Author: Manisha Rana

Uttarkashi: गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में बनेगी देश की पहली टनल पार्किंग।

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देश की पहली टनल पार्किंग उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बनने जा रही है। प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को दोनों पार्किंग की डीपीआर तैयार करने का जिम्मा सौंपा है।

एनएचआईडीसीएल ने गंगोत्री में पार्किंग के लिए भूमि का चयन भी कर लिया है। वहीं, यमुनोत्री धाम के लिए दो स्थानों पर सर्वे चल रहा है। चारधाम यात्रा सहित सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दो टनल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने शासन को भेजा था।

 

बर्फबारी के दौरान सेना भी टनल पार्किंग का कर सकेगी प्रयोग
शासन ने इसे आगे बढ़ाते हुए दोनों टनल पार्किंग के निर्माण की डीपीआर तैयार करने और एनओसी संबंधित प्रक्रिया के लिए एनएचआईडीसीएल को 77 लाख रुपये की धनराशि भी अवमुक्त की है।एनएचआईडीसीएल ने गंगोत्री में टनल पार्किंग के लिए धाम से करीब चार किमी पहले भूमि का चयन किया है।

वहीं, यमुनोत्री धाम में दो स्थानों पर जगह के लिए सर्वे किया जा रहा है। गंगोत्री धाम में प्रस्तावित पार्किंग इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि चारधाम यात्रा में तो यह उपयोगी साबित होगी ही, साथ ही भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बर्फबारी के दौरान सेना भी इस टनल पार्किंग का प्रयोग कर सकेगी।

दोनों धामों में 400-400 वाहनों की पार्किंग प्रस्तावित

जिला विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता विनीत रस्तोगी ने बताया, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में 400-400 वाहनों की पार्किंग प्रस्तावित है। इसमें वाहन एक ओर से अंदर जाएंगे और दूसरी ओर से बाहर आएंगे। इन दोनों टनल पार्किंग के निर्माण से चारधाम यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। पार्किंग बनने से करीब आठ हजार यात्री लाभान्वित होंगे।

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बनने वालीं ये पार्किंग देश की पहली टनल पार्किंग होंगी। साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री के मास्टर प्लान के तहत दोनों पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस कार्य को अपनी प्राथमिकता में रखा है। -डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, डीएम उत्तरकाशी

उत्तराखंड में भारी बारिश, गंगोत्री हाईवे बंद, बरसाती नाले उफान पर, घरों में घुसा पानी, मौसम विभाग का अलर्ट।

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भारी बारिश और भूस्खलन के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बिशनपुर, नेताला और सैंज के पास अवरुद्ध हो गया है और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डबरकोट में अवरुद्ध है। सड़क साफ करने का काम जारी है। उत्तराखंड पुलिस ने लोगों ने धैर्य रखने और जल्दबाजी न करने की अपील की है। कहा कि कोई जोखिम न लें और सुरक्षित रहें।

भारी बारिश के चलते प्रदेश में कई जगह पर जलभराव से बुरी स्थिति हो गई है। जौलीग्रांट भानियावाला- ऋषिकेश मुख्य मार्ग पर स्थित भानियावाला मुख्य बाजार में थानो वन रेंज के बरसाती नाले का पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालात हो गए। जिस कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों को आवाजाही करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

नगर पालिका डोईवाला की टीम मौके पर पहुंची और पानी निकासी की व्यवस्था करने की कोशिश की। उधर देहरादून एयरपोर्ट के बरसाती नाले के उफान से चोरपुलिया के पास अठुरवाला में कई घरों में पानी घुस गया। स्थानीय निवासी पुष्कर सिंह ने कहा कि सुबह तड़के से ही क्षेत्र में जोरदार बारिश हो रही है। जिस कारण एयरपोर्ट के नाले में बाढ़ आने के कारण एयरपोर्ट द्वारा पिछला गेट खोल दिया गया। इससे बरसात का पानी चोरपुलिया की तरफ अठुरवाला के कई घरों में घुस गया। वहीं गढ़वाली मोहल्ले जौलीग्रांट में भी ऐसा ही हाल है।

देहरादून मोहिनी रोड पर नदी का पानी पुल के ऊपर से आ गया। दूसरी तरफ नारायणबगड़ में बारिश के कारण थराली के सुनला में ग्वालदम हाईवे तीन घंटे बंद रहा। यहां मलबा गिरने का सिलसिला अभी भी जारी है।

