Day: January 27, 2024

TB: जल्द शुरू होगा टीबी वैक्सीन का बड़े पैमाने पर ट्रायल, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन करेगी पूरी फंडिंग

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टीबी की नई वैक्सीन के बड़े पैमाने पर ट्रायल जल्द शुरू होंगे। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन इस ट्रायल की फंडिंग करेगी। फाउंडेशन के सीईओ मार्क सुजमैन ने इसकी पुष्टि की है। बीते 100 सालों में नई टीबी वैक्सीन का बड़े पैमाने पर यह पहला ट्रायल होगा। मार्क सुजमैन ने बताया कि उनके फाउंडेशन ने इस ट्रायल के लिए फंडिंग देने का फैसला किया है क्योंकि निजी कंपनियों इसके लिए निवेश नहीं कर रही हैं।

 
 
अरबों डॉलर खर्च करेगी गेट्स फाउंडेशन-

मार्क सुजमैन ने कहा कि ‘हम ट्रायल पर सैंकड़ों करोड़ डॉलर खर्च करेंगे। जिन लोगों को टीबी की बीमारी है, वह अधिकतर गरीब लोग हैं और वह इलाज के लिए पैसे खर्च नहीं कर सकते।’ सुजमैन ने कहा कि ‘अगर यह ट्रायल सफल रहता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा भारत को मिलेगा। भारत में टीबी के सबसे ज्यादा मरीज हैं।’ जून 2023 में वेलकम फाउंडेशन और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने टीबी की वैक्सीन एम72 को विकसित करने के लिए फंडिंग करने का एलान किया था। बीते 100 सालों में यह टीबी की पहली वैक्सीन हो सकती है। अभी टीबी की एकमात्र वैक्सीन बीसीजी है, जिसे पहली बार साल 1921 में लगाया गया था। उसके बाद अब टीबी वैक्सीन के ट्रायल शुरू हो रहे हैं। ट्रायल पर गेट्स फाउंडेशन, वेलकम फाउंडेशन के साथ मिलकर करीब 550 मिलियन डॉलर खर्च करेगी। सैंकड़ों करोड़ डॉलर खर्च करेगी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनियाभर में टीबी से मरने वाले लोगों की संख्या कोविड-19 के बाद सबसे ज्यादा है। टीबी की बीमारी सभी उम्र के लोगों को हो सकती है और इससे बचाव भी संभव है। टीबी में मरीज के फेफड़ों में बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाता है। टीबी मरीज के संपर्क में आने से यह संक्रमण होने का खतरा होता है। केंद्र सरकार भी टीबी उन्मूलन के लिए कार्यक्रम चला रही है। सरकार ने साल 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है।
सरकार भी TB उन्मूलन के खिलाफ चला रही योजना-

सरकार ने साल 2022 में सरकार ने नि-क्षय मित्र कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत सरकार टीबी मरीजों की जांच, उन्हें पोषण और वॉकेशनल सपोर्ट देने का काम कर रही है। इसके लिए सरकार कई एनजीओ के साथ मिलकर काम कर रही है। इस योजना का असर दिख भी रहा है और साल 2014 में जहां भारत में टीबी के 15.5 लाख मरीज रजिस्टर हुए थे। साल 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 24.22 लाख हो गया था।

Corona: कोरोना संक्रमितों की संख्या में हुआ इजाफा, बीते दिन 159 लोगों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव; जानें देश का हाल

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कोविड-19 का दुनियाभर की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। 2020 में तेजी से फैंले कोविड महामारी ने दुनिया को चारदीवारी तक कैद कर दिया था। इसी बीच, कोविड-19 के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में एक्टिव नए आंकड़ों को जारी किया है। जिसमें कहा गया कि भारत में एक दिन में संक्रमित कोविड के 159 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसी के साथ ही पूरे देश भर में सक्रिय मामलों की संख्या 1623 हो गई है।

फिर बढ़ रहे कोविड के मामले- केंद्रीय मंत्रालय

केंद्रीय मंत्रालय की सुबह आठ बजे की रिपोर्ट में दर्ज आकंड़ों के मुताबिक, केरल में 24 घंटे में एक संक्रमित व्यक्ति ने दम तोड़ा है। गौरतलब है कि कि कोविड के दैनिक मामलों में पांच दिसंबर तक गिरावट दर्ज की गई थी। संक्रमित आंकड़ों अब दोहरे अंक को पार कर चुके हैं। लेकिन ठंड के मौसम की स्थिति के बाद से ही नए संस्करण के फैलने का सिलसिला शुरू हो गया है। 31 दिसंबर को एक दिन में सबसे ज्यादा 841 नए मामले समाने आए।

आधिकारिक सू्त्रों की मानें तो मौजूदा आंकड़ों से पता चलता है कि जेएन.1 वैरिएंट न तो नए मामलों में वृद्धि कर रहा है और न ही अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु दर में वृद्धि कर रहा है। गौरतलब है कि भारत ने कोविड-19 की तीन लहरों को झेला था। अप्रैल-जून 2021 के दौरान डेल्टा लहर, इस दौरान दैनिक नए मामलों और मौतों की चरम घटनाएं दर्ज की गई थी। 7 मई, 2021 को 4,14,188 मामले और 3,915 मौतें दर्ज की गई थी।

लगभग 220 करोड़ खुराकें दी जा चुकी है-

मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, इस बीमार से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक है, जिसकी रिकवरी दर 98.81 प्रतिशत है। मंत्रालय ने कहा कि देश में अब तक कोविड टीकों की 220.67 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं।