Month: May 2024

Char Dham: श्रद्धालुओं के लिए खुले केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट, आज से हुआ चारधाम यात्रा का आगाज।

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केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा का श्रीगणेश हो गया है। आज विधि-विधान से सुबह सात बजे पहले केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए। इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। हजारों श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ बाबा केदार की पंचमुखी डोली केदारनाथ पहुंची है। इसके बाद यमुनोत्री और फिर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के लिए खोल दिए गए हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा -देवभूमि उत्तराखंड के पवित्र चार धाम यात्रा के शुभारंभ की बहुत-बहुत बधाई। बाबा केदारनाथ धाम समेत चारों धामों की यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक ऐसी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा है, जिससे उनकी आस्था और भक्ति को नई स्फूर्ति मिलती है। इस यात्रा पर निकले सभी भक्तों और श्रद्धालुओं को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। जय बाबा भोलेनाथ!


गुरुवार देर शाम तक 16 हजार से अधिक श्रद्धालु भी पहले दिन बाबा केदार के दर्शन के लिए केदारपुरी पहुंच गए थे। आज सुबह केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 10.29 बजे और फिर गंगोत्री धाम के कपाट 12.25 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। अब बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को सुबह छह बजे खुलेंगे।

बृहस्पतिवार सुबह बाबा केदार की पंचमुखी डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुई थी। अपराह्न तीन बजे केदारनाथ धाम पहुंची। बाबा केदार की डोली के साथ हजारों श्रद्धालु भी केदारपुरी पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों और सेना के बैंड की धुन से केदारनाथ धाम गूंज उठा।

बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने पंचमुखी डोली के केदारनाथ धाम में पहुंचने पर अगवानी की। वहीं मां गंगा की डोली मुखबा से गंगोत्री धाम के रवाना हुई। शुक्रवार सुबह डोली धाम पहुंची। वहीं, मां यमुना की डोली शुक्रवार सुबह खरशाली गांव से धाम के लिए रवाना हुई थी।

भव्य रूप से सजाए गए सभी मंदिर-

केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। केदारनाथ मंदिर को 20 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया है। धाम में दर्शन के लिए इस बार श्रद्धालु आस्था पथ से जाएंगे। आस्था पथ पर बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था है। साथ ही बारिश व बर्फबारी से बचने के लिए रेन शेल्टर बनाया गया।
22 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके पंजीकरण चारधाम यात्रा के लिए अब तक 22 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकरण के आंकड़े को देखते हुए इस बार भी प्रदेश सरकार को चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है।

Lok Sabha 2024: तीसरे चरण में 93 सीटों पर 64.58 फीसदी तक हुआ मतदान, जानिए सबसे ज्यादा कहां और कितनी प्रतिशत हुई वोटिंग.

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लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में अब तक 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की 93 सीटों पर मंगलवार को औसतन 64.58 फीसदी मतदान हुआ है। असम में सबसे अधिक 81.71 फीसदी और उत्तर प्रदेश में सबसे कम 57.34 फीसदी मत पड़े हैं। पश्चिम बंगाल में भी मतदान शांतिपूर्ण रहा है। मतदान प्रतिशत में अभी बदलाव की उम्मीद है क्योंकि चुनाव आयोग की तरफ से अंतिम आंकड़े नहीं जारी किए गए हैं।तीसरे चरण में 280 सीटों पर मतदान के साथ ही लोकसभा की आधी से अधिक सीटों पर चुनाव पूरा हो गया।

ईवीएम से साफ़ होंगी दिग्गजों की तस्वीरें- 
इस चरण में गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों की किस्मत ईवीएम से साफ़ होंगी। अमित शाह गांधीनगर से चुनावी मैदान में हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना, मनसुख मांडविया पोरबंदर, पुरुषोत्तम रुपाला राजकोट, प्रहलाद जोशी धारवाड़ और एसपी सिंह बघेल आगरा से मैदान में हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज चौहान विदिशा, दिग्विजय सिंह राजगढ़, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले बारामती से प्रत्याशी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में किया मतदान-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में व गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को अहमदाबाद में वोट डाला। कर्नाटक में सबसे पहले वोट डालने वालों में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी व राज्य के मंत्री प्रियांक खरगे प्रमुख रहे। महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बारामती से एनडीए प्रत्याशी अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार के साथ मतदान किया। एनसीपी के दूसरे धड़े के अध्यक्ष शरद पवार ने भी बारामती के मालेगांव में वोट दिया। असम में सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने पत्नी रिनिकी भुइयां व बेटी सुकन्या के साथ बारपेटा सीट के अमीन गांव में वोट डाला।

