Category Archive : राष्ट्रीय खबर

Uttarakhand: अब IMA के बारे में पढ़ेंगे सरकारी स्कूलों के छात्र, पाठ्यचर्या रूपरेखा के ड्राफ्ट में की गई सिफारिश.

209 Minutes Read -

प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्र देश की सबसे पुरानी सैन्य अकादमियों में से एक भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून के बारे में पढ़ेंगे। राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा के ड्राफ्ट में इसकी सिफारिश की गई है।एससीईआरटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट में कहा गया कि छात्र-छात्राओं में देश की सैन्य परंपरा के प्रति सम्मान विकसित करने के लिए देश के प्रतिष्ठित सैन्य संस्थान भारतीय सैन्य संस्थान देहरादून की जानकारी विषय वस्तु के रूप में शामिल की जानी चाहिए।

एससीईआरटी की ओर से तैयार ड्राफ्ट में यह भी कहा गया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान के साथ-साथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के प्रकाशित शोध एवं सर्वेक्षण एवं उनकी प्रेरणा का लाभ भी छात्र-छात्राओं को दिया जाना चाहिए।

प्रदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शोध संस्थानों जैसे खगोल विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिष्ठित आर्य भट्ट प्रेक्षण शोध संस्थान नैनीताल, भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून, भारतीय पेट्रोलियम शोध संस्थान देहरादून, जड़ी-बूटी शोध संस्थान मंडल गोपेश्वर, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, भारतीय वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान मुक्तेश्वर नैनीताल, आईआईटी रुड़की सहित कई संस्थानों हैं, जो भ्रमण कार्यक्रम के लिए अहम स्थान हैं।

राज्य में 17 स्थानीय लोक भाषाएं हैं बोलचाल में
एससीईआरटी की ओर से तैयार किए गए एससीएफ में कहा गया कि राज्य में लगभग 17 स्थानीय लोक भाषाएं आम बोलचाल में प्रयोग की जाती है, जिनमें अपार स्थानीय पारंपरिक ज्ञान के संदेश और उदाहरण हैं। जिनकी शब्द संपदा बहुत ही समृद्ध है। ध्वनि, अनुभूति, स्वाद व स्पर्श आदि के लिए उनके भाव के अनुसार अलग-अलग शब्द हैं, जो किसी अन्य भाषा में देखने को नहीं मिलते।

Uttarakhand: भू-तापीय ऊर्जा से बिजली बनाने का आइसलैंड के साथ MOU, सीएम धामी और आइसलैंड के राजदूत की उपस्थिति में हुआ समझौता ज्ञापन.

425 Minutes Read -

उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी VERKIS के मध्य संपादित हुआ भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और इसके विकास से संबंधित MoU

मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत बेनेडिक्ट हॉस्कुल्सन की उपस्थिति में हुआ समझौता ज्ञापन

 

उत्तराखंड सरकार और आइसलैंड की कंपनी वर्किस कंसलटिंग इंजिनियर्स के मध्य सचिवालय में मुख्यमंत्री धामी और आइसलैंड के राजदूत डॉ. बेनेडिक्ट हॉस्कुलसन की गरिमामय उपस्थिति में उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और विकास के संबंध में समझौता संपन्न हुआ।

 

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की उपस्थिति में एमओयू पर उत्तराखंड सरकार की ओर से सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम और आइसलैंड के राजदूत डॉ. बेनेडिक्ट हॉस्कुलसन ने हस्ताक्षर किए। वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समझौता ज्ञापन को उत्तराखंड के साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में एक माइलस्टोन बताया। उन्होंने कहा कि भू-तापीय ऊर्जा के इस एमओयू के माध्यम से न केवल स्वच्छ और नवीनीकरण ऊर्जा का लक्ष्य प्राप्त होगा बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित रहते हुए समावेशी विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आइसलैंड भूतापीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देश है और इनके तकनीकी सहयोग और अनुभव से उत्तराखंड भूतापीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरेगा. कहा कि भारत सरकार के तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से इसकी अनापत्ति भी प्राप्त हो चुकी है। कहा कि राज्य में भूतापीय ऊर्जा के व्यवहारिकता के अध्ययन का व्यय भार का वहन आइसलैंड सरकार द्वारा किया जाएगा।

मालूम हो कि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान देहरादून के आकलन के अनुसार उत्तराखंड राज्य में लगभग 40 भू-तापीय स्थल चिह्नित किए गए हैं, जिनमें भू-तापीय ऊर्जा का दोहन किया जा सकता है। इस समझौते के दौरान दिलीप जावलकर, दीपेंद्र चौधरी, रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, वर्किस कंपनी से हैंकर हैरोल्डसन, रंजीत कुंना व आइसलैंड एंबेसी से राहुल चांगथम उपस्थित रहे।

अध्ययन का व्यय भार आइसलैंड सरकार उठाएगी-

मुख्यमंत्री ने कहा कि आइसलैंड भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी देश है। इसके तकनीकी सहयोग और अनुभव से उत्तराखंड भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण राज्य बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से इसकी अनापत्ति भी प्राप्त हो चुकी है। कहा कि राज्य में भू-तापीय ऊर्जा के व्यवहारिकता के अध्ययन का व्यय भार का वहन आइसलैंड सरकार की ओर से किया जाएगा।

 

MoU में क्या-क्या है खास-

उत्तराखंड में भूतापीय ऊर्जा के अन्वेषण और विकास में जुड़ेगा नया आयाम.

आइसलैंड की कंपनी वर्किस की विशेषज्ञता का लाभ.

उत्तराखंड के साथ-साथ देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास में माइलस्टोन होगा साबित.

उत्तराखंड में भू तापीय ऊर्जा के दोहन योग्य 40 भूतापीय स्थल चिन्हित.

भारत के 2070 के कार्बन न्यूट्रल बनने के संकल्प में होगा सहायक.

 

इस दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर व दीपेंद्र चौधरी, विशेष सचिव /रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, प्रबंध निदेशक यू.जे.वी.एन. लिमिटेड संदीप सिंहल, प्रबंध निदेशक पिटकुल पी.सी. ध्यानी सहित वर्किस कंपनी से हैंकर हैरोल्डसन, रंजीत कुंना व आइसलैंड एंबेसी से राहुल चांगथम उपस्थित थे।

Uttarakahnd: दिल्ली चुनाव प्रचार के लिए बीजेपी ने CM धामी को दी बड़ी जिम्मेदारी.. निभाएंगे ये बड़ी भूमिका, पढ़ें पूरी खबर.

248 Minutes Read -

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा का स्टार प्रचारक नियुक्त किया गया है। धामी ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कानून बनाने और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन निर्णयों से उनका कद बढ़ा है और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकसभा चुनाव और फिर विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के लिए तय किए गए स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री धामी को प्रमुखता से शामिल किया था।

उत्तराखंड में लागू हुआ यूसीसी-

भाजपा ने मुख्यमंत्री धामी को स्टार प्रचारक बनाया है तो इसके पीछे उनकी सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय को माना जाता है। उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता विधेयक विधानसभा से पारित कराया और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद उसे यह अधिनियम मिल गया है, जो इसी माह क्रियान्वित किया जाएगा।

 

ये भी पढ़ें..

Uttarakhand: निजी बसों की सवारियों को भी मिले दुर्घटना बीमा/आर्थिक सुरक्षा, CM ने कहा- 10 दिन के भीतर प्रस्ताव प्रस्तुत करें.

 

इस पहल के लिए मुख्यमंत्री धामी देशभर में चर्चा के केंद्र में रहे हैं। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने को सख्त कानून, लव जिहाद के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, दंगारोधी कानून को लेकर भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोरी।
इन निर्णयों से मुख्यमंत्री धामी का कद बढ़ा है। उनकी सरकार के बड़े निणयों को देश में व्यापक फलक पर देखा जा रहा है। माना जा रहा कि इस सबके दृष्टिगत ही पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्हें स्टार प्रचारकों की सूची में स्थान दिया है।

 

सीएम योगी, फडणवीस और एमपी सीएम के नाम भी प्रचारक की लिस्ट में-

धामी को इस सूची में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, शिवराज सिंह चौहान, मनोहरलाल खट्टर, धर्मेंद्र प्रधान, सरदार हरदीप पुरी, गिरिराज सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ स्थान मिला है। इस सूची में कुल 40 स्टार प्रचारक हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Uttarakhand: शीतकाल में श्रद्धालुओं के लिए खुले आदिबदरी मंदिर के कपाट,दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु.

