Author: Manisha Rana

UPI Transactions: आज से बदल गए UPI के ये नियम, जानिए कैसे पड़ेगा इसका आपकी जेब पर असर.

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देश में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के माध्यम से ऑनलाइन पेमेंट की संख्या में तेजी देखने को मिली है। वर्ष 2016 में यूपीआई लॉन्च हुआ है। यूपीआई के आने के बाद में ऑनलाइन पेमेंट की संख्या में तेजी देखने को मिली है।

यूपीआई का विस्तार करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कई घोषणा की है। आज से यानी 1 जनवरी 2024 से यूपीआई में कई बदलाव किये गए हैं। इन बदलावों की सूचना आरबीआई ने पिछले महीने में दिसंबर में दे दी थी।

यूपीआई अकाउंट होगा फ्रीज-  

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने Google Pay, Paytm, PhonePe आदि जैसे पेमेंट ऐप्स और उन अकाउंट को निष्क्रिय करने के लिए कहा जो अकाउंट या आईडी एक साल से अधिक समय से इस्तेमाल नहीं हो रही है। इसका मतलब है कि अगर आप भी एक साल या उससे ज्यादा समय से यूपीआई ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो आपका अकाउंट भी निष्क्रिय हो सकता है।

एक दिन में कर सकते हैं इतना भुगतान- 

NPC  के अनुसार अब यूपीआई के जरिये दैनिक भुगतान की सीमा बढ़ा दी गई है। अब एक दिन में धारक 1 लाख रुपये तक का भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा 8 दिसंबर 2023 में आरबीआई ने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए यूपीआई पेमेंट की सीमा को बढ़ा दिया है, अब इसकी भुगतान सीमा 5 लाख रुपये है।

PPI पर देना होगा चार्ज- 

अब यूपीआई पेमेंट करते समय अगर कोई धारक प्रीपेड भुगतान उपकरणों (PPI) का इस्तेमाल करता है तो उन्हें 2,000 रुपये से ज्यादा भुगतान पर 1.1 फीसदी का इंटरचेंज शुल्क देना होगा। इसके अलावा यूपीआई के जरिये हो रहे धोखाधड़ी को रोकने के लिए अब कोई धारक किसी नए यूजर को 2,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान करते हैं तो उनके पास 4 घंटे की समय-सीमा होगी। ऐसे में वह 4 घंटे के बीतर आसानी से उसकी शिकायत कर सकते हैं।


जल्द शुरू होगा यूपीआई एटीएम- 

देश में यूपीआई को विस्तार करने के लिए आरबीआई ने जापान की कंपनी हिताची (Hitachi) से एक साझेदारी की है। इस साझेदारी के अनुसार जल्द ही भारत में यूपीआई एटीएम (UPI ATM) शुरू होगा। इस एटीएम के जरिये बैंक से कैश विड्रॉ करने का प्रोसेस काफी आसान हो जाएगा। कैश निकालने के लिए क्यूआर स्कैन करना होगा।

ISRO ने लॉन्च किया XpoSAT सैटेलाइट, अब ब्लैक होल की रहस्यमयी दुनिया का खुलेगा राज.

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ISRO XPoSat Mission: भारत ने साल 2024 की शुरुआत खगोल विज्ञान के सबसे बड़े रहस्यों में से एक ब्लैक होल के बारे में जानकारी जुटाने के लिए उपग्रह भेज कर की है। सुबह 9.10 बजे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के इस पहले एक्स-रे पोलरीमीटर उपग्रह यानी ‘एक्सपोसैट’ को रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) सी 58 के जरिए लॉन्च किया। यह प्रक्षेपण पीएसएलवी रॉकेट श्रृंखला का 60वां प्रक्षेपण है। इस उपग्रह की लाइफ पांच साल की है। इस मिशन में एक्सपोसैट के साथ ही 10 अन्य पेलोड भी लॉन्च किए गए हैं। जिन्हें पृथ्वी की निचली कक्षाओं में स्थापित किया जाएगा।

 

इसरो ने रचा इतिहास-

इसरो के चंद्रयान-3 और आदित्य एल1 मिशन के बाद यह देश का अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में एक नया ऐतिहासिक कदम है। इस मिशन के माध्यम से अमेरिका के बाद भारत ब्लैक होल (आकाशगंगा) और न्यूट्रॉन सितारों का अध्ययन करने के लिए एक विशेष सैटेलाइट भेजने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया। SLV-C58 XPoSat मिशन पर इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा, “1 जनवरी 2024 को पीएसएलवी का एक और सफल मिशन पूरा हो गया है।”

क्यों खास है ये मिशन?

