Author: Manisha Rana

NEET UG 2024 Result: नीट यूजी का रिजल्ट आज होगा जारी, केंद्रवार होगी घोषणा; जानिए कैसे और कहां कर सकते है रिजल्ट चेक.

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NEET UG Result 2024: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आज दोपहर 12 बजे तक neet.ntaonline.in. पर नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG 2024) के लिए शहर और केंद्रवार नतीजे जारी करेगा।

इस मामले की सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को छात्रों की पहचान छिपाते हुए आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से (NEET UG) के नतीजे प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद एनटीए द्वारा ग्रेस मार्क्स दिए गए।

 

परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि परीक्षा को फिर से यानी नए सिरे से आयोजित करने के किसी भी आदेश का ठोस निष्कर्ष यह होना चाहिए कि पूरी प्रक्रिया की पवित्रता प्रभावित हुई है।

दिन भर चली सुनवाई के दौरान पीठ ने उम्मीदवारों के वकील से परीक्षा आयोजित करने में व्यापक अनियमितताओं के बारे में अपना दावा साबित करने के लिए कहा।

नीट का रिजल्ट आमतौर पर ऑनलाइन जारी किया जाता है। यह रिजल्ट एनटीए की एक ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होता है, जहां छात्र अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी का उपयोग करके अपना परिणाम देख सकते हैं।

 

नीट के रिजल्ट की घोषणा भी समाचार पत्रों में दी जाती थी और अन्य साइटों द्वारा भी इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाती थी। नीट के रिजल्ट में छात्रों की मार्क्स, रैंकिंग और अन्य विवरण शामिल होते हैं। छात्र अपनी रैंकिंग के आधार पर विभिन्न चिकित्सा कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।

NEET UG Result 2024: जानिए कैसे जारी होगा रिजल्ट-

नीट का रिजल्ट ऑनलाइन जारी किया जाएगा। यह रिजल्ट एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होगा, जहां छात्र अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी का उपयोग करके अपना परिणाम देख सकेंगे।

 

Uttar Pradesh: यूपी में संगठन-सरकार में हो सकते हैं बड़े बदलाव !

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बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश की सियासत में किसी बड़े बदलाव’ को लेकर खूब चर्चाएं हो रही हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद बीते तकरीबन 12 घंटे से उत्तर प्रदेश की सियासत में भारी फेरबदल की बात हो रही है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों की मानें, तो उत्तर प्रदेश के संगठन और सरकार में कुछ बदलाव तो होने तय हैं।

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद से हार के कारणों पर चर्चा हो रही है। इन्हीं चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश में बड़े फेरबदल की बात की जा रही थी। लगातार उत्तर प्रदेश के बड़े नेता मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में थे। लेकिन बीते 12 घंटे के भीतर जिस तरीके से उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मची है, उसे लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि भाजपा सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में शुरुआती दौर में जो बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, उसमें मंत्रिमंडल का विस्तार महत्वपूर्ण है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ संगठन में फेरबदल की बातचीत हुई है। सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में फेरबदल या बदलाव की जो भूमिका बनाई गई है, उसमें जातिगत समीकरणों और जहां पर पार्टी चुनाव हारी है उसका पूरा सियासी खाकर खींचा गया है।

