Author: Manisha Rana

Chardham Yatra 2024: अब होगी सभी यात्रियों के पंजीकरण की जांच, बैठक में लिए गए ये बड़े फैसले।

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चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों के पंजीकरण की अब जांच होगी। बाद की तिथि में पंजीकरण कराने वाले वाहन अगर पहले यात्रा करते पकड़े गए तो परमिट रद्द होगा। साथ ही सख्त कार्रवाई होगी।

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने चारधाम यात्रा को लेकर बैठक की। अब तक यात्रा में आए 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। यात्रा वाले जिलों के अलावा पौड़ी और टिहरी में होल्डिंग पॉइंट भी बनेंगे। सभी जगह यात्रियों को कुछ घंटे के लिए रोका जाएगा, ताकि यात्रा में जाम जैसे हालात न हों।
यात्रा में आने से पहले पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने के लिए सभी राज्यों को पत्र भेजा जा रहा है। बिना पंजीकरण और बाद के पंजीकरण वालों को यात्रा मार्ग पर रोका जाएगा। टूर ऑपरेटर्स के साथ ही बैठक की जाएगी। बिना पंजीकरण वालों को यात्रा न कराने की सख्त हिदायत दी जाएगी।

Chardham Yatra 2024: पंजीकरण की संख्या पहुंची 23 लाख के पार, 8 लाख लोगों  ने किया केदारनाथ के लिए अप्लाई। 

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चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ ही पंजीकरण का आंकड़ा 23 लाख के पार हो गया है। केदारनाथ धाम के लिए आठ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। पर्यटन विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम चार बजे तक चारधाम यात्रा के लिए 23 लाख 57 हजार 393 पंजीकरण हुए थे।

इनमें केदारनाथ के लिए सर्वाधिक आठ लाख सात हजार 90, बदरीनाथ धाम के लिए सात लाख 10 हजार 192, यमुनोत्री के लिए तीन लाख 68 हजार 302 और गंगोत्री के लिए चार लाख 21 हजार 205 पंजीकरण शामिल हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब के लिए भी इस बार अभी तक 50 हजार 604 पंजीकरण हो चुके हैं। पंजीकरण का सिलसिला जारी है।

तीन धामों के खुले कपाट

केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो गया। शुक्रवार को हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच तीनों धाम के कपाट विधि विधान के साथ खोले गए। पहले दिन करीब 45 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। केदारनाथ धाम में 30 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। केदारनाथ धाम पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से देशवासियों की सुख समृद्धि के लिए पूजा अर्चना की। वहीं, अब 12 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।

Radhika Kheda: बीजेपी में शामिल हुईं राधिका खेड़ा, कहा- राम और हिंदू विरोधी है कांग्रेस पार्टी।

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कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता रहीं राधिका खेड़ा भाजपा में शामिल हो गयी हैं। राधिका खेड़ा ने दो दिन पहले ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। राधिका ने कांग्रेस पर अपने साथ छत्तीसगढ़ में दुर्व्यवहार करने और साजिश रचने का आरोप लगाया था। 

कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने के बाद राधिका खेड़ा ने कहा कि राम भक्त होने के नाते रामलला के दर्शन करने पर कौशल्या माता की धरती पर मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया। खेड़ा ने कहा कि मुझे भाजपा सरकार, मोदी सरकार का संरक्षण नहीं मिला था। आज की कांग्रेस महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है, यह राम विरोधी, हिंदू विरोधी कांग्रेस है।

 

इससे पहले राधिका खेड़ा ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कहा था कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने अपने दो साथियों के साथ रायपुर के पार्टी ऑफिस में उनके साथ अभद्रता करने की कोशिश की। जब उन्होंने इसके बारे में पार्टी के शीर्ष नेताओं को जानकारी दी, तब आरोपी नेताओं के ऊपर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश तक सबको इस आपत्तिजनक घटना के बारे में बताया गया, लेकिन आरोपी नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद हताश होकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया। 

राधिका खेड़ा ने कहा था कि घटना 30 अप्रैल की है। शाम को लगभग छह बज रहे थे। मैं पार्टी ऑफिस में कुछ काम कर रही थी। उसी समय छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला अपने दो साथियों – नितिन भंसाली और सुरेंद्र वर्मा – के साथ कमरे में आया। ये दोनों लोग भी छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता हैं। इसके एक साथी ने कमरा पीछे से बंद कर लिया। कमरा किसने बंद किया, यह मैं नहीं देख पाई, लेकिन कमरा बंद होने की आवाज सुनते ही मैंने अपना फोन निकाल लिया और कैमरा चालू कर दिया। मैंने चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद बाहर निकलकर मैंने इस घटना की जानकारी सबको दी। लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब इस घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी ऐसे अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, मैंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला कर लिया।

उत्तराखंड के जंगलों में बेकाबू आग का कहर, 930 घटनाओं में 5 लोगों की मौत, आग पर काबू पाने के लिए अब एनडीआरएफ भी तैयार।

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Kedarnath Dham: गर्भ गृह से बाहर लाई गई बाबा केदार की डोली, जयकारों के साथ धाम के लिए किया प्रस्थान.