इसरो ने बताया कि इस उपग्रह का लक्ष्य सुदूर अंतरिक्ष से आने वाली गहन एक्स-रे का पोलराइजेशन यानी ध्रुवीकरण पता लगाना है। यह किस आकाशीय पिंड से आ रही हैं, यह रहस्य इन किरणों के बारे में काफी जानकारी देते हैं। पूरी दुनिया में एक्स-रे ध्रुवीकरण को जानने का महत्व बढ़ा है। यह पिंड या संरचनाएं ब्लैक होल, न्यूट्रॉन तारे (तारे में विस्फोट के बाद उसके बचे अत्यधिक द्रव्यमान वाले हिस्से), आकाशगंगा के केंद्र में मौजूद नाभिक आदि को समझने में मदद करता है। इससे आकाशीय पिंडों के आकार और विकिरण बनाने की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी।

Covid19: तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, बीते एक हफ्ते में 2282 नए मामले आए सामने.

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नए साल का आगाज हो चुका है, लेकिन नए साल के आगाज के साथ ही कोरोना भी डरा रहा है। दरअसल बीते हफ्ते के मुकाबले इस हफ्ते देश में कोरोना के मामलों में 22 फीसदी का उछाल आया है। बीते 24 घंटे में कोरोना के 800 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, जो बीते सात महीने में एक दिन में सबसे ज्यादा आंकड़ा है। भारत में पिछले हफ्ते (24-30 दिसंबर) कोरोना के 4652 मामले सामने आए थे। इससे पिछले हफ्ते यह आंकड़ा 3818 था। आंकड़ों से पता चल रहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

केरल में कोरोना मामलों में आई गिरावट-
केरल में बीते हफ्ते कोरोना के कुल 2282 नए मामले सामने आए। राहत की बात ये है कि उससे पिछले हफ्ते केरल में 3018 नए कोरोना केस मिले थे। इस तरह बीते हफ्ते केरल में कोरोना मामलों में गिरावट आई है। कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे कई अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण में तेजी आई है। कर्नाटक में बीते हफ्ते कोरोना के 922 मामले सामने आए, जो कि पिछले से पिछले हफ्ते के मुकाबले तीन गुना की बढ़ोतरी है। महाराष्ट्र में भी 103 से बढ़कर कोरोना मरीजों की संख्या 620 हो गई है।
एक्टिव केस बढ़कर 4394 हुए-


स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना के एक्टिव मामले बढ़कर 4394 हो गए हैं। इनमें से 1869 एक्टिव केस केरल में ही हैं। रविवार को केरल में कोरोना के 213 एक्टिव केस मिले। वहीं कर्नाटक में एक्टिव केस बढ़कर 1000 हो गए हैं। रविवार को कर्नाटक में कोरोना के 167 एक्टिव केस मिले। महाराष्ट्र में एक्टिव मरीज 693 हैं। तमिलनाडु में यह आंकड़ा 175 है। आंध्र प्रदेश में भी 109 एक्टिव केस हैं। बीते 24 घंटे में देश में कोरोना से तीन मरीजों की मौत हुई है। इनमें से दो मौत केरल में और एक तमिलनाडु में हुई।

देश में कोरोना के नए वैरिएंट जेएन.1 के केस भी बढ़ रहे हैं। हालांकि अभी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है बस लोग सावधानी रखें और सार्वजनिक जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें।

Rajasthan Cabinet: राजस्थान में मंत्रिमंडल का विस्तार, किरोड़ी लाल मीणा और राज्यवर्धन राठौड़ समेत 22 विधायक बने मंत्री.

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एक लंबे इंतजार के बाद सीएम भजनलाल शर्मा के कैबिनेट का विस्तार हो गया है। इस मंत्रिमंडल में 22 भाजपा विधायकों ने राजस्थान सरकार के मंत्री के रूप में शपथ ली। 15 दिसंबर को भजनलाल शर्मा ने बतौर मुख्यमंत्री और दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने बतौर उपमुख्यमंत्री शपथ ग्रहण की थी। उसके बाद से ही राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार किया जा रहा था। 
 

राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। मंत्रिमंडल में पहली बार और दूसरी बार चुने गए विधायकों को शामिल किया गया है।

 

22 विधायकों ने ली शपथ-

शनिवार को यहां राजभवन में एक समारोह के दौरान 22 भाजपा विधायकों ने राजस्थान सरकार के मंत्री के रूप में शपथ ली। इस दौरान 12 ने कैबिनेट मंत्री, पांच ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पांच ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। समारोह के दौरान राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

किरोड़ी लाल मीणा समेत 12 मंत्रियों ने ली शपथ- 

राजस्थान मंत्रिमंडल में किरोड़ी लाल मीणा, मदन दिलावर, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, गजेंद्र सिंह खींवसर, बाबूलाल खराड़ी, जोगाराम पटेल, सुरेश सिंह रावत, अविनाश गहलोत, जोराराम कुमावत, हेमंत मीना, कन्हैया लाल चौधरी और सुमित गोदारा को कैबिनेट का हिस्सा बनाया गया है। वहीं, श्रीकरणपुर से बीजेपी प्रत्याशी रहे सुरेंद्रपाल टीटी विधायक बनने से पहले मंत्री बनाए गए हैं।

इन विधायकों ने ली शपथ-

सिरोही विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने वाले ओटाराम देवासी ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इनके साथ, मंजू बाघमार, विजय सिंह चौधरी, केके विश्नोई और जवाहर सिंह बेढम ने राज्यमंत्री के तौर पर ली शपथ।

संजय शर्मा, गौतम कुमार, झाबर सिंह खर्रा, सुरेंद्र पाल सिंह और हीरालाल नागर ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली।

Uttarakhand Weather: नए साल पर जानिए मौसम का हाल, उत्तराखंड में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी.

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उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अचानक बदलने से लोगों को परेशानी होने लगी है। उत्तराखंड के कई जिलों में सुबह ही धूप खिली तो कई कोहरा छाने से अचानक ठंड बढ़ गई। आज हल्द्वानी, रुद्रपुर, रामनगर, बाजपुर में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ हैं। वहीं, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में धूप खिली हुई हैं।  मौसम जानकारों के अनुसार, हल्की धूप के साथ अगले एक हफ्ते तक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। वहीं राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने मैदानी इलाकों में घने कोहरे को लेकर आरेंज और यलो अलर्ट जारी कर दिया है।

शुक्रवार को हल्द्वानी में सर्दी का पहला घना कोहरा छाने से अचानक ठंड बढ़ गई। अंधेरा होने के बाद कोहरा लगातार घना होता गया। 20 मीटर दृश्यता और 85 प्रतिशत आर्दता मापी गई।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ आदि पर्वतीय जिलों में  हल्की से हल्की बारिश और बर्फबारी की भी संभावना है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं मुक्तेश्वर का 13 और न्यूनतम 4.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

पंतनगर कृषि विवि के मौसम जानकार डॉ. आरके सिंह के अनुसार एक हफ्ते तकघना कोहरा छाया रहने की संभावना है। इधर बारिश नहीं होने से पर्वतीय जिलों में मौसमी फसल पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव ने बताया कि असिंचित क्षेत्रों में फसलों को नुकसान होने की संभावना है। इससे गेहूं, दलहन, तिलहन की फसल के उत्पादन पर असर पड़ सकता है। दिसंबर में औसतन चार से पांच एमएम ही बारिश हुई है जो नाकाफी है।

कुमाऊं मंडल में देखा जाए तो 172183 हेक्टेयर में गेहूं, 20598 हेक्टेयर में दलहन और 6788 हेक्टेयर में तिलहन का उत्पादन होता है। संयुक्त निदेशक  कृषि कुमाऊं मंडल पीके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मंडल के सभी कृषि अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि अभी तक नुकसान की सूचना नहीं है। पहाड़ों में ठंड की वजह से अभी खेतों में नमी बनी हुई है

