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Uttarakhand: राष्ट्रीय खेलों से पहले प्रदेश को मिली बड़ी सौगात, CM धामी ने चकरपुर, खटीमा में स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण।

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राष्ट्रीय खेलों से पहले प्रदेश को मिली बड़ी सौगात, CM धामी ने चकरपुर, खटीमा में स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण।

मुख्यमंत्री ने चकरपुर, खटीमा में नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण।

नव निर्मित स्टेडियम में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं का खेल के प्रति बढ़ेगा उत्साह – मुख्यमंत्री।

प्रदेश की जनता से मुख्यमंत्री का वादा- ऐतिहासिक होंगे राष्ट्रीय खेल और उत्तराखंड को देंगे विश्वस्तरीय पहचान।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को चकरपुर, खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 1615.62 लाख की लागत नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित स्टेडियम के उद्घाटन पर सभी क्षेत्रवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि 2017 में खटीमा के विधायक के रूप में उन्होंने इस स्टेडियम की घोषणा की थी। हालांकि, कई बाधाओं के चलते उनके विधायक रहते हुए इस स्टेडियम का कार्य पूर्ण नहीं हो सका था। लेकिन प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उन्हें इसका शुभारंभ करने का सुअवसर प्राप्त हुआ, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा ये स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं को खेल का मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और उसके माध्यम से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खटीमा सहित पूरे राज्य का गौरव बढ़ा सकेंगे।

 

राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह को बढ़ावा मिलेगा- CM धामी

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। जहां बास्केटबॉल, फुटबॉल, वालीबॉल, कबड्डी जैसे खेलों के मैदानों का निर्माण कराया गया है, साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने के लिए हॉस्टल और इनडोर कार्यक्रमों के लिए बहुउद्देश्यीय हॉल का भी निर्माण किया गया है। नए स्टेडियम में आगामी राष्ट्रीय खेलों की मलखंभ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को बढ़ावा मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल, युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ ही युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुणों का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा प्रदेश में नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण और शिक्षा तथा खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम भी किया जा रहा है।

 

 

राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण और पुरस्कार राशि को दोगुना किया-CM धामी

 

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण और पुरस्कार राशि को दोगुना करने जैसे कदम भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हम शीघ्र ही राज्य में एक खेल विश्वविद्यालय भी स्थापित करने जा रहे हैं, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज देवभूमि और वीरभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। आगामी 28 जनवरी से हमारे राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। इस बार, हम राष्ट्रीय खेलों को ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारे प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से वादा करते हुए कहा कि इस बार के राष्ट्रीय खेल न केवल ऐतिहासिक होंगे, बल्कि खेलों के क्षेत्र में उत्तराखंड की साख को विश्वस्तरीय रूप देने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है, यहीं से उन्होंने अपनी जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी, और इस क्षेत्र की प्रत्येक गली, प्रत्येक गाँव उनके दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नए हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण कार्य, खटीमा को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य जैसे अनेकों कार्य इस क्षेत्र में हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश एवं खटीमा क्षेत्र के विकास में आगे भी कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। राज्य सरकार सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के अपने विकल्प रहित संकल्प के आधार पर निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने मलखम्ब खिलाड़ियों से संवाद किया व उनके खेल प्रतिभा को देख उनकी सराहना की।

इस अवसर पर विधायक खटीमा भुवन चंद कापड़ी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, पूर्व दर्जामंत्री राजपाल सिंह, विवेक सक्सेना, गिरीश जोशी, भैरव दत्त पाण्डे, जीवन धामी, कैलाश चंद्र, अमित पाण्डे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, निदेशक खेल प्रशांत आर्या, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन: 17 देशों से आएंगे 60 प्रतिनिधि, सीएम धामी करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन.

