Day: January 18, 2025

पिथौरागढ़ में सीएम धामी ने भाजपा मेयर प्रत्याशी के पक्ष में मांगे वोट, उपलब्धियां गिनाई; कांग्रेस पर साधा निशाना.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को पिथौरागढ़ पहुंचे। पिथौरागढ़ रामलीला मैदान में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा को संबोधित किया। सीएम धामी ने पिथौरागढ़ नगर निगम से भाजपा मेयर प्रत्याशी कल्पना देवलाल के समर्थन में जनता से वोट की अपील की। इस दौरान सीएम ने भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाई। इस दौरान सीएम ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड आज समग्र विकास की ओर अग्रसर है। पिथौरागढ़ से हवाई सेवा को सुदृढ़ करने के लिए प्राथमिकता से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश, प्रदेश के साथ यदि निगमों में पार्टी की सरकार होगी तो विकास तेजी से होगा। योजनाओं को धरातल पर उतारने में तालमेल रहेगा। उन्होंने कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि सुविधाओं में आधारभूत संरचना को तेज किया जा रहा है।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दर्शन के बाद यहां पर्यटन तेजी से बढ़ा है। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विपक्षी कांग्रेस पार्टी पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि वह तुष्टिकरण, वोट बैंक की राजनीति करती है। उन्होंने सीमांत की जनता से मंच से पार्टी के सभी निकायों में परचम फहराने का आह्वान किया।

पिथौरागढ़ को बनाएंगे आधुनिक शहर-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिथौरागढ़ को नगर निगम बनाया है। अब इसे आधुनिक शहर बनाने के लिए कार्य करना होगा। निगम का विस्तार होने से विकास के लिए अधिक धन मिलेगा। कहा कि मेडिकल कालेज के लिए 700 करोड़ रुपया स्वीकृत किया गया है। तीन साल में यह आधुनिक सुविधाओं के साथ कार्य करना शुरू कर देगा। उन्होंने यहां की गई विकास की कई उपलब्धियों को भी गिनाया।

 

 

विकास में मील का पत्थर साबित होगा नगर निगमः अजय

केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि सरकार ने पिथौरागढ़ को नगर निगम बनाया है जो यहां के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बगैर नाम लिए विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि जो कागज के जहाज उड़ा कर कहते थे कि कब उड़ेगा जहाज, अब यहां से दिल्ली, देहरादून, पंतनगर तक जहाज उड़ रहा है। कहा कि कांग्रेस के पास आज कोई मुद्दा नहीं है। उनके जो भी मुद्दे हैं सभी का समाधान कर लिया गया है। मंत्री टम्टा ने कहा कि पिथौरागढ़ को भविष्य में विकास की कई नई सौगातें मिली हैं। 

 

Uttarakhand: अब IMA के बारे में पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों के छात्र, पाठ्यचर्या रूपरेखा के ड्राफ्ट में की गई सिफारिश.

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प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्र देश की सबसे पुरानी सैन्य अकादमियों में से एक भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के बारे में पढ़ेंगे। राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा के ड्राफ्ट में इसकी सिफारिश की गई है।एससीईआरटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट में कहा गया कि छात्र-छात्राओं में देश की सैन्य परंपरा के प्रति सम्मान विकसित करने के लिए देश के प्रतिष्ठित सैन्य संस्थान भारतीय सैन्य संस्थान देहरादून की जानकारी विषय वस्तु के रूप में शामिल की जानी चाहिए।

एससीईआरटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट में यह भी कहा गया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान के साथ-साथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के प्रकाशित शोध एवं सर्वेक्षण एवं उनकी प्रेरणा का लाभ भी छात्र-छात्राओं को दिया जाना चाहिए।

प्रदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शोध संस्थानों जैसे खगोल विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिष्ठित आर्य भट्ट प्रेक्षण शोध संस्थान नैनीताल, भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून, भारतीय पेट्रोलियम शोध संस्थान देहरादून, जड़ी-बूटी शोध संस्थान मंडल गोपेश्वर, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, भारतीय वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान मुक्तेश्वर नैनीताल, आईआईटी रुड़की सहित कई संस्थानों हैं, जो भ्रमण कार्यक्रम के लिए अहम स्थान हैं।

राज्य में 17 स्थानीय लोक भाषाएं हैं बोलचाल में
एससीईआरटी की ओर से तैयार किए गए एससीएफ में कहा गया कि राज्य में लगभग 17 स्थानीय लोक भाषाएं आम बोलचाल में प्रयोग की जाती है, जिनमें अपार स्थानीय पारंपरिक ज्ञान के संदेश और उदाहरण हैं। जिनकी शब्द संपदा बहुत ही समृद्ध है। ध्वनि, अनुभूति, स्वाद व स्पर्श आदि के लिए उनके भाव के अनुसार अलग-अलग शब्द हैं, जो किसी अन्य भाषा में देखने को नहीं मिलते।

Uttarakhand: अभावों से संघर्ष कर मिसाल पेश करने वाली लड़की अंजना आज चुनावी मैदान में.

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उत्तराखंड प्रदेश के अंदर एक ऐसी लड़की भी चुनाव मैदान में हैं जिसकी कहानी न केवल आपको सोचने को मजबूर कर देगी बल्कि इस प्रदेश की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा भी साबित होगी. तमाम लड़के लड़कियां आजकल रील्स बनाकर वायरल होना चाहते हैं, हालाँकि इसमें कोई बुराई भी नहीं है. लेकिन ये भी सच है कि जब वो सच में सफल हो जाते हैं, तो खुद-ब-खुद उनको प्रसिद्धि मिल जाती है।

 

 

इसका जीता-जागता उदाहरण हैं श्रीनगर गढ़वाल की लड़की अंजना चायवाली, अभावों से भरा जीवन और कम उम्र में मिली जिम्मेदारियां व्यक्ति को जो सीख देती हैं उसे जीवन की कोई पाठशाला नहीं दे सकती है, अभावों एवं जिम्मेदारियों से भरी जीवन की इसी पाठशाला से बनी और तपी वीरांगना तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित अंजना रावत जिनके संघर्षों की कहानी समाज को प्रेरणा देती है, आज वो छोटी सरकार के चुनावी समर में हैं।

साल 2011 में अंजना के पिता जिन्दगी की जंग हार गए। लेकिन अंजना नहीं हारी. उसने चाय की दुकान के साथ साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखी, समाज शास्त्र में एमए किया, और साथ ही एम एस डब्ल्यू का डिप्लोमा भी हासिल किया, कम उम्र में पहाड़ सी जिम्मेदारियों को बखूबी संभाला, पिता की मृत्यु के बाद उन्होंने अपनी बड़ी बहिन की शादी की और छोटे भाई को अपने पैरों पर खड़े होने लायक बनाया, जिस उम्र में लड़कियां अक्सर घूमना फिरना और मौजमस्ती से अपना जीवन काटती हैं उस उम्र में अंजना ने एक छोटी सी चाय की दुकान चलाकर,दुकानों में जाकर चाय बाँटकर न केवल अपने परिवार का भरण पोषण किया बल्कि अपने भाई की पढ़ाई से लेकर अपनी बड़ी बहिन की शादी कर अपने पिता की जिम्मेदारियां निभाई और खुद की भी पढ़ाई पूरी की।

 

स्वभाव से बेहद शालीन अंजना अनेक समस्याओं से पार पाते हुए आज लोगों के कहने पर अपने वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ रही है, उम्मीद है इसमें भी उनको सफलता मिलेगी निश्चित ही अंजना की कहानी इस पहाड़ की नारियों के लिए एक प्रेरणा है जो किसी मुश्किल में होने पर उनका हौसला बढ़ाएगी।

 

Uttarakhand: भू-तापीय ऊर्जा से बिजली बनाने का आइसलैंड के साथ MOU, सीएम धामी और आइसलैंड के राजदूत की उपस्थिति में हुआ समझौता ज्ञापन.

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उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी VERKIS के मध्य संपादित हुआ भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और इसके विकास से संबंधित MoU

मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट हॉस्कुल्सन की उपस्थिति में हुआ समझौता ज्ञापन

 

उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी वर्किस कंसलटिंग इंजिनियर्स के मध्य सचिवालय में मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत डॉ. बेनेडिक्ट हॉस्कुलसन की गरिमामय उपस्थिति में उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और विकास के संबंध में समझौता संपन्न हुआ।

 

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की उपस्थिति में एमओयू पर उत्तराखंड सरकार की ओर से सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम और आइसलैंड के राजदूत डॉ. बेनेडिक्ट हॉस्कुलसन ने हस्ताक्षर किए। वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समझौता ज्ञापन को उत्तराखंड के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में एक माइलस्टोन बताया। उन्होंने कहा कि भू-तापीय ऊर्जा के इस एमओयू के माध्यम से न केवल स्वच्छ और नवीनीकरण ऊर्जा का लक्ष्य प्राप्त होगा बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित रहते हुए समावेशी विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आइसलैंड भूतापीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देश है और इनके तकनीकी सहयोग और अनुभव से उत्तराखंड भूतापीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरेगा. कहा कि भारत सरकार के तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से इसकी अनापत्ति भी प्राप्त हो चुकी है। कहा कि राज्य में भूतापीय ऊर्जा के व्यवहारिकता के अध्ययन का व्यय भार का वहन आइसलैंड सरकार द्वारा किया जाएगा।

मालूम हो कि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान देहरादून के आकलन के अनुसार उत्तराखंड राज्य में लगभग 40 भू-तापीय स्थल चिह्नित किए गए हैं, जिनमें भू-तापीय ऊर्जा का दोहन किया जा सकता है। इस समझौते के दौरान दिलीप जावलकर, दीपेंद्र चौधरी, रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, वर्किस कंपनी से हैंकर हैरोल्डसन, रंजीत कुंना व आइसलैंड एंबेसी से राहुल चांगथम उपस्थित रहे।

अध्ययन का व्यय भार आइसलैंड सरकार उठाएगी-

मुख्यमंत्री ने कहा कि आइसलैंड भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देश है। इसके तकनीकी सहयोग और अनुभव से उत्तराखंड भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से इसकी अनापत्ति भी प्राप्त हो चुकी है। कहा कि राज्य में भू-तापीय ऊर्जा के व्यवहारिकता के अध्ययन का व्यय भार का वहन आइसलैंड सरकार की ओर से किया जाएगा।

 

MoU में क्या-क्या है खास-

उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और विकास में जुड़ेगा नया आयाम.

आइसलैंड की कंपनी वर्किस की विशेषज्ञता का लाभ.

उत्तराखंड के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास में माइलस्टोन होगा साबित.

उत्तराखंड में भू तापीय ऊर्जा के दोहन योग्य 40 भूतापीय स्थल चिन्हित.

भारत के 2070 के कार्बन न्यूट्रल बनने के संकल्प में होगा सहायक.

 

इस दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर व दीपेंद्र चौधरी, विशेष सचिव /रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, प्रबंध निदेशक यू.जे.वी.एन. लिमिटेड संदीप सिंहल, प्रबंध निदेशक पिटकुल पी.सी. ध्यानी सहित वर्किस कंपनी से हैंकर हैरोल्डसन, रंजीत कुंना व आइसलैंड एंबेसी से राहुल चांगथम उपस्थित थे।