Day: December 22, 2023

Uttarakhand: हिमालयी राज्यों को पछाड़ उत्तराखंड बना नंबर-1, NCRB की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा.

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उत्तराखंड तरक्की कर रहा है या नहीं ये तो नहीं पता लेकिन कुछ चीजें ऐसी है जिसमें प्रदेश का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और अब तो उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में टॉप पर पहुंच चुका है. पर इसमें खुश होने की नहीं बल्कि शर्म करने की जरूरत है क्योकि जिसमें उत्तराखंड नंबर 1 बना है उसमें कोई भी राज्य नंबर 1 नहीं बनना चाहता। अभी हाल ही NCRB की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जिसने कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है और पूरे प्रदेश को शर्मसार कर दिया है।

 

उत्तराखंड में महिलाओं और बच्चों के साथ बलात्कार के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। इसमें हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा और दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर, लद्दाख सहित 9 राज्य शामिल हैं। इसके तहत वर्ष 2022 में प्रदेश में महिला अपराध का ग्राफ वर्ष 2021 के मुकाबले 26 प्रतिशत ऊपर पहुंच गया है ।

NCRB की रिपोर्ट में खुलासा-

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट तो यही बता रही है। इसके तहत वर्ष 2022 में प्रदेश में महिला अपराध का ग्राफ वर्ष 2021 के मुकाबले 26 प्रतिशत ऊपर पहुंच गया। एनसीआरबी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में महिला अपराध के 3431 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2022 में ये संख्या बढ़कर 4 हजार 337 पहुंच गई, यानी एक वर्ष में 906 मामलों की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले वर्ष 2020 में 2 हजार 846 मामले सामने आए थे। इतना ही नहीं महिला अपराध में बढ़ोतरी को लेकर देशभर में स्थिति की बात करें तो उत्तराखंड छठे पायदान पर है। इस मामले में आंध्र प्रदेश सबसे ऊपर है, जहां महिला अपराध में 43.66 प्रतिशत का उछाल आया है।उत्तराखंड प्रदेश में बड़ी संख्या में विवाहित महिलाओं को घर के भीतर प्रताड़ना झेलनी पड़ी है हालांकि, कई राज्य ऐसे भी हैं जहां महिला अपराध में कमी आई है। सबसे अधिक 51 प्रतिशत की कमी असम में आई है।साल दर साल प्रदेश में मामले बढ़ रहे हैं बात करें तो साल  2020 में  2 हजार 446 जबकि साल 2021 में  3 हजार 431 जबकि यही आंकड़ा साल  2022 में बढ़कर 4 हजार 337 हो गयी है।

वर्ष 2022 में पुलिस के समक्ष 956 ऐसे मामले पहुंचे। इनमें महिलाओं को पति या उसके रिश्तेदार ने पीटा या अन्य प्रकार से प्रताड़ित किया। यही नहीं, उत्पीड़न से तंग आकर या अन्य कारणों से वर्षभर में 24 महिलाओं ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया। तो वहीं अपहरण के मामले भी बढ़े, वर्ष 2022 में प्रदेश में महिला अपहरण के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2021 में 696 अपहरण के मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2022 में 778 महिलाओं का अपहरण हुआ वहीं दुष्कर्म की कोशिश के भी 18 मामले सामने आए हैं।

उत्तराखंड जिसे देवभूमि कहा जाता है और अमूमन इसको एक अपराध मुक्त और शांत प्रदेश कहा जाता है,,लेकिन जिस तरह से प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं उसने कही न कहीं चिंता जरूर पैदा कर दी है,,वो भी खासकर महिला अपराध जिस तरह से प्रदेश में बढ़ा है वो काफी चिंताजनक है जिस तरह अब ये अपराध मैदानों से लेकर पहाड़ की शांत वादियों तक पहुंच चुके हैं उससे प्रदेश की चिंताएं जरूर बढ़ रही है,,,साथ ही एक सवालिया निशान प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी खड़े हो रहे हैं सरकार या उसका क़ानूनी तंत्र पूरी तरह से इन अपराधों के आगे बेबस नजर आ रहा है पिछले साल ही जिस तरह से अंकिता भंडारी केस हुआ था उसके बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाया जायेगा लेकिन ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा है उल्टा सरकार अंकिता के दोषियों को अभी तक सजा नहीं दिला पाई है।इस तरह की हीलाहवाली भी कहीं  न कहीं अपराधियों का हौसला बढ़ाने जैसा है।

Ram Mandir: राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा मांगने के नाम पर हो रहा फर्जीवाड़ा, विश्व हिंदू परिषद ने लोगों को चेताया.

