Month: August 2025

कोई खुद को अकेला न समझे, राज्य सरकार साथ है- धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पौड़ी जनपद के आपदाग्रस्त सैंजी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और आपदा से हुई क्षति की जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में प्रभावितों के साथ खड़ी है। जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए कि राहत कार्यों में कोई कमी न रहने पाए।

निरीक्षण से पूर्व मुख्यमंत्री ने थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया।

सैंजी गांव में मुख्यमंत्री क्षतिग्रस्त रास्तों से गुजरते हुए सीधे प्रभावित परिवारों के घर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याएं बताईं और राहत कार्यों में तेजी लाने पर आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने नौठा के बुराँसी गांव में आपदा प्रभावितों से भी भेंट की और पांच प्रभावितों को राहत राशि के चेक सौंपे। उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में कोई भी खुद को अकेला न समझे—राज्य सरकार पूर्ण रूप से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने पुनर्वास और विस्थापन की प्रक्रिया त्वरित गति से आरंभ करने तथा अतिवृष्टि से हुई क्षति का व्यापक आकलन कराने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने राहत केंद्रों में बिजली, पानी, शौचालय, दवाइयों और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही वाडिया इंस्टीट्यूट से भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने के निर्देश भी दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट्स तैनात की जाएं, ताकि बीमार, वृद्ध, गर्भवती महिलाएं, बच्चे और अन्य जरूरतमंदों को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सके। दवाएं, प्राथमिक उपचार किट और चिकित्सकीय स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावितों के पुनर्वास हेतु एक समिति गठित की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि जिनकी दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता दी जाए।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर ली गई है और राहत सामग्री तथा धनराशि का वितरण किया जा रहा है। प्रशासन की टीमें लगातार हर गांव तक पहुंच रही हैं ताकि कोई भी परिवार राहत से वंचित न रहे।

आपदा प्रभावितों को आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने आपदाग्रस्त क्षेत्र के भ्रमण के दौरान आपदा के कारण पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त ग्राम सैंजी के 15 परिवारों/भवन स्वामियों – प्रभा देवी, नीलम सिंह भण्डारी, भगत सिंह भण्डारी, पवन सिंह भण्डारी, विमला देवी, शाखा देवी, पवेली देवी, विमल सिंह, दीवान सिंह, रविन्द्र सिंह, जसवंत सिंह, गोपाल सिंह, मनोज सिंह, कृपाल सिंह एवं हेमराज सिंह कोराज्य आपदा मोचन निधि से प्रति भवन स्वामी ₹1,30,000 की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिसे संबंधित परिवारों को चेक के माध्यम से प्रदान किया गया।

वहीं ग्राम बुरांसी में आपदा के कारण जान गंवाने वाली महिला आशा देवी पत्नी प्रेम सिंह के परिजनों/वारिसों – अनिल सिंह एवं शुगम सिंह, तथा विमला देवी पत्नी बलवन्त सिंह के परिजनों – विक्रम सिंह एवं दीपक सिंह को ₹2 लाख प्रति मृतक के अनुसार मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही बुरांसी गांव के केशर सिंह पुत्र अमर सिंह के आवासीय भवन के पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने पर ₹1,30,000 की सहायता राशि चेक के माध्यम से उपलब्ध कराई गई।

उत्तरकाशी में प्राकृतिक आपदा के बाद नये राजनीतिक ‘संकट’ से भाजपा में उबाल

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भारी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे सीमांत उत्तरकाशी में अब राजनीतिक आपदा ने भी पैर पसार लिए हैं। इस राजनीतिक आपदा की भनक लगते ही भाजपा के दो विधायक, पूर्व विधायक व जिला संगठन एक मंच पर खड़े हो गए हैं।इन सभी नेताओं ने सीएम व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को कड़ा पत्र लिख कर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण को भाजपा में शामिल करने की कोशिश का प्रखर विरोध किया है।
विरोध पत्र भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान ने लिखा है। यह पत्र ऐसे समय पर आया जब सीएम धामी स्वंय बीते तीन दिन से उत्तरकाशी जिले में ही मौजूद हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश के 12 जिपं अध्यक्ष व 89 ब्लाक प्रमुख का चुनाव 14 अगस्त को होना है। और उत्तरकाशी के निवर्तमान जिपं अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते हैं। और इस समय अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हैं।