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अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में 17 देशों से 60 प्रतिनिधि शामिल होंगे। 12 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन में चार अलग-अलग सत्रों में कृषि एवं उद्यान, पर्यटन, उद्योग, कौशल विकास की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सम्मेलन के दौरान राज्य की लोक संस्कृति, खानपान, स्थानीय हस्तशिल्प, उत्पादों की प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिला प्रशासन को सम्मेलन के आयोजन के दौरान शहर व आयोजन स्थल की स्वच्छता, पार्किंग व्यवस्था, विदेश से आने वाले प्रवासी अतिथियों के स्वागत-सत्कार के लिए संपर्क अधिकारियों, परिवहन, प्रोटोकाॅल, रहने, ट्रैफिक की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा।

बैठक में बताया गया कि सम्मेलन में उद्योग विभाग की ओर से विनिर्माण, ऊर्जा व स्टार्टअप में निवेश की संभावनाओं, पर्यटन विभाग : हाॅस्पिटेलिटी एंड वेलनेस, कौशल विकास विभाग की ओर से कौशल विकास व विदेश में रोजगार के अवसर, कृषि विभाग उद्यान की ओर से हर्बल मेडिसिन व ऐरोमेटिक पौधों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रवासियों के साथ राज्य के विकास में योगदान के साथ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, पलायन को रोकने पर चर्चा की जाएगी। 

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Uttarakhand: प्रवास के दौरान PM मोदी करेंगे बदरी-केदार में पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा. जा सकते हैं मुखबा, CM धामी ने दी जानकारी.

 

सम्मेलन में पर्यटन एवं वेलनेस सत्र में एस्ट्रो टूरिज्म, हेली सेवाओं के माध्यम से राज्य को जोड़ने, राज्य में पर्यावरणीय एवं वन्यजीव पर्यटन और आयुष एवं वेलनेस पर चर्चा की जाएगी। बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली, विनोद कुमार सुमन, डीजी सूचना बंशीधर तिवारी समेत सभी संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

इन देशों से आएंगे प्रवासी
यूएई से 19, जापान से 10, सिंगापुर से चार, न्यूजीलैंड से तीन, कनाडा, चीन, यूनाइटेड किंगडम, इंडोनेशिया, अमेरिका, वियतनाम व ओमान से दो-दो और जर्मनी, आयरलैंड, मलेशिया, नाइजीरिया व थाइलैंड से एक-एक प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में आएंगे।

Uttarakhand: प्रवास के दौरान PM मोदी करेंगे बदरी-केदार में पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा. जा सकते हैं मुखबा, CM धामी ने दी जानकारी.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के एक दिवसीय प्रवास के दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे और शीतकालीन यात्रा का संदेश देने के लिए इस बार गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा या यमुनोत्री के खरशाली जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन और शीतकालीन यात्रा पर आने का अनुरोध किया था। प्रधानमंत्री ने इसके के लिए अनुमति दे दी है। बता दें कि अब राज्य सरकार की योजना बदरी-केदार की तर्ज पर केंद्र सरकार की मदद से सीमांत जिले उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धामों का सुनियोजित विकास कराने की है।

इसलिए मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री से इस बार गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा या यमुनोत्री के खरशाली आने का अनुरोध किया। सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करने जब उत्तराखंड आएंगे तो वह केदारनाथ में चल रहे दूसरे चरण के पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।

वह बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति जानेंगे। सरकार की ओर से दोनों ही प्रोजेक्टों का प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। बताया जा रहा कि पीएम करीब साढ़े पांच घंटे उत्तराखंड में रहेंगे। पीएम के दौरे को लेकर कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं। साथ ही उनके दौरे को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

Uttarakhand: प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में आएंगे 17 देशों से लोग. 

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12 जनवरी को देहरादून में होने जा रहा है भव्य आयोजन

50 से अधिक प्रवासी उत्तराखंडियों ने अब तक किया रजिस्ट्रेशन

 

उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में 17 देशों में रहने वाले उत्तराखंडी पहुंच रहे हें। अब तक 50 से अधिक जाने माने प्रवासी उत्तराखंडियों ने सम्मेलन के लिए अपना पंजीकरण करवा लिया है।

12 जनवरी को आयोजित होने वाले एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। सम्मेलन में उत्तराखंड में निवेश की संभावना, हॉस्पेटिलिटी – वेलनेस, कौशल विकास, विदेश में रोजगार और उच्च शिक्षा के साथ ही उद्यान जड़ी- बूटी में संभावना विषय पर चार अलग अलग सत्रों में पैनल डिस्कशन भी किया जाएगा।

 

शामिल हो रहे हैं कई दिग्गज-

इस सम्मेलन में विदेश में रहते हुए अलग -अलग क्षेत्रों में नाम कमाने वाले कई प्रवासी उत्तराखंडी शामिल हो रहे हैं। इसमें प्रवासी भारतीय सम्मान प्राप्त दुबई निवासी गिरीश चंद्र पंत के अलावा चीन से देव रतूड़ी, अमेरिका से डॉ अनिता शर्मा, जापान से भुवन तिवारी, सिंगापुर से सुनील थपलियाल, मीनाक्षी डबराल, थाईलैंड से डॉ एके काला जैसे नाम शामिल हैं। कई प्रवासी, इससे पहले भारत सरकार की ओर से भुवनेश्वर में आयोजित किए जा रहे प्रवासी भारतीय दिवस में भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी के लिए वेबसाइट भी शुरू कर दी गई है।

 

मुख्यमंत्री धामी की पहल से हुई शुरुआत-

विदेशों में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी मिट्टी से जोड़ने की पहल खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की। दरअसल, दिसंबर 2023 में आयोजित इन्वेस्टर समिट से पहले सीएम धामी विदेश दौरे पर गए थे, जहां प्रवासियों ने उनका उत्तराखंड की रीति परंपरा से स्वागत किया। इस दौरान तमाम सफल लोगों की मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई। इसी के बाद मुख्यमंत्री ने ऐसे प्रवासियों के अनुभव का लाभ लेने के लिए, शासन में प्रवासी उत्तराखंडी सेल गठित किए जाने के साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन भी आयोजित करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में गत सात नवंबर को देहरादून में अपने देश के भीतर ही विभिन्न राज्यों में रहने वाले उत्तराखंडियों के बीच ऐसा ही एक सम्मेलन आयोजित किया जा चुका है।

विदेशों में रहने वाले उत्तराखंड के प्रवासी, हर क्षेत्र में नाम कमा रहे हैं। उनके पास ज्ञान, विज्ञान, तकनीकी, उद्यमशीलता का विपुल अनुभव है। सरकार चाहती है कि इस अनुभव से प्रवासीजन अपने प्रदेश और गांव का भी विकास करें। सरकार इस काम में हर संभव मदद देने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी लगातार प्रवासियों को अपने प्रदेशों के विकास में योगदान करने की प्रेरणा देते रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

Uttarakhand: कूड़ा उठाने वाले वाहनों और मोबाइल रिंग टोन में बजेगा 38वें नेशनल गेम्स का एंथम, जानिए क्या है धामी सरकार का प्लान…

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मोबाइल की रिंग टोन में गूंजेगा राष्ट्रीय खेल का एंथम

राष्ट्रीय खेल सचिवालय की ओर से बीएसएनएल को भेजा जा रहा है पत्र

कूड़ा गाड़ियों से लेकर एफएम के जरिये भी प्रचार की तैयारी

आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले’ है राष्ट्रीय खेल एंथम

38 वें राष्ट्रीय खेल का एंथम ‘आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले’ जल्द ही आपको मोबाइल रिंग टोन में सुनाई दे सकता है। राष्ट्रीय खेल सचिवालय की ओर से इस संबंध में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को पत्र भेजा जा रहा है।

