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चुनाव आयोग के एसआईआर के नाम पर ठगी शुरू, उत्तराखंड में कई लोगों के पास आ चुके हैं OTP

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चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर कई राज्यों में ठगी शुरू हो गई है। उत्तराखंड में भी इसे लेकर सतर्क रहने की अपील की गई है। साइबर पुलिस और चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के लिए बीएलओ को ओटीपी की जरूरत नहीं होती है।

प्रदेश में जल्द ही एसआईआर शुरू होने वाला है। वर्तमान में पड़ोसी राज्य यूपी समेत देश के 12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच यूपी में कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जब ठग बीएलओ या चुनाव आयोग के नाम पर फोन करके ओटीपी पूछकर खाते खाली कर रहे हैं। इससे एसआईआर को लेकर लोगों के बीच भ्रम भी बढ़ाया जा रहा है।

साइबर पुलिस भी ठगी के इस नए ट्रेंड पर नजर बनाए हुए
उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, पहली बात तो ये है कि उत्तराखंड में अभी एसआईआर शुरू नहीं हुआ है। दूसरा बीएलओ को मोबाइल ओटीपी की जरूरत नहीं होती। बीएलओ आपको जो एन्म्यूरेशन फॉर्म देंगे, उसे भरकर वापस जमा कराना है। अगर आप ऑनलाइन एसआईआर भर रहे हैं तो इसमें ओटीपी की जरूरत पड़ सकती है लेकिन यह आपको खुद भरना होता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के नाम पर किसी तरह के ठगों के जाल में न आएं। उत्तराखंड की साइबर पुलिस भी ठगी के इस नए ट्रेंड पर नजर बनाए हुए हैं।

एसआईआर की जानकारी टोलफ्री नंबर से लें
अगर आपके मन में एसआईआर को लेकर कोई सवाल है। आप सीधे चुनाव आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। आपको यहां सभी तरह की जानकारी, जरूरी दस्तावेज, एसआईआर की प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिलेगी।

प्रदेश में हड़ताल पर गए 22 हजार उपनल कर्मचारी

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लंबित मांगों पर अमल न होने से नाराज प्रदेश के उपनल कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड में धरना दिया। वहीं, कर्मचारियों की शासन में हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। कर्मचारियों का कहना है, जब तक मांगों पर अमल नहीं होगा आंदोलन जारी रहेगा।

उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल ने कहा, प्रदेश में कर्मचारी हितों की अनदेखी की जा रही है। हाईकोर्ट के वर्ष 2018 के आदेश के बाद भी कर्मचारियों को न तो नियमित किया गया न ही उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जा रहा है। उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं भी प्रभावित की गईं। इससे नाराज कर्मचारियों ने आवश्यक सेवाएं भी ठप कर दी। महासंघ के महामंत्री विनय प्रसाद के मुताबिक कर्मचारियों को गृह सचिव शैलेश बगौली ने वार्ता के लिए बुलाया था। वार्ता के दौरान आश्वासन दिया गया कि कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन का जल्द आदेश जारी किया जाएगा।

वहीं, कर्मचारियों के नियमितीकरण के मामले में भी शीघ्र कार्रवाई होगी, लेकिन कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि बिना लिखित आश्वासन व आदेश के कर्मचारी आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। परेड ग्राउंड में धरना देने वालों में महासंघ के प्रदेश संयोजक हरीश कोठारी, कार्यकारी अध्यक्ष महेश भट्ट, संगठन मंत्री भूपेश नेगी, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मीना रौठाण आदि शामिल रहे।

Uttarakhand 22,000 UPNL employees went on strike in state essential services were also disrupted

देर रात भी परेड ग्राउंड में धरने पर रहे कर्मचारी
प्रदेशभर से देहरादून पहुंचे उपनल कर्मचारी देर रात भी परेड ग्राउंड में धरने पर रहे। कर्मचारियों का कहना है कि शासन ने आज भी वार्ता के लिए बुलाया है।

चौखुटिया स्वास्थ्य आंदोलन- कांग्रेस ने पुलिस दमन का किया विरोध. नेता विपक्ष आर्य और विधायक मदन बिष्ट पहुंचे धरना स्थल.

