Day: March 4, 2025

Haridwar News: सीएम धामी बोले- इस बार चारधाम यात्रा होगी और बेहतर, लगातार की जा रही है समीक्षा.

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चारधाम यात्रा इस बार सुगम होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वस्त किया कि चारधाम यात्रा को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है, जिससे कि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़ा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस बार चार धाम यात्रा और बेहतर होगी। आने वाले सभी श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के लिए हर चीज व्यवस्थित हो, सुविधाजनक यात्रा हो, लोगों को कम से कम कष्टों का सामना करना पड़े, हर मामले में हम लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

 

 

सीएम धामी ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर यात्रा को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

Uttarakhand: प्रदेश में इस साल नहीं बढ़ेगा गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य, धामी कैबिनेट में लिया गया ये निर्णय.

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प्रदेश में इस साल गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं बढ़ेगा। धामी कैबिनेट ने पिछले साल के मूल्य को इस बार भी यथावत रखने का निर्णय लिया है। जिसके तहत अगेती का 375 और सामान्य प्रजाति का 365 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य मिलेगा।

कैबिनेट में आए प्रस्ताव में कहा गया कि राज्य की सहकारी सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों की ओर से पेराई सत्रों के दौरान क्रय किए जाने वाले गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य इसके लिए गठित राज्य परामर्शी समिति की संस्तुति के आधार पर तय किया जाता है।

राज्य परामर्शी समिति की संस्तुति के आधार पर पिछले पेराई सत्र के लिए तय गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य को चालू पेराई सत्र 2024-25 में यथावत रखे जाने का निर्णय लिया गया है। वहीं, पिछले पेराई सत्र की तरह गन्ना विकास अंशदान (कमीशन) की दर 5.50 रुपए प्रति क्विंटल तय किए जाने की भी मंजूरी दी गई।

 

Uttarakhand: प्रमोशन की चाह रखने वाले सभी कर्मचारियों की मुराद होगी पूरी…पूरे सेवा काल में एक बार मिलेगी प्रमोशन के मानकों में छूट.

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प्रमोशन की चाह रखने वाले उन सभी कर्मचारियों की मुराद अब पूरी हो जाएगी, जिनके विभाग में ऊपर का पद खाली है और वे इस पद पर प्रमोशन के लिए तय अहर्ता का 50 फीसदी पूरा करते हैं। प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य कर्मचारियों को उनके पूरे सेवाकाल में एक बार प्रमोशन के मानकों में छूट देने का फैसला किया है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद समेत कई अन्य कर्मचारी संगठन पिछले काफी समय से पदोन्नति में शिथिलीकरण की नियमावली को लागू करने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग पर सरकार ने इसे लागू किया भी था। लेकिन इसके लिए एक निश्चित समयावधि तय कर दी थी। लेकिन कर्मचारियों की लगातार मांग के बाद अब सरकार ने इसे फिर से लागू कर दिया है और इसके लिए कोई समय अवधि तय नहीं की है।

इस निर्णय से उन कर्मचारियों को लाभ होगा, जिनके पद से ऊपर वाला पद लंबे समय से खाली है और वे उस पद के लिए 50 प्रतिशत अहर्ता पूरी करते हैं। मिसाल के तौर पर यदि किसी पद पर पदोन्नति के लिए 10 साल की सेवा निर्धारित है और वह पद रिक्त है तो इससे नीचे के पद पर कार्यरत कर्मचारी सिर्फ पांच साल की सेवा अवधि में पदोन्नति के लिए पात्र हो जाएगा। लेकिन यह छूट उन कर्मचारियों व अधिकारियों को नहीं मिलेगी, जो प्रोबेशन अवधि में हैं।

मांग पूरी होने पर कर्मचारी संगठनों में खुशी-

प्रमोशन में शिथिलीकरण की मांग पूरी होने पर कर्मचारी संगठनों में खुशी की लहर है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडेय ने कहा कि उनके अधिवेशन में इस मांग को प्रमुखता से रखा गया था और सरकार से शिथिलीकरण सेवा नियमावली को लागू करने की मांग की गई थी। हमें खुशी है कि अधिवेशन के बाद हमारी यह मांग मान ली गई।