Month: October 2025

उत्तराखण्ड में लागू होगा “ग्रीन सेस” CM धामी ने दे दिए निर्देश; रेवेन्यू में आएगा उछाल.

55 Minutes Read -

राज्य सरकार को करोड़ों का ग्रीन सेस मिलने की उम्मीद

 

Dehradun- उत्तराखण्ड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए “ग्रीन सेस” लागू करने की घोषणा की है।
यह सेस अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर वसूला जाएगा, जिससे प्राप्त धनराशि वायु प्रदूषण नियंत्रण, हरित अवसंरचना और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पर खर्च की जाएगी।
ग्रीन सेस फ़ास्ट टैग से कटेगा। राज्य सरकार को 100 करोड़ की आमदनी होने की उम्मीद है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “उत्तराखण्ड के 25 वर्ष पूरे होने पर यह हमारी प्रतिबद्धता है कि हम राज्य को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाएँ। ‘ग्रीन सेस’ से प्राप्त राजस्व का उपयोग वायु गुणवत्ता सुधार, हरित अवसंरचना और स्मार्ट यातायात प्रबंधन में किया जाएगा।”

 

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) के मेंबर सेक्रेटरी डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि बोर्ड के अध्ययन के अनुसार देहरादून में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत सड़क की धूल (55%) है, जबकि वाहन उत्सर्जन (7%) भी एक प्रमुख कारण है।
ग्रीन सेस के माध्यम से सड़क धूल नियंत्रण और स्वच्छ वाहन नीति अपनाना शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने का सबसे प्रभावी कदम होगा।

 

भारत सरकार के “स्वच्छ वायु सर्वेक्षण –

2024” में उत्तराखण्ड के शहरों ने शानदार प्रदर्शन किया है — ऋषिकेश को 14वाँ और देहरादून को 19वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने के लिए ग्रीन सेस से मिलने वाली आय का उपयोग करेगी।

मुख्य उद्देश्य
• वायु प्रदूषण में कमी और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार
• पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर नियंत्रण
• स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को प्रोत्साहन
• सड़क धूल, वृक्षारोपण और वायु निगरानी नेटवर्क में सुधार

 

मुख्य विशेषताएँ

•   बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से “ग्रीन सेस” वसूला जाएगा
•   इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन, सोलर और बैटरी वाहनों को छूट दी जाएगी
•   इससे राज्य को लगभग ₹100 करोड़ प्रतिवर्ष की आय होने का अनुमान
•   यह राशि वायु निगरानी, रोड डस्ट नियंत्रण, हरित क्षेत्र विस्तार और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम पर व्यय होगी

राज्य सरकार ने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड को “स्वच्छ वायु – स्वस्थ जीवन” की दिशा में एक नई पहचान देगी।

Uttarakhand: सीएम धामी 30 को बिहार में करेंगे चुनावी रैली, प्रमुख नेताओं को सौंपी गई प्रचार की जिम्मेदारी.

169 Minutes Read -

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 30 अक्तूबर को बिहार में दो चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। यह चुनावी जनसभा मोतिहारी जिले के कल्याणपुर और हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र में होगी। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नेतृत्व ने जिन प्रमुख नेताओं को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है, उसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हैं।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत अपने कई निर्णयों के लिए सीएम धामी सुर्खियों में रहे हैं। सीएम धामी बिहार चुनाव में इससे पहले गोरियाकोठी, वारसलीगंज, सिवान विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर चुके हैं। एक बार फिर मुख्यमंत्री ने चुनाव जनसभाओं में वोट मांगेंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के कार्यक्रम विभाग संयोजक सुशील चौधरी ने सीएम धामी का प्रस्तावित कार्यक्रम जारी किया है। 30 अक्तूबर को सीएम धामी सुबह 11:15 पर पटना हवाई अड्डे से निजी विमान से कल्याणपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

महात्मा गांधी मिडिल स्कूल ग्राउंड, कल्याणपुर स्थित सभा स्थल पर बारह बजकर पांच मिनट पर प्रस्तावित जनसभा में सीएम धामी भाग लेंगे। इसके बाद अपराह्न 1:55 पर महावीर रामेश्वर इंटर काॅलेज, सोनवर्षा, हरसिद्धि में आयोजित जनसभा में भाग लेंगे।

Uttarakhand: प्रदेश में होगा सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन, CM धामी बोले-नवाचार केंद्र बनाए जाएंगे.