अपने कार्यकाल में कई वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर दीपक बिजल्वाण के मसले हाईकोर्ट की भी सुर्खियां बने हैं। उनके ही भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं तेज हैं। बिजल्वाण 2022 कस विधानसभा चुनाव यमुनोत्री से लड़कर हार चुके हैं। इसके बाद दीपक बिजल्वाण कांग्रेस में सक्रिय नहीं दिखे। निकाय व पंचायत चुनाव में अपने हिसाब से राजनीति करते रहे।

इधऱ, अंदरखाने पक रही खिचड़ी की महक बाहर आने के बाद उत्तरकाशी भाजपा के नेता एकजुट हो गए हैं।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे गए एक ज्ञापन में आरोप लगाया है कि दीपक बिजल्वाण जनपद ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में व्यापक भ्रष्टाचार के मामलों में कुख्यात हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि यदि उन्हें पार्टी में शामिल किया गया तो आम जनमानस और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल जाएगा और संगठन की छवि धूमिल होगी।
विरोधियों ने दावा किया है कि पंचायत चुनाव में निर्वाचित सदस्यों ने पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पद के प्रत्याशियों को समर्थन इस शर्त पर दिया था कि दीपक बिजल्वाण के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच कराई जाएगी।

ज्ञापन में सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए मांग की गई है कि उनके खिलाफ कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाए और पार्टी संगठन में ऐसे व्यक्तियों को कोई स्थान न दिया जाए।

पत्र में दुर्गेश्वर लाल विधायक पुरोला, नागेन्द्र चौहान,
सुरेश चौहान विधायक गंगोत्री, रमेश चौहान पूर्व जिलाध्यक्ष, सतीन्द्र सिंह राणा ,राम सुन्दर नौटियाल , मनवीर चौहान, जगत सिंह चौहान, प्रताप पंवार,स्वराज विद्वान (वाष्ट्रीय मैत्री
केदार सिंह रावत पूर्व विधायक व विजयपाल सजवाण सजवाण पूर्व विधायक का नाम शामिल हैं।

दीपक बिजल्वाण को लेकर भाजपा की राजनीति गरमाने से पार्टी संगठन के सामने नयी चुनौती खड़ी हो गयी

आपदा- धराली के मलबे में जिंदगी तलाशने की कोशिश जारी

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मंगलवार को धराली व हर्षिल इलाके में मची तबाही के 24 घण्टे बाद भी मृत लोगों का आंकड़ा पता नहीं चल पाया। धराली तक जाने वाले गंगोत्री हाईवे के कई जगह से टूटने की वजह से राहत व बचाव कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र का दौरा कर आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों का हालचाल लिया और उन्हें हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया।उधर, मंगलवार को गंगोत्री हाईवे के भटवाड़ी के निकट क्षतिग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की कोशिश हो रही है। इस मार्ग पर वाहन फंसे हुए हैं। आवागमन बन्द होने से राहत व बचाव दल भी धराली तक पहुंचने के लिए मशक्कत कर रहे हैं।

इलाके में बिजली व दूर संचार का संकट भी देखने में आ रहा है।

गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी के पास बना पुल भो बाढ़ में बह गया। इस पुल के टूटने व जगह-जगह रास्ते टूटने से धराली तक पहुंचना काफी कठिन हो गया है।

मलबे से अटे धराली में राहत व बचाव दल जिंदगी तलाश रहे हैं। इस आपदा में चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि लगभग 100 लोग इस आपदा के शिकार हुए हैं। हर्षिल के आर्मी कैम्प को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