राष्ट्रीय खेल इस महीने की 28 तारीख से शुरू होने हैं। इसके लिए प्रचार अब तेज हो रहा है। राष्ट्रीय खेल के लिए ‘आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले’ एंथम तैयार किया गया है। इसका शुभारंभ 15 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया था। इस एंथम को प्रचारित प्रसारित करने के लिए कई स्तरों पर कार्य किया जा रहा है। जो एंथम तैयार किया गया है, वह काफी लंबा है। ऐसे में प्रचार की दृष्टि से एंथेम के सिर्फ 30 सेकेंड के हिस्से का इस्तेमाल किया जाएगा।

कूड़ा गाड़ियों से लेकर FM तक का होगा उपयोग-

नगर निकाय क्षेत्रों में रोजाना कूड़ा उठाने वाले वाहनों से भी राष्ट्रीय खेल का एंथम सुनाई दे सकता है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। एफएम समेत अन्य सभी प्रचार माध्यमों के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। कोशिश ये ही है कि जिन जनपदों में राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी हैं, वहां पर सफाई वाहनों व एफएम आदि से ज्यादा प्रचार किया जाए।

 

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मोबाइल रिंग टोन में राष्ट्रीय खेलों का एंथम सुनाई दे, इसके लिए हमारी बीएसएनएल से बात हुई है। अब आधिकारिक पत्र भी भेजा जा रहा है। वहां से जवाब आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह, सफाई वाहन हो या फिर एफएम हम राष्ट्रीय खेलों के प्रचार के लिए ज्यादा से ज्यादा माध्यमों का उपयोग करना चाहते हैं। इसके लिए तैयारी की जा रही है।

अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख सचिव खेल/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राष्ट्रीय खेल

 

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यह है राष्ट्रीय खेल का एंथम-

आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले
एकत्र सर्वश्रेष्ठ है मैदान में
ना कोई विकल्प हो, संकल्प से शिखर तक
विजय गाथा लिख दें आसमान में।
पर्वतों की गोद में, गली-गली प्रमोद में
देवभूमि की धरा अखंड ये
हर घड़ी प्रयास में, आगमन की आस में
मेजबान आज उत्तराखंड ये।
उल्लास का यह पर्व है
हर किसी को गर्व है
मान हमको भारत विराट पर
जीत की हो कामना
खेल की हो भावना
जीत का तिलक है हर ललाट पर।
खेल है खिताब है, मेल है मिलाप है
समग्र अपने देश की है एकता
स्वागत सत्कार है
अपने देश की है ये विशेषता।
गूंज विजय नाद की, जोश में भरे सभी
दहाड़ते हैं आज आसमान में।
गरजते हैं जोर से
जो आए हर ओर से
ना कोई शिकन है ना गुमान है।
आन बान शान ले, शौर्य का प्रमाण ले

Uttarakhand News: उत्तराखंड में UCC जल्द होगा लागू, सीएम धामी ने दिए संकेत; एक्स पर लिखी ये बात.

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उत्तराखंड में जल्द ही यूसीसी यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होगा. मुख्यमत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया एक्स पर साल के पहले दिन एक पोस्ट किया. इस पोस्ट का निष्कर्ष यही है कि उत्तराखंड में बहुत जल्द समान नागरिक संहिता लागू होने जा रही है. इससे पहले भी सीएम धामी जनवरी 2025 में यूसीसी लागू करने की बात कह चुके हैं.

 

उत्तराखंड में जल्द लागू होगा यूसीसी:

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा- ‘देवभूमि उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता के आशीर्वाद से हम प्रदेश में नागरिकों को समान अधिकार देने के लिए यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड लागू करने जा रहे हैं, यह क़ानून न केवल समानता को बढ़ावा देगा बल्कि देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा।’

सीएम धामी ने सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट:

इस पोस्ट के साथ सीएम धामी ने जो पोस्टर साझा किया है उसमें शीर्षक है ‘उम्मीदों का नया साल 2025’. पोस्टर में बाएं ओर लिखा है ‘समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बनेगा उत्तराखंड’. दाएं तरफ लिखा है ‘प्रदेश के समस्त नागरिकों को मिलेंगे समान अधिकार, अन्य राज्यों के लिए उत्तराखंड बनेगा पथ प्रदर्शक’. पोस्टर में समान नागरिक संहिता का सांकेतिक चित्र है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ सीएं धामी की फोटो भी लगी है. पीएम मोदी ने तस्वीर में भगवा रंग की उत्तराखंडी टोपी पहनी है. वहीं सीएम धामी ने भी उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी पहनी हुई है.

 

 

पीएम और गृहमंत्री कर चुके हैं तारीफ:

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस पोस्ट से लग रहा है कि बहुत जल्द उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होगा. अगर ऐसा होता है तो उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होगा. पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पहले ही उत्तराखंड के यूनिफॉर्म सिविल कोड की तारीफ कर चुके हैं.

New Year Celebration: नए साल के जश्न के लिए नैनीताल हुआ तैयार, उमड़ी भीड़; पर्यटकों से होटल हुए पैक; देखें तस्वीरें

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नववर्ष के जश्न के लिए नैनीताल सज चुका है और होटलों की ओर से तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। शहर के अधिकतर बड़े होटलों में सौ फीसदी कमरे पैक है। इन होटलों के पैकेज में आकर्षक कार्यक्रम व गीत-संगीत की धूम आज शाम देखने को मिलेगी। 

नैनीताल में सोमवार को हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचे। होटलों की ओर से लाइव म्यूजिक के साथ ही गाला डिनर व डीजे की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता भी सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने बताया कि मालरोड, ठंडी सड़क समेत नगर के कई हिस्सों को बिजली की मालाओं से सजाया गया है। इस वर्ष मॉलरोड पर 10 गैस हीटर की भी व्यवस्था की गई है। इधर, थर्टी फर्स्ट के दिन मंगलवार होने से मांस विक्रेताओं का काम प्रभावित हुआ है। 

मल्लीताल मांस विक्रेता अतुल पाल ने बताया कि अन्य वर्षों की तुलना में इस वर्ष मांस की डिमांड कम है। वहीं ईओ दीपक गोस्वामी ने बताया कि अब तक नगर में 20 स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे थे। थर्टी फर्स्ट पर 25 स्थानों पर अलाव जलाए जाएंगे। उधर, नए साल के लिए भीमताल, नौकुचियाताल, सातताल, भवाली, कैंची, मुक्तेश्वर और रामगढ़ क्षेत्र के होटलों और होम स्टे में सैलानी पहुंचने लगे हैं। सैलानियों के लिए होटल कारोबारियों की ओर से म्यूजिक नाइट, पहाड़ी व्यंजनों की व्यवस्था की गई है।

नौकुचियाताल और कमलताल झील किनारे लाइटिंग व्यवस्था के साथ मंगलवार की रात म्यूजिक नाइट की व्यवस्था की गई है। पैराग्लाइडिंग, नौकायन, कयाकिंग और जीप लाइन संचालकों को भी कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है।
सुरक्षा-व्यवस्था के लिए छह सीओ व इंस्पेक्टर के साथ 345 पुलिस कर्मी रहेंगे तैनात-

नए साल के जश्न को लेकर जिला पुलिस की ओर से तैयारी पूर्ण कर ली गई हैं। एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा की ओर से जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों समेत अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को सुरक्षा ड्यूटी तय की जा चुकी है। छह सीओ व इंस्पेक्टर, 55 एसआई व एएसआई, 244 हेड कांस्टेबल, 40 होमगार्ड व पीआरडी कुल 345 पुलिस बल तैनात किया है। इसके साथ ही तीन पीएसी, दो प्लाटून, 1.5 सेक्शन व इसके अतिरिक्त फायर टेंडर, हॉक तथा होमगार्ड, पीआरडी जवानों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