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर चमोली और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई दौर की तेज बारिश होने के आसार हैं।

मौसम वैज्ञानिकों ने हिदायत देते हुए कहा कि बारिश के दौरान दिन के साथ रात के समय भी सतर्क रहें। खासकर संवेदनशील इलाकों में जहां भूस्खलन और चट्टान गिरने का अधिक खतरा है।

Budget: जानिये क्या है NPS-Vatsalya? बच्चों के लिए अब माता-पिता ऐसे कर सकेंगे बचत, वयस्क होने पर मिलेगा फायदा।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के मानसून सत्र के दौरान बजट पेश किया। खास बात यह है कि वित्त मंत्री ने सातवीं बार बजट पेश किया है। इस बजट में कई बातों का जिक्र किया गया। इस बीच ‘एनपीएस-वात्सल्य’ योजना की भी घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने कहा, ‘एनपीएस-वात्सल्य के रूप में नाबालिग बच्चों के लिए माता-पिता और अभिभावकों द्वारा योगदान की एक योजना शुरू की जाएगी। नाबालिग के वयस्क होने पर योजना को निर्बाध रूप से सामान्य एनपीएस खाते में परिवर्तित किया जा सकता है।’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की घोषणा-
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस), केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक मददगार पेंशन योजना है। एनपीएस की मदद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी एक निश्चित आमदनी आपके खाते में आती है। इस योजना के तहत आपको लंबी अवधि तक निवेश करना होता है। अब आप इस योजना के तहत अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर भी निवेश कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने इस अतिरिक्त योजना को ‘एनपीएस-वात्सल्य’ नाम दिया है। केंद्रीय वि्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान इस योजना की घोषणा की। 
एनपीएस-वात्सल्य योजना –
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एनपीएस-वात्सल्य योजना के तहत माता-पिता अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर निवेश कर सकेंगे। इसके बाद जब बच्चा वयस्क हो जाए, तो माता-पिता इस योजना को एनपीएस में परिवर्तित कर सकते हैं। बच्चों के उज्जवल भविष्य को तैयार करने में एनपीएस-वात्सल्य योजना काफी मददगार साबित होगी।
इस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि एनपीएस के संबंध में सरकारी कर्मचारियों की चिंताओं के समाधान के लिए जल्द ही नई घोषणा की जाएगी।

Budget: पहली नौकरी मिलने पर सीधे खाते में आएंगे 15 हजार, PF भी सरकार देगी, 2.1 करोड़ युवाओं के लिए ये बड़ा एलान।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारम मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का आम बजट पेश कर रही हैं। इस बजट में उन्होंने पहली बार नौकरी पाने वालों को तोहफा दिया है। सीतारमण ने कहा कि संगठित क्षेत्र में पहली बार नौकरी की शुरुआत करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह वेतन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफ (डीबीटी) के जरिए तीन किस्तों में जारी होगा।

1. पहली बार नौकरी पाने वालों को मिलेगा ये तोहफा-
सीतारमण ने कहा, “रोजगार और कौशल विकास सरकार की नौ प्राथमिकताओं में से एक है। इसके तहत पहली बार नौकरी करने वालों को बड़ी मदद मिलने जा रही है। संगठित क्षेत्र में पहली बार नौकरी की शुरुआत करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह वेतन डीबीटी के जरिए तीन किस्तों में जारी होगा। इसकी अधिकतम राशि 15 हजार रुपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा।
2. PF में एक महीने का योगदान-
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार से जुड़ी तीन योजनाएं शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि एक महीने का पीएफ (भविष्य निधि) योगदान प्रदान करके नौकरी बाजार में प्रवेश करने वाले 30 लाख युवाओं को प्रोत्साहन प्रदान करेगी। उन्होंने घोषणा की कि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए देश में कामकाजी महिला छात्रावास स्थापित किए जाएंगे।
3. 1 करोड़ युवाओं को टॉप-500 कंपनियों में 12 महीने इंटर्नशिप और हर महीने भत्ता –
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार एक करोड़ युवाओं को अगले पांच साल में टॉप-500 कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका देगी। यह इंटर्नशिप 12 महीने की होगी। इसमें युवाओं को कारोबार के वास्तविक माहौल को जानने और अलग-अलग पेशे की चुनौतियों से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके तहत युवाओं को हर महीने पांच हजार रुपये का भत्ता भी दिया जाएगा। यही नहीं, उन्हें एकमुश्त मदद के रूप में छह हजार रुपये दिए जाएंगे। कंपनियों को अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत प्रशिक्षण का खर्च और इंटर्नशिप की 10 फीसदी लागत को वहन करना होगा।