जानिये क्या-क्या बदलाव हो सकते है-

सूत्रों के मुताबिक जिन इलाकों में लोकसभा सीटें भारतीय जनता पार्टी हारी है, उन इलाकों से अगर राज्य सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं है, तो वहां से सियासी समीकरणों के आधार पर जिम्मेदारी देने की चर्चा हुई है। सूत्रों का कहना है कि बीते कुछ दिनों में जो चर्चाएं हुई हैं, उसमें यह निष्कर्ष निकला है कि अगर जातिगत समीकरणों के आधार पर सभी सियासी दांव-पेंच दुरुस्त कर लिए जाएं, तो आने वाले चुनाव के नतीजे बेहतर होंगे। भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों की मुताबिक उपचुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में न सिर्फ मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार हो सकता है। बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी कुछ बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि उत्तर प्रदेश में होने वाले संगठनात्मक और सरकार के बदलाव में पिछड़ों और दलितों को और जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकारों की मानें तो केंद्रीय नेतृत्व चुनाव के परिणाम के बाद बदलाव करने की तैयारी में है। माना यही जा रहा है कि इस बदलाव की कड़ी में कुछ नेता जो मंत्रिमंडल में हैं, वह संगठन में आ सकते हैं। जबकि कुछ संगठन से जुड़े हुए लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के मुताबिक चुनावी नतीजों को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार में मंत्रियों के विभाग का फेरबदल भी संभव है। सूत्रों की मानें तो बीते कुछ दिनों में केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक में पार्टी को उत्तर प्रदेश में मजबूत स्थिति में लाने के लिए इस तरीके के कई सुझावों पर चर्चा हुई है। फिलहाल माना यही जा रहा है कि जो बड़े फेरबदल की बात सियासी गलियारों में चल रही थी, उस पर न तो मंथन हुआ है और न ही ऐसा कोई बड़ा चौंकाने वाला फैसला होने वाला है।

Uttarakhand: अब यमुनोत्री के लिए भी शुरू होगी जल्द हेली सेवा, मानसून के बाद हेलीपैड का होगा निर्माण.

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केदारनाथ धाम की भांति उत्तराखंड नागरिक उड्डयन एवं विकास प्राधिकरण (युकाडा) अब यमुनोत्री के लिए भी हेली सेवाएं शुरू करेगा। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। मानसून के बाद यमुनोत्री में हेलीपैड निर्माण का काम शुरू होगा।

पर्यटन विभाग की ओर से यमुनोत्री धाम में रोपवे के पास ही हेलीपैड का निर्माण कराया जा रहा है। हेलीपैड का निर्माण पर्यटन विभाग करवा रहा है। ऐसे में हेलीपैड बनने के बाद केदारनाथ धाम की तरह ही यमुनोत्री धाम में भी हेली सेवाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। इस सीजन हेलीपैड का काम पूरा होने की संभावना न के बराबर है।

चारधाम यात्रा अक्टूबर में होगी पूरी-

युकाडा के अधिकारियों के मुताबिक, नई चयनित जगह पर हेलीपैड का निर्माण शुरू हो चुका है लेकिन मानसून सीजन की वजह से फिलहाल बंद है। 15 सितंबर के बाद फिर से हेलीपैड का निर्माण कार्य शुरू होगा। चूंकि चारधाम यात्रा अक्टूबर में पूरी हो जाएगी।

इसलिए इस साल यमुनोत्री की हेली सेवाएं शुरू नहीं हो पाएंगी। हालांकि युकाडा के सीईओ सी रविशंकर का कहना है कि अगर इस सीजन में हेलीपैड का निर्माण पूरा हो गया तो यमुनोत्री के लिए चार्टर सेवाएं इसी सीजन में शुरू हो जाएंगी। यात्रा सीजन के बाद हेलीपैड तैयार होगा। अगले साल केदारनाथ की भांति ही टेंडर प्रक्रिया से यमुनोत्री की हेली सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।

 

चुनाव से पहले अजित पवार को बड़ा झटका, 4 नेताओं ने छोड़ी पार्टी; शरद पवार के साथ हो सकते हैं शामिल.

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यूपी में शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था दो माह के लिए हुई स्थगित, योगी सरकार बनाएगी कमेटी।

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यूपी डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था को दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। मामले में शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कतों को खत्म करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। ये जानकारी प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. एमकेएस सुंदरम ने दी। आपको बता दें कि मंगलवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के साथ बेसिक के शिक्षक संगठनों की वार्ता हुई। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।

उत्तर प्रदेशीय में प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने बताया कि शासन ने फिलहाल डिजिटल अटेंडेंस स्थगित करने पर सहमति दी है। जल्द इसका आदेश जारी होगा। शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कत के समाधान के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें शिक्षाविद, शिक्षक नेता और अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डा. एमकेएस सुंदरम, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा आदि अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने संवाद कर समाधान निकालने का दिया था निर्देश- 