260 Minutes Read -

मकर सक्रांति के पावन पर्व पर आज चमोली में स्थित आदिबदरी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल गए हैं. बता दें यह प्राचीन मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है.

मकर संक्रांति पर आज भगवान आदिबदरी मंदिर के कपाट ब्रह्ममुहूर्त में सुबह चार बजे खोल दिए गए हैं. पौराणिक परंपराओं के अनुसार यह मंदिर सालभर में सिर्फ पौष माह में बंद रहता है. एक माह बंद रहने के बाद आज मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आदिबदरी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. इसके साथ ही मंदिर में शीतकालीन दर्शन शुरू हो गए हैं। इस अवसर पर आदिबदरी मंदिर परिसर के साथ ही नगर के सभी मंदिरों और बाजार को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया है।

मंदिर के मुख्य पुजारी चक्रधर थपलियाल ने बताया कि कपाट ब्रह्ममुहूर्त में सुबह चार बजे खोले गए। जबकि श्रद्धालुओं को सुबह छह बजे से दर्शन शुरू किए। साथ ही मंदिर में वेद ऋचाओं के स्वरों के साथ कड़कड़ाती ठंड में भी माहौल भक्तिमय हो गया।

भगवान विष्णु को समर्पित है आदिबदरी मंदिर-

आदिबदरी मंदिर में कपाट खुलने के बाद शीतकालीन दर्शन शुरू हो गए हैं. सुबह छह बजे के बाद से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी हो गया है. बता दें मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया है. आदिबदरी का यह प्राचीन मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है.

बता दें कि कपाट उदघाटन की शुभ बेला पर और भगवान आदिबदरी के माघ मास के पहले श्रृंगार के दर्शन करने के लिए भारी संख्या में लोग आदिबदरी मंदिर पहुचंते है।

Uttarakhand: राष्ट्रीय खेलों को लेकर मुख्यमंत्री धामी की पहल, पढ़ें पूरी खबर।

239 Minutes Read -

राष्ट्रीय खेलों को लेकर मुख्यमंत्री की पहल।

सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का मुख्यमंत्री ने किया आग्रह।

राज्य की जनता सामूहिक तौर पर सभी खिलाड़ियों का करेगी स्वागत।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेलों को लेकर चल रही तैयारी के बीच राज्य में प्रदेशवासियों से सामूहिक रूप से देवभूमि आ रहे खिलाड़ियों के स्वागत में विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का जो गौरव प्राप्त हुआ है, वो ऐतिहासिक है। आगामी राष्ट्रीय खलों में देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 10,000 खिलाड़ी देवभूमि आ रहे हैं। उन्होंने जनता से निवेदन करते हुए कहा कि हमारी ‘अतिथि देवो भवः’ की संस्कृति का पालन करते हुए, सभी खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत करना है। और उनके उत्साहवर्धन हेतु अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की DP पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाना है।

ये भी पढ़ें..Uttarakhand: प्रदेश को 2025 तक ड्रग्स मुक्त करने का संकल्प, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया ये मास्टर प्लान.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता सामूहिक तौर पर सभी खिलाड़ियों का स्वागत करेगी। सभी ने मिलकर आगामी राष्ट्रीय खेलों को विशेष और ऐतिहासिक बनाना है। हमारा यह कर्तव्य है कि देवभूमि आ रहे खिलाड़ी, हमारे राज्य से बेहतर यादें और अनुभव लेकर जाएं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कथन 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बनाए जाने के संकल्प में राष्ट्रीय खेल भी सहायक सद्ध होंगे।

Uttarakhand: प्रदेश को 2025 तक ड्रग्स मुक्त करने का संकल्प, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया ये मास्टर प्लान.

