Category Archive : देहरादून

Nikay Chunav: चुनाव प्रचार खत्म.. कल होगा मतदान, पोलिंग पार्टियां भी रवाना, आज डोर टू डोर कैंपेन करेंगे प्रत्याशी।

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कई दिन के चुनावी शोर के बाद मंगलवार शाम निकाय चुनाव का प्रचार थम गया। अब 23 जनवरी को मतदान होना है। इसके लिए बुधवार को पोलिंग पार्टियां रवाना भी हो गई हैं। वहीं, प्रत्याशी अब केवल मतदाता के घर-घर पहुंचकर वोट मांग सकेंगे। नैनीताल जिले के सात निकायों के लिए 402 पोलिंग पार्टियां बनाई गई है। जो आज सुबह मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गई है। सुबह पहले उन्हें बस्ता सौंपा गया। पोलिंग के लिए 1828 कार्मिकों को लगाया गया है। 43 पोलिंग पार्टियों को रिजर्व में रखा गया है।

मंगलवार को निकाय चुनाव के पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय एवं मतदान अधिकारी तृतीय की तैनाती के लिए तृतीय रेंडमाइजेशन जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी वंदना सिंह की उपस्थिति में हुआ। इसके बाद इन्हें नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत मतदेय स्थल आवंटित किए गए।

निकाय चुनाव में परिवहन विभाग ने दीं गाड़ियां-

निकाय चुनाव में परिवहन विभाग ने 160 मैक्स और 100 बसें अधिग्रहीत की हैं। देर रात तक अधिग्रहीत वाहनों को एमबी इंटर कॉलेज मैदान में खड़ा किया गया है। इन पर निकाय वार पंफलेट भी चिपकाए गए। बुधवार सुबह से यह अपने-अपने निकाय को प्रस्थान करेंगी।

92 कार्मिकों ने मेयर पद के लिए पोस्टल बैलेट से डाले वोट-

निकाय चुनाव में लगे 347 कार्मिकों ने नगर निगम हल्द्वानी में वोट डालने के लिए पोस्टल बैलेट के लिए आवेदन किया। मंगलवार को इसमें से 92 कार्मिकों ने मेयर पद के लिए और 79 कार्मिकों ने पार्षद पद के लिए वोट दिया। आरओ एपी बाजपेयी ने बताया कि बुधवार को भी पोस्टल बैलेट से वोट डाले जाएंगे।

बूथों का निरीक्षण किया-

चुनाव आयोग के निर्देश पर निकाय चुनाव निर्वाचन सामान्य प्रेक्षक दीप्ति सिंह ने लालकुआं नगर पंचायत क्षेत्र के बूथों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सामान्य प्रेक्षक दीप्ति सिंह ने कहा कि नगर पंचायत लालकुआं क्षेत्र में आठ बूथ बनाए गए हैं। सभी बूथ संवेदनशील हैं। इसमें 5600 वोटर प्रतिभाग करेंगे।यहां इतने बूथ हैं –

निकाय चुनाव को लेकर एमबी इंटर कॉलेज में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से जिले के सभी निकायों, हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल, भीमताल, भवाली व लालकुआं के लिए मतदान किट व बैलेट पेपर का वितरण होगा। जिले के सभी निकायों में 164 मतदान केंद्र और 402 बूथ हैं। इनमें हल्द्वानी में 96 मतदान केंद्र व 289 बूथ, रामनगर में 19 केंद्र व 45 बूथ, नैनीताल में 21 केंद्र व 32 बूथ, भवाली में 7 केंद्र व 7 बूथ, भीमताल में 8 केंद्र व 10 बूथ, लालकुआं में 7 केंद्र व 8 बूथ, कालाढूंगी में 6 मतदान केंद्र व 11 बूथ शामिल हैं। 