कोहरे में इन बातों का ध्यान रखें-
कोहरा शुरू हो गया ऐसे में वाहन चलाने में समस्या आती और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। प्रभारी एआरटीओ प्रमोद चौधरी कहते हैं कि कुछ बातों का ध्यान रखें तो दिक्कत से बचा जा सकता है।
  • कोहरे में बेहद अपरिहार्य स्थिति में वाहन चलाएं
  • इंडिकेटर और पार्किंग लाइट को ऑन रखें
  • सड़क के किनाए बाएं वाहन पार्क होते हैं, इस तरफ भी ध्यान रखें
  • अगर वाहन में कोई तकनीकी दिक्कत आ गई है तो चौपहिया वाहन में एक त्रिभुजाकार
  • रिफलेक्टर होता है, उसको वाहन से पीछे की तरफ 20 मीटर रखें, जिससे दूसरे वाहन स्वामी को पता रहे
  • वाहन पर रेडियम पट्टी भी लगाना चाहिए।
कोहरे के कारण बस और ट्रेन हुईं लेट-

मौसम में घने कोहरे के छाने से आम जीवन काफी प्रभावित हो रहा है। इसका मुख्य असर यातायात पर आ रहा है। शुक्रवार को भी बस और ट्रेन अपने स्टेशन पर निर्धारित समय से लेट से पहुंचे। इसके चलते यात्रियों को ठंड में ठिठुरते हुए अपने रूट की गाड़ी का इंतजार करना पड़ा। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

कोहरे के कारण को दिल्ली से काठगोदाम को आने वाली रानीखेत एक्सप्रेस और हावड़ा से काठगोदाम तक संचालित होने वाली बाघ एक्सप्रेस ट्रेन अपने निर्धारित समय से एक घंटा देरी से स्टेशन पहुंची। दोनो ट्रेनों के अपने देरी से पहुंचने पर यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इधर रोडवेज की भी कुछ ऐसी ही स्थिती रही। यहां भी कोहरे के चलते दिल्ली और पंजाब रूट की बसें एक घंटे देरी से पहुंची। यूपी और पंजाब के मैदानी जिलों में कोहरे के कारण बुरा हाल है। इससे बसे अपने निर्धारित स्टेशन में देरी से पहुंच रही हैं।

Ayodhya: अयोध्या की सड़कों पर मोदी का हुआ अभूतपूर्व स्वागत, PM मोदी बोले- पूरी दुनिया को 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार.

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राम की नगरी में राम नाम की गूंज है। रामलला की ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा से पहले राम नगरी में उत्सव सा माहौल है। तैयारियां जोरों पर हैं। नया नेवाल एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन, सड़कें हों या बस स्टैंड सब संवर रहे हैं और सजाए जा रहे हैं। चौराहों-दीवारों पर देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी जा रही हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचकर 22 जनवरी के ऐतिहासिक पलों से पहले की झलकियां दे दीं।  

प्रधानमंत्री ने अयोध्या के नए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। साथ ही प्रोटोकॉल तोड़कर यहां के निषाद परिवार से मिलकर उन्हें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्योता भी दिया। मंदिर के उद्घाटन के साथ ही इसमें आम लोग दर्शन के लिए जा सकेंगे। मंदिर बनाते समय इसकी सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर अलग ही उमंग अयोध्या वासियों के मन में था। बच्चों हो या बुजुर्ग,  महिलाएं हों या युवतियां, सभी पीएम मोदी की एक झलक पाने को आतुर दिखीं। धर्मपथ से लेकर राम पथ होते हुए अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचने के दौरान बच्चे भी जय जय श्री राम के साथ मोदी-मोदी की गूंज करते रहे।
मोदी को देख खिल उठे अयोध्या के जनमानस के चेहरे-

रोड शो में पीएम मोदी के चेहरे पर मुस्कान रही, जिसने समूचे अयोध्यावासियों का दिल जीत लिया। मोदी की मुस्कान पर फिदा अयोध्या में मोदी-मोदी की गूंज सुनाई दी। अयोध्या की सड़कों पर मोदी का यह स्वागत और भी महत्वपूर्ण हो गया, क्योंकि इसके बाद मोदी जब आएंगे तो रामलला को उनके दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान करेंगे। 

लता चौक पर साधु-संतों ने की पुष्पवर्षा –


यूं तो पूरे रोड शो के दौरान पीएम पर जोरदार पुष्प वर्षा हुई, लेकिन लता चौक पर भी साधु-संतों ने पीएम मोदी पर पुष्प वर्षा भी की और उन्होंने आशीर्वाद भी दिया। अयोध्या की नई पहचान बन चुके लता चौक पर भी आम जनमानस की भीड़ ने जोरदार स्वागत किया। यहीं से पीएम अयोध्या रेलवे स्टेशन के लिए मुड़े तो यहां फूलों से बनी गणपति की छवि काफी आकर्षित कर रही थी।  वैसे, आज अयोध्या का श्रृंगार काफी अद्भुत था। जिसने भी देखा, यह श्रृंगार देख मनमोह उठा। रास्ते-रास्ते में बने तोरण द्वार और संत-साधु और आमजन ने अपने मन में भी मोदी को बसा लिया।
पीएम मोदी के स्वागत में लोक कलाकारों ने बांधा समां-

पीएम मोदी के रोड शो के दौरान कुल 50 मंच बनाए गए थे जिसमें 1400 से कलाकारों ने प्रस्तुतियां दी। इसके अतिरिक्त, लता चौक पर एक विशाल मंच बनाया गया था। यहां पीएम मोदी के काफिले पर फ्लावर कैनन से पुष्प वर्षा की गई। वहीं, हवाई अड्डे के गेट नंबर 3 पर तथा हवाई अड्डे और साकेत पेट्रोल पंप के बीच पांच मंचों का संचालन किया गया। धर्म पथ के साथ, कलाकारों ने 26 चरणों पर अपना प्रदर्शन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शंख वादन और डमरू वादन से सभी को झंकृत कर दिया। वहीं, खजान सिंह और महिपाल ने अपनी टीम के साथ मथुरा, ‘बम रसिया’ के प्रदर्शन के माध्यम से छाप छोड़ी। इसके अतिरिक्त, मथुरा के लोकप्रिय ‘मयूर’ नृत्य ने भी कई मंचों की शोभा बढ़ाई। अयोध्या के कई ख्यात स्थानीय कलाकारों ने भी विभिन्न मंचों पर प्रस्तुतियां दीं। ‘अवधी’, ‘वनटांगिया’ और ‘फरुवाही’ समेत विभिन्न संस्कृतियों की लोक कला प्रस्तुतियों के रंगों से सजी अयोध्या में पलवल (हरियाणा) के ‘बीन-बांसुरी’ डांस और राजस्थान की ‘चकरी’ डांस ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मैं भी आपकी तरह ही उत्सुक हूं: पीएम

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रही है। ऐसे में आयोध्यावासियों में अति-उत्साह स्वाभाविक है। भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूं। मैं भी आपकी तरह ही उत्सुक हूं।

 

Uttarakhand Board Exam 2024: उत्तराखंड बोर्ड ने जारी की 10वीं और 12वीं की डेटशीट, जानिए क्या है शेड्यूल.

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Uttarakhand Board Exam 2024: उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू होकर16 मार्च तक आयोजित की जाएंगी।

उत्तराखंड बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जारी शेड्यूल के अनुसार, उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू होकर 16 मार्च तक आयोजित की जाएंगी।

दरअसल, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय उत्तराखंड के सभागार में सभापति, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की अध्यक्षता में साल 2024 के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा कार्यक्रम के निर्धारण के लिए परीक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में परीक्षा समिति की ओर से निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर, नैनीताल की ओर से संचालित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा दिनांक 27 फरवरी 2024 से शुरू होगी, जो 16 मार्च 2024 तक चलेगी।

 

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 27 फरवरी से शुरू होंगी-

हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 27 फरवरी से शुरू होंगी, जो 16 मार्च तक चलेगी। वहीं, प्रैक्टिकल 16 जनवरी 2024 से शुरू होंगे, जो 15 फरवरी के बीच चलेंगे। परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्वक कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। बैठक में परिषद के सभापति सीमा जौनसारी, सचिव डॉ नीता तिवारी, अपर निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) महावीर सिंह बिष्ट  और परीक्षा समिति के सदस्य उपस्थित रहे। 

Uttarakhand: 88 छात्रों को कराया फर्जी पैरामेडिकल कोर्स, कई लोगों को बांटी डिग्री, लाखों में वसूली फीस.