268 Minutes Read -

Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2025 में ही ड्रग्स फ्री किया जाएगा। इस संकल्प को पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य में संस्थागत, प्रवर्तन व जागरूकता तीनों स्तर पर कार्य हो रहे हैं। मादक पदार्थों की तस्करी और इनके अवैध व्यापार में लगे हुए अपराधियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में मादक पदार्थों की रोकथाम के संबंध में की गई प्रवर्तन की कार्रवाई, विशेष अभियान व लक्ष्यों की जानकारी दी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत और नशामुक्त भारत बनाने में सहयोग करने के लिए राज्य में अनेक स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों विषय आपस में जुड़े हुए हैं। युवाओं का नशे की ओर जाना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि सामाजिक विघटन का कारण भी बन सकता है। इसी को देखते हुए राज्य में नशे के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।

 

ये वीड़ियो भी देखें..

 

नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं-

एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नशे की जद में आए हुए व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाने के लिए जिलों में पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं। नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत महिला मंगल दलों और युवा मंगल दलों को साथ लेते हुए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों तक जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। कारागार और विद्यालयों में काउंसलरों की नियुक्ति की गई है। टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

गत वर्ष 2183 जागरूकता रैली, 1050 गोष्ठियां, 75 नुक्कड नाटक और 10 मैराथन का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और आमजन को प्रत्यक्ष रूप से जागरूक किया गया। सरकार विभागों और विभिन्न संस्थाओं में भी नशामुक्ति के लिए अभियान चला रही है।

National Games: CM धामी की प्रदेशवासियों से अपील, खिलाड़ियों के स्वागत के लिए हर घर में जलाएं दीप.

282 Minutes Read -

साल 2025 उत्तराखंड के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए बेहद खास है। खास इसलिए, क्योंकि 28 जनवरी से यहां 38वें राष्ट्रीय खेलों का आगाज होना है। एक ओर खिलाड़ी अधिक से अधिक पदक जीतने के लिए अभ्यास कर रहे हैं। वहीं, इस आयोजन को पूरी तरह से अच्छा और ऐतिहासिक बनाने के लिए सरकार ने भी कमर कस ली है।

राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत की। सीएम धामी ने प्रदेश वासियों से अपील करते हुए कहा, राष्ट्रीय खेलों के लिए देशभर से करीब 10 हजार से अधिक खिलाड़ी उत्तराखंड आएंगे। ऐसे में उनके स्वागत के लिए हर घर में दीप जलाये जाएं और अपने घर को लड़ियों से रोशन करें।

इतना ही नहीं प्रदेश की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा पहनकर पारंपरिक रूप से स्वागत करें। जिस तरह जी-20 सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों का प्रदेश की महिलाओं ने किया था। कहा, राष्ट्रीय खेलों को ऐतिहासिक बनाने के लिए हर दिन इसकी समीक्षा की जा रही है। कहा, प्रदेश के हर व्यक्ति, माता-बहन, बड़े-बुजुर्ग और बच्चे सभी इन राष्ट्रीय खेलों में सम्मिलित हों और किसी न किसी रूप में उनका स्वागत करें।

 

हर एक खिलाड़ी उत्तराखंड से लेकर जाए अच्छा अनुभव-

 

सीएम ने कहा, राष्ट्रीय खेलों के लिए उत्तराखंड आने वाला देश का हर एक खिलाड़ी यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाए, इसके लिए हमने पूरी तैयारियां कर ली हैं। सरकार के साथ खेल व सभी विभागों के अधिकारी, सभी जिलों के जिलाधिकारी और खेल संघों के पदाधिकारी के साथ जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।

 

ये भी पढ़ें..

उत्तराखंड में बागी उम्मीदवारों पर कांग्रेस की सख्ती, पार्टी से छह साल के लिए किया निष्कासित

पूरा साल हमारे लिए है महत्वपूर्ण-

साल 2025 हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह साल हमारे राज्य का रजत जयंती वर्ष है, तो इसकी महत्ता और भी अधिक बढ़ जाती है। रजोत्सव शुरू हो गया है और यह वर्ष हमारे लिए कई उपलब्धियां लेकर आएगा। कहा, उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय उत्तराखंडी प्रवासी सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जो 17 देशों से आए हुए उत्तराखंडी अपनी मातृभूमि से जुड़ रहे हैं और वह निश्चित रूप से राज्य के आर्थिक विकास के लिए अपना योगदान देंगे। इसके अलावा यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने जा रहे हैं, जो हमारे पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा।