अति संवदेनशील व संवेदनशील बूथ-

जिले में कुल 52 मतदान केंद्र 120 बूथ संवदेनशील और 71 मतदान केंद्र व 185 बूथ अतिसंवेदनशील चिह्नित किए गए हैं। इनमें हल्द्वानी में 30 मतदान केंद्र व 86 बूथ संवेदनशील एवं 46 मतदान केंद्र व 144 बूथ अतिसंवेदनशील, रामनगर में 8 केंद्र व 18 बूथ संवेदनशील, 6 केंद्र व 14 बूथ अतिसंवेदनशील, नैनीताल में 5 केंद्र व 7 बूथ संवेदनशील एवं 12 केंद्र व 17 बूथ अतिसंवेदनशील, भवाली में 2 केंद्र व 2 बूथ संवेदनशील, 2 केंद्र व 2 बूथ अतिसंवेदनशील, भीमताल में 3 केंद्र व 3 बूथ संवेदनशील एवं 1 केंद्र व 2 बूथ अतिसंवेदनशील, लालकुआं में 2 केंद्र व 2 बूथ संवेदनशील एवं 5 केंद्र व 6 बूथ अतिसंवेदनशील और कालाढूंगी में 2 मतदान केंद्र व 2 बूथ संवेदनशील चिह्नित किए गए हैं।

हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को लेकर बड़ा अपडेट, जानिए पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण पर क्या बोले सीएम धामी?

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हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों को लेकर उठ रहे प्रश्नों के बीच शासन ने स्थिति स्पष्ट की है। सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में बिना ध्वस्तीकरण के सुंदरीकरण के कार्य किए जाएंगे। साथ ही हरिद्वार और ऋषिकेश में खुला स्थान विकसित किया जाएगा, ताकि स्नान और पर्वों पर भीड़ का दबाव कम किया जा सके।

 

गंगा नदी के तट पर स्थित हरिद्वार व ऋषिकेश शहरों में गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत सुंदरीकरण समेत अन्य कई कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह कॉरिडोर विकसित करने के लिए पुराने भवनों को ध्वस्त किया जा सकता है।

25 सालों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा विकसित-

कुछ समय पहले जनप्रतिनिधियों और संबंधित शहरों के निवासियों की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात में क्षेत्रवासियों की इस आशंका की तरफ ध्यान आकृष्ट कराया था। साथ ही इस बात पर जोर दिया था कि इस कॉरिडोर को अगले 25 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया था कि गंगा कॉरिडोर को विकसित करने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर अमल किया जाएगा। साथ ही कोई भवन तोड़ा नहीं जाएगा। अब सचिव नियोजन आर मीनाक्षी सुंदरम ने भी साफ किया कि गंगा कॉरिडोर में अभी जो कार्य प्रस्तावित किए जा रहे हैं, उनके लिए कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाले किसी भी भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। भवन ध्वस्त किए बिना ही सुंदरीकरण के कार्य होंगे। पौराणिक स्थलों के स्वरूप को भी यथावत रखा जाएगा।

 

हनोल से ठडियार तक बनेगी सड़क : महाराज

जनजातीय जौनसार बावर क्षेत्र में प्रसिद्ध हनोल महासू देवता मंदिर से ठडियार तक नई सड़क बनेगी। इसके साथ ही हनोल और ठडियार स्थित टौंस नदी के दोनों ओर घाटों का निर्माण कराया जाएगा। लोनिवि एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित पर्यटन विकास परिषद के सभागार में हनोल मंदिर के मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने हनोल मंदिर के मास्टर प्लान के क्रियान्वयन के लिए लोनिवि, पर्यटन व सिंचाई विभाग के मध्य बेहतर सामंजस्य पर जोर दिया। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि लोनिवि द्वारा हनोल से ठडियार तक लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क और ठडियार में पुल का निर्माण कराने के साथ ही मार्ग का सुंदरीकरण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोनिवि द्वारा गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस से खट्टल तक संपर्क मार्ग निर्माण की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है।

 

 

उन्होंने सड़कों के किनारों को चौड़ा करने, जगह-जगह साइन बोर्ड लगाने और यात्रा मार्ग पर शौचालयों का निर्माण कराने के निर्देश भी दिए। महाराज के अनुसार हनोल महासू देवता मंदिर से लेकर ठडियार झूलापुल तक भूकटाव रोकने के कदम उठाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में पर्यटन विकास परिषद के एसीईओ अभिषेक रोहिला, वित्त नियंत्रक जगत सिंह चौहान, लोनिवि के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

National Games: राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के साथ उत्तराखंड को कई सौगातें भी देंगे पीएम मोदी, तैयारियां हुई तेज.

