Day: December 13, 2023

उत्तराखंड में बर्फबारी: खूबसूरत बर्फीली वादियों में हो रही है जमकर बर्फ़बारी, क्रिसमस-नए साल के लिए कर सकते हैं प्लान.

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मौसम के बदले मिजाज के साथ ही मंगलवार को चारों धामों के साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और औली में जमकर बर्फबारी हुई। केदारनाथ में जहां चार इंच नई बर्फ जम गई है वहीं तापमान माइनस 7 तक रहा है। 

वहीं निचले क्षेत्रों में हुई बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। गोपेश्वर/जोशीमठ में मंगलवार को सुबह से बादल छाए थे और दोपहर बाद चमोली जिले में बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, काली माटी, औली, गोरसों बुग्याल सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई।

गोपेश्वर, जोशीमठ, पोखरी, नंदानगर, पीपलकोटी आदि क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चलीं। ठंड से बचने के लिए लोग घरों में ही दुबके रहे और बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। बदरीनाथ में तापमान अधिकतम -1 और न्यूनतम – 8 डिग्री, औली में अधिकतम 3, न्यूनतम -3 और , जोशीमठ में अधिकतम 9 , न्यूनतम – 2 रहा। 

रुद्रप्रयाग केदारनाथ धाम में दोपहर बाद 12 बजे बर्फबारी हुई जो देर शाम तक होती रही। धाम में लगभग चार इंच नई बर्फ जमी। वहीं, द्वितीय केदार व तृतीय केदार में भी बर्फ गिरी। धाम में तापमान अधिकतम 1 डिग्री व न्यूनतम -7 डिग्री दर्ज किया गया। 

उत्तरकाशी/बड़कोट स्थित गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में इस सीजन की दूसरी बर्फबारी हुई जबकि हर्षिल में भी बर्फबारी हुई। गंगोत्री धाम में अधिकतम तापमान -3 और न्यूनतम -8 दर्ज किया गया है। वहीं यमुनोत्री धाम में अधिकतम -1 व न्यूनतम तापमान -7 दर्ज किया गया है। 

बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का काम हुआ प्रभावित-

गोपेश्वर में बर्फबारी से बदरीनाथ धाम में महायोजना मास्टर प्लान का काम प्रभावित हो गया है और मजदूर काम नहीं कर पाए। मास्टर प्लान के कार्य में लगे वाहन और उपकरणों पर भी बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है।

क्रिसमस और नए वर्ष से पहले औली की पहाड़ियां बर्फ से ढकीं-

औली में क्रिसमस और नए वर्ष के आगमन से पहले बर्फबारी होने से पर्यटन से जुड़े व्यापारियों के चेहरे खिल गए हैं। बर्फबारी से औली में पर्यटकों के बढ़ने की उम्मीद है। मंगलवार को हुई बर्फबारी से औली के साथ ही समीपवर्ती पहाड़ियां बर्फ से ढक गई हैं।

पर्यटकों में होगा इजाफा-

औली में स्कीइंग की ढलानें भी बर्फ से ढक गई हैं। बर्फबारी के बीच कई पर्यटक चेयर लिफ्ट से औली का दीदार कर रहे थे। औली में पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि क्रिसमस से पहले बर्फबारी शुभ संकेत है। दिसंबर माह के अंत में भी बर्फबारी होती है तो पर्यटकों में इजाफा हो जाएगा। 

चमोली में 50 से अधिक गांवों में गिरी बर्फ- 

चमोली जनपद के 50 से अधिक गांवों में बर्फबारी हुई है। निजमुला घाटी के ईराणी, पाणा, झींझी, रामणी, ल्वाणी, घूनी, पडेरगांव, सुंग, कनोल, सुतोल, पेरी के साथ ही जोशीमठ क्षेत्र के नीती घाटी के गांवों में भी बर्फबारी हुई है। गांवों को जाने वाले पैदल रास्तों में भी बर्फ जम गई है। रामणी गांव के ग्राम प्रधान सूरज पंवार ने बताया कि बर्फबारी से कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।

Parliament Security Breach: लोकसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक! विजिटर गैलरी से चैंबर में कूदे 2 लोग, बेंच पर चढ़ कर छिड़की गैस.

