Day: February 10, 2024

हल्द्वानी हिंसा और कर्फ्यू से पर्यटन पर बड़ा असर, होटलों में 50 प्रतिशत बुकिंग हुई रद्द, जानिए क्या हैं हालात।

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हल्द्वानी में हुई हिंसा और कर्फ्यू का असर नैनीताल के पर्यटन पर पड़ा है। होटल और रिजॉर्ट में सप्ताहांत और वैलेंटाइन वीक के लिए जिन सैलानियों ने एडवांस बुकिंग कराई थी वे उसे कैंसिल करने लगे हैं। होटल संचालकों के अनुसार करीब 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो गई है।

उत्तराखंड से बाहर के सैलानी होटल कारोबारियों से हिंसा और कर्फ्यू का अपटेड भी ले रहे हैं। शुक्रवार को शहर और यहां के पिकनिक स्पॉटों में सैलानियों की आवाजाही कम रही। ऐसे में इस सप्ताहांत (शनिवार व रविवार) के साथ-साथ वैलेंटाइन वीक का पर्यटक सीजन प्रभावित होने के आसार हैं। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अब नहीं लगता कि सप्ताहांत और वैलेंटाइन के मौके पर सैलानी नैनीताल पहुंचेंगे।

बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटाया गया-

उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू जारी है। हालांकि बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है। बनभूलपुरा में ही धार्मिक स्थल तोड़ने पर भीड़ ने गुरुवार को आगजनी और तोड़फोड़ की थी। हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने एसओ मुखानी, सहायक नगर आयुक्त और एसओ बनभूलपुरा की तहरीर पर 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है।

हल्द्वानी हिंसा के बाद कम आए सैलानी
हल्द्वानी में हुई हिंसा की खबर सुर्खियों में रही है। जिसका असर यह हुआ कि वीकेंड पर नैनीताल आने वाले सैलानी इस बार नहीं आए। बृहस्पतिवार को चुंगी से दो से ढाई सौ गाड़ियां पास हुई थी जबकि शुक्रवार को यह संख्या बमुश्किल सौ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई। 

कैंसिल हो रही है बुकिंग-
हल्द्वानी की हिंसा ने वीकेंड और वैलेंटाइन वीक का पर्यटन कारोबार ठप कर दिया है। चौबीस घंटे में नैनीताल के होटलों में 50 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो चुकी है। 

कुछ दिनों से पर्यटन कारोबार मंदा चल रहा था लेकिन बीते एक दो दिन से सैलानियों की आवाजाही बढ़ने लगी थी। हिंसा और कर्फ्यू की खबर मिलने के बाद जो सैलानी नैनीताल पहुंचे भी थे वे शुक्रवार की सुबह से ही लौटने लगे हैं। कई सैलानियों ने होटलों में एडवांस बुकिंग भी कैंसिल करा दी है। 

भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शांत रहा शहर-

बृहस्पतिवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हुई भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को शहर शांत रहा। कर्फ्यू का संबंधित क्षेत्र में सख्ती से पालन कराया गया जबकि शेष शहर में वाहनों की आवाजाही होती रही और दुकानें बंद रहीं। दोपहर करीब 12 बजे मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और डीजीपी अभिनव कुमार बनभूलपुरा पहुंचे और थाने का जायजा लिया।

 

हल्द्वानी हिंसा का आज तीसरा दिन: 8 फरवरी से इंटरनेट सेवाएं बंद, कर्फ्यू जारी, 5 हजार लोगों पर केस दर्ज

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हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हुए बवाल के बाद सुरक्षा के दृष्टिगत शहर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इससे लोगों का आमजीवन  काफी प्रभावित रहा। कर्फ्यू लगने से घरों में कैद लोग बिना इंटरनेट के काफी परेशान रहे। बता दें कि, बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

शहर में बृहस्पतिवार रात करीब दस बजे से इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। बीएसएनएल, वोडाफोन, एयरटेल, जियो समेत अन्य नेटवर्क पर इंटरनेट सेवा संचालित नहीं हो पाई। ऐसे में सैकड़ों यूजर्स सूचना न मिल पाने के कारण परेशान रहे। इंटरनेट सेवा बंद होने से वर्क फ्राॅम होम से जुड़े लोगों का काम प्रभावित रहा वहीं परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी खासी दिक्कत हुई।

बीएसएनएल के डीजीएम भीम बहादुर ने बताया कि पुलिस प्रशासन की ओर से जब तक अनुमति नहीं दी जाएगी तब तक संचार सेवा सुचारु नहीं होगी। बताया कि शहर के बाहरी क्षेत्र में भी इंटरनेट को बंद किया जा रहा है, जिस कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शहर में अराजकता का माहौल न बने।

बता दें कि, बनभूलपुरा हिंसा मामले में पुलिस ने 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद कर लिए गए हैं। एक व्यक्ति की मौत बरेली ले जाते समय हो गई, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग कब्जे में ले ली है। पुलिस ने कई डीबीआर की हार्ड डिस्क कब्जे में ली है।

MP News: 1 राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस में उठापटक, कमलनाथ ने सोनिया गांधी से मिलकर जताई ये इच्छा।

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मध्यप्रदेश से राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से 4 भाजपा और एक सीट कांग्रेस को जाएगी। कांग्रेस में इस एक सीट के लिए एक अनार सौ बीमार जैसी स्थिति है। पूर्व सीएम कमलनाथ से लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव तक कई दिग्गजों के नाम इस एक सीट के लिए चल रहे हैं.

मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता  कमलनाथ ने कल यानी शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। कमलनाथ ने सोनिया गांधी से खुद के लिए राज्यसभा के टिकट की मांग की है। दरअसल, मध्यप्रदेश से राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से चार भाजपा और एक सीट कांग्रेस को जाएगी।  पूर्व सीएम कमलनाथ से लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव तक कई दिग्गजों के नाम इस एक सीट के लिए चल रहे हैं, हालांकि कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग कार्ड के चलते इन नामों में अरुण यादव का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। इस बीच 13 फरवरी को कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों को डिनर पर बुलाया है।

अपने बेटे नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से लड़ाने का एलान कर चुके कमलनाथ खुद के लिए राज्यसभा चाहते हैं। कमलनाथ के करीबी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान अगर किसी पिछड़ा, ओबीसी या एससी-एटी को राज्यसभा देने की वकालत करता है, तो कमलनाथ आखिरी मौके में अपने करीबी पूर्व सांसद सज्जन (एससी) पर दांव लगा सकते हैं। इसके पहले कमलनाथ ने कहा था कि उनके बेटे नकुल एआईसीसी द्वारा सीट के लिए नामांकित किए जाने के बाद आगामी चुनाव में मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। कमलनाथ का बयान नकुल के बयान के एक दिन बाद आया था, जो वर्तमान में छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने घोषणा की थी कि वह आगामी चुनावों में इस सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि बाद में कमलनाथ ने इस विषय पर सफाई भी दी थी।