Author: Manisha Rana

CM धामी ने किया किसान मेले का उद्घाटन; किसानों के हित में सरकार ने किये अहम फैसले- CM

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Pantnagar- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित 118वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की नवीन दलहनी प्रजातियों का लोकार्पण और “पंतनगर प्रवाह” पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के किसान मेले में देशभर से 400 से अधिक स्टॉल और 200 से ज्यादा स्टार्टअप्स व उद्योगों की सहभागिता रही है। यह मेला किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के बीच ज्ञान, अनुभव और नवाचार के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम है।

 

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक विधियों से खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण, कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई जैसी सुविधाएँ प्रदान कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये के पॉलीहाउस निर्माण, गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और गन्ने के मूल्य में 20 रुपये की वृद्धि की गई है।

 

उन्होंने कहा कि राज्य में 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” स्वीकृत किया गया है। साथ ही सेब, कीवी, मिलेट और ड्रैगन फ्रूट नीति से बागवानी को नई दिशा दी जा रही है, जिसके तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को 5 लाख रुपये तक बढ़ाया है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से पारंपरिक खेती पर अनुसंधान कर आधुनिक तकनीक को किसानों तक शीघ्र पहुँचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस वर्ष मेले में 507 स्टॉल लगाए गए हैं और 20 हजार से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया।

 

कार्यक्रम में विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, सुरेश गाड़िया, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Uttarakhand: राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों के आकलन को लेकर तैयारी हुई शुरू, UP, राजस्थान के वन कर्मी होंगे शामिल.

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बाघों के आकलन को लेकर तैयारी शुरू हो गई। राजाजी टाइगर रिजर्व में कई राज्यों के वन कर्मियों को बाघ आकलन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। बाघों के आकलन का काम व्यापक और कई स्तर पर होता है।

आकलन का काम शुरू होने से पहले ट्रेनिंग, साइंस सर्वे, कैमरा ट्रैप लगाने समेत अन्य कार्य होते हैं। कैमरा ट्रैप में आए फोटोग्राफ का भारतीय वन्यजीव संस्थान में अध्ययन होता है। इसके बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाता है। बाघ आकलन का काम वर्ष-2026 में शुरू होना है, इसको लेकर तैयारियों को शुरू किया गया है।

राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक कोको रोसो कहते हैं कि बाघ आकलन से जुड़े कार्य की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 से 20 नवंबर को आरटीआर में रखा गया है। इसमें राजस्थान, यूपी, बिहार और उत्तराखंड के 100 वन कर्मी शामिल होंगे। इसमें टाइगर रिजर्व या जिन प्रभागों में बाघ हैं वहां के वन कर्मी होंगे। संबंधित कर्मियों को बाघ आकलन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इसमें कैमरा ट्रैप का ग्रिड लगाने समेत अन्य कार्याें के बारे में बताया जाएगा।

 

Uttarakhand: चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुों में भारी उत्साह; 48.30 लाख से अधिक यात्री कर चुके है दर्शन.

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चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना लिया है। इस बार 12 अक्तूबर को बीते वर्ष पूरे यात्रा काल में दर्शन करने वाले 48.04 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार हो गया है। जबकि यात्रा अभी जारी है। 25 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही यात्रा अगले साल तक के लिए बंद हो जाएगी।

पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2024 में चारधाम व हेमकुंड साहिब में कुल 48.04,216 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस बार अक्तूबर माह में ही यह आंकड़ा पार होने से नया रिकॉर्ड बन गया है। जबकि 2023 में चारधाम यात्रा में 56 लाख से अधिक श्रद्धालु आए थे। इस साल खराब मौसम के साथ आपदा की घटनाओं का चारधाम यात्रा पर बड़ा असर पड़ा। उत्तरकाशी जिले के धराली व हर्षिल में आए भयानक आपदा से यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा कई दिनों तक पूरी तरह से बंद रही।

क्षतिग्रस्त गंगोत्री नेशनल हाईवे यातायात के लिए बहाल होने पर गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा शुरू हो पाई। अब चारधाम यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या में नया रिकॉर्ड बनाया है। चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 30 अप्रैल से 12 अक्तूबर 2025 तक हेमकुंड साहेब समेत चारधाम यात्रा में 48,30,393 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

 

चारधाम यात्रा में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या-

धाम                2024             2025(12 अक्तूबर तक)
केदारनाथ       16,51,980      16,90,298
बदरीनाथ        14,35,401      14,84,441
गंगोत्री             8,18,273        7,43,733
यमुनोत्री           7,14,779       6,37,480
हेमकुंड साहिब  1,83,592       2,74,441

इस बार प्रदेश में आपदा की चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड बनना प्रदेश सरकार की ओर से से किए प्रबंधन व व्यवस्था का परिणाम है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुलभ यात्रा सरकार की प्राथमिकता है। आने वाले समय में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।
– सतपाल महाराज, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री

नैनीताल हाई कोर्ट ने एलटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटाई, 1300 अभ्यर्थियों को मिली राहत.

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Nainital- हाई कोर्ट ने प्रदेश में विज्ञापित 1544 सहायक अध्यापक एलटी में चयनित करीब 1300 अभ्यर्थियों को विवादित चार मामलों को छोड़कर, अन्य अभ्यर्थियों को विभागीय नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटा दी है।

इसी के साथ मई 2025 से नियुक्ति की बाट जोह रहे अभ्यर्थियों के विद्यालयों में तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा चुका है जबकि अब केवल विभागीय स्तर पर प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद उनके नियुक्ति पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया शेष है।

कोर्ट के आदेश के बाद चयनित अभ्यर्थियों को दीपावली से पहले बड़ा तोहफा मिल गया है। कोर्ट ने ओबीसी अभ्यर्थी से संबंधित क्षैतिज आरक्षण से संबंधी एक मामले को खारिज कर दिया है जबकि चार अन्य मामलों में चयनित अभ्यर्थियों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने चार पदों को रिक्त रखने के भी निर्देश भी दिए हैं।

मंगलवार को न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ में अभ्यर्थी अरशद अली व अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें ओबीसी चयनित अभ्यर्थियों को अधिक अंक होने पर सामान्य में चयन नहीं करने को चुनौती दी गई थी। इस मामले में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से कहा गया कि चयनित अभ्यर्थियों के टीईटी में अंक कम थे।

दरअसल उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 18 अगस्त 2024 को एलटी सहायक अध्यापक पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की 13 जनवरी से 28 जनवरी तक जांच की गई।

आयोग की ओर से कुल 1544 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इस मामले में उत्तर कुंजी में दिए गए जवाबों का मामला भी कोर्ट पहुंचा था, जो निस्तारित हो गया है। इसके बाद ओबीसी व क्षैतिज आरक्षण से संबंधित मामला विचाराधीन था।

महाधिवक्ता ने रखा था कोर्ट के समक्ष प्रस्ताव-

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने कोर्ट के समक्ष प्रस्ताव रखा कि विवादित मामलों को छोड़कर अन्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटाई जाए। महाधिवक्ता ने कहा शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। एकलपीठ के समक्ष महाधिवक्ता के साथ ही उप महाधिवक्ता गणेश कांडपाल व अन्य सरकारी अधिवक्ताओं ने बहस की।

Uttarakhand: पेपर लीक मामला; खालिद और साबिया की न्यायिक हिरासत बढ़ी, दोनों को जिला अदालत में किया गया पेश.

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पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उसकी बहन साबिया की मंगलवार को न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई। दोनों को जिला अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत और बढ़ा दी गई।

अदालत को अवगत कराया गया कि मामले में एसआईटी जांच जारी है। टीम खालिद और साबिया से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। तब तक उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया गया।बता दें. एसआईटी ने सर्च वारंट लेकर मुख्य अभियुक्त खालिद के हरिद्वार स्थित घर को खंगाला तो वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित किताब-कॉपियां नहीं मिली।

हैरत की बात यह है कि वह बिना पढ़े साल 2024 से 2025 के बीच नौ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन कर चुका था। उनमें से पांच परीक्षाओं में शामिल भी नहीं हुआ। जिन परीक्षाओं में शामिल हुआ, उनमें उसके नंबर बहुत कम आए। ये सभी तथ्य जाहिर कर रहे हैं कि खालिद बहुत समय से नकल या सांठगांठ के भरोसे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने की साजिश कर रहा था। उसने नकल के लिए कब-कब और क्या प्रयास किए, एसआईटी इसी कोण पर जांच को आगे बढ़ाएगी। उसे पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड पर भी लिया जा सकता है।

बिना योग्यता आवेदन करना और भी अजीब-

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि खालिद के घर की तलाशी में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सबसे अजीब बात यह है कि खालिद ने कुछ ऐसी परीक्षाओं के लिए भी आवेदन किया जिनकी शैक्षणिक योग्यता वह पूरी नहीं करता था। एसआईटी अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि जब खालिद किसी परीक्षा की तैयारी ही नहीं कर रहा था और न ही उसके पास अपेक्षित योग्यता थी, तो नौ परीक्षाओं के लिए आवेदन करने के पीछे उसकी क्या मंशा थी। इन तथ्यों के सामने आने से एसआईटी अपनी जांच का दायरा और बढ़ाएगी। पिछले दो वर्ष में उसके संपर्क खंगाले जाएंगे।