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विकासखण्ड चौखुटिया से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के विरोध में देहरादून पहुंचे आंदोलनकारियों के साथ पुलिस द्वारा किए गए दमन को हम कड़ा नकारते हैं।

धरना स्थल पर पहुंचे नेता विपक्ष यशपाल आर्य व विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल अत्यंत निंदनीय है, बल्कि लोकतान्त्रिक मूल्यों के सीधा अपमान भी है।

स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा माँगना कोई अपराध नहीं हो सकता। आंदोलनकारियों को रोकने, डराने और दबाने का प्रयास लोकतंत्र की आत्मा पर चोट है। जनता की आवाज़ को घेराबंदी कर दबाना सरकार के असंवेदनशील और अहंकारी रवैये को दर्शाता है — जो किसी भी नागरिक जगत के लिए स्वीकार्य नहीं।

आज आवश्यकता पुलिस बल की नहीं, योजनाओं, संसाधनों और संवेदनशीलता की है। स्वास्थ्य सुविधाएँ सभी नागरिकों का मूल अधिकार हैं, और इस अधिकार के समर्थन में जनता अकेली नहीं है — हम उनकी आवाज़ सदन से सड़क तक मजबूती से उठाते रहेंगे।

यह सरकार जितना दबाएगी, जनता की आवाज़ उतनी ही ऊँची और सशक्त होकर उठेगी। जनहित के मुद्दों पर समझौता नहीं होगा — यह लड़ाई जनता के हक़ की है और पूरी ताकत से जारी रहेगी।

जनता की आवाज़ को रोका नहीं जा सकता, जनता के अधिकारों को दबाया नहीं जा सकता।

Uttarakhand: प्रदेश में होगा सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन, CM धामी बोले-नवाचार केंद्र बनाए जाएंगे.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं व सेवाओं के लिए विस्तार के लिए सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जाएगा। इसके अलावा सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए नवाचार केंद्र बनाए जाएंगे।

बुधवार को रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सीमांत क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं व सेवाएं देना प्राथमिकता है।

पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि-
इसके लिए जल्द ही प्रदेश में सीमांत विकास परिषद का गठन किया जाएगा। जो सीमांत क्षेत्रों के विकास व सेवाओं में सुधार के लिए काम करेगा। प्रदेश के सीमांत जिलों में नवाचार केंद्र बनाए जाएंगे। जहां पर आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य व शिक्षा से संबंधित जानकारी हासिल करने व प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की। कहा, इस महोत्सव से सीमांत जनपदों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है। नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी। विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी बनाई जा रही है, जो पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

Uttarakhand: प्रतिबंधित कफ सिरप और घटिया दवाओं के खिलाफ अभियान हुआ जारी. 

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अब तक 370 से अधिक सैंपल जांच के दायरे में

Dehradun- राज्यभर में औषधि विभाग द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप और निम्न गुणवत्ता की औषधियों के विरुद्ध सघन औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है अभियान का नेतृत्व अपर आयुक्त (एफडीए) एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी कर रहे हैं। उनके निर्देशन में सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमें लगातार फील्ड पर सक्रिय हैं। अब तक 370 से अधिक सैंपल जांच हेतु संकलित किए जा चुके हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रामनगर, देहरादून और रुड़की में छापेमारी-

जनपद नैनीताल में 14 अक्टूबर 2025 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रामनगर के खताड़ी क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
बच्चों की सुरक्षा और कफ सिरप की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए की गई इस कार्रवाई में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर एक मेडिकल स्टोर को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया, जबकि दो स्टोरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और दो स्टोर मौके पर बंद मिले।