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पैरामेडिकल और मैनेजमेंट का फर्जी डिप्लोमा देने के आरोपी डीपीएमआई काठगोदाम के प्रबंध निदेशक को काठगोदाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसने 88 छात्र-छात्राओं से 88 लाख रुपये फीस वसूली थी जिनमें 58 को डिप्लोमा दिया गया जो फर्जी था।

पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन हल्द्वानी में एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया। बताया कि 11 अक्टूबर को मुखानी निवासी हिमांशु नेगी पुत्र गोपाल सिंह नेगी ने दिल्ली पैरामेडिकल एंड मेडिकल इंस्टीट्यूट काठगोदाम के एमडी डॉ. प्रकाश सिंह मेहरा और प्रधानाचार्य डा. पल्लवी मेहरा के खिलाफ काठगोदाम थाने में तहरीर दी थी।

कहा था कि 2018 में इंस्टीट्यूट में एडमिशन लिया था तब प्रबंधक ने कहा था कि यह संस्थान दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट की शाखा है। दो साल के कोर्स की फीस एक लाख रुपये ली गई थी। संस्थान में उनके साथ 38 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया। कोर्स के बाद सभी मार्कशीट और डिप्लोमा दिया गया। जब एक छात्र ने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में नौकरी के लिए आवेदन किया तो डिप्लोमा फर्जी बताते हुए आवेदन निरस्त कर दिया गया।
जांच में डीपीएमआई काठगोदाम के संचालक ने बताया कि 2018 में डीपीएमआई दिल्ली से फ्रेंचाइजी ली थी और पूर्वी खेड़ा गौलापार में संस्थान खोला था। 2018 में आठ, 2019 में 37 और 2020 में 21 छात्र-छात्राओं को पैरामेडिकल कोर्स का डिप्लोमा दिया गया था जबकि 2021 के 30 छात्रों को अभी डिप्लोमा नहीं मिला है। उनसे भी फीस वसूल ली गई है।

जब डीपीएमआई दिल्ली जाकर जानकारी मांगी गई तो पता चला कि 2018 में 8 छात्रों को डिप्लोमा दिया गया और 2019 में 37 छात्र-छात्राओं की प्रथम वर्ष की परीक्षा कर मार्कशीट दी गई थी। उसके बाद डीपीएमआई काठगोदाम के संचालक प्रकाश मेहरा ने फीस जमा नहीं की तो डीपीएमआई दिल्ली ने काठगोदाम शाखा को फीस डिफॉल्टर घोषित कर कार्यक्रम बंद कर दिया था। मगर इसके बावजूद 2019 में कोर्स बंद होने पर भी आरोपी छात्र-छात्राओं से लाखों रुपये फीस लेता रहा। मुकदमा दर्ज कर प्रकाश मेहरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में उससे पूछताछ की जा रही है।
हर विद्यार्थी से वसूले 1 लाख रुपये-


पुलिस जांच में कुल 58 छात्र-छात्राओं को फर्जी डिप्लोमा कराने का मामला सामने आया। डिप्लोमा कोर्स के लिए हर छात्र से एक लाख रुपये फीस ली गई। जांच में साल 2019 के 37 और 2020 के 21 छात्र-छात्राओं को फर्जी डिप्लोमा दिए गए थे जिनसे कुल 58 लाख रुपये आरोपी ने वसूले। 2021 के 30 विद्यार्थियों से भी फीस वसूल ली गई।

 

Priyanka ED Case: आखिर ED की चार्जशीट में प्रियंका गांधी का नाम क्यों, पढ़ें मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर क्या है पूरा मामला.