64 Minutes Read -

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं व सेवाओं के लिए विस्तार के लिए सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जाएगा। इसके अलावा सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए नवाचार केंद्र बनाए जाएंगे।

बुधवार को रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सीमांत क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं व सेवाएं देना प्राथमिकता है।

पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि-
इसके लिए जल्द ही प्रदेश में सीमांत विकास परिषद का गठन किया जाएगा। जो सीमांत क्षेत्रों के विकास व सेवाओं में सुधार के लिए काम करेगा। प्रदेश के सीमांत जिलों में नवाचार केंद्र बनाए जाएंगे। जहां पर आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य व शिक्षा से संबंधित जानकारी हासिल करने व प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न जनपदों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की। कहा, इस महोत्सव से सीमांत जनपदों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है। नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी। विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी बनाई जा रही है, जो पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

Uttarakhand: राज्य की डेमोग्राफी बचाने पर CM धामी का जोर, अधिकारियों को चेतावनी; दिए ये निर्देश.

72 Minutes Read -

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की डेमोग्राफी और सांस्कृतिक मूल्यों को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने दिया जाएगा। यहां का मूल बचा रहना चाहिए। डेमोग्राफी चेंज मामले में पहले ही राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। जिन अफसरों के कालखंड में डेमोग्राफी चेंज जैसी गतिविधियां हुई हैं। राशन कार्ड बने हों, आधार कार्ड बने हों या फिर बिजली का कनेक्शन दे दिया गया हो वे भी इसके लिए जिम्मेदार होंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से संक्षिप्त वार्ता की। कहा कि पहले के समय में राज्य की डेमोग्राफी में अंतर हुआ है। काफी चीजें ऐसी हुई हैं जिसमें पहले ध्यान नहीं दिया गया।

 

अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। सीएम ने किच्छा के खुरपिया में औद्योगिक फार्म की स्थापना का काम तेजी से करने और वहां 1000 करोड़ की लागत से आधारभूत सुविधाएं जुटाने की बात कही है। दावा किया कि औद्योगिक फार्म की स्थापना प्रदेश में रोजगार सृजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित होगी। यहां कई बड़े समूह अपने उद्योग स्थापित करेंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

हेली सेवाओं से जुड़े एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का काम तेजी से शुरू कराया जा रहा है। इसके लिए वह स्वयं केंद्रीय उड्डयन मंत्री से मिल चुके हैं। पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के मुताबिक हवाई अड्डा तैयार किया जाएगा, जहां से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए हवाई सेवाएं शुरू होंगी। इसका लाभ उत्तराखंड के लोगों के अलावा यहां आने वाले सैलानियों को भी मिलेगा।

वन अधिनियम के कारण खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर लगे अड़ंगे के सवाल पर धामी ने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय वन मंत्री से वार्ता हुई है। जल्द ही वन भूमि से संबंधित समस्याओं को हल करा दिया जाएगा। वन भूमि का मुद्दा सुलझने के तुरंत बाद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में तेजी से काम होगा।

Uttarakhand: कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दीपावली का मिला तोहफा, बोनस और महंगाई भत्ता हुआ जारी.

91 Minutes Read -

प्रदेश सरकार ने दीपावली से पहले 2.50 लाख से अधिक कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता जारी करने के आदेश जारी कर दिए। कर्मचारियों को एक जुलाई से 31 अक्तूबर तक डीए का नकद भुगतान किया जाएगा।

इसके अलावा अराजपत्रित कर्मचारियों को बोनस का लाभ दिया जाएगा। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी किए। प्रदेश सरकार ने दीपावली से पहले कर्मचारियों को बोनस व महंगाई भत्ता का तोहफा दे दिया। कर्मचारियों का इंतजार भी खत्म हुआ। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को तीन प्रतिशत डीए देने का निर्णय लिया है, जिसमें एक जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते की दर को संशोधित कर 55 प्रतिशत के स्थान पर 58 प्रतिशत किया।दीपावली से पहले कर्मचारियों को बोनस व डीए जारी करने का फैसला लिया गया।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दीपावली से पहले बोनस व डीए जारी करने की मांग की थी। अपर सचिव वित्त डॉ. अहमद इकबाल ने बताया कि बोनस व डीए के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया जारी थी। इसके बाद आज बोनस और महंगाई भत्ता जारी करने का एलान कर दिया गया।

 

Uttarakhand: प्रतिबंधित कफ सिरप और घटिया दवाओं के खिलाफ अभियान हुआ जारी. 

57 Minutes Read -

अब तक 370 से अधिक सैंपल जांच के दायरे में

Dehradun- राज्यभर में औषधि विभाग द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप और निम्न गुणवत्ता की औषधियों के विरुद्ध सघन औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है अभियान का नेतृत्व अपर आयुक्त (एफडीए) एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी कर रहे हैं। उनके निर्देशन में सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमें लगातार फील्ड पर सक्रिय हैं। अब तक 370 से अधिक सैंपल जांच हेतु संकलित किए जा चुके हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रामनगर, देहरादून और रुड़की में छापेमारी-

जनपद नैनीताल में 14 अक्टूबर 2025 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रामनगर के खताड़ी क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
बच्चों की सुरक्षा और कफ सिरप की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए की गई इस कार्रवाई में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर एक मेडिकल स्टोर को तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया, जबकि दो स्टोरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और दो स्टोर मौके पर बंद मिले।

