Month: February 2026

Uttarakhand: उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में शामिल हुए CM धामी, कहा- उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति के संरक्षण में जुटी है सरकार।

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उत्तरायणी कौथिक महोत्स में लोक कलाकार सम्मनित

देहरादून-  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला प्रेमियों एवं बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोक संस्कृति को एक सूत्र में पिरोकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है।

महोत्सव के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सेवा संकल्प फाउंडेशन, संस्थापक गीता धामी तथा आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं तथा लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और कारीगरी को समझने का अवसर देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव तथा झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महोत्सव में लगे स्टॉलों के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और उत्तराखंडी व्यंजनों के प्रदर्शन की सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य हो रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाई है।

इसके अलावा स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

 

किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है और युवाओं को रोजगार देने में भी राज्य अग्रणी बना है। उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।

नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2023-24 में भी उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में राज्य को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।

 

राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। वर्ल्ड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवार्ड में भी राज्य को ‘वन टू वॉच’ सम्मान मिला है। मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2024 में राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला तथा अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन में ‘बेस्ट स्टेट फॉर प्रोमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम’ सम्मान प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। कोरोना काल में लगभग 3200 कलाकारों को आर्थिक सहायता दी गई तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोक कलाकारों को पेंशन दी जा रही है। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार लोक साहित्य के प्रकाशन, आर्ट गैलरी स्थापना तथा स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है।
सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि चार दिवसीय महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद और जीवनशैली को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे राज्य की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करता है और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास है।

 

उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य पूरा होगा।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, अनिल नौटियाल, भोपाल राम टम्टा, सुरेश गढ़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

Uttarakhand: देहरादून में सड़कों की खुदाई पर डीएम का सख्त एक्शन, 7 एजेंसियों के परमिट हुए रद।

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Dehradun: विकास के नाम पर सड़कों को बेतरतीब ढंग से खोदने और साइट पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने पर जिलाधिकारी सविन बंसल का सब्र जवाब दे दिया। जिलाधिकारी बंसल की बार बार की हिदायत को नजरअंदाज किए जाने के बाद प्रशासन ने रोड में लगीं सात एजेंसियों की अनुमति रद्द कर दी है। अब ये एजेंसी फिलहाल आगे सड़कों की खोदाई नहीं कर पाएंगी।

 

दैनिक जागरण ने रविवार के अंक पर सड़कों पर मनमर्जी की खोदाई और उससे नागरिकों को होने वाली परेशानी पर विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया गया था कि निर्माण एजेंसियां सुधरने को तैयार नहीं हैं। जिलाधिकारी ने खबर का संज्ञान लेकर विभिन्न कार्यों के लिए अधिशासी अभियंता (उत्तर) जल संस्थान, अधीक्षण अभियंता पिटकुल, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम (कौलागढ़ रोड), यूयूएसडीए, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम (दक्षिण), अधिशासी अभियंता जल संस्थान (दक्षिण) और स्मार्ट सिटी को दी गई सभी अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई।

 

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रशासन की क्यूआरटी ने समय समय पर निरीक्षण में पाया कि निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा मानकों का घोर अभाव है। इसके लिए लापरवाह एजेंसियों के विरुद्ध एफआइआर और दंडात्मक कार्रवाई की गई। जब इसके बाद भी सुधार नजर नहीं आया तो रोड कटिंग की अनुमति निरस्त करने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं था।

 

लोनिवि और राजमार्ग अधिकारी 10 दिन में सड़क करेंगे दुरुस्त-
रोड कटिंग की सभी अनुमति निरस्त किए जाने के साथ ही जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, नगर निगम और सड़क निर्माण से जुड़ी अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए कि वह 10 दिन के भीतर सड़कों को पूर्व की स्थिति में ले आएं। मरम्मत कार्य में किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Uttarakhand Weather: आज बदलेगा मौसम, पहाड़ से मैदान तक खिली धूप; कोहरे के साथ बारिश-बर्फबारी के भी आसार।

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उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक रविवार को माैसम साफ रहा और दिन में धूप खिली रही लेकिन मैदानी इलाकों में सोमवार को कोहरा छाने के साथ पर्वतीय इलाकों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इसके चलते ठंड बढ़ सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में कोहरा छाने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी के आसार हैं। खासकर प्रदेश के 3000 मीटर से अधिक से ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना अधिक है। आने वाले दिनों की बात करें तो 11 फरवरी तक प्रदेश में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा।

12 फरवरी से मौसम शुष्क होगा और मैदानी हिस्सों में तेज धूप खिलने से गर्मी का अहसास होगा और तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। रविवार को दून में चटख धूप खिलने से यहां का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री इजाफे के साथ 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री बढ़ाेतरी के साथ 9.2 डिग्री दर्ज किया गया। ऐसा ही हाल प्रदेश के सभी हिस्सों में रहा।