4. 1000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा-
उन्होंने कहा, मुझे कौशल विकास और राज्य सरकारों व उद्योग जगत के साथ सहयोग के लिए प्रधानमंत्री पैकेज के तहत चौथी योजना के तौर पर केंद्र की नई प्रस्तावित योजना की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। पांच साल की अवधि में 20 लाख युवाओं को कुशल बनाया जाएगा। एक हजार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को हब में अपग्रेड किया जाएगा।

5. जलवायु के अनुकूल बीज विकसित करने के लिए धन मुहैया करेगी सरकार-
सीतारमण ने कहा कि सरकार जलवायु के अनुकूल बीज विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र और उससे जुड़े विशेषज्ञों व अन्य को धन मुहैया कराएगी।

6. मनरेगा में परिवार के एक सदस्य को कम से कम 100 दिन का रोजगार-
उन्होंने आगे कहा, पहले मौजूद मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी) योजना में प्रत्येक उस परिवार के कम से कम एक व्यक्ति को 100 दिनों का रोजगार प्रदान किया जाएगा, जिसके वयस्क सदस्य शारीरिक काम चाहते हैं।

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NEET UG 2024 Result: नीट यूजी का रिजल्ट आज होगा जारी, केंद्रवार होगी घोषणा; जानिए कैसे और कहां कर सकते है रिजल्ट चेक.

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NEET UG Result 2024: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आज दोपहर 12 बजे तक neet.ntaonline.in. पर नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG 2024) के लिए शहर और केंद्रवार नतीजे जारी करेगा।

इस मामले की सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को छात्रों की पहचान छिपाते हुए आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से (NEET UG) के नतीजे प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद एनटीए द्वारा ग्रेस मार्क्स दिए गए।

 

परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि परीक्षा को फिर से यानी नए सिरे से आयोजित करने के किसी भी आदेश का ठोस निष्कर्ष यह होना चाहिए कि पूरी प्रक्रिया की पवित्रता प्रभावित हुई है।

दिन भर चली सुनवाई के दौरान पीठ ने उम्मीदवारों के वकील से परीक्षा आयोजित करने में व्यापक अनियमितताओं के बारे में अपना दावा साबित करने के लिए कहा।

नीट का रिजल्ट आमतौर पर ऑनलाइन जारी किया जाता है। यह रिजल्ट एनटीए की एक ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होता है, जहां छात्र अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी का उपयोग करके अपना परिणाम देख सकते हैं।

 

नीट के रिजल्ट की घोषणा भी समाचार पत्रों में दी जाती थी और अन्य साइटों द्वारा भी इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाती थी। नीट के रिजल्ट में छात्रों की मार्क्स, रैंकिंग और अन्य विवरण शामिल होते हैं। छात्र अपनी रैंकिंग के आधार पर विभिन्न चिकित्सा कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।

NEET UG Result 2024: जानिए कैसे जारी होगा रिजल्ट-

नीट का रिजल्ट ऑनलाइन जारी किया जाएगा। यह रिजल्ट एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होगा, जहां छात्र अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी का उपयोग करके अपना परिणाम देख सकेंगे।

 

Uttar Pradesh: यूपी में संगठन-सरकार में हो सकते हैं बड़े बदलाव !