हुड़दंग काटने वालों को दी चेतावनी-

एसएसपी मीणा ने हुड़दंगियों और शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दी है। एसएसपी ने यातायात नियमों के उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर भी सख्त कार्रवाई को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर संवेदनशील गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। कहा यदि कोई व्यक्ति सांप्रदायिक सौहार्द्र को प्रभावित करने वाला, आपत्तिजनक या समाज में अशांति फैलाने वाली पोस्ट करता है, तो ऐसे मामलों में तुरंत और प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।

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बेखोफ आए नैनीताल, लेकिन हुड़दंग कतई बर्दाश्त नहीं: SSP

एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने यहां पहुंचने वाले सैलानियों से कहा वह बेखोफ होकर नैनीताल आएं पुलिस बल आपकी सुरक्षा के लिए तैनात है। पुलिस की ओर से सहयोग किया जाएगा। लेकिन मान मर्यादा का भी ध्यान रखें, जश्न की आड़ में हुड़दंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, हुड़दंगियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

National Games: देवभूमि को प्रकाशित करने निकली ‘तेजस्विनी’! CM धामी और रेखा आर्या ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना.

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प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेल 28 जनवरी से शुरू होंगे। इसके लिए बृहस्पतिवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने मशाल (टार्च) रिले का शुभारंभ किया जो प्रदेश के 13 जिलों में 3823 किलोमीटर का सफर तय करेगी।

गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के बैडमिंटन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि मशाल खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्साहित करेगी। खिलाड़ियों को जीत के अपने संकल्प को इतना मजबूत करना होगा कि वे शिखर तक पहुंच सकें। खेल मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों से कहा कि आप इन खेलों में इतिहास बदल दीजिए, हमें टॉप- 5 में आना है। इसके बाद सीएम और खेल मंत्री ने मशाल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया।

रैली काठगोदाम होते हुए वाहनों से नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क गई। यहां से मिनी स्टेडियम तक ओलंपियन राजेंद्र रावत समेत राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मशाल बदल-बदलकर दौड़ते गए। तेजस्विनी प्रदेश के सभी 13 जिलों से गुजरेगी, 27 जनवरी को देहरादून में रैली संपन्न होगी। उसके बाद 28 जनवरी से 14 फरवरी तक राष्ट्रीय खेल होंगे।

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Uttarakhand: सीएम धामी ने दी पूर्व PM मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि, देश के लिए उनके योगदान को किया याद.

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देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह नहीं रहे। का बीते गुरुवार को निधन हो गया.  92 साल की उम्र में उनका दिल्ली एम्स में निधन हो गया। उनके निधन पर खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का निधन हम सभी के लिए एक दुख भरा समाचार है। भगवान से प्रार्थना है कि उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें और उनके सभी परिवारजनों, चाहने वालों को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें।

CM धामी ने दी पूर्व PM मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आकर उन्होंने वित्त मंत्री समेत विभिन्न पदों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया. उन्होंने कहा भारतीय आर्थिक नीति को नई दिशा देने में मनमोहन सिंह का योगदान सराहनीय है.

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उत्तराखंड में 7 दिन का शोक घोषित-

पूर्व पीएम के निधन पर उत्तराखंड में सात दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. सात दिन तक राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे. इसके साथ ही शासकीय और मनोरंजन के कार्य नहीं होंगे. मनमोहन सिंह ने 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. बताया जा रहा है वह काफी वक्त से स्वास्थय संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे. गुरुवार शाम को अचानक उनकी तबियत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

