Category Archive : धर्म संस्कृति

Chardham Yatra 2024: अब होगी सभी यात्रियों के पंजीकरण की जांच, बैठक में लिए गए ये बड़े फैसले।

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चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों के पंजीकरण की अब जांच होगी। बाद की तिथि में पंजीकरण कराने वाले वाहन अगर पहले यात्रा करते पकड़े गए तो परमिट रद्द होगा। साथ ही सख्त कार्रवाई होगी।

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने चारधाम यात्रा को लेकर बैठक की। अब तक यात्रा में आए 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। यात्रा वाले जिलों के अलावा पौड़ी और टिहरी में होल्डिंग पॉइंट भी बनेंगे। सभी जगह यात्रियों को कुछ घंटे के लिए रोका जाएगा, ताकि यात्रा में जाम जैसे हालात न हों।
यात्रा में आने से पहले पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने के लिए सभी राज्यों को पत्र भेजा जा रहा है। बिना पंजीकरण और बाद के पंजीकरण वालों को यात्रा मार्ग पर रोका जाएगा। टूर ऑपरेटर्स के साथ ही बैठक की जाएगी। बिना पंजीकरण वालों को यात्रा न कराने की सख्त हिदायत दी जाएगी।

Chardham Yatra 2024: तीर्थयात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी, यमुनोत्री- गंगोत्री में दूर होगी ये समस्या।

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यमुनोत्री और गंगोत्री धाम आने वाले तीर्थयात्रियों की मदद को प्रशासन ने हेल्पलाइन नम्बर जारी कर दिए हैं। आपदा और पुलिस के हेल्पलाइन नम्बरों पर 24 घंटे दोनों धामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग भी शीर्ष अफसरों को दी गई है। ताकि तीर्थयात्रियों की हर समस्या का त्वरित निदान हो सके।

जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि यमुनोत्री और गंगोत्री धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन गंभीर है। तीर्थयात्रियों को दोनों धामों की सड़क, मौसम की स्थिति से लेकर अन्य जानकारी सही और समय पर मिले, इसके लिए जिला आपदा परिचालन केंद्र और जिला पुलिस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नम्बर जारी किए गए हैं।

इन नम्बरों पर तीर्थयात्री धामों से जुड़ी कोई भी जानकारी और समस्या का समाधान ले सकते हैं। कंट्रोल रूम में 24 घण्टे तीर्थयात्रियों को समाधान की जानकारी मिलेगी। उन्होंने यात्रा रूट पर तैनात सभी नोडल और विभागीय अफसरों को निर्देश दिए कि किसी भी समस्या का निदान समन्वय बनाकर करें। तीर्थयात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाए।

इन हेल्पलाइन नम्बर पर मिलेगी मदद-

जिला आपदा कंट्रोल रूम-01374-222722, 222126

टोल फ्री नम्बर-1077

मोबाइल-7500337269
व्हाट्सएप-7310913129

पुलिस कंट्रोल रूम-9411112976, 8868815266

Badrinath Dham: VIP व्यवस्था को लेकर हंगामा, विरोध में उतरे सभी पंडा समाज और तीर्थ पुरोहितों के साथ ही स्थानीय लोग.

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बदरीनाथ धाम में वीआईपी व्यवस्था और बामनी गांव को जाने वाले आम रास्ता बंद करने के विरोध तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और स्थानीय लोग विरोध में उतरे। बदरीनाथ मंदिर परिसर के समीप सभी लोग विरोध प्रदर्शन करने के एकत्रित हुए हैं।

रविवार 12 मई को बारिश की फुहारों के बीच सुबह छह बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए थे। इस दौरान जय बदरीनाथ के जयघोष से संपूर्ण बदरीशपुरी गुंजायमान हो उठी।

भगवान बदरीनाथ के दर्शन के लिए देर रात से ही तीर्थयात्री लाइन में खड़े हो गए थे। सुबह तक लाइन करीब दो किमी तक पहुंच गई थी। कपाटोद्घाटन के बाद से देर सायं तक करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम में अखंड ज्योति के भी दर्शन किए। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया तड़के चार बजे से शुरू हो गई थी।

