Author: Manisha Rana

Uttarakhand: कृषि मंत्री गणेश जोशी की बढ़ी मुश्किलें, कैबिनेट के निर्णय के बाद कोर्ट लेगी मुकदमे का फैसला।

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कृषि मंत्री गणेश जोशी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज होगा या नहीं इसका फैसला कोर्ट कैबिनेट के निर्णय के बाद लेगा। कोर्ट द्वारा इसके लिए इसके लिए 19 अक्टूबर की तिथि नियत की गई है।

नेगी ने इस संबंध में कोर्ट को (सीआरपीसी 156(3) के तहत) प्रार्थनापत्र देकर विजिलेंस में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। इस पर स्पेशल विजिलेंस जज मनीष मिश्रा की कोर्ट ने विजिलेंस से आख्या मांगी थी। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई हुई। विजिलेंस ने अपनी आख्या के साथ एक पत्र भी कोर्ट में प्रस्तुत किया।
तीन महीने का समय 8 अक्तूबर को समाप्त हो रहा-
आठ जुलाई 2024 का यह पत्र कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की ओर से विजिलेंस को भेजा गया है। इस पत्र में सचिव मंत्री परिषद (गोपन विभाग) को शिकायत का अपने स्तर से परीक्षण कर यथोचित कार्रवाई करने को कहा गया है। 

कोर्ट में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुसार मंत्री परिषद कार्यपालिका की निर्णय लेने के लिए सर्वोच्च संस्था है। इस पत्र से साफ होता है कि यह मामला पहले ही मंत्री परिषद को भेजा जा चुका है। कोर्ट में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के नियमानुसार ऐसे मामलों में मुकदमा दर्ज करने के आदेश से पहले कैबिनेट के फैसले का तीन महीने तक इंतजार किया जाता है।

 

पत्र सात जुलाई को भेजा गया था। इसके अनुसार तीन महीने का समय आठ अक्तूबर को समाप्त हो रहा है। लिहाजा इसके बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। लिहाजा कोर्ट ने इस मामले में अब 19 अक्तूबर की तिथि नियत की है।

Modi Cabinet: किसानों के लिए सरकार ने किए 7 बड़े ऐलान, 13966 करोड़ रुपये की योजनाओं को मिली मंजूरी।

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मोदी कैबिनेट ने आज किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए 13,966 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 7 योजनाओं को मंजूरी दी। सरकार ने कहा कि किसानों के जीवन को बेहतर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसले लिए गए हैं।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैठक में कृषि से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने और देश भर में खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि ये उपाय कृषि क्षेत्र को समर्थन देने, सतत विकास को बढ़ावा देने और सभी नागरिकों के लिए भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

इन योजनाओं की दी गई मंजूरी-

  • डिजिटल कृषि मिशन: अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि पहला अहम निर्णय है डिजिटल कृषि मिशन। इसे कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की संरचना की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। कुछ अच्छे पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं और हमने सफलता हासिल की है, कुल 20,817 करोड़ रुपये के निवेश के साथ, डिजिटल कृषि मिशन स्थापित किया जाएगा।
  • खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए फसल विज्ञान: दूसरा अहम निर्णय है खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए फसल विज्ञान को बढ़ावा देना। इसके तहत 3979 करोड़ रुपये की लागत से किसानों को जलवायु परिवर्तन के हिसाब से फसल उगाने करने के लिए तैयार किया जाएगा और 2047 तक खाद्य सुरक्षा मिलेगी।
  • कृषि शिक्षा, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान को सुदृढ़ बनाना: केंद्र सरकार ने कृषि शिक्षा, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान को मजबूत करने के लिए भी 2,291 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत कृषि छात्रों और शोधकर्ताओं को वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा।
  • सतत पशुधन स्वास्थ्य और उत्पादन: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पशुधन और डेयरी से किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सतत पशुधन स्वास्थ्य और उत्पादन के लिए 1,702 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की है। इसके तहत पशु स्वास्थ्य प्रबंधन और पशु चिकित्सा शिक्षा एवं डेयरी उत्पादन और प्रौद्योगिकी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • बागवानी का सतत विकास: केंद्र ने बागवानी पौधों से किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बागवानी का सतत विकास करने के उद्देश्य से 860 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
  • कृषि विज्ञान केंद्र का सुदृढ़ीकरण: केंद्र सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्र के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,202 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
  • प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन: प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए भी 1,115 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

 

Fake Registry Scam: उत्तराखंड समेत इन 5 राज्यों में ED की छापेमारी, इस बड़े घोटाले से जुड़े हैं तार, भू-माफिया समेत कई के ठिकानों पर पहुंची टीम.