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भगवान केदारनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली ने आज सोमवार को अपने हिमालय स्थित केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया। सोमवार सुबह पूजा अर्चना के बाद डोली को मंदिर के गर्भ गृह से बाहर सभा मंडप में विराजमान किया गया। जिसमें हक हकूकधारियों की ओर से भगवान की चल उत्सवह विग्रह डोली का श्रृंगार किया गया।

इसके बाद मंदिर की तीन परिक्रमा कर डोली ने अपने अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। सोमवार को डोली गुप्तकाशी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में रात्रित विश्राम करेगी। इस बार छह मई को फाटा, सात को गुप्तकाशी और नौ  मई को डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी। जबकि 10 मई को भगवान केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनाथ के लिए खोले जाएंगे।

वहीं इससे पहले रविवार को ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ की यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए केदारनाथ के अग्रणी क्षेत्रपाल के रुप में पूजे जाने वाले भगवान भैरवनाथ की पूजा अर्चना की गई।  ऊखीमठ में देर सांय तक चली पूजा अर्चना में भैरवनाथ की अष्टादश आरती उतारी गई। भैरवनाथ की विशेष पूजा अर्चना के साथ ही केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की पक्रिया शुरू हो गई है।

पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्व मंदिर ऊखीमठ से भगवान केदारनाथ की डोली के धाम के लिए प्रस्थान करने पूर्व संध्या पर ओंकारेश्वर मंदिर स्थित भैरवनाथ मंदिर में भैंरवनाथ की विशेष पूजा अर्चना संपन्न हुई।

केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग जी महाराज की मौजूदगी में धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी शिवं शंकर लिंग ने भगवान भैरवनाथ का अभिषेक किया। साथ ही पंचामृत अभिषेख, रुद्राभिषेख के साथ पूरी पकोड़ी से माला से भैंरवनाथ का श्रृंगार किया गया।

 

Lok Sabha Election 2024: प्रियंका गांधी चुनाव लड़ने से पीछे क्यों हटी, जानिये वजह।

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कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपनी दो प्रतिष्ठित सीटों- अमेठी और रायबरेली के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसके साथ पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनावी पदार्पण की अटकलों पर भी प्रभावी रूप से विराम लग गया है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिरकार प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव से अपने कदम पीछे क्यों हटा लिए ? वो भी तब जब उनकी चुनाव लड़ने की मांग की जा रही थी और उनके पास रायबरेली जैसी मजबूत सीट थी जहां से वो शायद आसानी से चुनाव जीत सकती थी इसके बावजूद प्रियंका गाँधी का चुनाव न लड़ना पार्टी की समझ से परे है आज के समय जब टिकट पाने के लिए नेता अपने सगे संबंधियों के खिलाफ हो जा रहे हैं। 

प्रियंका गांधी के चुनाव न लड़ने की वजह-
 

प्रियंका गांधी के चुनाव नहीं लड़ने की 2 बड़ी वजह मानी जा रही है.  सोनिया गांधी के राजस्थान से राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद से रायबरेली में कांग्रेस प्रत्याशी की तलाश शुरू हो गई थी पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रियंका गांधी से अमेठी या रायबरेली से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया था लेकिन तब उन्होंने इनकार कर दिया था बाद में प्रियंका गांधी की टीम ने उन्हें रायबरेली, प्रयागराज, फूलपुर और वाराणसी का सर्वे कराया और इसकी रिपोर्ट उन्हें सौंपी गई. तब प्रियंका गांधी ने रायबरेली से चुनाव लड़ने में रुचि दिखा रही थीं वह रायबरेली से चुनाव लड़ना चाहती थीं लेकिन इसी बीच राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू हो गई पार्टी के नेताओं ने प्रियंका के बजाय राहुल गांधी का नाम रायबरेली के लिए आगे बढ़ा दिया।

 इस पर प्रियंका ने चुप्पी साध ली और वह धीरे-धीरे यूपी चुनाव से दूर होती चली गई. इसकी वजह साफ थी कि प्रियंका गांधी नहीं चाहती थीं उनके और भाई राहुल गांधी के बीच कोई सियासी टकराव हो ऐसे में उन्होंने अपनी टीम से कहा कि चुनाव तो कभी भी लड़ लेंगे।

