Day: December 5, 2023

Assembly Election 2023: इन राज्यों में CM कैंडिडेट की तस्वीर हुई साफ! जानिये अभी किन 3 राज्यों में फंसा है पेंच.

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 पांचों चुनावी राज्यों के परिणाम सामने आ चुके हैं, जिसके बाद यह तय हो गया है किस राज्य में कौन-सी पार्टी अपनी सरकार बनाने जा रही है। दरअसल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की है। वहीं, तेलंगाना में कांग्रेस ने बीआरएस पार्टी के हाथ से सत्ता छीन ली है। इसके अलावा, मिजोरम में जोरम पीपुल्स मूवमेंट (Zoram People’s Movement) को दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत मिला है।

जानिए कहां किसकी हालत कैसी?

सत्ता में आने के बाद अब पार्टियों के सामने एक नई चुनौती आकर खड़ी हो गई है। दरअसल, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अब तक भाजपा ने किसी चेहरे पर मुहर नहीं लगाई है, जबकि कांग्रेस द्वारा तेलंगाना का सीएम तय होने को लेकर पार्टी में ही विरोध देखा जा रहा है। हालांकि, तेलंगाना में स्थिति स्थिर है और सीएम पद के लिए एक ही नाम सामने आ रहा है।

हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी राज्य में पार्टियों ने आधिकारिक तौर पर किसी भी नाम की घोषणा नहीं की है।

मध्य प्रदेश में शिवराज या कोई और?

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता पर अपनी पकड़ को और भी मजबूत कर लिया है। दरअसल, पांच साल तक अपनी सत्ता के जरिए जनता के दिलों पर छाप छोड़ने वाली पार्टी ने एक बार फिर सत्ता पर अपना हक बरकरार रखा है। भाजपा ने प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले काफी अच्छा प्रदर्शन रखा है। इसके बाद भी प्रदेश में भाजपा के सामने एक बड़ी मुसीबत आकर खड़ी हो गई है। दरअसल, प्रदेश में अब तक सीएम पद के लिए किसी के नाम पर मुहर नहीं लगाई गई है।

हालांकि, प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान प्रमुख नेताओं में से एक है, जिन्होंने इस बार भाजपा को भारी जीत दिलाई है। उन्होंने 1990 में अपने निर्वाचन क्षेत्र बुधनी में पहली जीत हासिल की थी, उसके बाद से आज तक वह सीट पर अपना कब्जा बनाए हुए हैं। उन्होंने पहली बार 2005 में सीएम पद की शपथ ली थी और पिछले पांच सालों में भी उन्होंने सीएम पद पर काबिज रहते हुए काफी प्रसिद्धि पाई है।

बीजेपी पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद इंदौर-एक विधानसभा सीट से विधायक चुने गए कैलाश विजयवर्गीय का प्रदर्शन भी अपनी सीट पर काफी बेहतर रहा है। इनको मुख्यमंत्री पद के लिए शिवराज सिंह चौहान का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, कैलाश विजयवर्गीय के अलावा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर जैसे बड़े नेताओं को भी पद के लिए अन्य संभावितों में देखा जा रहा है।

राजस्थान में मुख्यमंत्री पद पर सस्पेंस बरकरार-

राजस्थान में भाजपा ने कांग्रेस के हाथ से सत्ता छीनकर उसे करारी शिकस्त दी है। फिलहाल, प्रदेश में भाजपा ने सीएम पद पर किसी का नाम तय नहीं किया है। हालांकि, कतार में भाजपा के कई बड़े और दिग्गज नेताओं का नाम शामिल है। दरअसल, अब तक राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद वसुंधरा राजे ने सत्ता संभाली है, लेकिन इस बार भाजपा बिना सीएम चेहरे के ही चुनावी मैदान में उतरी थी।

वसुंधरा राजे दो बार राजस्थान में सीएम पद संभाल चुकी हैं। वसुंधरा राजे 4 बार विधायक रह चुकी हैं। 5 बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं 14 नवंबर, 2002 से 14 दिसंबर, 2003 तक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रही हैं। इसके अलावा, उनका पहला कार्यकाल 2003 से 2008 तक और दूसरा कार्यकाल 2013 से 2018 तक रहा।

इस बार सीएम रेस में बाबा बालकनाथ योगी का नाम भी शामिल है। अलवर के सांसद बाबा बालकनाथ को लोकप्रिय रूप से राजस्थान के योगी के रूप में जाना जाता है और वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। तिजारा विधानसभा क्षेत्र से 40 वर्षीय नेता अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं।