संयुक्त टीम ने एक क्लीनिक का भी निरीक्षण किया, जहां से पांच औषधीय नमूने जांच हेतु संकलित किए गए।

इस निरीक्षण में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट, नीरज कुमार, औषधि निरीक्षक अर्चना, निधि शर्मा और शुभम कोटनाला शामिल रहे।

सेलाकुई की औषधि इकाइयों का निरीक्षण-

देहरादून में औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने दून मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेता फर्मों का औचक निरीक्षण किया। जांच में बच्चों के लिए प्रयुक्त खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाएं अलग कर रखी मिलीं, जिनके विक्रय पर रोक थी। टीम ने इन दवाओं को सील कर अग्रिम आदेशों तक विक्रय न करने के निर्देश दिए। साथ ही, सेलाकुई स्थित औषधि विनिर्माण इकाइयों से चार नमूने गुणवत्ता जांच हेतु संकलित किए गए।

रुड़की में सरकारी दवाओं का अवैध भंडारण पकड़ा गया-

जनपद हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र में औषधि निरीक्षक हरीश सिंह और मेघा ने गुप्त सूचना पर ग्राम सलीयर स्थित एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी की। यहां बिना लाइसेंस के सरकारी दवाओं का अवैध भंडारण और बिक्री करते हुए पाया गया। टीम ने मौके से 12 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं जब्त कीं, जिनमें राजस्थान और मध्यप्रदेश सरकार की सप्लाई की गई औषधियां भी शामिल थीं। सभी दवाएं सील कर जांच हेतु भेजी गईं। आगे की कार्रवाई Drugs and Cosmetics Act, 1940 के अंतर्गत की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न दिए जाएं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग की कार्रवाई सतत और प्रभावी रहेगी। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि औषधि निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अनधिकृत बिक्री, भंडारण या मिलावट में लिप्त पाए जाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि नागरिकों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां ही मिल सकें।

Uttarakhand: समूह-ग परीक्षाओं का होगा लाइव टेलीकास्ट, गेट पर ही होगी हाजिरी, मास्टर प्लान किया गया तैयार.

64 Minutes Read -

यूकेएसएसएससी अपनी आगामी भर्ती परीक्षाओं में अब किसी स्तर पर कोई कमी नहीं चाहता। लिहाजा, जो मास्टर प्लान तैयार किया गया है, उसमें परीक्षा केंद्र से लेकर आयोग तक के हर पहलू को शामिल किया गया है। इसी कड़ी में जैमर की कमियों को लेकर अहम बैठक इसी महीने होगी।

यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा में जैमर के काम न करने का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया था कि परीक्षा केंद्रों पर 4-जी जैमर थे जो 5-जी नेटवर्क को जाम नहीं कर सकते। आयोग ने अपने आगामी प्लान में जैमर को पूरी तवज्जो दी है। इसके लिए इसी महीने की 27-28 तारीख को जैमर सप्लाई करने वाली सरकारी कंपनी ईसीआईएल और बायोमीट्रिक मशीन उपलब्ध कराने वाली कंपनी के अफसरों के साथ आयोग की बैठक होगी। बैठक में सभी कमियों पर चर्चा होगी।

परीक्षा केंद्र पर परीक्षा से एक रात पहले भी सुरक्षाकर्मी होंगे तैनात-

परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करने के बाद पुलिस और मजिस्ट्रेट के संयुक्त निरीक्षण में देखा जाएगा कि उस केंद्र की दीवारें कितनी ऊंची हैं। वहां का प्रवेश और निकास द्वार कितना सुरक्षित है। आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर परीक्षा से एक रात पहले भी सुरक्षाकर्मी तैनात होंगे। जैमर का ट्रायल एक दिन पहले होगा। जहां कमी होगी, उस जैमर को तुरंत बदला जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सेक्टर मजिस्ट्रेट, परीक्षा केंद्र समन्वयक और पर्यवेक्षक की होगी, जिनकी रिपोर्ट जरूरी होगी।

केंद्र के प्रवेश द्वार पर ही सभी औपचारिकताएं-

अब परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार पर ही चेकिंग से लेकर बायोमीट्रिक हाजिरी तक की सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। अभ्यर्थी और केंद्र पर्यवेक्षक के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भीतर नहीं जा सकेगा। अगर किसी को जाने की जरूरत होगी तो आते-जाते उसकी कड़ी चेकिंग होगी।

परीक्षा का लाइव टेलीकास्ट होगा-

समूह-ग भर्ती परीक्षा का आयोग लाइव टेलीकास्ट करेगा। इसका कंट्रोल रूम आयोग कार्यालय में बनाया जाएगा। हर केंद्र की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों पर आयोग यहां से भी नजर रखेगा।