प्रियंका गाँधी के चुनाव न लड़ने की दूसरी वजह- 
 

प्रियंका गाँधी की चुनाव लड़ने से इंकार की दूसरी वजह वंशवाद के आरोप हैं जो अक्सर पीएम मोदी और भाजपा लगाती रहती है प्रियंका का मानना था कि उनकी और उनके भाई राहुल गांधी की जीत से गांधी परिवार के तीन सदस्य संसद में पहुंच जाएंगे उनकी मां सोनिया गांधी अब राज्यसभा में हैं उन्होंने तर्क दिया कि इससे भाजपा के वंशवादी राजनीति के आरोप को बल मिलेगा। प्रियंका गांधी वाड्रा बड़े पैमाने पर प्रचार कर रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रैंड ओल्ड पार्टी पर ‘मंगलसूत्र’ आरोप के बाद कांग्रेस के जवाबी हमले का चेहरा रही हैं. कई लोगों का मानना है कि अगर वह चुनाव लड़ती तो कांग्रेस को उनकी स्टार पावर से फायदा हो सकता था।

प्रियंका गाँधी का ये फैसला भले ही पार्टी को नुकसान पहुंचा दे पर उनका ये फैसला दोनों भाई बहनो के जुड़ाव को भी दर्शाता है इस फैसले से ये भी प्रतीत होता है कि सत्ता से पहले प्रियंका अपने रिश्तों को तवज्जो देती हैं. कई मंचों पर दोनों भाई बहनों का प्रेम जनता के सामने भी दिखा है. हालाँकि अब भी प्रियंका के संसद पहुंचने की काफी संम्भावना है अगर राहुल गांधी वायनाड और रायबरेली दोनों सीट से चुनाव जीतते हैं तो उनको भी एक सीट खाली करनी पड़ेगी ऐसे में प्रियंका के लिए रायबरेली सीट राहुल छोड़ सकते हैं जहां से उपचुनाव जीतकर प्रियंका सदन में पहुंच सकती है।

Elvish Yadav Case: यूट्यूबर एल्विश यादव पर फिर कसा ED का शिकंजा, ईडी ने इस मामले में दर्ज किया केस.

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बिग बॉस OTT- 2 के विनर और 26 वर्षीय यूट्यूबर सिद्धार्थ यादव यानी एल्विश यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ED ने यूट्यूबर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज किया है। सूत्रों के हवाले से शनिवार को यह जानकारी मिली है।

मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सांपों के जहर सप्लाई से ही जुड़ा हुआ है। केंद्रीय एजेंसी ने पिछले महीने उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) जिला पुलिस द्वारा एल्विश और अन्य लोगों के खिलाफ दायर एक एफआईआर और आरोप पत्र का संज्ञान लेने के बाद प्रिवेंशन मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है।

एल्विश यादव से हो सकती है पूछताछ-

ईडी की टीम एल्विश यादव और इस मामले में शामिल अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला पार्टियों में सांप का जहर सप्लाई करने से जुड़ा हुआ है। अब पूरा मामला ईडी की जांच के दायरे में आ चुका है।

नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव को किया था गिरफ्तार-

यूट्यूबर  एल्विस यादव को 17 मार्च को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने एल्विस को पार्टियों में मनोरंजक दवा के रूप में सांप के जहर के इस्तेमाल की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।

नोएडा पुलिस ने यूट्यूबर पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

पशु अधिकार से जुड़े एक एनजीओ, पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) ने पिछले साल 3 नवंबर को नोएडा के सेक्टर 49 पुलिस स्टेशन में छह लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें एल्विश यादव भी शामिल थे।

 

Goldy Brar Death:अमेरिका में गोल्डी बराड़ की हत्या! सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस का था मास्टरमाइंड।

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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मुख्य आरोपी गोल्डी बराड़ मारा गया है। सूत्रों के अनुसार, उसे अमेरिका में गोली मारी गई है। गोल्डी की हत्या की जिम्मेदारी डल्ला-लखबीर गैंग ने ली है। 

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद उसका नाम मीडिया में चर्चा में है। हालांकि इससे पहले भी वह कई वारदात कर चुका था। चंडीगढ़ में चचेरे भाई गुरलाल बराड़ की हत्या के बाद गोल्डी बराड़ ने अपराध की दुनिया में कदम रखा। चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक क्लब के बाहर 11 अक्तूबर 2020 की रात पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के छात्र नेता गुरलाल बराड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
गोल्डी का चचेरा भाई था लॉरेंस का नजदीकी-
गोल्डी बराड़ का चचेरा भाई गुरलाल बराड़ लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी था। गुरलाल बराड़ की हत्या के बाद लॉरेंस गैंग ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अब नई जंग की शुरुआत है, सड़कों पर खून नहीं सूखेगा।