जयपुर के शाही परिवार की सदस्य दीया कुमारी साल 2013 में भाजपा में शामिल हुईं। उसके बाद से उन्होंने तीन चुनावों में जीते हैं। वह 2019 के आम चुनाव में 5.51 लाख वोटों के अंतर से जीती थीं। जो की उस वक्त की सबसे बड़ी जीत में से एक थी। इन्हें राजस्थान में सीएम पद के लिए एक अच्छा दावेदार माना गया है।

इसके अलावा, सीएम रेस में सीपी जोशी, किरोड़ी लाल मीणा, अर्जुन राम मेघवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत और ओम बिरला का नाम शामिल है।

छत्तीसगढ़ में छाएगा किस चेहरे का जादू

छत्तीसगढ़ में भी भाजपा ने कांग्रेस से सत्ता की कुर्सी छीनकर अपनी पकड़ बना ली है। भाजपा ने इस बार मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किए बिना ही चुनाव लड़ा था। ऐसे में भाजपा की इस जीत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष अरुण साव को सीएम पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इसके अलावा, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी, पूर्व भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय और भाजपा के महामंत्री व पूर्व आईएएस ओपी चौधरी के नाम को लेकर भी चर्चा है।

प्रदेश में लगातार आदिवासी मुख्यमंत्री की भी मांग होती रही है । ऐसे में अनुसूचित जनजाति(एसटी) वर्ग से प्रदेश में बड़े चेहरे में केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह, पूर्व राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम, पूर्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी व युवा नेता में पूर्व मंत्री केदार कश्यप का नाम पहले आता है।

तेलंगाना में कांग्रेस में छिड़ा विरोध

तेलंगाना में कांग्रेस ने बीआरएस को हराकर पहली बार राज्य में जीत हासिल की है। चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर स्थिति साफ नहीं हुई है। तेलंगाना में मुख्यमंत्री पद के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी का नाम सामने आ रहा है, लेकिन अब तक कांग्रेस के जीते हुए सभी 64 विधायकों के बीच सीएम के चयन पर सहमति नहीं बन पाई है।

साथ ही, पार्टी की ओर से भी अब तक सीएम पद पर किसी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

मिजोरम में तय हुआ नाम!

पूर्व आईपीएस लालदूहोमा की पार्टी जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) को मिजोरम में दो-तिहाई बहुमत मिला है। सोमवार को हुई मतगणना में 40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा में 27 सीटें जीतकर जेडपीएम ने मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) को सत्ता से बाहर कर दिया।

इसके बाद ही, सीएम पद के लिए लालदूहोमा के नाम का शोर है, लेकिन अब तक पार्टी की ओर से इस नाम की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।

Uttarakhand: केदारनाथ में हुई बर्फ़बारी, पारा-6 डिग्री पहुंचा, आज कहीं बारिश तो कहीं कोहरा, जानिए कहां कैसा है मौसम का हाल.

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प्रदेश के पर्वतीय जिलों के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने से ठंड बढ़ सकती है। मैदानी इलाकों में कोहरा लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई है।

अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले के कुछ इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाने से ठंड बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है आठ दिसंबर तक प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहेगा। इसके बाद पर्वतीय जिलों में बारिश व बर्फबारी होने से तापमान में गिरावट रिकॉर्ड की जाएगी। इसका असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा।

वहीं केदारनाथ में सोमवार देर शाम को तापमान माइनस छह डिग्री पहुंच गया। धाम में जमकर बर्फबारी भी हो रही है। मौसम की बेरुखी से केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इधर, निचले इलाकों में भी सोमवार को कुछ देर हल्की बारिश हुई, जिससे ठंड बढ़ गई है। उधर, पहाड़ों की रानी मसूरी में भी देर रात हुई बारिश हुई। जौनपुर के नागटिब्बा में रात को बर्फबारी होने से क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। वहीं यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में कल की बारिश बर्फबारी से ठंड बढ़ गई।

सोमवार को सुबह से ही केदारनाथ में हल्के बादल छाए रहे। दिन चढ़ने के साथ यहां मौसम खराब होता गया और दोपहर 3 बजे से हल्की-हल्की बर्फबारी होने लगी।

देर रात तक रुक-रुककर हल्की बर्फबारी होती रही। खराब मौसम के कारण केदारनाथ में तापमान में काफी गिरावट आई है, जिससे ठंड बढ़ गई है।

धाम में अधिकतम तापमान दो डिग्री और न्यूनतम माइनस छह डिग्री दर्ज किया गया। जिला आपदा प्रबंधन-प्राधिकरण, लोनिवि के ईई विनय झिक्वांण ने बताया कि खराब मौसम के कारण पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

केदारनाथ में इन दिनों 300 मजदूर पुनर्निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं।

INDIA में टूट!: तो क्या टूटने जा रहा है इंडिया गठबंधन ! ममता, नीतीश का बैठक में आने से इंकार. 

