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Uttarakhand: प्रदेश को 2025 तक ड्रग्स मुक्त करने का संकल्प, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया ये मास्टर प्लान.

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Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2025 में ही ड्रग्स फ्री किया जाएगा। इस संकल्प को पूरा करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य में संस्थागत, प्रवर्तन व जागरूकता तीनों स्तर पर कार्य हो रहे हैं। मादक पदार्थों की तस्करी और इनके अवैध व्यापार में लगे हुए अपराधियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा विषय पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में मादक पदार्थों की रोकथाम के संबंध में की गई प्रवर्तन की कार्रवाई, विशेष अभियान व लक्ष्यों की जानकारी दी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत और नशामुक्त भारत बनाने में सहयोग करने के लिए राज्य में अनेक स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों विषय आपस में जुड़े हुए हैं। युवाओं का नशे की ओर जाना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा बल्कि सामाजिक विघटन का कारण भी बन सकता है। इसी को देखते हुए राज्य में नशे के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।

 

ये वीड़ियो भी देखें..

 

नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं-

एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नशे की जद में आए हुए व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाने के लिए जिलों में पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं। नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत महिला मंगल दलों और युवा मंगल दलों को साथ लेते हुए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों तक जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। कारागार और विद्यालयों में काउंसलरों की नियुक्ति की गई है। टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

गत वर्ष 2183 जागरूकता रैली, 1050 गोष्ठियां, 75 नुक्कड नाटक और 10 मैराथन का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और आमजन को प्रत्यक्ष रूप से जागरूक किया गया। सरकार विभागों और विभिन्न संस्थाओं में भी नशामुक्ति के लिए अभियान चला रही है।

Uttarakhand: आगामी नगर निकाय चुनाव के दृष्टिगत दून पुलिस की बडी कार्यवाही…भारी मात्रा में विदेशी/इम्पोर्टेड शराब का जखीरा किया बरामद..

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Dehradun:आगामी नगर निकाय चुनाव तथा नव वर्ष/विन्टर कार्निवाल में अवैध शराब की तस्करी/भण्डारण की सम्भावना के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून द्वारा अवैध शराब/मादक पदार्थों की तस्करी/भण्डारण पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु सभी अधीनस्थों को अपने-अपने क्षेत्र मे अवैध शराब/मादक पदार्थों की तस्करी/भण्डारण में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही किये जाने के कडे निर्देश निर्गत किये गये हैं.. उक्त आदेशों के अनुपालन में जनपद के नगर तथा देहात क्षेत्र के सभी थाना क्षेंत्रों में ऐसे अभियुक्तों के चिन्हिकरण/धरपकड हेतु लगातार सत्यापन/चैकिंग अभियान चलाया जा रहा हैं.

 

इसी क्रम में एसएसपी देहरादून को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर थाना राजपुर पुलिस द्वारा क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में राजपुर क्षेत्रान्तर्गत प्लॉट नंबर 5 ,शिप्रा विहार, कैनाल रोड उक्त फ्लैट में बनाये गये अवैध शराब के गोदाम पर छापा मारते हुए वहां से 16 पेटी (कुल 181 बोतल ) अवैध इम्पोर्टेड शराब बरामद की. जिसमें से कुछ शराब की बोतलें हरियाणा मार्का भी थी.. पुलिस द्वारा फ्लैट में रहने वाले व्यक्ति के विरूद्ध मु0अ0सं0: 284/24 धारा 60 आबकारी अधिनियम पंजीकृत किया गया.

 

बरामदगी:-

01: 16 पेटी (कुल 181 बोतले) इम्पोर्टेड शराब

(अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रू.

 

 

Uttarakhand: अमित शाह ने की CM धामी की उपस्थिति में 3 नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा, इंप्लीमेंटेशन पर की उत्तराखंड की तारीफ.

