Day: December 27, 2024

गदरपुर विधायक अरविन्द पांडे का बड़ा बयान,,कौन रच रहा ये साजिश !

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मैं संघ का स्वयंसेवक हूं। पार्टी का सच्चा सिपाही हूं। वर्तमान में कुछ लोग प्रदेश के भाग्य विधाता बने हुए हैं, जो मेरे राजनीतिक जीवन को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। यह दर्द किसी आम कार्यकर्ता का नहीं बल्कि सूबे में पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके और वर्तमान में गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय का है। पार्टी और सत्ता में लगातार हो रही उपेक्षा पर बृहस्पतिवार को उनका सब्र जवाब दे ही गया। उन्होंने अपने आवास पर जुटे कार्यकर्ताओं से उनके साथ हो रही साजिश को समझने की बात कही। उन्होंने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी पर खुलकर बोलते हुए बेबाकी से कहा कि गुटबाजी के चलते ही पार्टी के कुछ लोग उनके साथ साजिश कर रहे हैं। कहा कि कांग्रेस के लोग उनके के खिलाफ साजिश करते तो समझ में आता। लेकिन पार्टी के वे लोग साजिश रच रहे हैं, जिनका पार्टी को खड़ा करने में कोई योगदान नहीं रहा।
 
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान सत्ता में धंधेबाजी का ग्रुप चल रहा है। कुछ लोग भाग्य और धंधेबाजी की बदौलत भाजपा पर कब्जा कर चुके हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र में गुटबाजी कराने की कोशिश की जा रही है। कहा जनता उनकी असली ताकत है।
मंत्री पद से हटा दिया, अब तो चैन से रहने दो
विधायक के भाषण में हाल में क्षेत्र में खेल छात्रावास के उद्घाटन में न बुलाने की टीस भी दिखाई दी। पार्टी के एक गुट की ओर इशारा करते हुए कहा कि मंत्री पद से तो हटा दिया, अब तो चैन से रहने दो। कहा कि मैंने भाजपा को खड़ा करने के लिए पसीना बहाया है। पार्टी को यूं ही बर्बाद नहीं होने देंगे। कहा कि भाजपा बचनी चाहिए। गाड़ी के चार पहियों में से एक पहिया बनकर पार्टी को सही दिशा में ले जाया जाएगा। वर्तमान की पार्टी की स्थिति केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचनी चाहिए। बहुत हो गया, अब व्यवस्थाओं को बदलना होगा।
नशे के सौदागरों के लिए आरक्षित करा दी सीट
विधायक पांडेय ने कहा कि दिनेशपुर बंगाली बाहुल्य क्षेत्र होने के बाद भी वहां के लोगों की भावनाओं को दरकिनार करते हुए नशे के सौदागरों के लिए निकाय की सीट आरक्षित करा दी गई। वहीं गूलरभोज में भी ऐसे कार्यकर्ता के सिर पर हाथ रखा जा रहा है, जिससे उनको कमजोर किया जा सके।

विधायक के समक्ष शक्ति प्रदर्शन में जुटे दावेदार
भाजपा की ओर से चेयरमैन के दावेदार विधायक के आवास और उनके कार्यक्रम स्थलों पर शक्ति प्रदर्शन करने में जुट गए हैं। बृहस्पतिबार को एक दावेदार सतीश चुघ अपने समर्थकों के साथ विधायक अरविंद पांडेय से मिले और आशीर्वाद मांगा। वही दूसरे दावेदार संजीव भटेजा भी समर्थकों के विधायक के कार्यक्रम स्थल डल बाबा मंदिर पर समर्थकों के साथ पहुंचे। विधायक ने निकाय चुनाव के दावेदारों से गुटबाजी से दूर रहने की अपील भी की।

भाजपा आज करेगी प्रत्याशियों की पहली सूचना जारी, उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर

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निकाय चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों की पहली सूची शुक्रवार को जारी होगी,,, पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में दिग्गजों ने पालिका और पंचायत के अध्यक्ष प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दिया तो मेयर पदों के पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिए हैं,,,,

 
पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया, बैठक में सीएम पुष्कर सिंह धामी वर्चुअल शामिल हुए। इसके अलावा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, मदन कौशिक, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, खिलेंद्र चौधरी, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप कुमार, महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा नौटियाल ने नामों पर मंथन किया।
 
बैठक में प्रदेश के सभी निगमों के मेयर, पालिका अध्यक्ष एवं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशियों को लेकर सामने आए नामों के पैनल पर विमर्श किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से पालिका एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया गया। वहीं, महापौर के नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के लिए भेजा गया है। शुक्रवार की शाम को भाजपा पहली सूची में सभी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेगी। इसके अगले चरण में वार्डों के सभासद व सदस्य प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होगी। 

National Games: देवभूमि को प्रकाशित करने निकली ‘तेजस्विनी’! CM धामी और रेखा आर्या ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना.