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38वें राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ पर 28 जनवरी को उत्तराखंड आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई नई योजनाओं की भी सौगात देंगे। पीएम राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का शिलान्यास करेंगे।

 

प्रदेश सरकार और खेल विभाग राष्ट्रीय खेलों व पीएम आगमन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अभी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से मिनट टू मिनट जारी नहीं हुआ, लेकिन इस दिन प्रधानमंत्री करीब चार से पांच घंटे देहरादून में रहेंगे। पीएम लोहाघाट, चंपावत में बनने जा रहे पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज एवं गोलापार हल्द्वानी नैनीताल में बनने वाले पहले खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास करेंगे।

 

इसके अलावा पीएम केंद्र के सहयोग से चल रहे कुछ बड़े प्रोजेक्ट ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, केदारनाथ-बदरीनाथ निर्माण कार्य और देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे आदि कार्यों की भी अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में अधूरे काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। 10 से 12 बैठकें हो चुकी हैं। वहीं, अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
– अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख सचिव खेल
पीएम के आगमन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के हाथों से खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का शिलान्यास भी कराया जाए।
– रेखा आर्या, खेल मंत्री

Uttarakhand: कैबिनेट ने यूसीसी की नियमावली को दी मंजूरी, सीएम धामी ने कहा-प्रदेश में जल्द किया जाएगा UCC लागू.

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उत्तराखंड कैबिनेट ने आज समान नागरिक संहिता( यूसीसी) की नियमावली को मंजूरी दे दी है। अब इसे जल्द ही प्रदेश में लागू किया जा सकेगा।

सीएम धामी की अध्यक्षता में आज प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसमें यूसीसी का प्रस्ताव लाया गया। इस दौरान कैबिनेट ने नियमावली के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। सीएम धामी ने कहा कि 2022 में हमारी सरकार ने यूसीसी बिल लाकर जनता से किया वादा पूरा किया था। तब से हम इसकी सारी प्रक्रियाएं पूरी कर इसे जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।यह उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है कि हमारा प्रदेश सबसे पहले यूसीसी लागू करेगा। सब तैयारियां पूरी हो गई हैं। जल्द हम इसे लागू करेंगे।

21 जनवरी को वेबपोर्टल पर पूरे प्रदेश में होगी मॉक ड्रिल-

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का वेबपोर्टल 21 जनवरी को पहली बार प्रदेशभर में एक साथ उपयोग में आएगा। फिलहाल यह कवायद सरकार के अभ्यास (मॉक ड्रिल) का हिस्सा होगी। इसके बाद यूसीसी को लागू किया जा सकता है। मॉक ड्रिल में यूसीसी का प्रशिक्षण ले रहे रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में यूसीसी पोर्टल पर लॉगइन करेंगे। उसके जरिये विवाह, तलाक, लिव इन रिलेशन, वसीयत आदि सेवाओं के पंजीकरण का अभ्यास करेंगे। सुनिश्चित करेंगे कि यूसीसी लागू होने के बाद आम लोगों को उससे संबंधित सेवाएं मिलने में कोई तकनीकी बाधा तो नहीं आएगी। मॉक ड्रिल से सरकार, विशेष समिति और प्रशिक्षण टीम अपनी-अपनी तैयारियों को परख सकेंगी।

घोषणा से कानून बनने तक का सफर-

  • 12 फरवरी 2022 को विस चुनाव के दौरान सीएम धामी ने यूसीसी की घोषणा की।
  • मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में यूसीसी लाए जाने पर फैसला।
  • मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनी।
  • समिति ने 20 लाख सुझाव ऑफलाइन और ऑनलाइन प्राप्त किए।
  • 2.50 लाख लोगों से समिति ने सीधा संवाद किया।
  • 02 फरवरी 2024 को विशेषज्ञ समिति ने ड्राफ्ट रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी।
  • 06 फरवरी को विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश हुआ।
  • 07 फरवरी को विधेयक विधानसभा से पारित हुआ।
  • राजभवन ने विधेयक को मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा।
  • 11 मार्च को राष्ट्रपति ने यूसीसी विधेयक को अपनी मंजूरी दी।
  • यूसीसी कानून के नियम बनाने के लिए एक समिति का गठन।
  • नियमावली एवं क्रियान्वयन समिति ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों संस्करणों में आज 18 अक्तूबर 2024 को राज्य सरकार को नियमावली साैंपी।
  • 20 जनवरी 2025 को नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिली।