डिजिटल अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले ही सभी डीएम, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) के साथ मिलकर शिक्षकों व शिक्षक प्रतिनिधियों से संवाद करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारु रूप से चलता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे पहले भी सीएम ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों से वार्ता कर समाधान निकालने के निर्देश दिए थे।परिषदीय विद्यालयों में आठ जुलाई से शिक्षकों के डिजिटल अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसे लेकर शिक्षक पिछले एक सप्ताह से आंदोलनरत थे। सोमवार को भी उन्होंने हर जिले में प्रदर्शन कर सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा।

Uttarakhand: चारधाम बचाओ धामी हटाओ को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने नारेबाजी कर किया जमकर प्रदर्शन, सरकार पर लगाए ये आरोप।

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बडकोट में चारधाम बचाओ धामी हटाओ को लेकर यमुना के मायके खरशालीगांव स्थित यमुना मंदिर परिसर में पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल के नेतृत्व में नारेबाजी की गई। वहीं, बदरीनाथ धाम में भी ब्रह्म कपाल के तीर्थ पुरोहित और पंडा समाज के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया।

बता दें कि, दिल्ली में केदारनाथ धाम के प्रतीकात्मक निर्माण के विरोध में केदारनाथ में तीर्थपुरोहित, हक-हकूकधारी और अन्य लोगों का आंदोलन चल रहा है। प्रदर्शनकारी नारेबाजी के साथ-साथ जुलूस निकालकर धरना दे रहे है। तीर्थपुरोहितों ने दिल्ली में केदारनाथ धाम नाम से मंदिर का निर्माण बंद होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर धाम की उपेक्षा का आरोप लगाया है।

वहीं, सोमवार को भी तीर्थपुरोहित व अन्य लोग केदारनाथ मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। उन्होंने दिल्ली में श्रीकेदारनाथ धाम ट्रस्ट की ओर से श्रीकेदारनाथ धाम नाम से मंदिर बनाने का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने मंदिर परिसर की सीढ़ियों पर बैठकर धरना दिया। यहां पर केदार सभा के पूर्व अध्यक्ष किशन बगवाड़ी, विनोद शुक्ला, आचार्य संतोष त्रिवेदी आदि का कहना था कि प्रदेश सरकार ने भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक केदारनाथ की उपेक्षा की है, जो माफीलायक नहीं है।
आचार्य संतोष त्रिवेदी ने कहा कि केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत के निधन के चलते अब उप चुनाव होना है, इसे देखते हुए भाजपा के कुछ लोग ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे वह यह संदेश देने प्रयास कर रहे हैं कि वह केदारनाथ धाम के पक्ष में हैं, पर हकीकत में ऐसा नहीं है। उन्हें सिर्फ राजनीति नजर आ रही है। इधर, गुप्तकाशी में विरोध प्रदर्शन करते हुए जनप्रतिनिधियों के साथ तीर्थपुरोहित, व्यापारियों ने प्रदेश सरकार और श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का पुतला भी फूंका।

उत्तराखंड में मची बारिश से तबाही, मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, उफान पर नाले-नदी; घरों में घुसा पानी।

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ऊधमसिंह नगर जिले में शुरू हुई बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। बीते 24 घंटे में लगभग 63 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसमें सबसे कम रुद्रपुर में 22 मिमी तो सबसे अधिक 98 मिमी बारिश खटीमा में दर्ज की गई। लगातार बारिश से जिले में पारा साढ़े तीन डिग्री नीचे लुढ़क गया है। अनवरत बारिश से जिले में नदी-नाले उफान पर हैं। जलभराव के कारण खेतलसंडा खाम के 25 ग्रामीणों को राहत शिविर में रखा गया

मौसम विभाग ने नौ जुलाई तक पूरे कुमाऊं में रेल अलर्ट जारी कर रखा है। जिले में शनिवार की दोपहर से शुरू हुई बारिश लगातार रविवार की शाम तक होती रही। इससे जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त सा हो गया है, वहीं लगातार पारा के नीचे लुढ़कने का क्रम भी जारी है। शनिवार को अधिकतम तापमान जहां 28 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस था। वहीं रविवार को अधिकतम 24.6 तो न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा कि दो-तीन दिन तक जिले में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।

 