संयुक्त टीम ने एक क्लीनिक का भी निरीक्षण किया, जहां से पांच औषधीय नमूने जांच हेतु संकलित किए गए।

इस निरीक्षण में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट, नीरज कुमार, औषधि निरीक्षक अर्चना, निधि शर्मा और शुभम कोटनाला शामिल रहे।

सेलाकुई की औषधि इकाइयों का निरीक्षण-

देहरादून में औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने दून मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेता फर्मों का औचक निरीक्षण किया। जांच में बच्चों के लिए प्रयुक्त खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाएं अलग कर रखी मिलीं, जिनके विक्रय पर रोक थी। टीम ने इन दवाओं को सील कर अग्रिम आदेशों तक विक्रय न करने के निर्देश दिए। साथ ही, सेलाकुई स्थित औषधि विनिर्माण इकाइयों से चार नमूने गुणवत्ता जांच हेतु संकलित किए गए।

रुड़की में सरकारी दवाओं का अवैध भंडारण पकड़ा गया-

जनपद हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में औषधि निरीक्षक हरीश सिंह और मेघा ने गुप्त सूचना पर ग्राम सलीयर स्थित एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। यहां बिना लाइसेंस के सरकारी दवाओं का अवैध भंडारण और बिक्री करते हुए पाया गया। टीम ने मौके से 12 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं, जिनमें राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार की सप्लाई की गई औषधियां भी शामिल थीं। सभी दवाएं सील कर जांच हेतु भेजी गईं। आगे की कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act, 1940 के अंतर्गत की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न दिए जाएं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग की कार्रवाई सतत और प्रभावी रहेगी। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि औषधि निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अनधिकृत बिक्री, भंडारण या मिलावट में लिप्त पाए जाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि नागरिकों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां ही मिल सकें।

CM धामी ने किया किसान मेले का उद्घाटन; किसानों के हित में सरकार ने किये अहम फैसले- CM

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Pantnagar- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण और “पंतनगर प्रवाह” पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के किसान मेले में देशभर से 400 से अधिक स्टॉल और 200 से ज्यादा स्टार्टअप्स व उद्योगों की सहभागिता रही है। यह मेला किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम है।

 

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक विधियों से खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई जैसी सुविधाएँ प्रदान कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये के पॉलीहाउस निर्माण, गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने के मूल्य में 20 रुपये की वृद्धि की गई है।

 

उन्होंने कहा कि राज्य में 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” स्वीकृत किया गया है। साथ ही सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीति से बागवानी को नई दिशा दी जा रही है, जिसके तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 5 लाख रुपये तक बढ़ाया है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से पारंपरिक खेती पर अनुसंधान कर आधुनिक तकनीक को किसानों तक शीघ्र पहुँचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस वर्ष मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं और 20 हजार से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया।

 

कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Uttarakhand: राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों के आकलन को लेकर तैयारी हुई शुरू, UP, राजस्थान के वन कर्मी होंगे शामिल.

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बाघों के आकलन को लेकर तैयारी शुरू हो गई। राजाजी टाइगर रिजर्व में कई राज्यों के वन कर्मियों को बाघ आकलन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। बाघों के आकलन का काम व्यापक और कई स्तर पर होता है।

आकलन का काम शुरू होने से पहले ट्रेनिंग, साइंस सर्वे, कैमरा ट्रैप लगाने समेत अन्य कार्य होते हैं। कैमरा ट्रैप में आए फोटोग्राफ का भारतीय वन्यजीव संस्थान में अध्ययन होता है। इसके बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाता है। बाघ आकलन का काम वर्ष-2026 में शुरू होना है, इसको लेकर तैयारियों को शुरू किया गया है।

राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक कोको रोसो कहते हैं कि बाघ आकलन से जुड़े कार्य की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 से 20 नवंबर को आरटीआर में रखा गया है। इसमें राजस्थान, यूपी, बिहार और उत्तराखंड के 100 वन कर्मी शामिल होंगे। इसमें टाइगर रिजर्व या जिन प्रभागों में बाघ हैं वहां के वन कर्मी होंगे। संबंधित कर्मियों को बाघ आकलन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इसमें कैमरा ट्रैप का ग्रिड लगाने समेत अन्य कार्याें के बारे में बताया जाएगा।

 

Uttarakhand: चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुों में भारी उत्साह; 48.30 लाख से अधिक यात्री कर चुके है दर्शन.