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Amit Shah: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में उत्तराखंड में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उत्तराखंड में पुलिस, जेल, कोर्ट, अभियोजन और फॉरेन्सिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक में केन्द्रीय गृह सचिव, उत्तराखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, BPR&D के महानिदेशक, NCRB के महानिदेशक और केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

बैठक में चर्चा के दौरान केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तीन नए आपराधिक कानून, नागरिक अधिकारों के रक्षक और ‘न्याय की सुगमता’ का आधार बन रहे हैं। गृह मंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जल्द से जल्द नए आपराधिक कानूनों को शत-प्रतिशत कार्यान्वित करने को कहा।

 

 

कानूनी प्रक्रियाओं के बीच तालमेल-

मेडलीप्र (MedLEaPR) के माध्यम से चिकित्सा और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच तालमेल बनाया गया है. मुकदमों के निस्तारण में प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि अदालतों द्वारा मामलों के शीघ्र निस्तारण में बेहतरीन प्रदर्शन किया गया है. 41 प्रतिशत मामलों का निपटान और दोषसिद्धि दर प्रभावी न्याय प्रणाली का प्रमाण है.

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नए कानून पीड़ित और नागरिक केन्द्रित हैं और इन्हें इसी भावना के साथ मुस्तैदी से लागू किए जाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को नए कानूनों पर शत-प्रतिशत अमल की दिशा में तकनीक और अन्य क्षेत्रों में gaps भरने के प्रयास करने चाहिएं।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ज़्यादा FIR दर्ज होने वाले क्षेत्रों के सभी पुलिस स्टेशनों और जेलों में नए कानूनों के शत-प्रतिशत अमल को प्राथमिकता दे। तकनीक के उपयोग पर बल देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राज्य के हर ज़िले में एक से अधिक फॉरेन्सिक मोबाइल वैन उपलब्ध हों।

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गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बात की नियमित और निरंतर मॉनीटरिंग होनी चाहिए कि दर्ज की गई कुल Zero FIRs में से कितनी FIRs में न्याय मिला और कितनी FIRs राज्यों को स्थानांतरित की गईं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को हर 15 दिन और मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सप्ताह में एक बार तीन नए कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करनी चाहिए। गृहमंत्री शाह ने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक को सभी पुलिस अधीक्षकों द्वारा निर्धारित समयसीमा के तहत मामलों की जांच सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।

 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं को बढ़ाने का सुझाव-

केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य सरकार को ऑनलाइन तंत्र के क्रियान्वयन से हुई लागत में बचत का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया. उन्होंने राज्य में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सुविधाओं की संख्या बढ़ाने का भी सुझाव दिया, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में न्याय प्रक्रिया को और सुलभ बनाया जा सके.

गृहमंत्री शाह ने कहा कि फॉरेन्सिक विज़िट के लिए टीमों को तीन श्रेणियों – गंभीर, सामान्य और अति सामान्य – में विभाजित करना चाहिए जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। इसके साथ ही गृह मंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए निर्दिष्ट स्थान तय करने के लिए प्रोटोकॉल बने और सभी स्थानों पर लगने वाले कैमरा उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले हों।

बैठक के दौरान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास में भारत सरकार से समर्थन का अनुरोध किया. गृह मंत्री ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया.

Uttarakhand: न्यू ईयर क्रिसमस के लिए दून पुलिस कप्तान ने जारी किया प्लान.

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देहरादून पुलिस द्वारा बाह्य प्रदेशों से मसूरी, ऋषिकेश आने जाने वाले पर्यटकों की बेहतर सुविधा हेतु तैयार किया गया यातायात प्लान एवं वाहनों की समुचित पार्किंग हेतु चिन्हित किये गये पार्किंग स्थल-

देहरादून पुलिस द्वारा 31st की संध्या / नववर्ष आगमन पर मसूरी / ऋषिकेश आने / जाने वाले पर्यटको के मार्गदर्शन एवं सुगम यातायात / पार्किंग व्यवस्था के संचालन हेतु समुचित पुलिस बल नियुक्त किये गये हैं –
नव वर्ष में यातायात प्लान निम्नवत रहेगा ।

दिल्ली से रुड़की -सहारनपुर से मोहण्ड होते हुए मसूरी जाने वाले पर्यटकों के लिए रुट प्लान –
दिल्ली, रुड़की,  सहारनपुर – मोहण्ड- आशारोड़ी – आई0एस0बी0टी0 – शिमला बाईपास – सैन्ट ज्यूड चौक – बल्लुपुर चौक – गढ़ी कैन्ट तिराहा – अनारवाला तिराहा – जोहड़ी गांव – मसूरी रोड़ – कुठाल गेट – मसूरी ।