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Parliament Security Breach: संसद भवन की सुरक्षा में उस वक्त बड़ी चूक देखने को मिली है, एक ओर जहां 2 युवकों ने लोकसभा के अंदर सांसदों के बीच में विजिटर गैलरी से उस वक्त छलांग लगा दी जब सदन की कार्यवाही जारी थी। जब सुरक्षा घेरा तोड़कर लोकसभा में विजिटर गैलरी से 2 संदिग्ध कूद पड़े. बुधवार को संसद की कार्यवाही के दौरान 2 शख्स सुरक्षा घेरा तोड़कर जैसे ही लोकसभा में घुसे और बेंच पर चढ़कर कूदने लगे, तभी हड़कंप मच गया. आनन-फानन में सुरक्षाकर्मी दौड़े और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया. संसद की सुरक्षा में चूक का मामला ऐसे वक्त में आया है, जब आज ही के दिन यानी 13 दिसंबर को संसद भवन पर आतंकी हमला हुआ था और 9 जवान शहीद हुए थे. बताया जा रहा है कि लोकसभा में घुसने के दौरान आरोपी शख्स ने स्प्रे भी किया है. उनके हाथ में टियर गैस कनस्तर  भी था. 


दरअसल, संसद में चल रहे शीतकालीन सत्र की कार्यवाही के दौरान बुधवार को विजिटर गैलरी से अचानक 2 युवक कूद गए और लोकसभा में सांसदों तक पहुंच गए. इतना ही नहीं, स्पीकर की ओर बेंच पर चढ़कर दौड़ने लगे. इसके चलते सदन में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, समय रहते सुरक्षाकर्मियों ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया. बताया जा रहा है कि इस दौरान युवकों ने स्प्रे का भी इस्तेमाल किया और युवकों ने नारेबाजी भी की. हालांकि, इस घटना के बाद लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया.

इस घटना ने एक बार फिर से 22 साल पुराने आतंकी घटना की याद ताजा कर दी है, जब पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद परिसर पर हमला किया था और गोलियों की तड़तड़ाहट से देश सहम उठा था. इस आतंकी हमले में दिल्ली पुलिस के कई जवान समेत नौ लोग शहीद हुए थे. हालांकि, सुरक्षाबलों ने पांचों आतंकवादियों को मार गिराया था.

बता दें कि कुछ दिन पहले खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर अपने खिलाफ एक असफल हत्या की साजिश के जवाब में 13 दिसंबर को नए संसद भवन पर हमला करने की धमकी दी थी. संसद में प्रवेश द्वार पर तीन स्तरीय सुरक्षा जांच की व्यवस्था है, जिसमें मेटल डिटेक्टर और हाथ से पकड़े जाने वाले मेटल डिटेक्टर से जांच शामिल हैं. संसद भवन के प्रवेश द्वार पर भी यही कवायद दोहराई जाती है. विभिन्न आगंतुक दीर्घाओं की ओर जाने वाले गलियारे पर भी सुरक्षा मौजूद है. इन स्थानों पर आगंतुकों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है.

सामने आई आरोपियों की पहचान-
संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर बुधवार को दो मामले सामने आए। एक मामले में सदन के बाहर दो लोगों ने तानाशाही नहीं चलेगी का नारा लगाते हुए प्रदर्शन शुरू किया। इनके प्रदर्शन शुरू करते ही पुलिस के जवानों ने हिरासत में ले लिया। इन दो प्रदर्शनकारियों में एक महिला भी थी। इनकी पहचान नीलम (42) निवासी हिसार के रूप में हुई है। वहीं दूसरे प्रदर्शनकारी की पहचान अनमोल शिंदे (25) निवासी लातूर, महाराष्ट्र के रूप में हुई है।
एजेंसियां कर रहीं पूछताछ-
ये चारों कब और कैसे दिल्ली पहुंचे इस बारे में अलग-अलग एजेंसी इनसे पूछताछ कर रही है। चारों के खिलाफ किन धाराओं में किस थाने में मुकदमा दर्ज किया जाए, इस पर फैसला भी जल्द लिया जाएगा। फिलहाल संसद भवन थाने के बाहर मीडियाकर्मियों का जमावड़ा होने के कारण मुख्य द्वार पर बैरिकेड लगाकर एंट्री बंद कर दी गई. लोकसभा के अंदर कलर क्रैकर लेकर पहुंचे शख्स का नाम सागर शर्मा बताया जा रहा है। हालांकि यह अभी पता नहीं चल सका है कि सागर कहां का रहने वाला है और किस उद्देश्य उसने इस घटना को अंजाम दिया। आशंका है कि चोरों लोग एक ही ग्रुप के हो सकते हैं। 

Rajasthan Politics- भाजपा समर्थकों का फूटा गुस्सा, राजस्थान में बगावत शुरू !