बैतूल में मतदान दल को वापस ला रही बस आग में जलकर खाक-
तीसरे चरण का मतदान पूरा होने के बाद बैतूल में छह मतदान केंद्रों से मतदान सामग्री और कर्मचारियों को लेकर लौट रही बस में मंगलवार रात आग लग गई। आग में बस पूरी तरह खाक हो गई। हादसे में सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। मतदान सामग्री को आंशिक नुकसान होने की खबर है। हालांकि, अभी मतदान सामग्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। चुनाव कर्मचारियों और ईवीएम को लाने के लिए दूसरी बस मौके पर बुलवाई गई। हादसा साईंखेड़ा थानाक्षेत्र के बिसनूर और पौनी गौला गांवों के बीच हुआ। बस का ड्राइवर जलती बस से कूद गया था, जबकि कर्मचारियों ने मुश्किल से जान बचाई। सूचना मिलते ही बैतूल से अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। बैतूल, मुलताई और आठनेर से फायर ब्रिगेड बुलाकर आग पर काबू किया गया।

 

UKSSSC: समूह-ग की 9 भर्तियों का कैलेंडर हुआ जारी, मई से अगस्त के बीच में होंगी परीक्षाएं, यहां पढ़ें पूरी डिटेल।

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने समूह-ग की नौ भर्तियों का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस साल मई से अगस्त के बीच में ये भर्ती परीक्षाएं कराई जाएंगी। आयोग के सचिव सुरेंद्र सिंह रावत की ओर से जारी कैलेंडर में बताया गया है कि वन विभाग स्केलर भर्ती के लिए शारीरिक नाप जोख परीक्षा 15 मई को होगी।

हवलदार प्रशिक्षक की शारीरिक नाप जोख परीक्षा एक जून को, आबकारी सिपाही, परिवहन आरक्षी, उप आबकारी निरीक्षक, हॉस्टल मैनेजर ग्रेड-3, गृह माता भर्ती की परीक्षा नौ जून को, अनुदेशक विद्युतकार, फिटर व अन्य की परीक्षा 26 से 29 जून को, सहायक अध्यापक एलटी भर्ती परीक्षा 30 जून को, वाहन चालक भर्ती परीक्षा सात जुलाई को, सहायक भंडारी भर्ती परीक्षा 14 जुलाई को, स्केलर भर्ती की परीक्षा चार अगस्त को और हवलदार प्रशिक्षक भर्ती की परीक्षा 11 अगस्त को होगी।

 

Radhika Kheda: बीजेपी में शामिल हुईं राधिका खेड़ा, कहा- राम और हिंदू विरोधी है कांग्रेस पार्टी।

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कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता रहीं राधिका खेड़ा भाजपा में शामिल हो गयी हैं। राधिका खेड़ा ने दो दिन पहले ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। राधिका ने कांग्रेस पर अपने साथ छत्तीसगढ़ में दुर्व्यवहार करने और साजिश रचने का आरोप लगाया था। 

कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने के बाद राधिका खेड़ा ने कहा कि राम भक्त होने के नाते रामलला के दर्शन करने पर कौशल्या माता की धरती पर मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया। खेड़ा ने कहा कि मुझे भाजपा सरकार, मोदी सरकार का संरक्षण नहीं मिला था। आज की कांग्रेस महात्मा गांधी की कांग्रेस नहीं है, यह राम विरोधी, हिंदू विरोधी कांग्रेस है।

 

इससे पहले राधिका खेड़ा ने कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कहा था कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने अपने दो साथियों के साथ रायपुर के पार्टी ऑफिस में उनके साथ अभद्रता करने की कोशिश की। जब उन्होंने इसके बारे में पार्टी के शीर्ष नेताओं को जानकारी दी, तब आरोपी नेताओं के ऊपर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश तक सबको इस आपत्तिजनक घटना के बारे में बताया गया, लेकिन आरोपी नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद हताश होकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया। 

