Lok Sabha Election 2024: प्रियंका गांधी चुनाव लड़ने से पीछे क्यों हटी, जानिये वजह।

Lok Sabha Election 2024: प्रियंका गांधी चुनाव लड़ने से पीछे क्यों हटी, जानिये वजह।

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कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपनी दो प्रतिष्ठित सीटों- अमेठी और रायबरेली के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसके साथ पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनावी पदार्पण की अटकलों पर भी प्रभावी रूप से विराम लग गया है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिरकार प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव से अपने कदम पीछे क्यों हटा लिए ? वो भी तब जब उनकी चुनाव लड़ने की मांग की जा रही थी और उनके पास रायबरेली जैसी मजबूत सीट थी जहां से वो शायद आसानी से चुनाव जीत सकती थी इसके बावजूद प्रियंका गाँधी का चुनाव न लड़ना पार्टी की समझ से परे है आज के समय जब टिकट पाने के लिए नेता अपने सगे संबंधियों के खिलाफ हो जा रहे हैं। 

प्रियंका गांधी के चुनाव न लड़ने की वजह-
 

प्रियंका गांधी के चुनाव नहीं लड़ने की 2 बड़ी वजह मानी जा रही है.  सोनिया गांधी के राजस्थान से राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद से रायबरेली में कांग्रेस प्रत्याशी की तलाश शुरू हो गई थी पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रियंका गांधी से अमेठी या रायबरेली से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया था लेकिन तब उन्होंने इनकार कर दिया था बाद में प्रियंका गांधी की टीम ने उन्हें रायबरेली, प्रयागराज, फूलपुर और वाराणसी का सर्वे कराया और इसकी रिपोर्ट उन्हें सौंपी गई. तब प्रियंका गांधी ने रायबरेली से चुनाव लड़ने में रुचि दिखा रही थीं वह रायबरेली से चुनाव लड़ना चाहती थीं लेकिन इसी बीच राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू हो गई पार्टी के नेताओं ने प्रियंका के बजाय राहुल गांधी का नाम रायबरेली के लिए आगे बढ़ा दिया।

 इस पर प्रियंका ने चुप्पी साध ली और वह धीरे-धीरे यूपी चुनाव से दूर होती चली गई. इसकी वजह साफ थी कि प्रियंका गांधी नहीं चाहती थीं उनके और भाई राहुल गांधी के बीच कोई सियासी टकराव हो ऐसे में उन्होंने अपनी टीम से कहा कि चुनाव तो कभी भी लड़ लेंगे।

प्रियंका गाँधी के चुनाव न लड़ने की दूसरी वजह- 
 

प्रियंका गाँधी की चुनाव लड़ने से इंकार की दूसरी वजह वंशवाद के आरोप हैं जो अक्सर पीएम मोदी और भाजपा लगाती रहती है प्रियंका का मानना था कि उनकी और उनके भाई राहुल गांधी की जीत से गांधी परिवार के तीन सदस्य संसद में पहुंच जाएंगे उनकी मां सोनिया गांधी अब राज्यसभा में हैं उन्होंने तर्क दिया कि इससे भाजपा के वंशवादी राजनीति के आरोप को बल मिलेगा। प्रियंका गांधी वाड्रा बड़े पैमाने पर प्रचार कर रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रैंड ओल्ड पार्टी पर ‘मंगलसूत्र’ आरोप के बाद कांग्रेस के जवाबी हमले का चेहरा रही हैं. कई लोगों का मानना है कि अगर वह चुनाव लड़ती तो कांग्रेस को उनकी स्टार पावर से फायदा हो सकता था।

प्रियंका गाँधी का ये फैसला भले ही पार्टी को नुकसान पहुंचा दे पर उनका ये फैसला दोनों भाई बहनो के जुड़ाव को भी दर्शाता है इस फैसले से ये भी प्रतीत होता है कि सत्ता से पहले प्रियंका अपने रिश्तों को तवज्जो देती हैं. कई मंचों पर दोनों भाई बहनों का प्रेम जनता के सामने भी दिखा है. हालाँकि अब भी प्रियंका के संसद पहुंचने की काफी संम्भावना है अगर राहुल गांधी वायनाड और रायबरेली दोनों सीट से चुनाव जीतते हैं तो उनको भी एक सीट खाली करनी पड़ेगी ऐसे में प्रियंका के लिए रायबरेली सीट राहुल छोड़ सकते हैं जहां से उपचुनाव जीतकर प्रियंका सदन में पहुंच सकती है।

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