यूसीसी लागू होगा तो यह होंगे बदलाव-

  • सभी धर्म-समुदायों में विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत के लिए एक ही कानून।
  • 26 मार्च 2010 के बाद से हर दंपती के लिए तलाक व शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, महानगर पालिका स्तर पर पंजीकरण की सुविधा।
  • पंजीकरण न कराने पर अधिकतम 25,000 रुपये का जुर्माना।
  • पंजीकरण नहीं कराने वाले सरकारी सुविधाओं के लाभ से भी वंचित रहेंगे।
  • विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 और लड़की की 18 वर्ष होगी।
  • महिलाएं भी पुरुषों के समान कारणों और अधिकारों को तलाक का आधार बना सकती हैं।
  • हलाला और इद्दत जैसी प्रथा खत्म होगी। महिला का दोबारा विवाह करने की किसी भी तरह की शर्तों पर रोक होगी।
  • कोई बिना सहमति के धर्म परिवर्तन करता है तो दूसरे व्यक्ति को उस व्यक्ति से तलाक लेने व गुजारा भत्ता लेने का अधिकार होगा।
  • एक पति और पत्नी के जीवित होने पर दूसरा विवाह करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
  • पति-पत्नी के तलाक या घरेलू झगड़े के समय पांच वर्ष तक के बच्चे की कस्टडी उसकी माता के पास रहेगी।
  • संपत्ति में बेटा और बेटी को बराबर अधिकार होंगे।
  • जायज और नाजायज बच्चों में कोई भेद नहीं होगा।
  • नाजायज बच्चों को भी उस दंपती की जैविक संतान माना जाएगा।
  • गोद लिए, सरगोसी से असिस्टेड री प्रोडेक्टिव टेक्नोलॉजी से जन्मे बच्चे जैविक संतान होंगे।
  • किसी महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के संपत्ति में अधिकार संरक्षित रहेंगे।
  • कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को वसीयत से अपनी संपत्ति दे सकता है।
  • लिव इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  • युगल पंजीकरण रसीद से ही किराया पर घर, हॉस्टल या पीजी ले सकेंगे।
  • लिव इन में पैदा होने वाले बच्चों को जायज संतान माना जाएगा और जैविक संतान के सभी अधिकार मिलेंगे।
  • लिव इन में रहने वालों के लिए संबंध विच्छेद का भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • अनिवार्य पंजीकरण न कराने पर छह माह के कारावास या 25 हजार जुर्माना या दोनों का प्रावधान होंगे।

Uttarakhand: अब IMA के बारे में पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों के छात्र, पाठ्यचर्या रूपरेखा के ड्राफ्ट में की गई सिफारिश.

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प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्र देश की सबसे पुरानी सैन्य अकादमियों में से एक भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के बारे में पढ़ेंगे। राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा के ड्राफ्ट में इसकी सिफारिश की गई है।एससीईआरटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट में कहा गया कि छात्र-छात्राओं में देश की सैन्य परंपरा के प्रति सम्मान विकसित करने के लिए देश के प्रतिष्ठित सैन्य संस्थान भारतीय सैन्य संस्थान देहरादून की जानकारी विषय वस्तु के रूप में शामिल की जानी चाहिए।

एससीईआरटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट में यह भी कहा गया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान के साथ-साथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के प्रकाशित शोध एवं सर्वेक्षण एवं उनकी प्रेरणा का लाभ भी छात्र-छात्राओं को दिया जाना चाहिए।

प्रदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शोध संस्थानों जैसे खगोल विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिष्ठित आर्य भट्ट प्रेक्षण शोध संस्थान नैनीताल, भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून, भारतीय पेट्रोलियम शोध संस्थान देहरादून, जड़ी-बूटी शोध संस्थान मंडल गोपेश्वर, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, भारतीय वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान मुक्तेश्वर नैनीताल, आईआईटी रुड़की सहित कई संस्थानों हैं, जो भ्रमण कार्यक्रम के लिए अहम स्थान हैं।

राज्य में 17 स्थानीय लोक भाषाएं हैं बोलचाल में
एससीईआरटी की ओर से तैयार किए गए एससीएफ में कहा गया कि राज्य में लगभग 17 स्थानीय लोक भाषाएं आम बोलचाल में प्रयोग की जाती है, जिनमें अपार स्थानीय पारंपरिक ज्ञान के संदेश और उदाहरण हैं। जिनकी शब्द संपदा बहुत ही समृद्ध है। ध्वनि, अनुभूति, स्वाद व स्पर्श आदि के लिए उनके भाव के अनुसार अलग-अलग शब्द हैं, जो किसी अन्य भाषा में देखने को नहीं मिलते।

Uttarakhand: भू-तापीय ऊर्जा से बिजली बनाने का आइसलैंड के साथ MOU, सीएम धामी और आइसलैंड के राजदूत की उपस्थिति में हुआ समझौता ज्ञापन.

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उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी VERKIS के मध्य संपादित हुआ भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और इसके विकास से संबंधित MoU

मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट हॉस्कुल्सन की उपस्थिति में हुआ समझौता ज्ञापन

 

उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी वर्किस कंसलटिंग इंजिनियर्स के मध्य सचिवालय में मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत डॉ. बेनेडिक्ट हॉस्कुलसन की गरिमामय उपस्थिति में उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और विकास के संबंध में समझौता संपन्न हुआ।

 

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की उपस्थिति में एमओयू पर उत्तराखंड सरकार की ओर से सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम और आइसलैंड के राजदूत डॉ. बेनेडिक्ट हॉस्कुलसन ने हस्ताक्षर किए। वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समझौता ज्ञापन को उत्तराखंड के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में एक माइलस्टोन बताया। उन्होंने कहा कि भू-तापीय ऊर्जा के इस एमओयू के माध्यम से न केवल स्वच्छ और नवीनीकरण ऊर्जा का लक्ष्य प्राप्त होगा बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित रहते हुए समावेशी विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आइसलैंड भूतापीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देश है और इनके तकनीकी सहयोग और अनुभव से उत्तराखंड भूतापीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरेगा. कहा कि भारत सरकार के तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से इसकी अनापत्ति भी प्राप्त हो चुकी है। कहा कि राज्य में भूतापीय ऊर्जा के व्यवहारिकता के अध्ययन का व्यय भार का वहन आइसलैंड सरकार द्वारा किया जाएगा।

मालूम हो कि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान देहरादून के आकलन के अनुसार उत्तराखंड राज्य में लगभग 40 भू-तापीय स्थल चिह्नित किए गए हैं, जिनमें भू-तापीय ऊर्जा का दोहन किया जा सकता है। इस समझौते के दौरान दिलीप जावलकर, दीपेंद्र चौधरी, रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, वर्किस कंपनी से हैंकर हैरोल्डसन, रंजीत कुंना व आइसलैंड एंबेसी से राहुल चांगथम उपस्थित रहे।

अध्ययन का व्यय भार आइसलैंड सरकार उठाएगी-

मुख्यमंत्री ने कहा कि आइसलैंड भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देश है। इसके तकनीकी सहयोग और अनुभव से उत्तराखंड भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से इसकी अनापत्ति भी प्राप्त हो चुकी है। कहा कि राज्य में भू-तापीय ऊर्जा के व्यवहारिकता के अध्ययन का व्यय भार का वहन आइसलैंड सरकार की ओर से किया जाएगा।

 

MoU में क्या-क्या है खास-

उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और विकास में जुड़ेगा नया आयाम.

आइसलैंड की कंपनी वर्किस की विशेषज्ञता का लाभ.

उत्तराखंड के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास में माइलस्टोन होगा साबित.

उत्तराखंड में भू तापीय ऊर्जा के दोहन योग्य 40 भूतापीय स्थल चिन्हित.

भारत के 2070 के कार्बन न्यूट्रल बनने के संकल्प में होगा सहायक.

 

इस दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर व दीपेंद्र चौधरी, विशेष सचिव /रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, प्रबंध निदेशक यू.जे.वी.एन. लिमिटेड संदीप सिंहल, प्रबंध निदेशक पिटकुल पी.सी. ध्यानी सहित वर्किस कंपनी से हैंकर हैरोल्डसन, रंजीत कुंना व आइसलैंड एंबेसी से राहुल चांगथम उपस्थित थे।

Uttarakahnd: दिल्ली चुनाव प्रचार के लिए बीजेपी ने CM धामी को दी बड़ी जिम्मेदारी.. निभाएंगे ये बड़ी भूमिका, पढ़ें पूरी खबर.

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा का स्टार प्रचारक नियुक्त किया गया है। धामी ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कानून बनाने और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन निर्णयों से उनका कद बढ़ा है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकसभा चुनाव और फिर विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के लिए तय किए गए स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री धामी को प्रमुखता से शामिल किया था।

उत्तराखंड में लागू हुआ यूसीसी-

भाजपा ने मुख्यमंत्री धामी को स्टार प्रचारक बनाया है तो इसके पीछे उनकी सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय को माना जाता है। उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता विधेयक विधानसभा से पारित कराया और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उसे यह अधिनियम मिल गया है, जो इसी माह क्रियान्वित किया जाएगा।

 

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Uttarakhand: निजी बसों की सवारियों को भी मिले दुर्घटना बीमा/आर्थिक सुरक्षा, CM ने कहा- 10 दिन के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करें.

 

इस पहल के लिए मुख्यमंत्री धामी देशभर में चर्चा के केंद्र में रहे हैं। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने को सख्त कानून, लव जिहाद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, दंगारोधी कानून को लेकर भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोरी।
इन निर्णयों से मुख्यमंत्री धामी का कद बढ़ा है। उनकी सरकार के बड़े निणयों को देश में व्यापक फलक पर देखा जा रहा है। माना जा रहा कि इस सबके दृष्टिगत ही पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्हें स्टार प्रचारकों की सूची में स्थान दिया है।

 

सीएम योगी, फडणवीस और एमपी सीएम के नाम भी प्रचारक की लिस्ट में-

धामी को इस सूची में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, शिवराज सिंह चौहान, मनोहरलाल खट्टर, धर्मेंद्र प्रधान, सरदार हरदीप पुरी, गिरिराज सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ स्थान मिला है। इस सूची में कुल 40 स्टार प्रचारक हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Uttarakhand: निजी बसों की सवारियों को भी मिले दुर्घटना बीमा/आर्थिक सुरक्षा, CM ने कहा- 10 दिन के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करें.

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में निजी बसों में सफर करने वाले यात्रियों को भी दुर्घटना बीमा/आर्थिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए है।

मुख्यमंत्री ने सचिव परिवहन को आदेश दिए हैं कि सरकारी और निजी बसों के मुआवजे में एकरूपता लाने के लिए 10 दिन के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करें। वर्तमान में, उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में सफर के दौरान दुर्घटना में मृत्यु पर मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष और सड़क सुरक्षा कोष से कुल पांच लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, निगम की ओर से भी पांच लाख रुपए की दुर्घटना प्रतिकर राशि दी जाती है।

वाहन दुर्घटना के उपरांत मिले एकसमान राहत राशि- CM धामी 

अब निजी बस ऑपरेटर की सवारियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इससे दुर्घटनाओं के दौरान निजी बसों के यात्रियों के परिजनों को कुल दस लाख रुपए की राहत राशि मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि का कष्ट सभी परिवारों के लिए असहनीय होता है। ऐसे में राहत राशि में किसी प्रकार की असमानता नहीं होनी चाहिए।

 

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा नियमावली को शीघ्र अगली कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही, सड़कों पर इन्फोर्समेंट बढ़ाने, बसों की फिटनेस सुनिश्चित करने, ड्राइवरों का ड्राइविंग टेस्ट और स्वास्थ्य परीक्षण करने तथा शेष क्रैश बैरियर लगाने की प्रक्रिया तेज की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभागों को इस दिशा में समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।

Uttarakhand: राष्ट्रीय खेलों को लेकर मुख्यमंत्री धामी की पहल, पढ़ें पूरी खबर।

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राष्ट्रीय खेलों को लेकर मुख्यमंत्री की पहल।

सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का मुख्यमंत्री ने किया आग्रह।