Uttarakhand: राष्ट्रीय खेलों से पहले प्रदेश को मिली बड़ी सौगात, CM धामी ने चकरपुर, खटीमा में स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण।

324 Minutes Read -

राष्ट्रीय खेलों से पहले प्रदेश को मिली बड़ी सौगात, CM धामी ने चकरपुर, खटीमा में स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण।

मुख्यमंत्री ने चकरपुर, खटीमा में नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया लोकार्पण।

नव निर्मित स्टेडियम में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं का खेल के प्रति बढ़ेगा उत्साह – मुख्यमंत्री।

प्रदेश की जनता से मुख्यमंत्री का वादा- ऐतिहासिक होंगे राष्ट्रीय खेल और उत्तराखंड को देंगे विश्वस्तरीय पहचान।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को चकरपुर, खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 1615.62 लाख की लागत नव निर्मित वन चेतना केंद्र स्पोर्ट्स स्टेडियम का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित स्टेडियम के उद्घाटन पर सभी क्षेत्रवासियों को शुभकामना देते हुए कहा कि 2017 में खटीमा के विधायक के रूप में उन्होंने इस स्टेडियम की घोषणा की थी। हालांकि, कई बाधाओं के चलते उनके विधायक रहते हुए इस स्टेडियम का कार्य पूर्ण नहीं हो सका था। लेकिन प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उन्हें इसका शुभारंभ करने का सुअवसर प्राप्त हुआ, जो उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा ये स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं को खेल का मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और उसके माध्यम से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खटीमा सहित पूरे राज्य का गौरव बढ़ा सकेंगे।

 

राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह को बढ़ावा मिलेगा- CM धामी

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित स्टेडियम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। जहां बास्केटबॉल, फुटबॉल, वालीबॉल, कबड्डी जैसे खेलों के मैदानों का निर्माण कराया गया है, साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने के लिए हॉस्टल और इनडोर कार्यक्रमों के लिए बहुउद्देश्यीय हॉल का भी निर्माण किया गया है। नए स्टेडियम में आगामी राष्ट्रीय खेलों की मलखंभ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो के आयोजन से क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और उत्साह को बढ़ावा मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल, युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ ही युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसे गुणों का भी विकास करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने की मजबूत नींव रखी है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।

 

ये भी पढ़ें.. अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन: 17 देशों से आएंगे 60 प्रतिनिधि, सीएम धामी करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा प्रदेश में नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों के खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण और शिक्षा तथा खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम भी किया जा रहा है।

 

 

राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण और पुरस्कार राशि को दोगुना किया-CM धामी

 

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण और पुरस्कार राशि को दोगुना करने जैसे कदम भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हम शीघ्र ही राज्य में एक खेल विश्वविद्यालय भी स्थापित करने जा रहे हैं, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आज देवभूमि और वीरभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। आगामी 28 जनवरी से हमारे राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। इस बार, हम राष्ट्रीय खेलों को ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित कर रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हमारे प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से वादा करते हुए कहा कि इस बार के राष्ट्रीय खेल न केवल ऐतिहासिक होंगे, बल्कि खेलों के क्षेत्र में उत्तराखंड की साख को विश्वस्तरीय रूप देने में भी सफल रहेंगे। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है, यहीं से उन्होंने अपनी जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी, और इस क्षेत्र की प्रत्येक गली, प्रत्येक गाँव उनके दिल के करीब है। उन्होंने कहा कि खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें हमेशा ऊर्जा और प्रेरणा मिली है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नए हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण कार्य, खटीमा को अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य जैसे अनेकों कार्य इस क्षेत्र में हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश एवं खटीमा क्षेत्र के विकास में आगे भी कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। राज्य सरकार सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण के अपने विकल्प रहित संकल्प के आधार पर निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने मलखम्ब खिलाड़ियों से संवाद किया व उनके खेल प्रतिभा को देख उनकी सराहना की।

इस अवसर पर विधायक खटीमा भुवन चंद कापड़ी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, पूर्व दर्जामंत्री राजपाल सिंह, विवेक सक्सेना, गिरीश जोशी, भैरव दत्त पाण्डे, जीवन धामी, कैलाश चंद्र, अमित पाण्डे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, निदेशक खेल प्रशांत आर्या, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन: 17 देशों से आएंगे 60 प्रतिनिधि, सीएम धामी करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन.