राधिका खेड़ा ने कहा था कि घटना 30 अप्रैल की है। शाम को लगभग छह बज रहे थे। मैं पार्टी ऑफिस में कुछ काम कर रही थी। उसी समय छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला अपने दो साथियों – नितिन भंसाली और सुरेंद्र वर्मा – के साथ कमरे में आया। ये दोनों लोग भी छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता हैं। इसके एक साथी ने कमरा पीछे से बंद कर लिया। कमरा किसने बंद किया, यह मैं नहीं देख पाई, लेकिन कमरा बंद होने की आवाज सुनते ही मैंने अपना फोन निकाल लिया और कैमरा चालू कर दिया। मैंने चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद बाहर निकलकर मैंने इस घटना की जानकारी सबको दी। लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब इस घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी ऐसे अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, मैंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला कर लिया।

उत्तराखंड के जंगलों में बेकाबू आग का कहर, 930 घटनाओं में 5 लोगों की मौत, आग पर काबू पाने के लिए अब एनडीआरएफ भी तैयार।

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Kedarnath Dham: गर्भ गृह से बाहर लाई गई बाबा केदार की डोली, जयकारों के साथ धाम के लिए किया प्रस्थान.

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भगवान केदारनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली ने आज सोमवार को अपने हिमालय स्थित केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया। सोमवार सुबह पूजा अर्चना के बाद डोली को मंदिर के गर्भ गृह से बाहर सभा मंडप में विराजमान किया गया। जिसमें हक हकूकधारियों की ओर से भगवान की चल उत्सवह विग्रह डोली का श्रृंगार किया गया।

इसके बाद मंदिर की तीन परिक्रमा कर डोली ने अपने अगले गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। सोमवार को डोली गुप्तकाशी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में रात्रित विश्राम करेगी। इस बार छह मई को फाटा, सात को गुप्तकाशी और नौ  मई को डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी। जबकि 10 मई को भगवान केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनाथ के लिए खोले जाएंगे।

वहीं इससे पहले रविवार को ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ की यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए केदारनाथ के अग्रणी क्षेत्रपाल के रुप में पूजे जाने वाले भगवान भैरवनाथ की पूजा अर्चना की गई।  ऊखीमठ में देर सांय तक चली पूजा अर्चना में भैरवनाथ की अष्टादश आरती उतारी गई। भैरवनाथ की विशेष पूजा अर्चना के साथ ही केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की पक्रिया शुरू हो गई है।

पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्व मंदिर ऊखीमठ से भगवान केदारनाथ की डोली के धाम के लिए प्रस्थान करने पूर्व संध्या पर ओंकारेश्वर मंदिर स्थित भैरवनाथ मंदिर में भैंरवनाथ की विशेष पूजा अर्चना संपन्न हुई।

केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग जी महाराज की मौजूदगी में धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी शिवं शंकर लिंग ने भगवान भैरवनाथ का अभिषेक किया। साथ ही पंचामृत अभिषेख, रुद्राभिषेख के साथ पूरी पकोड़ी से माला से भैंरवनाथ का श्रृंगार किया गया।

 

Lok Sabha Election 2024: प्रियंका गांधी चुनाव लड़ने से पीछे क्यों हटी, जानिये वजह।

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कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपनी दो प्रतिष्ठित सीटों- अमेठी और रायबरेली के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसके साथ पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनावी पदार्पण की अटकलों पर भी प्रभावी रूप से विराम लग गया है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिरकार प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव से अपने कदम पीछे क्यों हटा लिए ? वो भी तब जब उनकी चुनाव लड़ने की मांग की जा रही थी और उनके पास रायबरेली जैसी मजबूत सीट थी जहां से वो शायद आसानी से चुनाव जीत सकती थी इसके बावजूद प्रियंका गाँधी का चुनाव न लड़ना पार्टी की समझ से परे है आज के समय जब टिकट पाने के लिए नेता अपने सगे संबंधियों के खिलाफ हो जा रहे हैं। 

प्रियंका गांधी के चुनाव न लड़ने की वजह-
 

प्रियंका गांधी के चुनाव नहीं लड़ने की 2 बड़ी वजह मानी जा रही है.  सोनिया गांधी के राजस्थान से राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद से रायबरेली में कांग्रेस प्रत्याशी की तलाश शुरू हो गई थी पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रियंका गांधी से अमेठी या रायबरेली से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया था लेकिन तब उन्होंने इनकार कर दिया था बाद में प्रियंका गांधी की टीम ने उन्हें रायबरेली, प्रयागराज, फूलपुर और वाराणसी का सर्वे कराया और इसकी रिपोर्ट उन्हें सौंपी गई. तब प्रियंका गांधी ने रायबरेली से चुनाव लड़ने में रुचि दिखा रही थीं वह रायबरेली से चुनाव लड़ना चाहती थीं लेकिन इसी बीच राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू हो गई पार्टी के नेताओं ने प्रियंका के बजाय राहुल गांधी का नाम रायबरेली के लिए आगे बढ़ा दिया।