खटीमा में सात परिवारों को राहत शिविर में रखा
दिनभर जारी बारिश के कारण रविवार को नदी और नालों के उफनाने से खटीमा में बाढ़ जैसे हालत उत्पन्न हो गए। जलभराव की समस्या के चलते खेतलसंडा खाम के सात परिवारों के 25 सदस्यों को प्राथमिक स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में रखा गया। नगला तराई ग्रामसभा के सूखापुल गांव में झोपड़ी पर पेड़ गिरने से मां और दो बच्चे बाल-बाल बचे।

खटीमा में सुबह शुरू हुई बारिश दिनभर जारी रही। लगातार जारी बारिश के चलते खकरा और ऐंठा नाले उफना गए। इसके अलावा परवीन नदी में भी पानी बढ़ गया। मुख्य बाजार क्षेत्र के अलावा कंजाबाग, सैनिक कालोनी, लोहियाहेड मार्ग, अमाऊं, राजीव नगर और खेतलसंडा खाम घरों में पानी घुस गया। घरों में पानी घुसने की समस्या को देखते हुए प्रशासन की टीम ने खेतलसंडा खाम के सात परिवारों के करीब 25 लोगों को राजकीय प्राथमिक स्कूल खेतलसंडा खाम में बनाए गए राहत शिविर में शिफ्ट किया, यहां उनके रहने व भोजन की व्यवस्था की गई।

इसके अलावा सीएम पुष्कर सिंह धामी के घर को जाने वाले मार्ग पर सुखापुल गांव में बारिश के चलते एक झोपड़ी पर पेड़ गिर गया। उस समय झोपड़ी में ममता कठायत पत्नी स्व. उमेद सिंह कठायत अपनी 13 साल की बेटी जानवी और 11 साल के बेटे प्रियांशु के साथ थी। अचानक पेड़ के गिरने से ममता दोनों बच्चों को लेकर बाहर भागी। इस दौरान प्रियांशु के पैर थोड़ी चोट लग गई। पेड़ गिरने से कालापुल, चौड़ापानी, बीसबीघा और नगला तराई को जाने वाला मार्ग बाधित हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से पेड़ को रास्ते से हटवाया। एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि लगातार जारी बारिश को लेकर प्रशासन की टीमें अलर्ट हैं।

 

सैनिक काॅलोनी में नालियां चोक
खटीमा में लगातार बारिश के चलते रविवार को सैनिक काॅलोनी, लोहियाहेड राेड, डिग्री कॉलेज रोड में जगह-जगल नालियां चोक होने की समस्या रही। सैनिक काॅलोनी निवासी गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि नालियों की समस्या के संबंध में कई बार नगर पालिका व प्रशासन से शिकायत की थी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब लोगों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ रही है।

नगर में अधिकतर नाले हुए चोक, सड़कों पर भरा डेढ़ फीट पानी
रुद्रपुर में बारिश ने नगर निगम के तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। शहर के नाले व नालियों के चोक होने से बारिश का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर जमा हो रहा है। जिले में बीते 24 घंटे से अधिक समय से निरंतर हो रही बारिश से शहर के कई स्थानों पर भारी जलभराव हो गया है। सड़कों पर एक से डेढ़ फुट तक पानी आ गया।

नगर निगम की टीम ने 11 जगह पर खोले नाले
जगह-जगह जलभराव की सूचना पर निगम की टीम सक्रिय हुई। टीम लीडर सफाई निरीक्षक गौतम सिंह के नेतृत्व में टीम ने गाबा चौक से फ्लाईओवर तक बड़ा नाला खोला गया। इसके बाद सिटी क्लब, जयनगर वार्ड, मेडिसिटी का लेबर अड्डा, भूतबंगला, हुंडई शोरूम के पास, अग्रसेन चौक, बाटा चौक, रुद्रा होटल, जैन मंदिर व गुरुनानक स्कूल के पास नाला खाेला गया।

लगातार बारिश से प्रभावित हुआ जनजीवन
गदरपुर नगरपालिका क्षेत्र के ज्ञान विहार, करतारपुर रोड, मझराशिला कालोनी, जीआईसी परिसर, जगत विहार कालोनी और गूलरभोज रोड के निचले इलाकों में जलभराव होने से आने-जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

