त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं की सेहत से किसी भी प्रकार का समझौता न हो, इसके लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) उत्तराखंड ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश पर विशेष अभियान चलाया हुआ है। नवरात्रों में अभियान के पहले चरण की सफलता के बाद अब दशहरा और दीपावली को देखते हुए इसका दूसरा चरण शुरू कर दिया गया है।इस अभियान के तहत राज्यभर में मिठाई प्रतिष्ठानों, डेयरी उत्पाद विक्रेताओं, मिष्ठान भंडारों, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय स्थलों पर सघन सैंपलिंग और निरीक्षण किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, त्योहार खुशियों और मिलन का समय होते हैं। मेरी प्राथमिकता यह है कि हर घर की थाली शुद्ध रहे और हर परिवार की खुशियाँ सुरक्षित रहें। जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा। मैंने विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मिलावटखोरों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोर कार्रवाई की जाए। त्योहारों की खुशियाँ मिलावट से मुक्त हों, यही हमारी सरकार की जिम्मेदारी है।
FDA का अभियान लगातार जारी
गढ़वाल और कुमाऊँ मंडल के सभी जनपदों में गठित टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। यात्रा मार्गों पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और मोबाइल वैनों के माध्यम से सैंपलिंग की जा रही है। मुख्यालय स्तर से अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी स्वयं पूरी स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
आयुक्त FDA डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, “त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिठाई और दूध-डेयरी उत्पादों में मिलावट की शिकायतें इस मौसम में अक्सर सामने आती हैं, जिन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारा संकल्प है कि हर उपभोक्ता को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो।”
दोषियों पर सख्त कार्रवाई
त्योहारों के दौरान मिलावटखोरों की सक्रियता को देखते हुए विभाग ने पहले से ही विशेष रणनीति बनाई है। प्रत्येक जनपद स्तर पर गठित टीमें मिठाई, दूध, खोया, घी, तेल, मसाले और अन्य लोकप्रिय खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर लैब में जांच हेतु भेज रही हैं। दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि मुख्यालय स्तर से अभियान की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान योजना) के अंतर्गत पिथौरागढ़-मुनस्यारी-पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी हवाई सेवाओं का मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन हवाई सेवाओं के शुरू होने से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन सुगम होगा।
दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों को सुगम परिवहन होगा उपलब्ध : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा और मुनस्यारी उत्तराखंड के प्राचीन नगर होने के साथ ही ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर हैं। ये शहर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक मंदिरों और समृद्ध संस्कृति के लिए देश और दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हेली सेवा शुरू होने से अब पर्यटक अल्मोड़ा और मुनस्यारी तक और भी आसानी से पहुँच सकेंगे। इन सेवाओं से हल्द्वानी से अल्मोड़ा पहुँचने का समय 3 से 4 घंटे से घटकर महज़ कुछ मिनटों का रह जाएगा। हेली सेवाओं के प्रारंभ होने से दोनों क्षेत्रों में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उड़ान योजना जैसी दूरदर्शी योजना प्रारंभ की थी। इस योजना ने प्रदेश में हवाई संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके अंतर्गत राज्य के कई हिस्सों में हवाई पट्टियों और हेलीपोर्ट्स का विकास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 18 हेलीपोर्ट्स से हेली सेवाओं के संचालन की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएँ सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।
राज्य के अन्य क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेली सेवाओं से अब तक गौचर, जोशियाड़ा, हल्द्वानी, मुनस्यारी, मसूरी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हवाई संपर्क को सशक्त बनाने के साथ ही उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं के लिए विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पिथौरागढ़ -मुनस्यारी -पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में 7 दिन तथा प्रत्येक दिन दो बार संचालित होगी। पिथौरागढ़ से मुनस्यारी के लिए यह हेली सेवा सुबह 10:30 बजे एवं दोपहर 1:50 बजे चलेगी। वहीं मुनस्यारी से पिथौरागढ़ के लिए यह सेवा सुबह 10:50 बजे एवं दोपहर 2:10 बजे चलेगी।