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Cyclone Michaung: तमिलनाडु में मिचौंग चक्रवात से भारी बारिश, घरों में घुसा पानी, सड़कों पर चल रही नाव. 

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Cyclone Michaung: बंगाल की खाड़ी से पैदा हुए चक्रवात मिचौंग (मिगजॉम) के गंभीर चक्रवाती तूफान बनने के बाद आज इसके आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, मिचौंग आज दोपहर के बाद कभी भी आंध्र प्रदेश के बापटला से टकरा सकता है। इस चक्रवात का असर पहले ही दक्षिण और उत्तर भारत के कई राज्यों में दिखाई दिया है। खासकर तमिलनाडु और पुडुचेरी चक्रवात की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां भारी बारिश के बाद अलग-अलग कारणों से आठ लोगों की मौत हुई है, वहीं काफी संपत्ति का भी नुकसान हुआ है।

आंध्र प्रदेश के तिरुपति में भरे बांध-

आंध्र प्रदेश में चक्रवात मिचौंग के चलते भारी बारिश का दौर जारी है। तिरुपति में स्थित पांचों बांध बारिश के बाद पूरी क्षमता तक भर गए, जिसके चलते उनके गेटों को खोल दिया गया।

जाने तमिलनाडु में कहां-कितनी हुई बारिश-

तमिलनाडु में आज सुबह 08.30 बजे तक अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश और भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने इससे जुड़े आंकड़े जारी किए हैं।

110 किमी प्रतिघंटे तक पहुंच जाएगी हवाओं की गति-

आईएमडी के बुलेटिन में कहा गया है कि पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ दक्षिण आंध्र प्रदेश तट पर भीषण चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटों के दौरान 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर की दिशा में बढ़ता गया और मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे यह कवाली से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर पूर्व में 80 किलोमीटर, नेल्लोर के उत्तर-उत्तरपूर्व, बापटला से 80 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम और मछलीपट्टनम से 140 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में केंद्रित था।

बुलेटिन में कहा गया है कि मौसम प्रणाली के लगभग उत्तर की ओर समानांतर और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के करीब बढ़ने की संभावना है और अगले चार घंटों के दौरान एक गंभीर चक्रवात के रूप में यह बापटला के करीब से होकर आगे जाएगा। इसकी गति 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी।’’

तमिलनाडु में घरों में घुसा पानी-

तमिलनाडु के चेन्नई में भारी बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति है। आलम यह है कि मंगलवार को कम बारिश के बावजूद कई इलाकों में पानी लोगों के घरों में घुस गया। इससे जुड़े कई वीडियो भी सामने आए हैं।

तमिलनाडु में सड़कों पर चल रही नाव-

तमिलनाडु: चेन्नई के वेस्ट तंबरम सीटीओ कॉलोनी और सशिवराधन नगर इलाके में लोग आवाजाही के लिए नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। चक्रवात मिचौंग के कारण बारिश के बाद शहर में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। तमिलनाडु के चेन्नई में चक्रवात मिचौंग के असर से भीषण बारिश के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों को खाना भी बांटा।

ओडिशा में कल बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान-

ओडिशा में चक्रवाती तूफान मिचौंग के असर को देखते हुए गजपति जिले के कलेक्टर ने भारी वर्षा के मद्देनजर सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाई स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को 6 दिसंबर 2023 को बंद रखने का निर्देश जारी किया है।’मिचौंग’ चक्रवात के प्रभाव से चेन्नई में बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव हुआ। वहीं, आंध्र प्रदेश बापटला में मध्यम बारिश हो रही और तेज़ हवाएं चल रही हैं।

उत्तरी तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी में मंगलवार सुबह ज्यादातर इलाकों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के बाद वर्षा में कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी है। चक्रवात ‘मिगजॉम’ के कारण चेन्नई और आसपास के जिलों में सोमवार को बाढ़ ने तबाही मचा दी जिससे जनजीवन बाधित हो गया। इसके बाद बारिश की तीव्रता में कमी का पूर्वानुमान एक राहत का समाचार है। चेन्नई के कुछ हिस्सों के निवासियों ने मंगलवार तड़के से बारिश नहीं होने की सूचना दी और बताया कि उनके क्षेत्रों में बिजली सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, लेकिन शहर में रेल सेवा निलंबित है।