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अयोध्या में बन रहे भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होना है। इसे लेकर हर तरह से प्रचार-प्रसार भी हो रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का प्रयास है कि इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों को शामिल कर इसे एक बड़ा कार्यक्रम बनाया जाए। लेकिन इसी के साथ राम मंदिर के नाम पर एक बड़ा फ्रॉड भी सामने आ गया है। कुछ लोग राम मंदिर निर्माण के नाम पर पर्चा छापकर लोगों से चंदा वसूल रहे हैं।

 

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के नाम पर कोई चंदा नहीं लिया जा रहा है। यह पूरी तरह फ्रॉड है और लोग इससे सावधान रहें। यदि कोई व्यक्ति राम मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा ले रहा है, तो इसकी सूचना पुलिस को दें। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने विहिप के नेताओं के संज्ञान में यह विषय लाया जिसके बाद संगठन को इस पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी है।

विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष पदाधिकारी मिलिंद परांडे ने शुक्रवार को एक प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए किसी अलग समिति का गठन नहीं किया गया है। किसी समिति को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए धन एकत्र की जिम्मेदारी भी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा है कि समाज को ऐसे किसी भी फ्रॉड के प्रति सचेत रहना चाहिए और ऐसे किसी व्यक्ति को आर्थिक योगदान नहीं देना चाहिए।

Covid19 Cases: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ्तार, सक्रिय मामले बढ़कर 2997 हुए, केरल में 1 की मौत.

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देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की रफ्तार बढ़ रही है। शुक्रवार को देश में कोरोना के 640 नए मामले दर्ज किए गए हैं। जिसके बाद देश में कोरोना के कुल सक्रिय मरीज बढ़कर 2997 हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह आंकड़े जारी किए हैं। वहीं केरल में कोरोना से एक और मरीज की मौत हो गई है। बता दें कि गुरुवार को केरल में तीन, कर्नाटक में दो और पंजाब में एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत हुई थी। संक्रमण दर अभी देश में 1.19 प्रतिशत है।

केरल में 24 घंटे में 265 मामले सामने आए-

बता दें कि गुरुवार को देशभर में कोरोना के 358 नए सक्रिय मामले सामने आए थे। इनमें से 300 मामले अकेले केरल राज्य में मिले थे। गुरुवार को देशभर में कोरोना के कुल सक्रिय मामले 2669 थे, जो शुक्रवार को बढ़कर 2997 हो गए हैं। बीते 24 घंटे में केरल में 265 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद राज्य में कुल मामले बढ़कर 2606 हो गए हैं। वहीं कर्नाटक में 13 मामले बढ़कर कुल मामले 105 हो गए हैं।

इन राज्यों में बढ़ रहे कोरोना के मामले-

 महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोरोना के 8 नए सक्रिय मामले मिले हैं, जिसके बाद राज्य में कुल सक्रिय मामले बढ़कर 53 हो गए हैं। गुजरात में 32, गोवा में 16, तमिलनाडु में 104, तेलंगाना में 19 कोरोना के सक्रिय मरीज हैं। हालांकि राज्य सरकारों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और स्वास्थ्य सेवाएं हालात से निपटने के लिए तैयार हैं। हालांकि लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने की अपील की गई है और कहा गया है कि बीमारी के लक्षण दिखते ही डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

देश में कोरोना से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 4,50,07,212 हो गई है। वहीं कोरोना से मरने वालों की संख्या 5,33,328 है। यह आंकड़ा शुक्रवार सुबह 8 बजे तक का है। कोरोना को मात देकर ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4,44,70,887 है और रिकवरी दर 98.81 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अब तक 220.67 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लग चुकी है।