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प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से शुरू होंगे। इसके लिए बृहस्पतिवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने मशाल (टार्च) रिले का शुभारंभ किया जो प्रदेश के 13 जिलों में 3823 किलोमीटर का सफर तय करेगी।

गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के बैडमिंटन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि मशाल खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्साहित करेगी। खिलाड़ियों को जीत के अपने संकल्प को इतना मजबूत करना होगा कि वे शिखर तक पहुंच सकें। खेल मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों से कहा कि आप इन खेलों में इतिहास बदल दीजिए, हमें टॉप- 5 में आना है। इसके बाद सीएम और खेल मंत्री ने मशाल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया।

रैली काठगोदाम होते हुए वाहनों से नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क गई। यहां से मिनी स्टेडियम तक ओलंपियन राजेंद्र रावत समेत राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मशाल बदल-बदलकर दौड़ते गए। तेजस्विनी प्रदेश के सभी 13 जिलों से गुजरेगी, 27 जनवरी को देहरादून में रैली संपन्न होगी। उसके बाद 28 जनवरी से 14 फरवरी तक राष्ट्रीय खेल होंगे।

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Big Breaking:-उत्तराखंड राज्य में 7 दिवसीय राजकीय शोक हुआ घोषित.

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डा० मनमोहन सिंह, मा० भूतपूर्व प्रधानमंत्री, भारत सरकार के निधन पर प्रदेश में सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किए जाने तथा राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने आदि के सम्बन्ध में।

उपरोक्त विषयक गृह मंत्रालय, भारत सरकार के वायरलेस के माध्यम से प्रेषित पत्र संख्या-3/2/2024-Public, दिनांक 26.12.2024 के अनुपालन में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि डा० मनमोहन सिंह, मा० भूतपूर्व प्रधानमंत्री, भारत सरकार के निधन पर दिनांक 26.12.2024 से दिनांक 01.01.2025 (दोनों दिवसों को जोड़कर) सात दिन का राष्ट्रीय शोक रहेगा।

इस अवधि के दौरान उत्तराखण्ड राज्य में जहाँ राष्ट्रीय ध्वज नियमित रूप से फहराये जाते हैं, वहाँ राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगें। राष्ट्रीय शोक के दिवसों में कोई भी शासकीय मनोरंजन के कार्यकम आयोजित नहीं किये जायेंगे।

Uttarakhand: सीएम धामी ने दी पूर्व PM मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि, देश के लिए उनके योगदान को किया याद.

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देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह नहीं रहे। का बीते गुरुवार को निधन हो गया.  92 साल की उम्र में उनका दिल्ली एम्स में निधन हो गया। उनके निधन पर खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन हम सभी के लिए एक दुख भरा समाचार है। भगवान से प्रार्थना है कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके सभी परिवारजनों, चाहने वालों को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें।

CM धामी ने दी पूर्व PM मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आकर उन्होंने वित्त मंत्री समेत विभिन्न पदों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया. उन्होंने कहा भारतीय आर्थिक नीति को नई दिशा देने में मनमोहन सिंह का योगदान सराहनीय है.

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उत्तराखंड में 7 दिन का शोक घोषित-

पूर्व पीएम के निधन पर उत्तराखंड में सात दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. सात दिन तक राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे. इसके साथ ही शासकीय और मनोरंजन के कार्य नहीं होंगे. मनमोहन सिंह ने 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. बताया जा रहा है वह काफी वक्त से स्वास्थय संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे. गुरुवार शाम को अचानक उनकी तबियत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

नोटों पर हस्ताक्षर करने वाले देश के एकमात्र पीएम-

2005 में डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के पद पर थे तब भारत सरकार ने 10 रुपये का एक नया नोट जारी किया था। उस पर मनमोहन सिंह के हस्ताक्षर थे। हालांकि नियमों के अनुसार उस समय नोटों पर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर होते थे। लेकिन 10 रुपये के नोट पर मनमोहन सिंह का हस्ताक्षर एक विशेष बदलाव के तहत किया गया था।डॉ. मनमोहन सिंह ने 16 सितंबर 1982 से लेकर 14 जनवरी 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर का पदभार संभाला था। उस दौरान छपने वाले नोटों पर मनमोहन सिंह के हस्ताक्षर हुआ करते थे। भारत में यह व्यवस्था आज भी है कि करेंसी पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की नहीं, बल्कि आरबीआई गवर्नर ही साइन करते हैं।

 

डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़ी खास बातें-

  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दो गवर्नर वित्त मंत्री बने- उनमें एक मनमोहन सिंह और दूसरे थे सीडी देशमुख।
  • चार वित्त मंत्री प्रधानमंत्री बने- ये नाम हैं मोरारजी देसाई, चरण सिंह , वी.पी. सिंह और मनमोहन सिंह।
  • चार शीर्ष नौकरशाह जो वित्त मंत्री बने- उनमें एचएम पटेल, सीडी देशमुख, यशवंत सिन्हा और मनमोहन सिंह का नाम।
  • मनमोहन सिंह धाराप्रवाह हिंदी बोल सकते थे, लेकिन उर्दू में भाषा में उनकी दक्षता के कारण उनके भाषण उर्दू में लिखे जाते थे।
  • मनमोहन सिंह को 1993 में यूरोमनी और एशियामनी की ओर से “फाइनेंस मिनिस्टर ऑफ दर ईयर” के रूप में नामित किया गया
  • 1962 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने मनमोहन सिंह को सरकार में पद की पेशकश की तो सिंह ने कर दिया था अस्वीकार