

नियामक आयोग ने 150 मेगावाट पीपीए रोका-

यूपीसीएल ने 500 मेगावाट बिजली खरीद का पीपीए नियामक आयोग की अनुमति के बाद किया था। इसमें से 350 मेगावाट बिजली तो तकनीकी दिक्कतों के कारण नहीं मिल पाई। 150 मेगावाट बिजली पर भी नियामक आयोग ने रोक लगा दी है। जानकारी के मुताबिक, इसका पीपीए करने के लिए नियामक आयोग से अनुमति लेनी होगी।

उत्तराखंड में धामी सरकार का छात्रों को बड़ा तोहफा, 21 हजार से अधिक को मिली छात्रवृत्ति

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प्रदेश के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए धामी सरकार संवेदनशीलता से काम कर रही है। यही वजह है कि अभी तक प्रदेश के 21 हजार 743 बच्चों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। इसमें मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में सबसे ज्यादा 17 हजार 852 मेधावी बच्चे लाभान्वित हुए हैं।

 

धामी सरकार ने समस्त छात्रवृत्ति योजनाओं के पात्र मेधावी बच्चों में अभी तक 17 करोड़ 67 लाख 77 हजार तीन सौ की धनराशि वितरित की है।

 

प्रदेश में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के साथ ही डॉ शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना, श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कोर छात्रवृत्ति योजना संचालित की जा रही है। इसके अलावा, प्रदेश से बाहर के सैनिक स्कूल में पढ़ रहे मेधावी छात्रों को भी धामी सरकार छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान कर रही है।

 

विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने सदन में बताया कि मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना में छह से 12 वीं तक के मेधावी बच्चों को 600 से लेकर 1200 रुपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है

श्रीदेव सुमन राज्य योग्यता छात्रवृत्ति योजना में अभी तक 3289 मेधावी बच्चें लाभान्वित हुए हैं, जबकि डॉ शिवानंद नौटियाल स्मृति छात्रवृत्ति योजना में अभी तक 527 बच्चों को छात्रवृत्ति मिली हैं।

Uttarakhand News: पर्वतीय क्षेत्रों में बनेंगे 17 नए मिनी स्टेडियम, राज्य में खेलों को मिलेगा बढ़ावा.

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प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में 17 नए मिनी स्टेडियम बनेंगे। युवा कल्याण विभाग के तहत टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, पौड़ी सहित विभिन्न जिलों के लिए हैं 11 स्टेडियम प्रस्तावित हैं। वहीं, छह निर्माणाधीन हैं।

युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक टिहरी के नैलचामी, घरगांव डांडा, पिथौरागढ़ के ग्यालदेवी, उत्तरकाशी के ग्राम पंचायत भंकोली के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पौड़ी जिले के एकेश्वर ब्लॉक मुख्यालय और दुगड्डा में मिनी स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है।

इसके अलावा नैनीताल जिले के भीमताल, चंपावत के बनबसा, बागेश्वर के देवतोली और अल्मोड़ा जिले के छौलछीना में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। खेल मंत्री रेखा आर्या के मुताबिक वर्तमान में राज्य में खेल विभाग के 30 और युवा कल्याण विभाग के 102 मिनी स्टेडियम हैं।