 

Uttarakhand Weather: आज भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी, 8 जिलों में 12वीं तक के स्कूल रहेंगे बंद।

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उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में आज भी भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर समेत चमोली और पौड़ी जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं, देहरादून, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी और हरिद्वार में कहीं-कहीं भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मौसम वैज्ञानिकों ने खुले स्थान पर रहने व जाने से बचने के लिए कहा है। संवेदनशील व भूस्खलन वाले स्थान और नदियों के किनारे अधिक सतर्कता रखें।

 

आठ जिलों में स्कूल रहेंगे बंद

कुमाऊं के सभी छह जिलों में पहली से बारहवीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शनिवार को भी छुट्टी घोषित की गई है। वहीं, गढ़वाल में पौड़ी और रुद्रप्रयाग के स्कूलों में भी छुट्टी रहेगी।

Uttarakhand: पीएम किसान सम्मान निधि- ई-केवाईसी न होने से एक लाख किसानों के खातों में नहीं आई रकम।

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी न करने और आधार नंबर, बैंक खाता और जमीन के रिकॉर्ड में जानकारी समान होने के कारण प्रदेश के एक लाख से अधिक किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल रही है। वर्तमान में प्रदेश के 771567 किसान ही योजना में मिलने वाली रकम पा रहे हैं। अब किसानों को जागरूक करने के लिए प्रदेश भर में शिविर लगाए जाएंगे।

किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने दिसंबर 2018 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इस योजना में प्रदेश के नौ लाख पंजीकृत हैं। योजना के शुरूआत में सभी किसानों को बैंक खातों में सम्मान निधि के रूप में दो हजार रुपये की राशि आई। लेकिन कई अपात्र किसान भी योजना का लाभ रहे थे।

इस पर केंद्र सरकार ने दस्तावेजों का सत्यापन के लिए ई-केवाईसी शुरू किया। जिसमें किसान का आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, जमीन से संबंधित खाता खतौनी व खसरा नंबर का सत्यापन किया। लेकिन प्रदेश में एक लाख से अधिक किसान ऐसे हैं। जिनकी ई-केवाईसी नहीं हो पाई या उनके दस्तावेजों में भिन्नता है। जिस कारण उन्हें योजना में मिलने वाली सम्मान निधि नहीं मिल रही है।

कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी पात्र किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिले। जिन किसानों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। इसके लिए प्रदेश भर में जागरूकता शिविर लगाए जाएं।

 

Hemant Soren: झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को मिली राहत, भूमि घोटाला मामले में मिली जमानत।

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत दी। कोर्ट ने शुक्रवार को सोरेन को कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में जमानत दे दी। कोर्ट ने सोरेन की जमानत याचिका पर अपना फैसला 13 जून को सुरक्षित रख लिया था। सोरेन के वरिष्ठ वकील अरुणाभ चौधरी ने बताया कि सोरेन को जमानत दे दी गई है। आज कोर्ट के आदेश की कॉपी चली जाएगी कल वे बाहर आ सकते हैं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया, वह दोषी नहीं हैं और जमानत पर रिहा किए जाने दौरान याचिकाकर्ता द्वारा कोई अपराध किए जाने की कोई आशंका नहीं है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। सोरेन (48) वर्तमान में बिरसा मुंडा जेल में हैं। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के वकील एस वी राजू ने दलील दी कि अगर सोरेन को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वह इसी तरह का अपराध फिर करेंगे।

रांची में जमीन से जुड़ी है जांच-

सोरेन के खिलाफ जांच रांची में 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ी है। ईडी का आरोप है कि इसे अवैध रूप से कब्जे में लिया गया था। एजेंसी ने सोरेन, प्रसाद और सोरेन के कथित ‘फ्रंटमैन’ राज कुमार पाहन और हिलारियास कच्छप तथा पूर्व मुख्यमंत्री के कथित सहयोगी बिनोद सिंह के खिलाफ 30 मार्च को यहां विशेष पीएमएलए अदालत में आरोपपत्र दायर किया था। सोरेन ने रांची की एक विशेष अदालत के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित और उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।