281 Minutes Read -

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में 17 देशों से 60 प्रतिनिधि शामिल होंगे। 12 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन में चार अलग-अलग सत्रों में कृषि एवं उद्यान, पर्यटन, उद्योग, कौशल विकास की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सम्मेलन के दौरान राज्य की लोक संस्कृति, खानपान, स्थानीय हस्तशिल्प, उत्पादों की प्रदर्शनी लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिला प्रशासन को सम्मेलन के आयोजन के दौरान शहर व आयोजन स्थल की स्वच्छता, पार्किंग व्यवस्था, विदेश से आने वाले प्रवासी अतिथियों के स्वागत-सत्कार के लिए संपर्क अधिकारियों, परिवहन, प्रोटोकाॅल, रहने, ट्रैफिक की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा।

बैठक में बताया गया कि सम्मेलन में उद्योग विभाग की ओर से विनिर्माण, ऊर्जा व स्टार्टअप में निवेश की संभावनाओं, पर्यटन विभाग : हाॅस्पिटेलिटी एंड वेलनेस, कौशल विकास विभाग की ओर से कौशल विकास व विदेश में रोजगार के अवसर, कृषि विभाग उद्यान की ओर से हर्बल मेडिसिन व ऐरोमेटिक पौधों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रवासियों के साथ राज्य के विकास में योगदान के साथ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, पलायन को रोकने पर चर्चा की जाएगी। 

ये भी पढ़ें..

Uttarakhand: प्रवास के दौरान PM मोदी करेंगे बदरी-केदार में पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा. जा सकते हैं मुखबा, CM धामी ने दी जानकारी.

 

सम्मेलन में पर्यटन एवं वेलनेस सत्र में एस्ट्रो टूरिज्म, हेली सेवाओं के माध्यम से राज्य को जोड़ने, राज्य में पर्यावरणीय एवं वन्यजीव पर्यटन और आयुष एवं वेलनेस पर चर्चा की जाएगी। बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली, विनोद कुमार सुमन, डीजी सूचना बंशीधर तिवारी समेत सभी संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

इन देशों से आएंगे प्रवासी
यूएई से 19, जापान से 10, सिंगापुर से चार, न्यूजीलैंड से तीन, कनाडा, चीन, यूनाइटेड किंगडम, इंडोनेशिया, अमेरिका, वियतनाम व ओमान से दो-दो और जर्मनी, आयरलैंड, मलेशिया, नाइजीरिया व थाइलैंड से एक-एक प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में आएंगे।

Uttarakhand: प्रवास के दौरान PM मोदी करेंगे बदरी-केदार में पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा. जा सकते हैं मुखबा, CM धामी ने दी जानकारी.

290 Minutes Read -

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के एक दिवसीय प्रवास के दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे और शीतकालीन यात्रा का संदेश देने के लिए इस बार गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा या यमुनोत्री के खरशाली जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन और शीतकालीन यात्रा पर आने का अनुरोध किया था। प्रधानमंत्री ने इसके के लिए अनुमति दे दी है। बता दें कि अब राज्य सरकार की योजना बदरी-केदार की तर्ज पर केंद्र सरकार की मदद से सीमांत जिले उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धामों का सुनियोजित विकास कराने की है।

इसलिए मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री से इस बार गंगोत्री के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा या यमुनोत्री के खरशाली आने का अनुरोध किया। सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करने जब उत्तराखंड आएंगे तो वह केदारनाथ में चल रहे दूसरे चरण के पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे।

वह बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति जानेंगे। सरकार की ओर से दोनों ही प्रोजेक्टों का प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। बताया जा रहा कि पीएम करीब साढ़े पांच घंटे उत्तराखंड में रहेंगे। पीएम के दौरे को लेकर कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं। साथ ही उनके दौरे को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।