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Priyanka Gandhi ED Case- कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी बड़ी मुसीबत में फंसती दिख रहीं है। दरअसल, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रियंका गांधी का नाम पहली बार चार्जशीट में दाखिल किया है। हालांकि, प्रियंका को आरोपी नहीं बनाया गया है। उनका नाम आरोपी से जुड़े होने के तौर पर शामिल किया गया है।

जिससे जमीन खरीदी, उसी को बेच दी-

ईडी की चार्जशीट के अनुसार, ये मामला जमीन खरीदने और बेचने से जुड़ा है। मामले में भगोड़े हथियार डीलर संजय भंडारी के सहयोगी सीसी थम्पी ने हरियाणा के फरीदाबाद में रियल एस्टेट एजेंट एचएल पाहवा से 2005 से 2008 तक कई बार जमीनें खरीदीं।उसके बाद प्रियंका और रॉबर्ट वाड्रा ने 2006 में पाहवा से अमीरपुर गांव में 5 एकड़ (40 कनाल) कृषि जमीन खरीदी और उसी को पाहवा को फरवरी 2010 में बेच दिया। आरोप है कि ये सब पैसे को इधर-उधर और मनी लॉन्ड्रिंग करने के लिए किया गया।

ये भी लगे आरोप-

आरोप यह भी लगे हैं कि इस दौरान एचएल पाहवा को भूमि अधिग्रहण के लिए पैसे भी मिलते रहे। ये भी आरोप है कि रॉबर्ट ने पाहवा को पूरे पैसे भी नहीं दिए। 

ईडी का कहना है कि थम्पी के रिश्ते काफी लंबे समय से वाड्रा से है और दोनों कई काम मिलकर करते हैं।

 

सीसी थम्पी पर संजय भंडारी का साथ देने का आरोप-

सीसी थम्पी पर हथियार डीलर संजय भंडारी का साथ देने और ब्रिटेन में कालाधन छिपाने में मदद करने का आरोप है।

Rajasthan: राजस्थान में किसे और कैसे मिलेगा 450 रुपये में LPG सिलेंडर, पढ़ लें ये सभी जरूरी नियम.

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राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार ने गरीब परिवारों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने की घोषणा की है। चुनाव में बीजेपी की ओर से यह वादा किया गया था, जिसे अब सरकार एक जनवरी 2024 से लागू करने की घोषणा की है।

आप को बता दें कि इन परिवारों को गहलोत सरकार 500 रुपये में सिलेंडर दे रही थी। बीजेपी सरकार की नई योजना लागू होने के बाद उन्हें 50 रुपये की और बचत होगी। अन्य परिवारों को सिलेंडर पहले की तरह बाजार मूल्य पर मिलता रहेगा।

बताते चलें, टोंक जिले में बुधवार को विकसित भारत संकल्प यात्रा को संबोधित करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा ने सस्ते सिलेंडर वाला वादा पूरा करने का एलान किया। उन्होंने कहा, राजस्थान की जनता ने पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के लिए दी गई गारंटी में अपना विश्वास जाहिर किया है। 

 

सीएम भजनलाल ने कहा कि उनकी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप अंत्योदय के लिए प्रतिबद्ध है और जनता से घोषण पत्र में किए गए सभी वादों को पूरा किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। आइए हम आपको बताते हैं कि 450 रुपये में सिलेंडर किसे और कैसे मिलेगा।

  • रसोई गैस सिलेंडर सब्सिडी योजना के तहत उन लोगों को 450 रुपये में सिलेंडर मिलेगा, जिन्होंने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत कनेक्शन लिया है।
  • इसके अलावा चुनिंदा बीपीएल परिवारों को भी इसका लाभ मिलेगा।
  • एक पात्र परिवार को साल में 12 सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी।
  • सिलेंडर की संख्या ज्यादा हुई तो बाजार मूल्य चुकाना होगा।
  • सिलेंडर लेते समय बाजार मूल्य चुकाना होगा, बाद में सब्सिडी अकाउंट में आएगी।
  • मान लीजिए बाजार मूल्य 900 रुपये है तो आपको सिलेंडर लेते समय पूरे पैसे देने होंगे, बाद में आपके अकाउंट में 450 रुपये सब्सिडी के रूप में जमा कर दिए जाएंगे।