Day: October 6, 2025

शहीदों के परिजनों को अब 10 लाख की जगह 50 लाख की अनुग्रह राशि मिलेगी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को लैंसडाउन में आयोजित शहीद सम्मान समारोह में शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने की घोषणा की।

वीर सपूतों की अमर गाथाओं को नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों को ताम्रपत्र और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया तथा अमर शहीद गब्बर सिंह नेगी की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से लाई गई शहीदों के आंगन की पवित्र मिट्टी से भरे ताम्र कलशों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह मिट्टी देहरादून में बन रहे सैन्य धाम में स्थापित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्य धाम केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि अमर आत्माओं का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चली शहीद सम्मान यात्रा 2.0 शहीदों के परिजनों के आंसुओं का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं—

शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की गई।

परमवीर चक्र विजेताओं को ₹1.5 करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी।

कोटद्वार के सैनिक विश्राम गृह का जीर्णोद्धार कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा।

वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों के लिए जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर संग्रहालय के जीर्णोद्धार के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

प्रदेश के कई विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और सड़कों का नाम शहीदों के नाम पर रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। अब तक 28 शहीद परिजनों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है, जबकि 13 मामलों की प्रक्रिया जारी है। आवेदन की समय सीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से “एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान चलाने का भी आग्रह किया।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि शहीद सम्मान यात्रा 2.0 का समापन लैंसडाउन में हुआ। जिसमें 71 शहीदों के आंगन की मिट्टी एकत्र की गई है। राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है और सरकार सैनिकों के सम्मान व कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह रावत, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी लोकेश्वर सिंह सहित अनेक सैन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शहीद परिवार उपस्थित रहे।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि शहीद सम्मान यात्रा 2.0 का समापन लैंसडाउन में हुआ। जिसमें 71 शहीदों के आंगन की मिट्टी एकत्र की गई है। राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है और सरकार सैनिकों के सम्मान व कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह रावत, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी लोकेश्वर सिंह सहित अनेक सैन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शहीद परिवार उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने किया उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2025 का समापन, विजेता टीम को दी बधाई,विकल्प रहित संकल्प’ ही सफलता का मंत्र

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सीएम धामी ने किया उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2025 का समापन, विजेता टीम को दी बधाई

खेलों से जुड़ें युवा, जीवन में अनुशासन और टीमवर्क लाएं — मुख्यमंत्री धामी

प्रधानमंत्री मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ ने देश में बढ़ाई खेल संस्कृति — सीएम

राज्य में 23 खेल अकादमियों की स्थापना होगी, 920 एथलीट हर साल पाएंगे प्रशिक्षण

हल्द्वानी में बनेगा उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय, लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज

उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का केंद्र

 स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ से बनेगा उत्तराखंड खेल प्रतिभाओं का केंद्र — सीएम धामी

खिलाड़ियों को 4% खेल कोटा, ‘उत्तराखंड खेल रत्न’ और ‘हिमालय खेल रत्न’ से सम्मानित कर रही सरकार

‘ विकल्प रहित संकल्प’ ही सफलता का मंत्र — युवाओं को सीएम धामी का संदेश

 

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की द्वारा राजीव गाँधी इंटरनेशनल स्टेडियम रायपुर देहरादून में आयोजित उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2025 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया | हरिद्वार एलमास उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2025 चेपियनशिप का विजेता रहा |


सभी खिलाड़ियों एंव आयोजन समिति के पदाधिकारियों का स्वागत व अभिनन्दन करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन द्वारा उत्तराखंड प्रीमियर लीग चैंपियनशिप को जीतने वाली टीम के सभी खिलाड़ियों को बधाई दी |