इधऱ,मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि “कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे और सभी को समयबद्ध तरीके से राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।”

राहत कार्यों को गति देने के लिए दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से खाद्य सामग्री एवं आवश्यक वस्तुएं धराली पहुंचाई गईं। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर से भारी मशीनरी भी भेजी जा रही है, जिससे मार्ग मरम्मत, मलबा हटाने और अन्य आवश्यक कार्य तेजी से पूरे हो सकें।

ताश के पत्तों की तरह ढह गये होटल-होमस्टे, अब तक 70 से ज्‍यादा लोगों को बचाया; तस्‍वीरों में दूसरे दिन के हालात

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में खीरगंगा के किनारे बसे गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली गांव में बादल फटने से मंगलवार को भारी तबाही हुई।बताया जा रहा है कि यह बादल खीरगंगा नदी के ऊपरी क्षेत्र में कहीं फटा, जिससे दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक खीरगंगा नदी में पानी व मलबे के साथ सैलाब आया और इस सैलाब में धराली बाजार समेत आसपास के होटल, होमस्टे ताश की पत्तों की तरह ढह गये।

अभी तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अब तक 70 से ज़्यादा लोगों को बचाया जा चुका है। अधिकारिक तौर पर 19 लोगों के लापता होने की सूचना है।

सूचना पर हर्षिल में तैनात सेना की आइबैक्स रेजीमेंट समेत एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राजस्व, पुलिस, आपदा प्रबंधन आदि की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

गंगोत्री और धराली में दो अतिरिक्त बचाव और राहत टुकड़ियां तैनात की गई हैं। हर्षिल से धराली तक सड़क मार्ग खोलने के लिए ज़मीन हटाने वाले उपकरण तैनात किए गए हैं।फंसे हुए नागरिकों का पता लगाने के लिए ड्रोन और बचाव कुत्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। निकाले गए लोगों को चिकित्सा सहायता और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।भारतीय सेना प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। खोज और बचाव अभियान जारी है, और हर प्रभावित व्यक्ति तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

 

केंद्र-राज्य ने झौंकी ताकत, एक और शव बरामद; मृतकों की संख्‍या हुई पांच

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 गंगोत्री धाम का प्रमुख पड़ाव धराली खीर गंगा नदी में बादल फटने से आए सैलाब से तबाह हो गया, दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक आए सैलाब के चलते चारों और पसरा मलबा ही मलबा फैल गया। इस घटना में करीब 15 से 20 होटल व घरों को नुकसान की सूचना मिल रही है। जिला प्रशासन के अनुसार आपदा में चार लोगों के मौत की हो चुकी है।आपदा की सूचना पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, पुलिस, राजस्व, आपदा प्रबंधन आदि की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरु कर दिया है। धराली के ठीक सामने स्थिति मुखबा गांव से लोगों से खीर गंगा नदी में आए सैलाब मोबाइल में कैद किया, कुछ ही देर में जलप्रलय के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगे। सैलाब की दिल दहलाने वाले कई वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ ही पलों में पूरा इलाका मलबे से ढक गया।

 

 

केंद्र और राज्य सरकार ने राहत- बचाव अभियान में ताकत झौंक दी है। मौसम की चुनौतियों के बावजूद सीएम पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। सेना, बीआरओ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन सहित तमाम एजेंसियां बचाव अभियान में जुटी हैं।

आपदा ग्रस्त धराली (उत्तरकाशी) में राहत एवं बचाव अभियान में केंद्र के साथ ही राज्य की एजेंसियां भी युद़धस्तर पर जुटी हुई हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मौसम की चुनौतियों के बावजूद, आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की है। सीएम ने बचाव और राहत अभियान में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए हैं।

 

उत्तरकाशी के धराली में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के संबंध में सांसदों अनिल बलूनी, महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, त्रिवेंद्र सिंह रावत व अजय भट्ट जी के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