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चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। इस बार 12 अक्तूबर को बीते वर्ष पूरे यात्रा काल में दर्शन करने वाले 48.04 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया है। जबकि यात्रा अभी जारी है। 25 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही यात्रा अगले साल तक के लिए बंद हो जाएगी।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2024 में चारधाम व हेमकुंड साहिब में कुल 48.04,216 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस बार अक्तूबर माह में ही यह आंकड़ा पार होने से नया रिकॉर्ड बन गया है। जबकि 2023 में चारधाम यात्रा में 56 लाख से अधिक श्रद्धालु आए थे। इस साल खराब मौसम के साथ आपदा की घटनाओं का चारधाम यात्रा पर बड़ा असर पड़ा। उत्तरकाशी जिले के धराली व हर्षिल में आए भयानक आपदा से यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा कई दिनों तक पूरी तरह से बंद रही।

क्षतिग्रस्त गंगोत्री नेशनल हाईवे यातायात के लिए बहाल होने पर गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा शुरू हो पाई। अब चारधाम यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या में नया रिकॉर्ड बनाया है। चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 30 अप्रैल से 12 अक्तूबर 2025 तक हेमकुंड साहेब समेत चारधाम यात्रा में 48,30,393 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

 

चारधाम यात्रा में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या-

धाम                2024             2025(12 अक्तूबर तक)
केदारनाथ       16,51,980      16,90,298
बदरीनाथ        14,35,401      14,84,441
गंगोत्री             8,18,273        7,43,733
यमुनोत्री           7,14,779       6,37,480
हेमकुंड साहिब  1,83,592       2,74,441

इस बार प्रदेश में आपदा की चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड बनना प्रदेश सरकार की ओर से से किए प्रबंधन व व्यवस्था का परिणाम है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुलभ यात्रा सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले समय में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।
– सतपाल महाराज, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री

नैनीताल हाई कोर्ट ने एलटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटाई, 1300 अभ्यर्थियों को मिली राहत.

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Nainital- हाई कोर्ट ने प्रदेश में विज्ञापित 1544 सहायक अध्यापक एलटी में चयनित करीब 1300 अभ्यर्थियों को विवादित चार मामलों को छोड़कर, अन्य अभ्यर्थियों को विभागीय नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटा दी है।

इसी के साथ मई 2025 से नियुक्ति की बाट जोह रहे अभ्यर्थियों के विद्यालयों में तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा चुका है जबकि अब केवल विभागीय स्तर पर प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद उनके नियुक्ति पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया शेष है।

कोर्ट के आदेश के बाद चयनित अभ्यर्थियों को दीपावली से पहले बड़ा तोहफा मिल गया है। कोर्ट ने ओबीसी अभ्यर्थी से संबंधित क्षैतिज आरक्षण से संबंधी एक मामले को खारिज कर दिया है जबकि चार अन्य मामलों में चयनित अभ्यर्थियों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने चार पदों को रिक्त रखने के भी निर्देश भी दिए हैं।

मंगलवार को न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ में अभ्यर्थी अरशद अली व अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें ओबीसी चयनित अभ्यर्थियों को अधिक अंक होने पर सामान्य में चयन नहीं करने को चुनौती दी गई थी। इस मामले में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से कहा गया कि चयनित अभ्यर्थियों के टीईटी में अंक कम थे।