मोबाइल से मिल सकते हैं बड़े सुराग-

खालिद का एक मोबाइल अभी तक पुलिस को नहीं मिला है, जो वह परीक्षा केंद्र में लेकर गया था। पुलिस से भागने के दौरान उस मोबाइल को फॉर्मेट करके ट्रेन के कूड़ेदान में छोड़ दिया था। उसका दूूसरा मोबाइल पुलिस ने जब्त किया है, जिस पर उसने परीक्षा केंद्र से बहन साबिया को प्रश्न पत्र के तीन पन्नों के फोटो भेजे थे, लेकिन उसे भी फॉर्मेट कर दिया था। पुलिस विशेषज्ञों के जरिये जब्त मोबाइल का डाटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है। यह डाटा मिल गया तो खालिद के दो वर्ष के संपर्क भी सामने आ जाएंगे और जांच को दिशा मिल सकेगी।

Uttarakhand: डेमोग्राफी चेंज की समस्या पर सीएम धामी का एक और प्रहार. 

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सत्यापन प्रकिया के लिए सीएम धामी ने गृह विभाग को दिए एप बनाने के निर्देश

Dehradun: उत्तराखंड में डेमोग्राफी चेंज विषयों पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गंभीर रुख अपनाते हुए गृह विभाग की पुलिस की सत्यापन प्रकिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. बाहरी राज्यों से आए लोग यहां सत्यापन प्रकिया में कोताही बरतते रहे है और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड,  वोटर आई डी, राशन कार्ड बनाने में कामयाब हो रहे है जिससे उत्तराखंड  की डेमोग्राफी पर असर पड़ रहा है।

गृह सचिव शैलेश बगौली को दिए दिशा निर्देशों में सीएम धामी ने कहा कि यहां आकर काम करने वाले लिए सत्यापन की प्रकिया को कड़ा किया जाए और स्थानीय पुलिस को इसके लिए आसान बनाया जाए।

मैदानी जिलों में पुलिस की व्यस्तताएं अधिक होने की वजह से सत्यापन का काम केवल अभियान तक सीमित रहा है। जब अभियान चलता है तो बहुत से लोग पकड़ में आते है। पिछले दिनों देहरादून हरिद्वार में चलाए  गए अभियान में बंग्लादेशी घुसपैठियों की मौजूदगी हैरान करने वाली थी।

जानकारी के मुताबिक  गृह विभाग ने अपने अंतर्गत पुलिस प्रशासन को एक ऐसा ऐप बनाने को कहा है जो कि पुलिस के लिए सत्यापन प्रकिया को आसान बनाएगा। इस ऐप में पुलिस और शासन का आई टी  विभाग मिलकर काम कर रहा है जिससे यहां आने वाले का एक डेटा बेस तैयार हो सके। अभी तक सत्यापन का कोई रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं रहता अलग-अलग थाना चौकियों में सत्यापन प्रकिया एक रजिस्टर तक सीमित है। पुलिस मुख्यालय ने अब उक्त रजिस्टर में दर्ज जानकारियों को मुख्यालय मंगवाना शुरू किया है।
सूत्रों के मुताबिक उक्त ऐप का ट्रायल का काम चल रहा है और इसी माह के अंत तक ये पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा।
इस ऐप पर फोकस कर रही कुमाऊं मंडल की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल का कहना है कि सत्यापन की चुनौतियों को कम करने के लिए पुलिस प्रशासन तकनीक की मदद ले रहा है। यदि ये ऐप कामयाब हो गया तो इससे पुलिस प्रशासन के साथ-साथ बाहरी शहरों से आए लोगों की भी मुश्किलें आसान हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते है कि हमारी सरकार देवभूमि की संस्कृति को संजोए रखने के लिए वचनबद्ध है। बाहरी शहरों से आए लोग किस प्रवृति के है ये जानने के लिए सत्यापन अनिवार्य कराया गया है हम चाहते है इस सत्यापन प्रकिया में लम्बा वक्त न लगे इसलिए गृह विभाग से आधुनिक तकनीक का सहारा लेने के लिए कहा गया है।

Uttarakhand: सरस आजीविका मेले में CM धामी ने किया 1.20 करोड़ की आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण. 

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सरस आजीविका मेले में 1.20 करोड़ की आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण.

