Day: November 25, 2025

मांस वाहन को रोकने और वाहन चालक से मारपीट के मामले में फरार भाजपा नेता स्कूटी से पहुंचे कोतवाली आत्मसमर्पण करने, कोर्ट में पेश कर भेजा जेल

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मीट प्रकरण में फरार चल रहे भाजपा पूर्व नगर अध्यक्ष मदन जोशी स्कूटी से कोतवाली पहुंचे और आत्म समर्पण कर दिया। उधर पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। भाजपा नेता की गिरफ्तारी को लेकर विधायक समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे। 23 अक्तूबर को मांस वाहन को रोकने और वाहन चालक से मारपीट के मामले में पुलिस ने वाहन चालक की पत्नी की तहरीर पर भाजपा नेता मदन जोशी समेत पांच नामजद व 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद पुलिस लंबे से भाजपा नेता की गिरफ़्तारी के प्रयास कर रहे थी।

वहीं सोमवार को भाजपा नेता की हाई कोर्ट से ज़मानत याचिका ख़ारिज होने के बाद मंगलवार सुबह मदन जोशी ने समर्पण के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड की। जिसके कुछ देर बाद बड़ी संख्या भाजपा कार्यकर्ता व समर्थक कोतवाली पहुंच गए।

उधर गिरफ्तारी को लेकर पुलिस भी भारी संख्या में तैनात की गई। इसी बीच भाजपा नेता भीड़ के बीच स्कूटी से कोतवाली पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

चुनाव आयोग के एसआईआर के नाम पर ठगी शुरू, उत्तराखंड में कई लोगों के पास आ चुके हैं OTP

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चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर कई राज्यों में ठगी शुरू हो गई है। उत्तराखंड में भी इसे लेकर सतर्क रहने की अपील की गई है। साइबर पुलिस और चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के लिए बीएलओ को ओटीपी की जरूरत नहीं होती है।

प्रदेश में जल्द ही एसआईआर शुरू होने वाला है। वर्तमान में पड़ोसी राज्य यूपी समेत देश के 12 राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच यूपी में कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जब ठग बीएलओ या चुनाव आयोग के नाम पर फोन करके ओटीपी पूछकर खाते खाली कर रहे हैं। इससे एसआईआर को लेकर लोगों के बीच भ्रम भी बढ़ाया जा रहा है।

साइबर पुलिस भी ठगी के इस नए ट्रेंड पर नजर बनाए हुए
उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, पहली बात तो ये है कि उत्तराखंड में अभी एसआईआर शुरू नहीं हुआ है। दूसरा बीएलओ को मोबाइल ओटीपी की जरूरत नहीं होती। बीएलओ आपको जो एन्म्यूरेशन फॉर्म देंगे, उसे भरकर वापस जमा कराना है। अगर आप ऑनलाइन एसआईआर भर रहे हैं तो इसमें ओटीपी की जरूरत पड़ सकती है लेकिन यह आपको खुद भरना होता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के नाम पर किसी तरह के ठगों के जाल में न आएं। उत्तराखंड की साइबर पुलिस भी ठगी के इस नए ट्रेंड पर नजर बनाए हुए हैं।

एसआईआर की जानकारी टोलफ्री नंबर से लें
अगर आपके मन में एसआईआर को लेकर कोई सवाल है। आप सीधे चुनाव आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। आपको यहां सभी तरह की जानकारी, जरूरी दस्तावेज, एसआईआर की प्रक्रिया की पूरी जानकारी मिलेगी।