राज्य की जनता सामूहिक तौर पर सभी खिलाड़ियों का करेगी स्वागत।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेलों को लेकर चल रही तैयारी के बीच राज्य में प्रदेशवासियों से सामूहिक रूप से देवभूमि आ रहे खिलाड़ियों के स्वागत में विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का जो गौरव प्राप्त हुआ है, वो ऐतिहासिक है। आगामी राष्ट्रीय खलों में देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 10,000 खिलाड़ी देवभूमि आ रहे हैं। उन्होंने जनता से निवेदन करते हुए कहा कि हमारी ‘अतिथि देवो भवः’ की संस्कृति का पालन करते हुए, सभी खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत करना है। और उनके उत्साहवर्धन हेतु अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाना है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता सामूहिक तौर पर सभी खिलाड़ियों का स्वागत करेगी। सभी ने मिलकर आगामी राष्ट्रीय खेलों को विशेष और ऐतिहासिक बनाना है। हमारा यह कर्तव्य है कि देवभूमि आ रहे खिलाड़ी, हमारे राज्य से बेहतर यादें और अनुभव लेकर जाएं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कथन 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बनाए जाने के संकल्प में राष्ट्रीय खेल भी सहायक सद्ध होंगे।

Uttarakhand: देहरादून में बोले CM धामी- ट्रिपल इंजन की सरकार बनने से विकास को मिलेगी रफ्तार, BJP प्रत्‍याशी के ल‍िए मांगे वोट.

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ट्रिपल इंजन की सरकार बनने से प्रदेश में विकास को रफ्तार मिलेगी। निकायों में भाजपा प्रत्याशियों के जीतने से राज्य सरकार और निकायों में बेहतर तालमेल होगा। देहरादून शहर को ग्रीन सिटी बनाने, अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम भाजपा करेगी।

 

यह बात सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अग्रवैश्य संस्थाओं की ओर से आयोजित एक शाम मुख्यमंत्री के नाम कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में सीएम धामी ने वैश्य समाज के सदस्यों से भाजपा के महापौर पद के प्रत्याशी सुमित थपलियाल के लिए वोट की अपील की।

 

संकट के समय हमेशा साथ खड़ा रहा है वैश्‍य समाज-

इस दौरान सीएम ने कहा कि वैश्य समाज ने कोरोना, केदारनाथ आपदा समेत हर संकट के समय देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरे समर्पण के साथ निभाई है। वैश्य समाज ने जहां कम वहां हम की संकल्पना को साकार करने का काम किया है।

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे का निर्माण होगा पूरा-

सीएम पुष्‍कर स‍िंह धामी ने कहा कि देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा होने से देहरादून से दिल्ली की दूरी मात्र ढ़ाई घंटे में तय हो जाएगी। इससे देहरादून में पर्यटकों की आमद डबल हो जाएगी, जिससे होटल व पर्यटन कारोबार, व्यापार, पार्किंग, टैक्सियों से लेकर हर क्षेत्र में लोगों को आय बढ़ेगी।

 

ट्रैफिक को लेकर भी सरकार संवेदनशील-

उन्होंने कहा कि शहर में बढ़ते ट्रैफिक को लेकर भी सरकार संवेदनशील है। रिंग रोड, बाईपास, एलीवेटेड रोड़ बनाकर इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं भाजपा प्रत्याशी सुमित थपलियाल ने मेयर बनने पर वैश्य समाज के सदस्यों की समस्याओं को दूर करने की बात कही और मतदान की अपील की।

 

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कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद-

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, गणेश जोशी, विनय गोयल, अनिल गोयल, पुनीत मित्तल, सिद्धार्थ अग्रवाल, श्याम अग्रवाल समेत कई लोग मौजूद रहे।

 

बीजेपी ने न‍िकाली चुनावी रैली-

भारतीय जनता पार्टी के महापौर के प्रत्याशी सौरभ थपलियाल ने रविवार को रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ के नेतृत्व में 14 वार्डों में जनसंपर्क व रैली की। रायपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में पार्षद प्रत्याशी के लिए भी जनता से वोट की अपील की गई।

रविवार को विभिन्न वार्डों में जनसभा के दौरान महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने कहा कि रायपुर विधानसभा भारतीय जनता पार्टी की विधानसभा है। यह विधानसभा हमेशा अधिकतम वोटों से भाजपा को जीत मिली है।