उन्‍होंने बताया कि प्रधानमंत्री उत्तरकाशी में आई इस भीषण विपदा से मर्माहत, शोकाकुल और व्यथित हैं। वे स्वयं राहत एवं बचाव कार्य की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की तमाम एजेंसियां राहत, बचाव एवं पुनर्वास के कार्य में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार धराली सहित सभी आपदा प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। साथ ही, केंद्र सरकार उत्तराखंड को इस आपदा से लड़ने और बाहर निकालने में हर तरह से मदद दे रही है।

प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से कहा कि वे अपने लोकसभा क्षेत्र के अतिवृष्टि और भूस्खलन के इलाकों में रह रहे लोगों से संपर्क में रहें एवं उन्हें हर संभव हर सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत रहें।

उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही, सीएम धामी ने कहा- सभी को बचाना हमारी प्राथम‍िकता

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही मची है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना पर कहा क‍ि बादल फटने की सूचना आई है। पानी के साथ बहुत तेज गति से मलबा आया है। उन्‍होंने कहा क‍ि हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द राहत और बचाव का कार्य किया जाए। सेना के लोग, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग कोशिश कर रहा है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि सभी को बचाया जाए।

 

उत्तरकाशी पुलिस ने कहा, “उत्तरकाशी, हर्षिल क्षेत्र में खीर गाड़ का जलस्तर बढने से धराली में नुकसान होने की सूचना पर पुलिस, SDRF, आर्मी आदि आपदा दल मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं।

 

उत्तरकाशी में हर्षिल के समीप खीरगाड़ क्षेत्र स्थित धाराली गांव में भीषण भूस्खलन हुआ। मलबे और पानी का तेज बहाव गांव तक पहुंच गया, जिससे हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही सेना की आइबेक्स ब्रिगेड के जवानों को मौके पर रवाना किया गया। जनसंपर्क अधिकारी ले. कर्नल मनीष श्रीवास्तव के अनुसार सेना की टुकड़ी ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। अब तक हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और सेना की टीमें मौके पर डटी हुई हैं। संकट की इस घड़ी में सेना हरसंभव मदद को तैयार है।

उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में बादल फटने की घटना से हुए जन-धन के नुकसान की सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुःख व्यक्त करते हुए प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। सेना, SDRF, NDRF, जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा स्थिति की नियमित जानकारी ले रहे हैं । मुख्यमंत्री ने ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

उत्तरकाशी के सुक्खी टॉप पर भी फटा बादल, बनी झील

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उत्तरकाशी धराली की तबाही के साथ साथ मंगलवार को ही सुक्खी टॉप पर बादल फटने से ह आर्मी कैम्प में भी बादल फटने से झील बन गयी है। हर्षिल और धराली के बीच झील बनने से भागीरथी किनारे बसे कस्बों में खतरा हो गया है।झील बनने के बाद आर्मी कैम्प की ओर से बचाव निर्देश जारी किए गए हैं। यह भी खबर है कि भू स्खलन के बाद राहत बचाव दल नेताला में फंस गया है।सुक्खी टाप में बादल फटने से हर्षिल में सड़क बंद हो गई ।धराली में दोपहर में हुई तबाही के बाद पूरा कस्बा मलबे में तब्दील हो गया। दो- तीन मंजिला कई इमारतें पल भर में जमीदोज हो गयी।

वॉयरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि लोगों ने भागने की कोशिश की । बचने की कोशिश की। लेकिन जानलेवा पानी के सैलाब में सम्भलने का मौका नहीं मिला।धराली कस्बा में कई घण्टे तक खीरगंगा से मलबे के बहना जारी है। कस्बे में मलबे ने झील का रूप ले लिया है।इस दर्दनाक आपदा में कितने लोगों की।मौत हुई। यह आंकलन देर शाम तक नहीं हो पाया था। स्थानीय सूत्रों ने कई लोगों के मरने की बात कही है।