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एमपी  और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने टॉप तीन पदों में से दो OBC, SC या ST को दिए हैं. यह शायद पहला मौका है जब बीजेपी ने अपर कास्ट को ‘साइड’ करने में ज्यादा विचार नहीं किया. क्या ये बीजेपी के लिए मास्टर स्ट्रोक साबित होगा या इससे आने वाले समय में बड़ा नुकसान. ये तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन जिस तरह से राजस्थान के नए सीएम के नाम पर राजस्थान में भजन लाल पर मोहर लगी उसके बाद राजस्थान भाजपा में बगावत के सुर साफ़ दिखाई देने लगे हैं. ये खबर आपको शायद ही किसी भी मेन स्ट्रीम मीडिया ने नहीं दिखाई होगी राजस्थान भाजपा के कार्यकर्ता  भजन लाल की घोषणा के बाद सीधे मोदी को ही 2024 में जवाब देने की खुले कैमरे पर चेतावनी दे रहे हैं.

सबसे पहले बात नए मुख्यमंत्री की,, राजस्थान के नए सीएम बने भजनलाल शर्मा  के राजनीतिक करियर के साथ एक बड़ा दिलचस्प पहलू जुड़ा हुआ है. भजन लाल पहली बार विधायक बने हैं और पहली ही बार में उनकी लाटरी लग गयी है.

क्या आप जानते हैं कि इससे पहले भजन लाल बीजेपी से ही बगावत कर चुनाव लड़ चुके हैं. जी हाँ भजनलाल शर्मा ने अपना पहला चुनाव बीजेपी से बगावत कर भरतपुर की नदबई विधानसभा सीट से लड़ा था. भजनलाल शर्मा ने वो चुनाव सामाजिक न्याय मंच के बैनर तले लड़ा था लेकिन वे हार गए थे. उन्होंने पहला चुनाव 27 वर्ष की उम्र में लड़ा था. साल 2003 में भरतपुर के नदबई से बीजेपी से बगावत कर सामाजिक न्याय मंच पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. तब भजन लाल शर्मा की जमानत जब्त हो गई थी. भरतपुर की नदबई सीट पर कुल मतदाता 95 हजार 018 थे. इसमें भजनलाल शर्मा को 5 हजार 969 वोट मिले थे. उन्होंने इस सीट से बीजेपी की जितेन्द्र सिंह और कांग्रेस के यशवंत सिंह को चुनौती दी थी. इस बार  भजन लाल शर्मा ने बीजेपी के चुनाव चिन्ह पर जयपुर के सांगानेर से चुनाव लड़ा और जीते. भजनलाल शर्मा राजस्थान के वो शख्स हैं जो पहली बार विधायक बनते ही सीधे सीएम बने हैं.

अब बात राजस्थान में शुरू हुए घमासान की,,,नए मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद राजस्थान में कई दिग्गज नेता नाराज दिखाई दे रहे हैं,,हालाँकि खुल कर कोई भी नहीं बोल रहा है,लेकिन पार्टी कार्यकर्ता खुल कर मोदी के इस फैसले के खिलाफ बोल रहे हैं और 2024 में जवाब देने की चेतावनी भी दे रहे हैं.

किरोड़ी लाल मीणा के  हाव भाव से साफ जाहिर है कि उनको हाईकमान का ये फैसला रास नहीं आया है,,,हालांकि वो कुछ भी ऐसा नहीं बोल रहे जिससे नाराजगी प्रकट हो लेकिन जिस तरह से जवाब दे रहे हैं उससे आप समझ ही सकते हैं कि इस फैसले से मीणा आहत हैं. अब जरा किरोड़ी लाल मीणा के समर्थकों को भी सुन लीजिए जो इस फैसले से बेहद आक्रोशित हैं और सीधे नरेंद्र मोदी को ही चुनौती दे रहे हैं.

तो देखा आपने किस तरह की तस्वीरें राजस्थान से आ रही हैं लेकिन मेन स्ट्रीम मीडिया आपको ये सब नहीं दिखायेगा,, अब जरा सीएम रेस में रहे बाबा बालकनाथ को भी सुन लीजिये कि वो किस तरह मीडिया पर ही अपनी खीज निकाल रहे हैं.

नए सीएम के ऐलान के साथ ही राजस्थान भाजपा की सबसे बड़ी नेता वसुंधरा की तस्वीरें सभी ने देखी ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये सारे नेता भजनलाल शर्मा के साथ कन्धे से कंधा मिलाकर 2024 में जीत दिलाने की भरसक कोशिश करेंगे। सबसे बड़ा सवाल यही कि क्या वसुंधरा, किरोड़ी लाल मीणा या कई अन्य बड़े आलाकमान के इस फैसले से नाराज हैं और अगर ऐसा है तो फिर आने वाले दिनों में राजस्थान की  राजनीति में कई मोड़ देखने को मिल सकते हैं.