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि वे सभी टीमे और खिलाड़ी जो इस बार जीत से कुछ कदम दूर रह गए हैं उनसे मेरा आग्रह है कि खेल में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन जो बात सबसे महत्वपूर्ण है वो है आपकी खेल भावना, परिश्रम और निरंतर आगे बढ़ने का जज्बा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल न केवल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि खेल के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुणों का भी विकास होता है। इसी को देखते हुए हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही ’’खेलो इंडिया’’ और ’’फिट इंडिया मूवमेंट’’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी। आज प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और पुरूषों के साथ ही महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जानकार अत्यंत प्रसन्नता हुई है कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा पुरूष खिलाडियों के साथ-साथ महिला खिलाडियों के क्रिकेट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। महिला खिलाड़ियों की चार टीमों ने इस टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन किया और मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस लीग में महिलाओं की भागीदारी भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी। मुझे बताया गया है कि इतने कम समय में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की बालिकाओं द्वारा बी.सी.सी.आई. के तत्वाधान में आयोजित अंडर 19 वर्ग की प्रतियोगिता में दो बार चैम्पियन ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया गया है। इसके साथ ही ये हमारे राज्य के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि पर्वतीय राज्य की तीन बालिकाएं राघवी बिष्ट, प्रेमा रावत एवं नंदनी कश्यप अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही है। उन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से वर्तमान में न्यूजीलैंड में होने वाली सीरीज में भारतीय टीम में जगह बनाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड के युवाओं द्वारा बढ़-चढ़कर ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लिया जा रहा है, जो पूरे भारत में उत्तराखंड की अलग पहचान बना रहा है। आज का युवा उत्तराखंड को खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा है। लेकिन, यह भी सोचने का विषय है कि उत्तराखंड का टैलेंट बाहर क्यों जा रहा है? हम जब देखते है कि हमारे पहाड़ी मूल के खिलाड़ी आईपीएल में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, पर अपने राज्य से नहीं बल्कि दूसरे राज्यों की टीम से खेल रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से कहना चाहता हूं कि उत्तराखंड की टीम देश की सबसे मजबूत टीम बने, ऐसी व्यवस्था की जाए। क्योंकि हमारी सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है। इसी वर्ष हमारे राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि’’ के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रचते हुए राज्य का गौरव बढ़ाने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड विश्वस्तरीय ’’स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर’’ के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है और अब हमारे प्रदेश में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन भी होने लग गए हैं। हमारी सरकार उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में स्थापित करने उद्देश्य से राज्य में शीघ्र ही एक ’’स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’’ भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने एक नवीन ’’खेल नीति’’ भी लागू की है | इस नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ’’आउट ऑफ टर्न’’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही, हमारी सरकार मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ’‘उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार’’ और ‘’हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’’ प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके अलावा, हमने राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और कौशल को उचित अवसर और सम्मान मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता का एक ही मूल मंत्र है “विकल्प रहित संकल्प“, इस मूल मंत्र को अपनाकर आप अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जी-जान से जुट जाएं, जिस भी फील्ड में जाएं, वहां लीडर बनें।

 

केदारनाथ मंदिर के सोने पर फिर कांग्रेस-भाजपा में आरोप प्रत्यारोप, गोदियाल ने जांच रिपोर्ट को नकारा

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केदारनाथ धाम में गर्भगृह को स्वर्ण मंडित करने के मामले में फिर से कांग्रेस व भाजपा के बीच आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया है। पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सोना गायब होने के मामले की गढ़वाल आयुक्त की रिपोर्ट को सिरे से खारिज किया।

गोदियाल ने कहा, केदारनाथ मंदिर के सोने को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए थे, लेकिन गढ़वाल आयुक्त की जांच में उन्हें शामिल नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जांच सिर्फ सरकार की बचाने के लिए की गई। समय आने पर कांग्रेस इस मामले का खुलासा करेगी और इसमें संलिप्त लोगों को बेनकाब किया जाएगा।
विपक्ष के आरोप
बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा, विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों में मैंने सरकार से स्वयं मामले की जांच कराने का आग्रह किया था। इस पर सरकार ने गढ़व़ाल आयुक्त को जांच सौंपी। केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह को स्वर्ण मंडित करने में बीकेटीसी कोई भूमिका नहीं है। एक दानदाता ने शासन को पत्र लिख कर गर्भग्रह को स्वर्ण मंडित करने का आग्रह किया था। एएसआई की रिपोर्ट के बाद सरकार ने इसकी अनुमति दी।कांग्रेस नेता गोदियाल आरोप लगा कर भाग गए। यदि उनके पास कोई तथ्य है तो सक्षम अथाॅरिटी के सामने शिकायत करते या न्यायालय में जाते। कहा, गोदियाल सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए केदारनाथ धाम की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रदेश में जमीन खरीदना हुआ महंगा; नए सर्किल रेट लागू, 22 प्रतिशत तक हुई बढ़ोतरी

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प्रदेश में नए सर्किल रेट लागू कर दिए गए हैं। सर्किल रेट में दो साल बाद हुई यह बढ़ोतरी 22 प्रतिशत तक की है। तेजी से हो रहे निर्माण व जमीनों की खरीद फरोख्त को देखते हुए सरकार ने यह वृद्धि की है। इससे अब जमीन खरीदने के साथ बहुमंजिला आवासीय भवन में घर और व्यावसायिक भवनों में दुकान खरीदना महंगा होगा।

प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को रविवार से नए सर्किल रेट लागू करने के आदेश दे दिए हैं। वर्तमान सर्किल रेट में इस बार 9 से 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। जमीनों व आवासीय फ्लैटों की रजिस्ट्री से सरकार का राजस्व बढ़ेगा। इससे पहले प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में सर्किल रेट में बढ़ोतरी की थी। वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने भी नए सर्किल रेट लागू होने की पुष्टि की है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने उन क्षेत्रों में सर्किल रेट बढ़ाए हैं, जहां पर बड़ी परियोजनाओं और आवासीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है। शासन स्तर पर लंबे समय से नए सर्किल रेट को लेकर मंथन चल रहा था।

जिलों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में सर्किल रेट में त्रुटियों के कारण शासन ने जिलों को दोबारा प्रस्ताव देने को कहा था। रविवार को देहरादून जिला प्रशासन ने नए सर्किल रेट जारी कर पांच अक्तूबर से लागू कर दिए हैं।