हल्द्वानी से अल्मोड़ा के लिए हेली सेवा सुबह 11:50 बजे एवं दोपहर 3:10 बजे चलेगी। जबकि अल्मोड़ा से हल्द्वानी के लिए यह सेवा दोपहर 12:50 बजे एवं सायं 4:10 बजे चलेगी। इन हवाई सेवाओं का किराया ₹2500 है, जिसे यात्री https://airheritage.in/ के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।
कार्यक्रम में सचिव युकाडा सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा आशीष चौहान एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखण्ड सूचना आयोग ने विधानसभा सचिवालय में आरटीआई से जुड़े पत्रों के रखरखाव और कार्रवाई में गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी ने निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के दल बदल कानून के उल्लंघन से जुड़ी अपील (संख्या 42977/2025-26) की सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय अपीलीय अधिकारी (उप सचिव, विधानसभा सचिवालय) एक माह के भीतर अपीलार्थी को पूर्ण सूचना उपलब्ध कराएं और प्रथम अपील का विधिवत निस्तारण करें।
मामला जन संघर्ष मोर्चा से जुड़े जयपाल सिंह की अपील से जुड़ा था। जिन्होंने निर्दलीय विधायक के दल बदल कानून के उल्लंघन सम्बन्धी याचिका पर विधानसभा सचिवालय से सूचना मांगी थी।
अपीलार्थी ने बताया कि उनका पत्र पंजीकृत डाक से भेजा गया था, लेकिन सचिवालय की ओर से दावा किया गया कि पत्र प्राप्त ही नहीं हुआ। आयोग ने इसे गंभीर व आपत्तिजनक मानते हुए कहा कि सचिवालय में आरटीआई आवेदनों और प्रथम अपीलों का समुचित रखरखाव नहीं हो रहा है।
मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूडी ने सचिव, विधानसभा सचिवालय को निर्देशित किया है कि प्रकरण की जांच करें और भविष्य में आरटीआई से संबंधित आवेदनों एवं प्रथम अपीलों के निस्तारण के लिए सुदृढ़ नियमावली तैयार कर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दें। साथ ही की गई कार्रवाई की सूचना आयोग को भी भेजी जाए।
स्पीकर की रहस्यमय चुप्पी- मोर्चा
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि खानपुर विधायक उमेश कुमार के दल-बदल मामले में विधानसभाध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने बचाव की भूमिका निभाई। इस प्रकरण का खुलासा मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी ने जन संघर्ष मोर्चा के जयपाल सिंह की अपील पर हुई सुनवाई के दौरान भी हुआ।
नेगी ने बताया कि ढाई से तीन वर्ष तक याचिका पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पंजीकृत डाक से विधानसभा अध्यक्ष एवं सचिव को कार्रवाई हेतु पत्र भेजे, लेकिन विधानसभा सचिवालय ने मौखिक निर्देशों और दबाव में आकर पत्रों के सचिवालय तक न पहुंचने का हवाला दिया। यह दर्शाता है कि पूरा मामला दबाने की कोशिश की गई।
मुख्य सूचना आयुक्त ने सुनवाई में विधानसभा सचिवालय की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपसचिव और सचिव को समुचित जांच तथा अनुरोध पत्रों/अपीलों के निस्तारण के निर्देश दिए।
नेगी ने कहा कि हैरानी की बात है कि जिस विधायक पर ब्लैकमेलिंग, जालसाजी, यौन शोषण और संपत्ति हड़पने जैसे गंभीर आरोप हों, ऐसे विधायक का बचाव विधानसभाध्यक्ष क्यों कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले ने विधानसभाध्यक्ष की मिलीभगत की पोल खोल दी है।
गौरतलब है कि अप्रैल 2022 में खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था। मई में विधानसभा में दल बदल कानून के उल्लंघन सम्बन्धी याचिका दाखिल की गई थी। लेकिन विधानसभा भर्ती घोटाले में तुरत फुरत 200 से अधिक तदर्थ कर्मियों को नौकरी से हटाने वालीं स्पीकर ऋतु खण्डूडी उमेश कुमार के मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं ले पायीं।
तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी विधायक उमेश कुमार की सदस्यता पर फैसला नहीं होने पर कई सवाल उठ रहे हैं।
पूर्व के सालों में भी विधानसभा स्पीकर दल बदल कानून के उल्लंघन के मामले में कई विधायकों से इस्तीफा के चुके हैं। लेकिन स्पीकर ऋतु खंडूड़ी किस दबाव में उमेश कुमार की विधायकी पर निर्णय नहीं ले पा रही है। यह भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
यहां यह भी अहम बात है कि बीते मई महीने में विस सचिवालय ने याचिकाकर्ता और विधायक को नोटिस जारी किया था। लेकिन उसके बाद क्या फैसला लिया गया। यह किसी को पता नहीं।
इधऱ, मोर्चा सदस्य जयपाल की आरटीआई पर मांगी गई सूचना पर भी विधानसभा सचिवालय ने कह दिया कि उन्हें यह पत्र मिला ही नहीं। जबकि पंजीकृत डाक से पत्र भेजा गया था।
इधऱ, जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ नेगी ने कहा कि दल बदल कानून के उल्लंघन पर चुप्पी ओढ़ने वालीं स्पीकर ऋतु खंडूरी के इस्तीफे तक मोर्चा चुप बैठने वाला नहीं है।
स्पीकर नहीं लें समय पर फैसला तो लोकतंत्र को होगा नुकसान” – सुप्रीम कोर्ट