विगत वर्षों में लाखों श्रद्धालु बदरीनाथ धाम की यात्रा कर चुके हैं। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016 में 6,54,355, वर्ष 2017 में 9,20,466, वर्ष 2018 में 10,48,051, वर्ष 2019 में 12,44,993 और वर्ष 2020 कोरोना संकट के कारण 1,55,055 श्रद्धालु बदरीनाथ के दर्शनों को पहुंचे, जबकि वर्ष 2021 में इसी के चलते 1,97,997 श्रद्धालु ही धाम पहुंचे थे, जबकि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद विगत वर्ष 2022 में 17,63,549 और 2023 में रिकॉर्ड 18,39,591 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ के दर्शन किए। इस वर्ष भी रिकॉर्ड पंजीकरण होने से तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा पूर्ण रूप से शुरू हो गई है, लेकिन मौसम और व्यवस्थाएं भी तीर्थयात्रियों की आस्था की परीक्षा ले रही हैं। इसके बावजूद आस्था चुनौतियों पर भारी पड़ रही है।

चार धामों में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। दर्शन के लिए लंबी कतार लग रही है। 10 मई को केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले। रविवार को विधि विधान से बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले गए। यात्रा के तीन दिन में चारों धामों में डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके लिए सबसे अधिक केदारनाथ धाम में 75 हजार से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए।

ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन पंजीकरण करने के लिए मारामारी है। यात्रा में आ रही चुनौतियों को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने यात्रियों से कुछ दिनों के लिए यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया, लेकिन तीर्थयात्रियों की आस्था चुनौतियों पर भारी पड़ रही है।

Chardham Yatra 2024: पंजीकरण की संख्या पहुंची 23 लाख के पार, 8 लाख लोगों  ने किया केदारनाथ के लिए अप्लाई। 

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चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ ही पंजीकरण का आंकड़ा 23 लाख के पार हो गया है। केदारनाथ धाम के लिए आठ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। पर्यटन विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम चार बजे तक चारधाम यात्रा के लिए 23 लाख 57 हजार 393 पंजीकरण हुए थे।

इनमें केदारनाथ के लिए सर्वाधिक आठ लाख सात हजार 90, बदरीनाथ धाम के लिए सात लाख 10 हजार 192, यमुनोत्री के लिए तीन लाख 68 हजार 302 और गंगोत्री के लिए चार लाख 21 हजार 205 पंजीकरण शामिल हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब के लिए भी इस बार अभी तक 50 हजार 604 पंजीकरण हो चुके हैं। पंजीकरण का सिलसिला जारी है।

तीन धामों के खुले कपाट

केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो गया। शुक्रवार को हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच तीनों धाम के कपाट विधि विधान के साथ खोले गए। पहले दिन करीब 45 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। केदारनाथ धाम में 30 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। केदारनाथ धाम पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से देशवासियों की सुख समृद्धि के लिए पूजा अर्चना की। वहीं, अब 12 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।

Char Dham: श्रद्धालुओं के लिए खुले केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट, आज से हुआ चारधाम यात्रा का आगाज।

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केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा का श्रीगणेश हो गया है। आज विधि-विधान से सुबह सात बजे पहले केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए। इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ बाबा केदार की पंचमुखी डोली केदारनाथ पहुंची है। इसके बाद यमुनोत्री और फिर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के लिए खोल दिए गए हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा -देवभूमि उत्तराखंड के पवित्र चार धाम यात्रा के शुभारंभ की बहुत-बहुत बधाई। बाबा केदारनाथ धाम समेत चारों धामों की यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक ऐसी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा है, जिससे उनकी आस्था और भक्ति को नई स्फूर्ति मिलती है। इस यात्रा पर निकले सभी भक्तों और श्रद्धालुओं को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। जय बाबा भोलेनाथ!


गुरुवार देर शाम तक 16 हजार से अधिक श्रद्धालु भी पहले दिन बाबा केदार के दर्शन के लिए केदारपुरी पहुंच गए थे। आज सुबह केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 10.29 बजे और फिर गंगोत्री धाम के कपाट 12.25 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। अब बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को सुबह छह बजे खुलेंगे।

बृहस्पतिवार सुबह बाबा केदार की पंचमुखी डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुई थी। अपराह्न तीन बजे केदारनाथ धाम पहुंची। बाबा केदार की डोली के साथ हजारों श्रद्धालु भी केदारपुरी पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों और सेना के बैंड की धुन से केदारनाथ धाम गूंज उठा।