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बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश की सियासत में किसी बड़े बदलाव’ को लेकर खूब चर्चाएं हो रही हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद बीते तकरीबन 12 घंटे से उत्तर प्रदेश की सियासत में भारी फेरबदल की बात हो रही है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों की मानें, तो उत्तर प्रदेश के संगठन और सरकार में कुछ बदलाव तो होने तय हैं।

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद से हार के कारणों पर चर्चा हो रही है। इन्हीं चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश में बड़े फेरबदल की बात की जा रही थी। लगातार उत्तर प्रदेश के बड़े नेता मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में थे। लेकिन बीते 12 घंटे के भीतर जिस तरीके से उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मची है, उसे लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि भाजपा सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में शुरुआती दौर में जो बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, उसमें मंत्रिमंडल का विस्तार महत्वपूर्ण है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ संगठन में फेरबदल की बातचीत हुई है। सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में फेरबदल या बदलाव की जो भूमिका बनाई गई है, उसमें जातिगत समीकरणों और जहां पर पार्टी चुनाव हारी है उसका पूरा सियासी खाकर खींचा गया है।

जानिये क्या-क्या बदलाव हो सकते है-

सूत्रों के मुताबिक जिन इलाकों में लोकसभा सीटें भारतीय जनता पार्टी हारी है, उन इलाकों से अगर राज्य सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं है, तो वहां से सियासी समीकरणों के आधार पर जिम्मेदारी देने की चर्चा हुई है। सूत्रों का कहना है कि बीते कुछ दिनों में जो चर्चाएं हुई हैं, उसमें यह निष्कर्ष निकला है कि अगर जातिगत समीकरणों के आधार पर सभी सियासी दांव-पेंच दुरुस्त कर लिए जाएं, तो आने वाले चुनाव के नतीजे बेहतर होंगे। भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों की मुताबिक उपचुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में न सिर्फ मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार हो सकता है। बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी कुछ बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि उत्तर प्रदेश में होने वाले संगठनात्मक और सरकार के बदलाव में पिछड़ों और दलितों को और जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

भारतीय जनता पार्टी के रणनीतिकारों की मानें तो केंद्रीय नेतृत्व चुनाव के परिणाम के बाद बदलाव करने की तैयारी में है। माना यही जा रहा है कि इस बदलाव की कड़ी में कुछ नेता जो मंत्रिमंडल में हैं, वह संगठन में आ सकते हैं। जबकि कुछ संगठन से जुड़े हुए लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के मुताबिक चुनावी नतीजों को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार में मंत्रियों के विभाग का फेरबदल भी संभव है। सूत्रों की मानें तो बीते कुछ दिनों में केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक में पार्टी को उत्तर प्रदेश में मजबूत स्थिति में लाने के लिए इस तरीके के कई सुझावों पर चर्चा हुई है। फिलहाल माना यही जा रहा है कि जो बड़े फेरबदल की बात सियासी गलियारों में चल रही थी, उस पर न तो मंथन हुआ है और न ही ऐसा कोई बड़ा चौंकाने वाला फैसला होने वाला है।

Uttarakhand: अब यमुनोत्री के लिए भी शुरू होगी जल्द हेली सेवा, मानसून के बाद हेलीपैड का होगा निर्माण.

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केदारनाथ धाम की भांति उत्तराखंड नागरिक उड्डयन एवं विकास प्राधिकरण (युकाडा) अब यमुनोत्री के लिए भी हेली सेवाएं शुरू करेगा। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। मानसून के बाद यमुनोत्री में हेलीपैड निर्माण का काम शुरू होगा।

पर्यटन विभाग की ओर से यमुनोत्री धाम में रोपवे के पास ही हेलीपैड का निर्माण कराया जा रहा है। हेलीपैड का निर्माण पर्यटन विभाग करवा रहा है। ऐसे में हेलीपैड बनने के बाद केदारनाथ धाम की तरह ही यमुनोत्री धाम में भी हेली सेवाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। इस सीजन हेलीपैड का काम पूरा होने की संभावना न के बराबर है।

चारधाम यात्रा अक्टूबर में होगी पूरी-

युकाडा के अधिकारियों के मुताबिक, नई चयनित जगह पर हेलीपैड का निर्माण शुरू हो चुका है लेकिन मानसून सीजन की वजह से फिलहाल बंद है। 15 सितंबर के बाद फिर से हेलीपैड का निर्माण कार्य शुरू होगा। चूंकि चारधाम यात्रा अक्टूबर में पूरी हो जाएगी।

इसलिए इस साल यमुनोत्री की हेली सेवाएं शुरू नहीं हो पाएंगी। हालांकि युकाडा के सीईओ सी रविशंकर का कहना है कि अगर इस सीजन में हेलीपैड का निर्माण पूरा हो गया तो यमुनोत्री के लिए चार्टर सेवाएं इसी सीजन में शुरू हो जाएंगी। यात्रा सीजन के बाद हेलीपैड तैयार होगा। अगले साल केदारनाथ की भांति ही टेंडर प्रक्रिया से यमुनोत्री की हेली सेवाएं भी शुरू की जाएंगी।

 

चुनाव से पहले अजित पवार को बड़ा झटका, 4 नेताओं ने छोड़ी पार्टी; शरद पवार के साथ हो सकते हैं शामिल.

