Day: February 12, 2024

Haldwani Violence: बनभूलपुरा में 127 शस्त्र लाइसेंस निलंबित, पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन, 27 लोग हिरासत में।

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हल्द्वानी हिंसा मामले में प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र के 120 लोगों के 127 शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। पुलिस को 24 घंटे के अंदर संबंधित शस्त्रों को कब्जे में लेने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने इलाके में फिर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसमें 27 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। सोमवार को बनभूलपुरा थाना क्षेत्र को छोड़कर नगर के अन्य क्षेत्रों से पूरी तरह कर्फ्यू हटाने के साथ इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया। इससे जनजीवन सामान्य होने लगा है।

एडीएम फिंचाराम चौहान की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आठ फरवरी को उपद्रवियों की ओर से की गई हिंसा में पुलिस, प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए हैं। मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। स्थानीय निवासियों ने अपने लाइसेंसी शस्त्रों की शर्तों का उल्लंघन किया है। भविष्य में इसी प्रकार सार्वजनिक संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने की दशा में उनके लाइसेंसी शस्त्रों के दुरुपयोग करने की संभावना है, ऐसे में जिला मजिस्ट्रेट ने 120 लोगों के 127 शस्त्र लाइसेंस को अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया है।

एसएसपी को निलंबित किए गए शस्त्रों एवं शस्त्र लाइसेंस को 24 घंटे में कब्जे में लेने के लिए कहा गया है। पुलिस ने सोमवार को बनभूलपुरा क्षेत्र में फिर सर्च ऑपरेशन चलाकर 27 संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। 11 फरवरी को गिरफ्तार 25 आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, नगर निगम सभागार में अमन कमेटी की बैठक में हुई है, इसमें पुलिस-प्रशासन के अधिकारी के साथ बनभूलपुरा के संभ्रांत लोग शामिल हुए। लोगों ने कर्फ्यू में ढील देने की मांग की है। प्रभावित क्षेत्र में जाने के लिए पास जारी करने की मांग की गई है।

आज बाजार खुलने के बाद बना असमंजस-

जिला प्रशासन ने बनभूलपुरा थाना क्षेत्र को छोड़कर अन्य जगहों से कर्फ्यू हटा लिया गया था लेकिन संबंधित क्षेत्र से सटे बाजार क्षेत्र में असमंजस की स्थिति बनी रही। सुबह जब दुकान खोलने के लिए व्यापारी पहुंचे तो पुलिस ने मना कर दिया। बाद में दुकानें खुली लेकिन ग्राहकों की संख्या कम रही। अस्पताल में भी अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा रोगी पहुंचे।

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पुलिस ने 7 फरवरी को महिला की गंग नहर में धक्का देकर हत्या के मामले में आरोपी पति और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर राजफाश कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पत्नी के नाम पर लिए ऋण को जमा करने से बचने के लिए हत्या की घटना को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या में प्रयुक्त कार और बाइक समेत अन्य सामान बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया गया।

वार को एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने सिविल लाइंस कोतवाली में पत्रकारों को बताया, सात फरवरी की रात मंगलौर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि नसीरपुर गंगनहर पटरी पर महिला डूबकर लापता हो गई, जबकि युवक डूबने से बच गया। मामले में महिला के पिता मुजफ्फरनगर के के रामराजपुर थाना क्षेत्र जलालपुर गांव निवासी सुशील कुमार ने शक जताते हुए दामाद और उसके दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया था।

पुलिस ने मनीषा के पति जितेंद्र और उसके दोस्त अजय प्रकाश उर्फ रवि निवासी गांव झडका, थाना हस्तिनापुर जिला मेरठ के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पूछताछ में जितेंद्र ने बताया, उसने हरिद्वार में आटा चक्की लगाने के लिए पत्नी मनीषा के नाम से 44 लाख रुपये का ऋण बैंक से लिया था। इस बीच उसके हरिद्वार में एक बैंक महिला कर्मचारी से अवैध संबंध हो गए थे।

महिला के शव की गंग नहर में की जा रही तलाश-

मनीषा को इस बारे में पता चल गया था। बैंक कर्मी प्रेमिका ने बताया था कि अगर उसकी पत्नी की मौत हो जाए, तो ऋण नहीं चुकाना होगा। इस पर उसने अपने दोस्त रवि के साथ मिलकर मनीषा की हत्या की योजना बनाई। इसके बाद सात फरवरी को दोनों मनीषा को कार से गंग नहर किनारे लाए और उसे जबरन शराब पिलाई। इसके बाद नशे की हालत में उसे गंगनहर में धक्का देकर हत्या कर दी।
एसएसपी ने बताया, हत्या को हादसा दिखाने के लिए आरोपी का दोस्त रवि बाइक से आया था। आरोपी ने रवि को हत्या में शामिल होने के लिए पांच लाख रुपये देने का वादा किया था। इसके बाद दोनों हरिद्वार चले गए थे। बताया, आरोपियों की निशानदेही पर मनीषा की कैप, बैग, घटना में प्रयुक्त कार और बाइक बरामद की गई है। महिला के शव की गंग नहर में तलाश की जा रही है।

सीआईडी धारावाहिक देख बनाई योजना-

एसएसपी ने बताया, आरोपी जितेंद्र ने हत्या की योजना बनाने से पहले सीआईडी धारावाहिक देखा था। इसके बाद उसने दोस्त के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी।
एक साल से बना रहा था योजना-
एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया, आरोपी जितेंद्र एक साल से पत्नी की हत्या की योजना बना रहा था। इसके लिए वह पत्नी को कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पिलाता था। इसके बाद पत्नी नशे की आदी हो गई थी। हत्या वाले दिन भी आरोपी ने पत्नी को शराब पिलाई थी।