नोटों पर हस्ताक्षर करने वाले देश के एकमात्र पीएम-

2005 में डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के पद पर थे तब भारत सरकार ने 10 रुपये का एक नया नोट जारी किया था। उस पर मनमोहन सिंह के हस्ताक्षर थे। हालांकि नियमों के अनुसार उस समय नोटों पर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर होते थे। लेकिन 10 रुपये के नोट पर मनमोहन सिंह का हस्ताक्षर एक विशेष बदलाव के तहत किया गया था।डॉ. मनमोहन सिंह ने 16 सितंबर 1982 से लेकर 14 जनवरी 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर का पदभार संभाला था। उस दौरान छपने वाले नोटों पर मनमोहन सिंह के हस्ताक्षर हुआ करते थे। भारत में यह व्यवस्था आज भी है कि करेंसी पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की नहीं, बल्कि आरबीआई गवर्नर ही साइन करते हैं।

 

डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़ी खास बातें-

  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दो गवर्नर वित्त मंत्री बने- उनमें एक मनमोहन सिंह और दूसरे थे सीडी देशमुख।
  • चार वित्त मंत्री प्रधानमंत्री बने- ये नाम हैं मोरारजी देसाई, चरण सिंह , वी.पी. सिंह और मनमोहन सिंह।
  • चार शीर्ष नौकरशाह जो वित्त मंत्री बने- उनमें एचएम पटेल, सीडी देशमुख, यशवंत सिन्हा और मनमोहन सिंह का नाम।
  • मनमोहन सिंह धाराप्रवाह हिंदी बोल सकते थे, लेकिन उर्दू में भाषा में उनकी दक्षता के कारण उनके भाषण उर्दू में लिखे जाते थे।
  • मनमोहन सिंह को 1993 में यूरोमनी और एशियामनी की ओर से “फाइनेंस मिनिस्टर ऑफ दर ईयर” के रूप में नामित किया गया
  • 1962 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने मनमोहन सिंह को सरकार में पद की पेशकश की तो सिंह ने कर दिया था अस्वीकार

 

38 वां राष्ट्रीय खेल: 99 स्थानों में बिखरेगी मशाल की रोशनी, 35 दिनों में 3823 किलोमीटर का रास्ता होगा तय.

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  • राष्ट्रीय खेलः 99 स्थानों में बिखरेगी मशाल की रोशनी
  • 35 दिनों में 3823 किलोमीटर का रास्ता नापेगी मशाल रैली
  • अल्मोड़ा व पौड़ी जिले में सबसे ज्यादा 14-14 मशाल केंद्र
  • 26 दिसंबर कोे हल्द्वानी से शुरू होने जा रही है मशाल रैली

38 वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए माहौल बनता जा रहा है। राष्ट्रीय खेलों की मशाल (टार्च) अब उत्तराखंड के कोने-कोने में घूमकर रोशनी फैलाने के लिए तैयार है। हल्द्वानी से गुरूवार 26 दिसंबर को मशाल रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसके बाद, सभी 13 जिलों के 99 स्थानों पर यह मशाल घूमेगी और राष्ट्रीय खेलों के लिए जागरूकता फैलाएगी।

मशाल रैली का जो 35 दिन का रूट प्लान तैयार किया गया है, उसमें यह रैली 3823 किलोमीटर का सफर तय करेगी। 26 दिसंबर 2024 से 27 जनवरी 2025 तक मशाल रैली का कार्यक्रम तय किया गया है। मशाल रैली जिस दिन समाप्त होगी, उसके अगले दिन यानी 28 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय खेलों का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। मशाल रैली के रूट प्लान में सभी 13 जिलों को कवर किया गया है। सबसे ज्यादा 14-14 स्थान अल्मोड़ा व पौड़ी जैसे जिले में हैं, जहां पर मशाल घूमेेगी। जिस तरह का कार्यक्रम तय किया गया है, उसमेें मशाल किसी भी जिले में दो से तीन दिन तक ही रहेगी।

राष्ट्रीय खेलों के लिए जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मशाल रैली का हल्द्वानी से शुभारंभ किया जा रहा है। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है. मशाल रैली पूरे उत्तराखंड मेें घूमेगी। साथ ही साथ प्रचार केे लिए अन्य तमाम कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।