 इस पर प्रियंका ने चुप्पी साध ली और वह धीरे-धीरे यूपी चुनाव से दूर होती चली गई. इसकी वजह साफ थी कि प्रियंका गांधी नहीं चाहती थीं उनके और भाई राहुल गांधी के बीच कोई सियासी टकराव हो ऐसे में उन्होंने अपनी टीम से कहा कि चुनाव तो कभी भी लड़ लेंगे।

प्रियंका गाँधी के चुनाव न लड़ने की दूसरी वजह- 
 

प्रियंका गाँधी की चुनाव लड़ने से इंकार की दूसरी वजह वंशवाद के आरोप हैं जो अक्सर पीएम मोदी और भाजपा लगाती रहती है प्रियंका का मानना था कि उनकी और उनके भाई राहुल गांधी की जीत से गांधी परिवार के तीन सदस्य संसद में पहुंच जाएंगे उनकी मां सोनिया गांधी अब राज्यसभा में हैं उन्होंने तर्क दिया कि इससे भाजपा के वंशवादी राजनीति के आरोप को बल मिलेगा। प्रियंका गांधी वाड्रा बड़े पैमाने पर प्रचार कर रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रैंड ओल्ड पार्टी पर ‘मंगलसूत्र’ आरोप के बाद कांग्रेस के जवाबी हमले का चेहरा रही हैं. कई लोगों का मानना है कि अगर वह चुनाव लड़ती तो कांग्रेस को उनकी स्टार पावर से फायदा हो सकता था।

प्रियंका गाँधी का ये फैसला भले ही पार्टी को नुकसान पहुंचा दे पर उनका ये फैसला दोनों भाई बहनो के जुड़ाव को भी दर्शाता है इस फैसले से ये भी प्रतीत होता है कि सत्ता से पहले प्रियंका अपने रिश्तों को तवज्जो देती हैं. कई मंचों पर दोनों भाई बहनों का प्रेम जनता के सामने भी दिखा है. हालाँकि अब भी प्रियंका के संसद पहुंचने की काफी संम्भावना है अगर राहुल गांधी वायनाड और रायबरेली दोनों सीट से चुनाव जीतते हैं तो उनको भी एक सीट खाली करनी पड़ेगी ऐसे में प्रियंका के लिए रायबरेली सीट राहुल छोड़ सकते हैं जहां से उपचुनाव जीतकर प्रियंका सदन में पहुंच सकती है।

Elvish Yadav Case: यूट्यूबर एल्विश यादव पर फिर कसा ED का शिकंजा, ईडी ने इस मामले में दर्ज किया केस.

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बिग बॉस OTT- 2 के विनर और 26 वर्षीय यूट्यूबर सिद्धार्थ यादव यानी एल्विश यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ED ने यूट्यूबर और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी दर्ज किया है। सूत्रों के हवाले से शनिवार को यह जानकारी मिली है।

मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सांपों के जहर सप्लाई से ही जुड़ा हुआ है। केंद्रीय एजेंसी ने पिछले महीने उत्तर प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) जिला पुलिस द्वारा एल्विश और अन्य लोगों के खिलाफ दायर एक एफआईआर और आरोप पत्र का संज्ञान लेने के बाद प्रिवेंशन मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है।

एल्विश यादव से हो सकती है पूछताछ-

ईडी की टीम एल्विश यादव और इस मामले में शामिल अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला पार्टियों में सांप का जहर सप्लाई करने से जुड़ा हुआ है। अब पूरा मामला ईडी की जांच के दायरे में आ चुका है।

नोएडा पुलिस ने एल्विश यादव को किया था गिरफ्तार-

यूट्यूबर  एल्विस यादव को 17 मार्च को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने एल्विस को पार्टियों में मनोरंजक दवा के रूप में सांप के जहर के इस्तेमाल की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।

नोएडा पुलिस ने यूट्यूबर पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

पशु अधिकार से जुड़े एक एनजीओ, पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) ने पिछले साल 3 नवंबर को नोएडा के सेक्टर 49 पुलिस स्टेशन में छह लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें एल्विश यादव भी शामिल थे।

 