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उत्तराखंड में हुए अब तक के सबसे बड़े ‘फर्जी रजिस्ट्री घोटाला’ मामले में उत्तराखंड समेत देश के पांच राज्यों में ईडी की कार्रवाई जारी है। ईडी सभी जगह सर्च ऑपरेशन चला रही है। देहरादून में भी ED की छापेमारी जारी है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी द्वारा दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, असम, पंजाब के लुधियाना सहित कुल डेढ़ दर्जन लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन चला रही है।

यह कार्रवाई कई भू माफिया, रजिस्ट्री कार्यालय में कार्यरत सरकारी कर्मचारी -अधिकारी, सरकारी वकील सहित कुछ बिल्डर के लोकेशन पर चल रही है।

ये था मामला-

बता दें कि जुलाई 2022 में देहरादून फर्जी रजिस्ट्री घोटाला सामने आया था। इस मामले में पुलिस 18 मुकदमे दर्ज कर चुकी है। वहीं, 20 से ज्यादा आरोपी जेल में बंद हैं। वहीं, दो बड़े अधिवक्ता भी इस मामले में आरोपी हैं।

रजिस्ट्री घोटाले से जुड़े हैं तार-

बताया जा रहा है कि इस छापेमारी के तार देहरादून में हुए रजिस्ट्री घोटाले से जुड़े हुए हैं। राज्य के सबसे बड़े रजिस्ट्री घोटाले में कई बड़े भूमाफिया शामिल हैं। कई अन्य राज्यों के भूमाफियाओं की भी इस केस में मिलीभगत की आशंका है। ऐसे में ईडी ने इस मामले में पुख्ता इनपुट के बाद कार्रवाई की है।

 

 

Uttarakhand: चमोली के पगनो गांव में बारिश का कहर, मलबा आने से 4 मकान क्षतिग्रस्त, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी.

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उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का कहर जारी है. चमोली के पगनो गांव में बारिश ने कहर बरपाया हुआ है. गुरुवार देर रात को मूसलाधार बारिश के बाद मलबा आने से 4 मकान और 2 गौशाला क्षतिग्रस्त हो गए. ग्रामीण किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से बाहर निकल आए.

पगनो गांव में मलबा आने से चार मकान क्षतिग्रस्त-

गुरुवार की रात को पगनो गांव में मलबा आने से 2 गौशाला और 4 मकान क्षतिग्रस्त हो गए. किसी तरह ग्रामीण अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागे. आपको बता दें कि लगातार पिछले तीन साल से पगनो गांव में भूस्खलन हो रहा है जिससे गांव के 53 परिवार खतरे के साए में जी रहें हैं. गांव के लोगों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि देर रात बारिश के बाद अचानक घरों में तेजी से मलबा आ घुसा.

दहशत में ग्रामीण-

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के चलते लगातार मलबा गांव में आ रहा है जिसके कारण खेत और रास्ते मलबे से भरे हुए हैं. लोगों का कहना है कि रात को यदि बारिश होती है तो सभी लोग दहशत में आ जाते हैं.

इन जिलों में अलर्ट जारी-

मौसम निदेशक के अनुसार शुक्रवार को देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिले में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र दौर की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों ने इन जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. जबकि उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है.

 

मानसून का कहर: केदारघाटी में मलबे में दबने से 4 श्रमिकों की मौत, रेस्क्यू टीम ने बरामद किए शव.

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उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश में कहर बरपाया हुआ है. केदारनाथ हाईवे के फाटा के पास भारी बारिश के चलते मलबे में दबने से चार नेपाली मूल के मजदूरों की मौत हो गई. घटना की सूचना पर रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों के शव बरामद कर लिए हैं.

 

केदारघाटी में मलबे में दबे 4 श्रमिक-

भारी बारिश के कारण प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही है. प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार लगातार हो रही भारी बारिश के चलते 22 अगस्त की रात करीब एक बजे के आसपास फाटा में पवनहंस के हैलीपैड के पास खाट गधेरे के किनारे बने डेरे में रह रहे चार लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना पुलिस को मिली.

रेस्क्यू टीम ने बरामद किए शव-

सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य के लिए रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंची. रेस्क्यू टीमों ने मलबे में दबे हुए लोगों को निकालने का कार्य शुरू किया. कड़ी मशक्कत के बाद के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया है. तब तक चार श्रमिकों की मौत हो चुकी थी.

मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट-

मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार शुक्रवार को कुमाऊं मंडल के बागेश्वर जिले के भारी बारिश के आसार हैं. जिसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून, चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया है.

 

Uttarakhand: मानसून सत्र का आज तीसरा दिन, आपदा के मामले पर चर्चा के दौरान विपक्ष के विधायकों ने किया वाकआउट।

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उत्तराखंड में विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ. तीसरे दिन सदन में सत्र की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के विधायकों ने आपदा प्रबंबधं का मुद्दा उठाया. आपदा के मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष के विधायकों ने सदन से वाकआउट कर लिया.