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने पंचमुखी डोली के केदारनाथ धाम में पहुंचने पर अगवानी की। वहीं मां गंगा की डोली मुखबा से गंगोत्री धाम के रवाना हुई। शुक्रवार सुबह डोली धाम पहुंची। वहीं, मां यमुना की डोली शुक्रवार सुबह खरशाली गांव से धाम के लिए रवाना हुई थी।

भव्य रूप से सजाए गए सभी मंदिर-

केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। केदारनाथ मंदिर को 20 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया है। धाम में दर्शन के लिए इस बार श्रद्धालु आस्था पथ से जाएंगे। आस्था पथ पर बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था है। साथ ही बारिश व बर्फबारी से बचने के लिए रेन शेल्टर बनाया गया।
22 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके पंजीकरण चारधाम यात्रा के लिए अब तक 22 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकरण के आंकड़े को देखते हुए इस बार भी प्रदेश सरकार को चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है।

Kedarnath Dham: गर्भ गृह से बाहर लाई गई बाबा केदार की डोली, जयकारों के साथ धाम के लिए किया प्रस्थान.

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भगवान केदारनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली ने आज सोमवार को अपने हिमालय स्थित केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया। सोमवार सुबह पूजा अर्चना के बाद डोली को मंदिर के गर्भ गृह से बाहर सभा मंडप में विराजमान किया गया। जिसमें हक हकूकधारियों की ओर से भगवान की चल उत्सवह विग्रह डोली का श्रृंगार किया गया।

इसके बाद मंदिर की तीन परिक्रमा कर डोली ने अपने अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। सोमवार को डोली गुप्तकाशी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में रात्रित विश्राम करेगी। इस बार छह मई को फाटा, सात को गुप्तकाशी और नौ  मई को डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी। जबकि 10 मई को भगवान केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनाथ के लिए खोले जाएंगे।

वहीं इससे पहले रविवार को ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ की यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए केदारनाथ के अग्रणी क्षेत्रपाल के रुप में पूजे जाने वाले भगवान भैरवनाथ की पूजा अर्चना की गई।  ऊखीमठ में देर सांय तक चली पूजा अर्चना में भैरवनाथ की अष्टादश आरती उतारी गई। भैरवनाथ की विशेष पूजा अर्चना के साथ ही केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की पक्रिया शुरू हो गई है।

पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्व मंदिर ऊखीमठ से भगवान केदारनाथ की डोली के धाम के लिए प्रस्थान करने पूर्व संध्या पर ओंकारेश्वर मंदिर स्थित भैरवनाथ मंदिर में भैंरवनाथ की विशेष पूजा अर्चना संपन्न हुई।

केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग जी महाराज की मौजूदगी में धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी शिवं शंकर लिंग ने भगवान भैरवनाथ का अभिषेक किया। साथ ही पंचामृत अभिषेख, रुद्राभिषेख के साथ पूरी पकोड़ी से माला से भैंरवनाथ का श्रृंगार किया गया।

 

Chardham Yatra: इस बार नए पथ से बद्रीनाथ पहुंचेंगे तीर्थयात्री, 12 मई को खुलेंगे कपाट।

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इस साल बद्रीनाथ धाम की यात्रा 12 मई से शुरू हो रही है। ऐसे में बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्य तेजी से चल रहे हैं। यहां आस्था पथ में भी बदलाव किया गया है। बदरीनाथ धाम तक पहुंचने वाला पुराना आस्था पथ ध्वस्त होने के कारण अब साकेत तिराहे से अलकनंदा किनारे से होते हुए करीब 100 मीटर का नया रास्ता बनाया जा रहा है।

इस मार्ग को नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, बामणी गांव से बदरीनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए भी करीब 300 मीटर नए रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। यहां रीवर फ्रंट के कार्यों से पुराना रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है।

बदरीनाथ धाम परिसर के इर्द-गिर्द होटल, धर्मशाला और आवासीय मकान थे। अब उन्हें हटा दिया गया है। इन दिनों लोक निर्माण विभाग पीआईयू की ओर से मलबे का निस्तारण भी कर रहा है।
साथ ही नगर पंचायत के 45 पर्यावरण मित्र बदरीनाथ धाम पहुंच गए हैं। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि धाम में नए आंतरिक मार्गों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। साकेत तिराहा से नए मार्ग का निर्माण अंतिम चरण में है।