देश की सर्वोच्च अदालत ने विधायकों और सांसदों की अयोग्यता याचिकाओं में समय-बद्धता न बरतने वाले स्पीकरों की प्रक्रिया पर कड़ी नाराज़गी जताई है। जुलाई 2025 के इस आदेश से हलचल मच गई ।
चीफ जस्टिस बी.आर. गवई एवं जस्टिस ए.जी. मसीह की बेंच की तल्ख टिप्पणी और स्पीकर को तीन महीने में निर्णय लेने के आदेश के बाद हलचल मच गई
सुप्रीम कोर्ट ने ये तीखी टिप्पणी गुरुवार 31 जुलाई 2025 को की। सर्वोच्च न्यायालय ने तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर को दस BRS विधायकों की अयोग्यता याचिकाओं का निर्णय तीन महीने के भीतर लेने का निर्देश देते हुए, गम्भीर विलंब और लोकतंत्र पर संभावित खतरों को लेकर स्पष्ट टिप्पणी कर सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया।
दल-बदल कानून के उल्लंघन का एक चर्चित मसला उत्तराखण्ड से भी जुड़ा है। इस मुद्दे पर स्पीकर ने तीन महीने ही नहीं बल्कि तीन साल से ज्यादा निकाल दिए। लेकिन कोई फैसला नहीं दिया।
हालिया बेरोजगार आंदोलन की अपार सफलता के बाद युवा शक्ति पूरे जोश में है। युवा शक्ति का रथ कोटद्वार की ओर मोड़ने की पूरी तैयारी हो चुकी है।आंदोलित युवा शक्ति ने पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदेश सरकार से सीबीआई जांच समेत अन्य प्रमुख मांगे मनवाने के बाद आराम न करते हुए नयी जंग का ऐलान कर दिया। इस बार निशाने पर स्पीकर को लिया गया है।
बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष बॉबी पंवार ने स्पीकर ऋतु खंडूड़ी को पत्र लिख कर खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के दल बदल उल्लंघन से जुड़ी लंबित याचिका पर जल्द निर्णय लेने को कहा है।स्पीकर को सम्बोधित पत्र में बॉबी पंवार ने कहा की लोकतंत्र संविधान से चलता है। न कि व्यक्तिगत पसंद -नापसन्द से।बॉबी ने कहा कि तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी स्पीकर ने इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया। उन्होंने कहा कि दल बदल कानून के उल्लंघन पर सुप्रीम कोर्ट की तल्खी के बाद भी स्पीकर ने संविधान के तहत कोई ठोस फैसला नहीं लिया।स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने उमेश कुमार की सदस्यता पर चुप्पी साधे कांग्रेस के नेताओं को भी आड़े हाथ लिया।
उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने 30 सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी को लिखे पत्र में खानपुर विधायक उमेश कुमार की सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में विधानसभा अध्यक्षों पर दल बदल याचिकाओं को लंबित रखने को लेकर की गई तल्ख टिप्पणी के बावजूद, मई 2022 से दर्जनों याचिकाएं लंबित हैं और उन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
मोर्चा ने पत्र में लिखा कि पूर्व अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने पुरोला विधायक राजकुमार, धनोल्टी विधायक प्रीतम पवार और भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा की सदस्यता समाप्त कर संवैधानिक परंपराओं का सम्मान किया था। जबकि वर्तमान अध्यक्ष की ओर से खानपुर मामले में कोई फैसला न लेना गलत संदेश देता है।
पत्र में कहा गया कि यदि किसी व्यक्तिगत कारण से निर्णय नहीं लिया जा रहा है तो विधानसभा अध्यक्ष को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इस पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो यह संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत एक गलत उदाहरण बनेगा।
गौरतलब है कि मार्च 2022 में खानपुर से निर्दलीय विधायक का चुनाव जीतने के बाद उमेश कुमार ने एक नए दल में शामिल हो गए थे। इस कार्यक्रम की खूब खबरें छपी थी। मई 2022 में रविंद्र पनियाला समेत कई अन्य ने दल बदल कानून के उल्लंघन सम्बन्धी याचिका विधानसभा में पेश की थी।
लेकिन इतना लंबा समय बीतने के बाद स्पीकर ने नियमों के तहत कोई फैसला नहीं लिया। स्पीकर पर किसका दबाव है, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी सरगर्म है।
दूसरी ओर, पूर्व सीएम हरीश रावत भी स्टिंग करने वाले उमेश कुमार पर अन्य मुद्दों पर तो आक्रमण करते हैं। लेकिन उनकी विधायक बेटी अनुपमा रावत ने कभी भी उमेश कुमार के दल बदल कानून के उल्लंघन पर कोई सवाल नहीं उठाया। अन्य बड़े कांग्रेस नेता भी मौन साधे हुए हैं।
कुछ दिन पूर्व, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूडी ने भी विधानसभा सचिवालय को उमेश कुमार से जुड़े मसले पर पत्रावली के रख रखाव की सख्त हिदायत दी थी।
इधर, बॉबी पंवार ने इस मुद्दे पर लीड लेते हुए स्पीकर की विधानसभा कोटद्वार में युवा शक्ति रथ मोड़ने का ऐलान कर हड़कंप मचा दिया है। देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट की तल्खी व बॉबी पंवार की चेतावनी के बाद भी स्पीकर ऋतु खंडूड़ी लंबित फैसले को कितने दिन और टाले रखती है..