विपक्ष के विधायकों ने किया सदन से वाकआउट-

कार्यवाही शुरू होने के बाद विधायकों ने नियम 310 के तहत आपदा के मुद्दे पर चर्चा की मांग की. आपदा के मामले पर चर्चा के दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ. जिसके बाद विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर लिया. आपदा के मुद्दे पर सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में पूरी गंभीरता से काम कर रही है। वह खुद आपदा ग्रस्त क्षेत्र में लगातार दौरे कर रहे हैं.

सीएम धामी ने कसा तंज-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहां कि सरकारी मशीनरी भी आपदा को लेकर गंभीर है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कांग्रेस को 2013 की आपदा भी देखनी चाहिए जब आपदा पीड़ितों को राहत देने के बजाय कांग्रेस राजनीति करने के लिए दिल्ली में मौजूद थी.

 

 

Kolkata Case: कोलकाता मामले को लेकर दुनियाभर में उठी आवाजें, न्यूयॉर्क से लेकर लंदन तक सड़कों पर उतरे लोग।

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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में बीते दिनों एक महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना से पूरे देश में गुस्सा है। इसे लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। खासकर डॉक्टर्स और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोग लगातार कोलकाता मामले में न्याय की मांग उठा रहे हैं। अब यह विरोध प्रदर्शन वैश्विक स्तर पर पहुंच गया है। दुनियाभर में फैले भारतीय मूल के लोग इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठा रहे हैं और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्कवायर पर हुआ प्रदर्शन-
कोलकाता की घटना के विरोध में 14 अगस्त की रात को न्यूयॉर्क के टाइम्स स्कवायर पर एक धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब 40 लोग इकट्ठा हुए और बंगाल में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और डॉक्टर्स के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया। अमेरिका के लॉस एंजेल्स में लेक हॉलीवुड पार्क में भी प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए और कोलकाता की घटना को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब 250 भारतीय मूल के लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने अपने हाथों में प्लेकार्ड और बैनर पकड़े हुए थे।

इसी तरह ह्यूस्टन में रहने वाले भारतीय समुदाय ने भी आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना को लेकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने एक महिला डॉक्टर की मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर दुष्कर्म और हत्या को सिस्टम की असफलता करार दिया और सख्त कार्रवाई की मांग की। शिकागो में बंगाली समुदाय के लोगों ने गुरुवार को एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। साथ ही अटलांटा में भी कोलकाता की घटना को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया।

जर्मनी, पौलेंड और कनाडा में भी प्रदर्शन-
जर्मनी के कोलोग्ने में भी भारतीय मूल के लोग इकट्ठा हुए और डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या की घटना पर नाराजगी जाहिर की। ब्रिटेन के लीड्स में भी बीती 14 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने कहा कि वह घटना को लेकर दुखी और गुस्से में हैं। लोगों ने इस दौरान अपनी बांह पर विरोध स्वरूप काली पट्टी बांध रखी थी और पीड़िता की याद में एक मिनट का मौन धारण किया। लीड्स के साथ ही मैनचेस्टर में भी लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। साथ ही लंदन के ट्रिनिटी चर्च, एडिनबर्ग की प्रिंसेस स्ट्रीट, पौलेंड के कराकोव, कनाडा के ऑस्टिन में भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

Kolkata Doctor Rape-Murder Case: आज उत्‍तराखंड में भी 24 घंटे के कार्य बहिष्कार पर डॉक्‍टर, देखें तस्वीरें।

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8 अगस्त को कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर साथ बलात्कार और हत्या की घटना से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तराखंड में भी आज डॉक्टर 24 घंटे का कार्य बहिष्कार करेंगे। आज पूरे प्रदेश में अस्पतालों में ओपीडी की सेवाएं ठप रहेंगी।

आज उत्तराखंड में भी डॉक्टरों की हड़ताल-

कोलकाता में रेजिडेंट महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या की घटना से पूरे देश में आक्रोश देखने को मिल रहा है। डॉक्टर्स और नर्स हड़ताल कर रहे हैं।

आज उत्तराखंड में भी डॉक्टरों की हड़ताल है। 24 घंटे तक प्रदेश में ओपीडी की सेवाएं ठप रहेंगी। हालांकि इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और वीआईपी ड्यूटी के लिए सेवाएं यथावत रहेंगी।