उधर, बदरीनाथ धाम की यात्रा को लेकर इन दिनों तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जहां प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। वहीं बीकेटीसी की ओर से मंदिर की साज सज्जा, सफाई व अन्य कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

इसी के तहत समिति की ओर से इन दिनों बदरीनाथ धाम में साफ सफाई के साथ नक्काशीदार लकड़ियों पर रंगरोगन कार्य कराया जा रहा है।

Holi 2024: उत्तराखंड में यहां भक्तों ने खेली भस्म की होली, जयकारों से गूंजी भोलेनाथ की नगरी, देखें तस्वीरें

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Holi: आस्था और पर्यटन का संगम कही जाने वाली बाबा भोलेनाथ की नगरी उत्तरकाशी होली के रंग में रंग चुकी है। उत्तरकाशी में आज छोटी होली की सुबह बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में भस्म की होली के साथ होली के त्योहार का शुभारंभ हुआ।

उत्तरकाशी में बाबा काशी विश्वनाथ प्रांगण से भस्म की होली के साथ पूरे जनपद में होली शुरू होती है। रविवार सुबह भोलेनाथ के भक्त मंदिर में एकत्रित हुए। जहां मंदिर के महंत अजय पुरी ने पहले स्वयंभू शिवलिंग पर भस्म लगाकर उनका आशीर्वाद लिया। उसके बाद सभी भक्तों पर भस्म लगाकर होली शुरू हुई।

सभी भक्तों ने आपस में भस्म लगाकर एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी। उसके बाद बाबा काशी विश्वनाथ मंडली की और से होली और बसंत के गीत गाए गए। वहीं, भस्म लगाकर शिव भक्त जमकर झूमे।
महंत अजय पुरी ने बताया कि जहां आज के समय में रसायनिक होली का प्रचलन बढ़ गया है। ऐसे समय में भोलेनाथ के दरबार से भस्म की होली खेलकर यह संदेश दिया जा रहा है कि हम रसायनिक रंग छोड़ प्राकृतिक रंगो का प्रयोग करें।
भस्म होली के बाद मंदिर में प्रसाद वितरण का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं इस मौके पर देश के विभिन्न प्रदेशो से आए श्रद्धालु भी भस्म होली के गवाह बने। कहा कि उत्तरकाशी कलयुग की काशी कही जाती है।
कलयुग में बाबा काशी विश्वनाथ अस्सी वरुणा नदी के बीच वरुणावत पर्वत की तलहटी में निवास करेंगे। वहीं, भस्म होली के गवाह बने दिल्ली के पर्यटकों का कहना है कि उन्होंने भस्म की होली पहली बार देखी है। यह उनके जीवन का अनमोल अनुभव है। उन्होंने बाबा काशी विश्वनाथ से देश मे खुशहाली की कामना की।

Kedarnath Dham: 10 मई को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर घोषित हुई तिथि।

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आज शुक्रवार को पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि पंचांग गणना से तय कर घोषित की गई। 10 मई को बाबा केदार के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

बाबा केदार के कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति के चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान होकर शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से अपने धाम के लिए प्रस्थान का दिन भी तय हुआ।

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डां. हरीश चंद्र गौड़ ने बताया, आठ मार्च को महाशिवरात्रि पर्व पर ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में सुबह नौ बजे से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए।

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय की मौजूदगी में केदारनाथ के रावल भीमाशंकर के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तिथि घोषित की।

Badrinath Dham: 12 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर घोषित की गई तिथि

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बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को ब्रह्ममुहुर्त में सुबह 6 बजे खुलेंगे। आज बसंत पंचमी के अवसर पर नरेंद्रनगर (टिहरी) स्थित राजदरबार में कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया के लिए गाडूघड़ा (तेल-कलश) श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर से मंगलवार शाम श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चंद्रभागा स्थित विश्राम गृह पहुंच गया था। जहां श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सहित श्रद्धालुओं ने तेल-कलश का स्वागत किया।

बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत की ओर से गाडूघड़ा राजमहल को सौंपा गया। इसके बाद राजमहल से गाडूघड़ा में तिल का तेल पिरोया गया।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तिल का तेल पिरोने के बाद गाडूघड़ा नरेंद्रनगर राजदरबार से डिम्मर होते हुए श्री नृसिंह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचाया जाएगा। कपाट खुलने के बाद यह तेल-कलश भगवान बदरी विशाल के नित्य अभिषेक के लिए प्रयोग में लाया जाएगा।