सेवा में,
श्रीमती ऋतू खंडूरी जी माननीय विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड
विषय : सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बावजूद खानपुर विधानसभा की दलबदल याचिका विषयक।
माननीय अध्यक्ष विधानसभा
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्षों द्वारा दल बदल याचिकाओं को जानबूझकर लटकाने को लेकर जो तल्ख टिप्पणी की गई उसके बाद उत्तराखंड के लोगों को यकीन था कि उत्तराखंड में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का सम्मान किया जाएगा।
मई 2022 आपके कार्यालय में खानपुर के विधायक उमेश कुमार के दल बदल करने और उनकी विधायकी समाप्त करने को लेकर जो दर्जनों याचिकाएं डाली गई इसके बावजूद आपने उपरोक्त विधायक की विधायकी समाप्त नहीं की। आपसे पहले विधानसभा अध्यक्ष रहे प्रेमचंद अग्रवाल के सम्मुख जब पुरोला के विधायक राजकुमार धनोल्टी के विधायक प्रीतम पवार और भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा की इसी प्रकार दल बदल की याचिकायें आई तो प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष की पद की गरिमा रखते हुए तीनों विधायकी समाप्त कर कानून का पालन किया जिस कुर्सी पर आप बैठी है वह नियम कायदे कानून और परंपराओं के लिए जानी जाती है। इतने लंबे समय से आप द्वारा दल बदल की उस याचिका पर निर्णय न लेने से बहुत स्पष्ट संदेश जा रहा है कि आप उस कुर्सी से न्याय नहीं कर रही है जिस पर आप आसीन हैं।
अगर आपकी कोई व्यक्तिगत मजबूरी है तो उसे आपको कोटद्वार की जनता से लेकर यमकेश्वर के लोगों तक जरूर बताना चाहिए।। हमारा स्पष्ट मानना है यह देश संविधान से चलता है और सदन में नियम कायदे कानून और परंपराएं ही सदन को आगे बढ़ाते ती हैं हम यह भी जानते हैं कि जिन लोगों ने राम सिंह कैड़ा राजकुमार और प्रीतम पंवार की विधायकी समाप्त करने के लिए छाती पीठ कर शोर मचाया था वह आज मित्र विपक्ष के रूप में मलाई खा रहे हैं।
यह प्रदेश की जनता अपनी खुली नजर से देख रही है। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने आपको इस बारे में पहले भी कई बार विभिन्न तरीके से अनुरोध किया कि आप दल बदल की इस स्पष्ट श्रेणी की याचिका पर निर्णय देकर खानपुर के विधायक उमेश कुमार की विधायकी को समाप्त करने का आदेश दें। ऐसा ना हो कि आपने बाद बनने वाले विधानसभा अध्यक्ष आपके द्वारा इन गलत निर्णय को आत्मसात करने को मजबूर हों ऐसा होना संविधान के खिलाफ होगा और नियम कायदे कानून और परंपराओं के विपरीत होगा
कृपया शीघ्र कार्यवाही कर दल बदल की इस गलत परंपरा को समाप्त करने की कृपा करें।
विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतू खंडूरी जी उत्तराखंड का युवा सीबीआई जांच करवाने का दम रखता है ।
एक प्रदेश में दो प्रकार के कानून नहीं हो सकते हैं इसी प्रकार दलबदल के लिए भारत के संविधान में जो व्यवस्था दी है उसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता। मई 2022 से दल बदल की जो याचिकाएं दबाई गई है सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद यदि बात समझ में ना आ रही हो तो युवा शक्ति का रथ बहुत जल्द कोटद्वार की ओर ही कूच करेगा।
उत्तराखंड में किसी को भी संविधान का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।