एक ही पाली में होगी परीक्षाएं-

आयोग ने उन खबरों का भी खंडन किया, जिनमें परीक्षाएं दो पालियों में कराने का दावा किया जा रहा है। आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने कहा कि केवल एक ही पाली में परीक्षाएं होंगी।

CM धामी ने किया किसान मेले का उद्घाटन; किसानों के हित में सरकार ने किये अहम फैसले- CM

49 Minutes Read -

Pantnagar- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण और “पंतनगर प्रवाह” पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के किसान मेले में देशभर से 400 से अधिक स्टॉल और 200 से ज्यादा स्टार्टअप्स व उद्योगों की सहभागिता रही है। यह मेला किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम है।

 

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक विधियों से खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई जैसी सुविधाएँ प्रदान कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये के पॉलीहाउस निर्माण, गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने के मूल्य में 20 रुपये की वृद्धि की गई है।

 

उन्होंने कहा कि राज्य में 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” स्वीकृत किया गया है। साथ ही सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीति से बागवानी को नई दिशा दी जा रही है, जिसके तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 5 लाख रुपये तक बढ़ाया है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से पारंपरिक खेती पर अनुसंधान कर आधुनिक तकनीक को किसानों तक शीघ्र पहुँचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस वर्ष मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं और 20 हजार से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया।

 

कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Uttarakhand: राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों के आकलन को लेकर तैयारी हुई शुरू, UP, राजस्थान के वन कर्मी होंगे शामिल.

76 Minutes Read -

बाघों के आकलन को लेकर तैयारी शुरू हो गई। राजाजी टाइगर रिजर्व में कई राज्यों के वन कर्मियों को बाघ आकलन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। बाघों के आकलन का काम व्यापक और कई स्तर पर होता है।

आकलन का काम शुरू होने से पहले ट्रेनिंग, साइंस सर्वे, कैमरा ट्रैप लगाने समेत अन्य कार्य होते हैं। कैमरा ट्रैप में आए फोटोग्राफ का भारतीय वन्यजीव संस्थान में अध्ययन होता है। इसके बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाता है। बाघ आकलन का काम वर्ष-2026 में शुरू होना है, इसको लेकर तैयारियों को शुरू किया गया है।

राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक कोको रोसो कहते हैं कि बाघ आकलन से जुड़े कार्य की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 से 20 नवंबर को आरटीआर में रखा गया है। इसमें राजस्थान, यूपी, बिहार और उत्तराखंड के 100 वन कर्मी शामिल होंगे। इसमें टाइगर रिजर्व या जिन प्रभागों में बाघ हैं वहां के वन कर्मी होंगे। संबंधित कर्मियों को बाघ आकलन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इसमें कैमरा ट्रैप का ग्रिड लगाने समेत अन्य कार्याें के बारे में बताया जाएगा।

 

Uttarakhand: चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुों में भारी उत्साह; 48.30 लाख से अधिक यात्री कर चुके है दर्शन.

57 Minutes Read -

चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। इस बार 12 अक्तूबर को बीते वर्ष पूरे यात्रा काल में दर्शन करने वाले 48.04 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया है। जबकि यात्रा अभी जारी है। 25 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही यात्रा अगले साल तक के लिए बंद हो जाएगी।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2024 में चारधाम व हेमकुंड साहिब में कुल 48.04,216 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस बार अक्तूबर माह में ही यह आंकड़ा पार होने से नया रिकॉर्ड बन गया है। जबकि 2023 में चारधाम यात्रा में 56 लाख से अधिक श्रद्धालु आए थे। इस साल खराब मौसम के साथ आपदा की घटनाओं का चारधाम यात्रा पर बड़ा असर पड़ा। उत्तरकाशी जिले के धराली व हर्षिल में आए भयानक आपदा से यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा कई दिनों तक पूरी तरह से बंद रही।

क्षतिग्रस्त गंगोत्री नेशनल हाईवे यातायात के लिए बहाल होने पर गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा शुरू हो पाई। अब चारधाम यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या में नया रिकॉर्ड बनाया है। चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 30 अप्रैल से 12 अक्तूबर 2025 तक हेमकुंड साहेब समेत चारधाम यात्रा में 48,30,393 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

 

चारधाम यात्रा में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या-

धाम                2024             2025(12 अक्तूबर तक)
केदारनाथ       16,51,980      16,90,298
बदरीनाथ        14,35,401      14,84,441
गंगोत्री             8,18,273        7,43,733
यमुनोत्री           7,14,779       6,37,480
हेमकुंड साहिब  1,83,592       2,74,441

इस बार प्रदेश में आपदा की चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड बनना प्रदेश सरकार की ओर से से किए प्रबंधन व व्यवस्था का परिणाम है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुलभ यात्रा सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले समय में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।
– सतपाल महाराज, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री