ऋषिकेश एम्स में आज भी चिकित्सकों की हड़ताल-

आपको बता दें कि बीते चार दिनों से ऋषिकेश एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। आज पांचवे दिन भी ऋषिकेश एम्स में डॉक्टरों की हड़ताल जारी है।वहीं, आज आईएमए ऋषिकेश के बैनर तले निजी अस्पतालों में भी चिकित्सक सामूहिक हड़ताल पर हैं। हिमालयन विश्वविद्यालय जौली ग्रांट के चिकित्सकों व मेडिकल स्टूडेंट की ओर से कोलकाता प्रकरण को लेकर विरोध मार्च निकाला गया।

कोलकाता पुलिस और राज्य सरकार ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिससे देश-प्रदेश के चिकित्सकों में आक्रोश है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करें। अपराधियों व अराजक तत्वों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए।चिकित्सालयों में चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए जो एक्ट बना हुआ है, उसका सख्ती से पालन किया जाए। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।

Assembly Election: J&K में 18 सितंबर से 3 चरण में मतदान, हरियाणा में 1 अक्टूबर को वोटिंग, 4 अक्टूबर को नतीजे होंगे घोषित।

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निर्वाचन आयोग ने आज (शुक्रवार को) तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान किया। बता दें कि चुनाव आयोग ने हाल ही में दोनों राज्यों का दौरा भी किया था। जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव होने वाला है। जहां जम्मू कश्मीर में तीन चरणों में तो वहीं हरियाणा में एक चरण में मतदान होगा। दोनों राज्यों में नतीजे चार अक्तूबर को जारी होंगे।

हरियाणा में भी चुनाव- 
हरियाणा में मौजूदा सरकार का कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है। यहां आखिरी बार 2019 में चुनाव हुए थे। तब भाजपा-जजपा ने साथ आकर सरकार बनाई थी। हालांकि, इसी साल मार्च में दोनों पार्टियों का गठबंधन टूट गया था। दूसरी तरफ भाजपा ने मनोहर लाल खट्टर को हटाकर नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री नियुक्त किया था। हरियाण में 27 अगस्त को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो जाएगी। राज्य में एक चरण में एक अक्तूबर को मतदान होगा और चार अक्तूबर को नतीजे जारी होंगे।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव तारीखों का हुआ ऐलान –
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में 2018 में सरकार भंग होने के बाद से ही चुनाव नहीं हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में चुनाव हुए थे। तब भाजपा-पीडीपी ने गठबंधन बनाया था। हालांकि, बाद में भाजपा ने इस गठबंधन से दूरी बना ली। 2018 में भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी। जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची 20 अगस्त को जारी होगी। जम्मू कश्मीर में तीन चरणों चुनाव होगा। 18 सितंबर को पहले चरण का मतदान, 25 सितंबर को दूसरे चरण का मतदान और एक अक्तूबर को तीसरे चरण का मतदान होगा। नतीजे चार अक्तूबर को जारी होंगे।

Assembly Election: आज 3 बजे होगी निर्वाचन आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस, विधानसभा चुनाव की तारीखों का हो सकता है एलान।

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निर्वाचन आयोग आज (शुक्रवार को) तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान करेगा। चुनाव आयोग ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा का दौरा भी किया था।

हरियाणा में भी चुनाव तारीखों की घोषणा संभव
हरियाणा में मौजूदा सरकार का कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है। यहां आखिरी बार 2019 में चुनाव हुए थे। तब भाजपा-जजपा ने साथ आकर सरकार बनाई थी। हालांकि, इसी साल मार्च में दोनों पार्टियों का गठबंधन टूट गया था। दूसरी तरफ भाजपा ने मनोहर लाल खट्टर को हटाकर नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री नियुक्त किया था।

महाराष्ट्र में नवंबर में खत्म हो रहा सरकार का कार्यकाल
इसके अलावा महाराष्ट्र में इसी साल नवंबर में सरकार का कार्यकाल खत्म हो रहा है। राजनीतिक रूप से सबसे पेचीदा गठबंधन वाले इस राज्य में फिलहाल एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार है। यहां भाजपा गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र में भी चुनाव का एलान आज ही किया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव का हो सकता है एलान
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में 2018 में सरकार भंग होने के बाद से ही चुनाव नहीं हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में चुनाव हुए थे। तब भाजपा-पीडीपी ने गठबंधन बनाया था। हालांकि, बाद में भाजपा ने इस गठबंधन से दूरी बना ली। 2018 में भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी।
झारखंड में भी हो सकता है चुनाव का एलान
झारखंड में मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार का कार्यकाल जनवरी 2025 में खत्म हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग इस राज्य में भी विधानसभा चुनाव का एलान कर सकता है। मौजूदा समय में 81 विधायकों वाली झारखंड विधानसभा में झामुमो-कांग्रेस की गठबंधन की सरकार है। सत्तारूढ़ गठबंधन के पास 48 विधायक हैं, जबकि एनडीए के पास 32 विधायक हैं।