इधऱ, धराली और हर्षिल इलाके में हुई भारी तबाही के बाद सीएम धामी आंध्र प्रदेश का दौरा स्थगित कर वापस देहरादून लौट रहे हैं। पीएम मोदी, गृह मंत्री, राज्यपाल व नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने आपदा पर दुख जताते हुए बचाव कार्य पर जोर दिया है।

उधर, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड के धराली (उत्तरकाशी) में फ्लैश फ्लड की घटना को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात कर घटना की जानकारी ली। ITBP की निकटतम 3 टीमों को वहाँ भेज दिया गया है, साथ ही NDRF की 4 टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं, जो शीघ्र पहुँच कर बचाव कार्य में लगेंगी।

 

कांग्रेस ने पर्यवेक्षकों से मांगी संभावित प्रत्याशियों की रिपोर्ट

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर पार्टी के सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल अपने-अपने प्रभार वाले जनपदों में जिला पंचायत अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत प्रमुख पदों के संभावित प्रत्याशियों की रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को भेजें।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि पर्यवेक्षकों को कहा गया है कि वे संबंधित जनपदों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व लोकसभा/विधानसभा प्रत्याशियों और नव-निर्वाचित पंचायत सदस्यों से संवाद कर संभावित प्रत्याशियों का पैनल तैयार करें।

 

धस्माना ने दावा किया कि प्रदेश के आठ जनपदों में कांग्रेस के पास जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत की मजबूत संभावनाएं हैं। क्षेत्र पंचायतों में भी बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। यदि चुनाव निष्पक्ष हुए, तो प्रदेश की तस्वीर बदल सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा शासन, प्रशासन और धनबल के बल पर हर हाल में चुनाव जीतने का प्रयास कर रही है।

जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव के लिए पार्टियों ने कसी कमर, पर्यवेक्षक तैनात

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जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख पद पर पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के लिए भाजपा रणनीति बनाने में जुटी है। रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर भाजपा अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद महेंद्र भट्ट ने त्रिस्तरीय पंचायत नतीजों व जिपं अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख पद चुनाव पर चर्चा की। सीएम आवास में भाजपा अध्यक्ष भट्ट व प्रदेश महामंत्री अजेय कुमार सीएम धामी से मिले।

भट्ट ने त्रिस्तरीय पंचायत में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायतों में पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की जीत पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। इसके अलावा जिला पंचायत व ब्लाक प्रमुख पदों के चुनाव पर पार्टी समर्थित प्रत्याशी की जीत पर मंथन किया। चुनाव जीते निर्दलीय व बागियों का समर्थन जुटाने के लिए भाजपा ने रणनीति बनाई है।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देहरादून जिले में सात सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। जबकि 13 सीटों पर कांग्रेस समर्थित व 10 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे। भाजपा देहरादून जिले में भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने का दावा कर रही है। भाजपा का तर्क है कि निर्दलीय प्रत्याशी भी भाजपा विचारधारा से जुड़े हैं।

सभी जिलों में पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव के लिए कमर कसी ली है। कांग्रेस ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जिलों में तैनात पर्यवेक्षकों से संभावित प्रत्याशियों की रिपोर्ट मांगी है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पार्टी की ओर पंचायत चुनाव के लिए सभी जिलों में पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया था।

इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों व पूर्व विधायकों की जिम्मेदारी दी गई थी। प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के दिशा-निर्देश पर सभी पर्यवेक्षकों को अपने-अपने जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद पर संभावित प्रत्याशियों की रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए।

पर्यवेक्षक रिपोर्ट देने से पहले जिलाें के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, लोकसभा व विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों के अलावा जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के नव निर्वाचित सदस्यों से समन्वय बनाकर संभावित प्रत्याशियों का पैनल तैयार कर प्रदेश मुख्यालय को भेजेंगे। उपाध्यक्ष संगठन धस्माना ने कहा, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शन रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख पद पर पारदर्शी तरीके से चुनाव हुए तो प्रदेश में बड़ा उलटफेर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धन बल का इस्तेमाल कर किसी तरह से चुनाव जीतने का प्रपंच कर रही है।