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यूपी में शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था दो माह के लिए हुई स्थगित, योगी सरकार बनाएगी कमेटी।

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यूपी डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था को दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। मामले में शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कतों को खत्म करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। ये जानकारी प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. एमकेएस सुंदरम ने दी। आपको बता दें कि मंगलवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के साथ बेसिक के शिक्षक संगठनों की वार्ता हुई। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।

उत्तर प्रदेशीय में प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने बताया कि शासन ने फिलहाल डिजिटल अटेंडेंस स्थगित करने पर सहमति दी है। जल्द इसका आदेश जारी होगा। शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कत के समाधान के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें शिक्षाविद, शिक्षक नेता और अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डा. एमकेएस सुंदरम, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा आदि अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने संवाद कर समाधान निकालने का दिया था निर्देश- 

डिजिटल अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले ही सभी डीएम, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) के साथ मिलकर शिक्षकों व शिक्षक प्रतिनिधियों से संवाद करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि विद्यालयों में पठन-पाठन सुचारु रूप से चलता रहे, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे पहले भी सीएम ने विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों से वार्ता कर समाधान निकालने के निर्देश दिए थे।परिषदीय विद्यालयों में आठ जुलाई से शिक्षकों के डिजिटल अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसे लेकर शिक्षक पिछले एक सप्ताह से आंदोलनरत थे। सोमवार को भी उन्होंने हर जिले में प्रदर्शन कर सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा।

Uttarakhand: चारधाम बचाओ धामी हटाओ को लेकर तीर्थ पुरोहितों ने नारेबाजी कर किया जमकर प्रदर्शन, सरकार पर लगाए ये आरोप।

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बडकोट में चारधाम बचाओ धामी हटाओ को लेकर यमुना के मायके खरशालीगांव स्थित यमुना मंदिर परिसर में पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल के नेतृत्व में नारेबाजी की गई। वहीं, बदरीनाथ धाम में भी ब्रह्म कपाल के तीर्थ पुरोहित और पंडा समाज के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया।

बता दें कि, दिल्ली में केदारनाथ धाम के प्रतीकात्मक निर्माण के विरोध में केदारनाथ में तीर्थपुरोहित, हक-हकूकधारी और अन्य लोगों का आंदोलन चल रहा है। प्रदर्शनकारी नारेबाजी के साथ-साथ जुलूस निकालकर धरना दे रहे है। तीर्थपुरोहितों ने दिल्ली में केदारनाथ धाम नाम से मंदिर का निर्माण बंद होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर धाम की उपेक्षा का आरोप लगाया है।

वहीं, सोमवार को भी तीर्थपुरोहित व अन्य लोग केदारनाथ मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। उन्होंने दिल्ली में श्रीकेदारनाथ धाम ट्रस्ट की ओर से श्रीकेदारनाथ धाम नाम से मंदिर बनाने का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने मंदिर परिसर की सीढ़ियों पर बैठकर धरना दिया। यहां पर केदार सभा के पूर्व अध्यक्ष किशन बगवाड़ी, विनोद शुक्ला, आचार्य संतोष त्रिवेदी आदि का कहना था कि प्रदेश सरकार ने भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक केदारनाथ की उपेक्षा की है, जो माफीलायक नहीं है।
आचार्य संतोष त्रिवेदी ने कहा कि केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत के निधन के चलते अब उप चुनाव होना है, इसे देखते हुए भाजपा के कुछ लोग ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे वह यह संदेश देने प्रयास कर रहे हैं कि वह केदारनाथ धाम के पक्ष में हैं, पर हकीकत में ऐसा नहीं है। उन्हें सिर्फ राजनीति नजर आ रही है। इधर, गुप्तकाशी में विरोध प्रदर्शन करते हुए जनप्रतिनिधियों के साथ तीर्थपुरोहित, व्यापारियों ने प्रदेश सरकार और श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का पुतला भी फूंका।