उत्तराखंड में आज बदलेगा मौसम का मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी-बारिश का येलो अलर्ट जारी।

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उत्तराखंड के पांच जिलों में शनिवार को तेज हवा और आंधी चलने के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में झोंकेदार हवाएं चलने व हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन जिलों के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर की तेजी से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।

Uttarakhand Forest Fire: उत्तराखंड में धधक रहे हैं जंगल, कुमाऊं में 24 घंटे में 14 जगह आग का तांडव, प्रदेश में 24 घंटे में 40 नई घटनाएं।

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 उत्तराखंड में गर्मी से राहत मिली है, लेकिन जंगलों के धधकने का सिलसिला थम  नहीं रहा है। बुधवार को 24 घंटे के भीतर प्रदेश में आग की 40 नई घटनाएं हुईं, जिनमें कुल 46 हेक्टेयर वन क्षेत्र को क्षति पहुंची है। वन विभाग की ओर से जंगल में आग लगाने वालों की गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी जारी है।

अब तक जंगल में आग लगाने पर वन अपराध के तहत कुल 315 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 52 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, फायर सीजन में अब तक कुल 761 घटनाओं में 949 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल चुका है। उत्तराखंड में जंगलों के झुलसने का सिलसिला जारी है। वन विभाग सेना के सहयोग से लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहा है।

केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग आदि में जंगल धधक रहे-

टिहरी बांध प्रथम वन प्रभाग, नैनीताल वन प्रभाग, भूमि संरक्षण रानीखेत वन प्रभाग, अल्मोड़ा वन प्रभाग, सिविल सोयम अल्मोड़ा वन प्रभाग, तराई पूर्वी वन प्रभाग, रामनगर वन प्रभाग, मसूरी वन प्रभाग, लैंसडौन भूमि संरक्षण वन प्रभाग, सिविल सोयम पौड़ी वन प्रभाग, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग आदि में जंगल धधक रहे हैं। अब तक दो फायर वाचर समेत चार लोग आग से झुलस चुके हैं।

52 व्यक्तियों को जंगल में आग लगाने पर गिरफ्तार किया-

अब तक इस सीजन में जंगल में आग लगाने पर वन संरक्षण अधिनियम और वन अपराध के तहत 315 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। जिनमें 267 मुकदमे अज्ञात और 48 मुकदमे ज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध कराए गए हैं। साथ ही अब तक कुल 52 व्यक्तियों को जंगल में आग लगाने पर गिरफ्तार किया जा चुका है। वन विभाग की ओर से मुख्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। साथ ही जंगल की आग की सूचना देने के लिए नंबर भी जारी किए गए हैं।

इन नंबरों पर करें शिकायत-

18001804141, 01352744558 पर काल कर कोई भी विभाग को जंगल की आग की सूचना दे सकता है। साथ ही 9389337488 व 7668304788 पर व्हाट्सएप के माध्यम से भी सूचित कर सकते हैं। इसके अलावा राज्य आपदा कंट्रोल रूम देहरादून को भी 9557444486 और हेल्पलाइन 112 पर भी आग की घटना के बारे में जानकारी दी जा सकती है।

जंगलों की आग पर मानव अधिकार आयोग हुआ सख्त-

उत्तराखंड के जंगलों में लगातार आग लगने का मामला उत्तराखंड मानव अधिकार आयोग देहरादून पहुंच चुका है। आयोग ने जंगलों में लग रही आग पर सख्त रूप अपनाते हुए वन अग्निकांड पर प्रमुख सचिव वन और प्रमुख मुख्य वन संरक्षक से छह बिंदुओं पर आख्या मांगी है।

उत्तराखंड मानव अधिकार आयोग ने ग्रीष्म ऋतु में लगने वाले इस अग्निकांड को वन संपदा, पर्यावरण, वन्य जीवों और मानव जीवन के लिए घातक बताया है और प्रथम दृष्टतया वृहद रूप से मानवाधिकारों को विपरीत रूप से प्रभावित करने वाला बताया है।

इस ज्वलंत समस्या पर मानव अधिकार आयोग सदस्य पूर्व जज गिरधर सिंह धर्मशक्तू के समक्ष आयोग ने स्वतः इसका संज्ञान लेकर एक आदेश जारी करते हुए वन अग्निकांड पर प्रमुख सचिव वन एवं प्रमुख मुख्य वन संरक्षक उत्तराखंड को छह बिंदुओं पर आख्या मांगी है।