Rishikesh:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सी.एल.एफ. हेतु 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मेले में ‘Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class’ का शुभारंभ किया, जिससे ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर जेईई और नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ के तहत की गई पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मेला ग्रामीण संस्कृति, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का अनूठा मंच है। मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि मेले में लगे स्टॉल से स्वदेशी उत्पाद खरीद कर ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को मजबूत करें और महिला उद्यमियों के सपनों में निवेश करें।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के नए आयाम-

मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 1.65 लाख महिलाओं को लखपति बनने का गौरव प्राप्त होने की जानकारी दी। ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के माध्यम से महिलाओं द्वारा 2000 से अधिक स्टॉल लगाकर 5.5 करोड़ रुपये का विपणन किया गया। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड से स्वदेशी उत्पादों की वैश्विक पहुंच बनी।

 

राज्य में 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। महिला किसान सशक्तिकरण योजना और फार्म लाइवलीहुड के माध्यम से 3 लाख से अधिक महिला किसानों की क्षमता विकसित की गई है। 2.5 लाख किचन गार्डन स्थापित किए गए और लगभग 500 फार्म मशीनरी बैंक उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

Uttarakhand: राज्यपाल ने अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक को दी मंजूरी. मदरसा बोर्ड होगा समाप्त।

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Uttarakhand Cabinet Today: बजट सत्र से पहले धामी कैबिनेट, सड़क हादसे रोकने के लिए आएंगे तीन अहम प्रस्ताव.

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राज्य विधानसभा के बजट सत्र से पूर्व बुधवार को धामी कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें सड़क हादसे रोकने संबंधी तीन अहम प्रस्ताव आएंगे। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, भू-कानून संशोधन और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री संबंधी प्रस्ताव भी आने की संभावना है।

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर धामी सरकार तीन अहम फैसले ले सकती है। सचिव परिवहन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में एआरटीओ के 11 नए पद सृजित होने का प्रस्ताव शामिल है, जिससे पहाड़ों में वाहनों की जांच आसान हो सके। इनमें से 50 प्रतिशत पद पदोन्नति और 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे।

इसी प्रकार, सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में अनुबंधित बस परमिट को पूर्ण रूप से खत्म कर सकती है। पर्वतीय मार्गों पर परिवहन निगम अपनी बसें संचालित करेगा, जिसके लिए बस खरीद की जा रही है। इस पर कैबिनेट फैसला लेगी। तीसरी सड़क सुरक्षा नीति व एक्ट भी कैबिनेट में लाए जाएंगे। इस पर मुहर लगने के बाद विधानसभा पटल पर रखा जाएगा।

आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में है रखी जा सकती-

इसके बाद हर दुर्घटना की जांच गहनता से समिति करेगी। जांच में दुर्घटना का कारण स्पष्ट होने के बाद संबंधित विभाग के संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जैसे खराब सड़क व सुरक्षा उपाय न करने के लिए लोक निर्माण विभाग जिम्मेदार होगा जबकि ड्रिंक एंड ड्राइव जैसे मामलों के लिए स्थानीय पुलिस व यातायात पुलिस को जिम्मेदार माना जाएगा। इसी प्रकार, ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन संचालन, डीएल व परमिट न होने के मामलों के लिए परिवहन विभाग जिम्मेदार होगा। इसी हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।

 

बजट सत्र से पूर्व आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी कैबिनेट बैठक में रखी जा सकती है। इसके अलाव भू-कानून में संशोधन का प्रस्ताव और पेपरलैस व वर्चुअल रजिस्ट्री का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है।

Uttarakhand Budget Session: 18 फरवरी से देहरादून में होगा पहला पेपरलेस बजट सत्र, अधिसूचना हुई जारी.

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बजट सत्र 18 फरवरी से देहरादून विधानसभा में होगा। विधानसभा सचिवालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। पहली बार देहरादून में पेपरलेस सत्र होगा। इसके विधानसभा सचिवालय की तैयारी पूरी है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) की ओर से 18 फरवरी से बजट सत्र आहूत करने की मंजूरी दी गई।

 

Uttarakhand News: चारधाम के प्रवेश द्वार में श्रद्धालुओं को मिलेगी अब सभी सुविधाएं, जानिए क्या है खास तैयारी.

सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इससे माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार 19 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर सकती है। देहरादून में पहली बार सत्र पेपरलेस होगा। इसके लिए विधानसभा सभा मंडप में सभी सदस्यों के बैठने के स्थान पर टैबलेट लगाए गए हैं। इसके माध्यम से विधायकों को विधायी कार्य की जानकारी व सूचना मिलेगी।