इस बीच गोल्डी बराड़ स्टडी वीजा पर कनाडा पढ़ाई करने जा चुका था। मगर गुरलाल की हत्या के बाद वह जरायम की दुनिया में कूद पड़ा। कनाडा से ही गोल्डी ने हत्याओं की साजिश रचनी शुरू की और कई वारदातों को अपने गुर्गों से अंजाम दिलवाया। इन्हीं में एक वारदात थी गुरलाल सिंह की हत्या। 18 फरवरी 2021 को पंजाब के फरीदकोट में जिला यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गुरलाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोल्डी बराड़ ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने की खातिर ही यूथ कांग्रेस नेता को मरवाया था।

मई 2022 में हुई थी मूसेवाला की हत्या-

29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव के पास पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ ने ली थी। गोल्डी ने हत्या की वजह भी बताई थी। गोल्डी के मुताबिक मोहाली में मिड्डूखेड़ा की हत्या में शामिल लोगों को मूसेवाला के मैनेजर ने आश्रय दिया था। बाद में मूसेवाला ने अपने मैनेजर की मदद की। इसी रंजिश में लॉरेंस गैंग ने मूसेवाला की हत्या की। पंजाब के मुक्तसर जिले के मलौट में रणजीत सिंह उर्फ राणा सिद्धू की हत्या में भी गोल्डी बराड़ शामिल था। हत्याओं से शुरु हुआ अपराध का यह सिलसिला अभी तक जारी है।

Chardham Yatra: इस बार नए पथ से बद्रीनाथ पहुंचेंगे तीर्थयात्री, 12 मई को खुलेंगे कपाट।

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इस साल बद्रीनाथ धाम की यात्रा 12 मई से शुरू हो रही है। ऐसे में बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्य तेजी से चल रहे हैं। यहां आस्था पथ में भी बदलाव किया गया है। बदरीनाथ धाम तक पहुंचने वाला पुराना आस्था पथ ध्वस्त होने के कारण अब साकेत तिराहे से अलकनंदा किनारे से होते हुए करीब 100 मीटर का नया रास्ता बनाया जा रहा है।

इस मार्ग को नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, बामणी गांव से बदरीनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए भी करीब 300 मीटर नए रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। यहां रीवर फ्रंट के कार्यों से पुराना रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है।

बदरीनाथ धाम परिसर के इर्द-गिर्द होटल, धर्मशाला और आवासीय मकान थे। अब उन्हें हटा दिया गया है। इन दिनों लोक निर्माण विभाग पीआईयू की ओर से मलबे का निस्तारण भी कर रहा है।
साथ ही नगर पंचायत के 45 पर्यावरण मित्र बदरीनाथ धाम पहुंच गए हैं। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि धाम में नए आंतरिक मार्गों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। साकेत तिराहा से नए मार्ग का निर्माण अंतिम चरण में है।

उधर, बदरीनाथ धाम की यात्रा को लेकर इन दिनों तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जहां प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। वहीं बीकेटीसी की ओर से मंदिर की साज सज्जा, सफाई व अन्य कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

इसी के तहत समिति की ओर से इन दिनों बदरीनाथ धाम में साफ सफाई के साथ नक्काशीदार लकड़ियों पर रंगरोगन कार्य कराया जा रहा है।

UK Board Result 2024: कल सुबह होगा उत्तराखंड बोर्ड का 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित, जानिए कितने बजे होगा घोषित।

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उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल यानी कल जारी होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के मुताबिक, रिजल्ट घोषित किए जाने को लेकर विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

उत्तराखंड बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं के दो लाख से अधिक छात्रों का कल परिणाम घोषित हो जाएगा। 30 अप्रैल को उत्तराखंड बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं का परिणाम जारी किया जाएगा। इस दिन अंक सुधार द्वितीय का रिजल्ट भी जारी किया जाएगा। सुबह 11:30 रिजल्ट घोषित होगा।

उत्तराखंड बोर्ड 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 27 फरवरी से 16 मार्च 2024 तक आयोजित की गयी थी। इस साल UK बोर्ड की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में कुल दो लाख 10 हजार 354 छात्र शामिल हुए थे।

   जानिए कैसे करें परिणाम डाउनलोड?

  • सबसे पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट यानी ubse.uk.gov.in पर जाएं।
  • इसके बाद होम पेज पर उपलब्ध यूके बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2024 लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर डालें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • अब रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • छात्र अपना परिणाम डाउनलोड कर सकते हैं और आगे की आवश्यकता के लिए प्रिंटआउट ले लें।