दरअसल उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 18 अगस्त 2024 को एलटी सहायक अध्यापक पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की 13 जनवरी से 28 जनवरी तक जांच की गई।

आयोग की ओर से कुल 1544 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इस मामले में उत्तर कुंजी में दिए गए जवाबों का मामला भी कोर्ट पहुंचा था, जो निस्तारित हो गया है। इसके बाद ओबीसी व क्षैतिज आरक्षण से संबंधित मामला विचाराधीन था।

महाधिवक्ता ने रखा था कोर्ट के समक्ष प्रस्ताव-

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने कोर्ट के समक्ष प्रस्ताव रखा कि विवादित मामलों को छोड़कर अन्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटाई जाए। महाधिवक्ता ने कहा शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। एकलपीठ के समक्ष महाधिवक्ता के साथ ही उप महाधिवक्ता गणेश कांडपाल व अन्य सरकारी अधिवक्ताओं ने बहस की।

Uttarakhand: पेपर लीक मामला; खालिद और साबिया की न्यायिक हिरासत बढ़ी, दोनों को जिला अदालत में किया गया पेश.

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पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उसकी बहन साबिया की मंगलवार को न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई। दोनों को जिला अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत और बढ़ा दी गई।

अदालत को अवगत कराया गया कि मामले में एसआईटी जांच जारी है। टीम खालिद और साबिया से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। तब तक उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया गया।बता दें. एसआईटी ने सर्च वारंट लेकर मुख्य अभियुक्त खालिद के हरिद्वार स्थित घर को खंगाला तो वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित किताब-कॉपियां नहीं मिली।

हैरत की बात यह है कि वह बिना पढ़े साल 2024 से 2025 के बीच नौ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन कर चुका था। उनमें से पांच परीक्षाओं में शामिल भी नहीं हुआ। जिन परीक्षाओं में शामिल हुआ, उनमें उसके नंबर बहुत कम आए। ये सभी तथ्य जाहिर कर रहे हैं कि खालिद बहुत समय से नकल या सांठगांठ के भरोसे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की साजिश कर रहा था। उसने नकल के लिए कब-कब और क्या प्रयास किए, एसआईटी इसी कोण पर जांच को आगे बढ़ाएगी। उसे पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड पर भी लिया जा सकता है।

बिना योग्यता आवेदन करना और भी अजीब-

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि खालिद के घर की तलाशी में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सबसे अजीब बात यह है कि खालिद ने कुछ ऐसी परीक्षाओं के लिए भी आवेदन किया जिनकी शैक्षणिक योग्यता वह पूरी नहीं करता था। एसआईटी अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि जब खालिद किसी परीक्षा की तैयारी ही नहीं कर रहा था और न ही उसके पास अपेक्षित योग्यता थी, तो नौ परीक्षाओं के लिए आवेदन करने के पीछे उसकी क्या मंशा थी। इन तथ्यों के सामने आने से एसआईटी अपनी जांच का दायरा और बढ़ाएगी। पिछले दो वर्ष में उसके संपर्क खंगाले जाएंगे।

मोबाइल से मिल सकते हैं बड़े सुराग-

खालिद का एक मोबाइल अभी तक पुलिस को नहीं मिला है, जो वह परीक्षा केंद्र में लेकर गया था। पुलिस से भागने के दौरान उस मोबाइल को फॉर्मेट करके ट्रेन के कूड़ेदान में छोड़ दिया था। उसका दूूसरा मोबाइल पुलिस ने जब्त किया है, जिस पर उसने परीक्षा केंद्र से बहन साबिया को प्रश्न पत्र के तीन पन्नों के फोटो भेजे थे, लेकिन उसे भी फॉर्मेट कर दिया था। पुलिस विशेषज्ञों के जरिये जब्त मोबाइल का डाटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है। यह डाटा मिल गया तो खालिद के दो वर्ष के संपर्क भी सामने आ जाएंगे और जांच को दिशा मिल सकेगी।