दिल्ली से हरिद्वार- ऋषिकेश से जोगीवाला होते हुए मसूरी जाने वाले पर्यटकों के लिए रुट प्लान
हरिद्वार- ऋषिकेश से हर्रावाला – मोहकमपुर फ्लाईओवर- जोगीवाला- U टर्न कैलाश अस्पताल- पुलिया नं6– रिंग रोड़- लाडपुर तिराहा– सहस्त्रधारा क्रासिंग– आईटी पार्क– किरशाली चौक– साईं मन्दिर तिराहा– मसूरी डायवर्जन – कुठालगेट – मसूरी ।

 

रियर प्वाईंट-

  1. आशारोडी
  2. कुठालगेट
  3. किरशाली चौक
  4. सहस्त्रधारा क्रासिंग
  5. महाराणा प्रताप चौक
  6. जोगीवाला चौक
  7. बंगाली कोठी तिराहा
  8. आईएसबीटी
  9. हर्रावाला चौक
  10. नटराज चौक
  11. रानीपोखरी तिराहा
  12. बैराज तिराहा
  13. श्यामपुर फाटक
  14. नेपाली फार्म
  15. छिद्दरवाला
  16. एयरपोर्ट तिराहा
  17. भोगपुर तिराहा
  18. थानो तिराहा

डायवर्जन प्वाईंट-
1) शिमला बाईपास चौक
2) सेंड ज्यूडस तिराहा
3) कमला पैलेस
4) बल्लूपुर चौक
5) कैंट तिराहा
6) सीएसडी तिराहा
7) कुठालगेट
8) साईं मन्दिर तिराहा
9) मसूरी डायवर्जन
10) ओल्ड राजपुर रोड तिराहा
11) आईटी पार्क तिराहा
12) तपोवन तिराहा
13) लाडपुर तिराहा
14) जोगीवाला चौक
15) कैलाश अस्पताल कट
16) भानियावाला तिराहा
17) एयरपोर्ट तिराहा
18) कारगी चौक

सुनिए क्या बोले एसएसपी अजय सिंह-

 

मसूरी की तरफ आने वाले यातायात को किंग क्रेग से लाईब्रेरी व पिक्चर पैलेस की ओर सामान्य रूप से संचालित किया जायेगा ।
मसूरी क्षेत्रान्तर्गत सम्पूर्ण उपलब्ध पार्किंग क्षमता का 70 प्रतिशत उपयोग होने पर प्लान B को लागू किया जाएगा ।
प्लान-B
इस प्लान के अन्तर्गत शटल वाहन सेवा को प्रारम्भ किया जाएगा, जिसके अन्तर्गत किंग क्रेग पर मसूरी की ओर जाने वाले पर्यटकों के वाहनो को किंग क्रेग पार्किंग मे पार्क किया जायेगा जहां से पर्यटको को शटल सेवा के माध्यम से उनके गन्तव्य की ओर भेजा जाएगा ।
किंग क्रेग पार्किग फुल होने की दशा मे प्लान C को लागू किया जाएगा ।
प्लान-C
इस प्लान के अन्तर्गत गज्जी बैण्ड से शटल वाहन सेवा के माध्यम से पर्यटको को उनके गन्तव्य स्थल की ओर भेजा जाएगा ।
गज्जी बैण्ड की पार्किग फुल होने की दशा मे प्लान D को लागू किया जाएगा ।
प्लान-D
इस प्लान के अन्तर्गत कुठाल गेट से शटल वाहन सेवा के माध्यम से पर्यटको को उनके गन्तव्य की ओर भेजा जाएगा ।

मसूरी क्षेत्रान्तर्गत वाहनों को पार्क किये जाने हेतु पार्किंग स्थल
पिक्चर पैलेस – 100 कार
लण्ढौर रोड – 80 कार
कैम्प्टी टैक्सी स्टैण्ड -250 कार एवं 20 बस
टाउन हॉल के नीचे -70 कार एवं 100 दुपहिया
किंग क्रेग -250 कार
मसूरी स्थित समस्त होटल – 1800 कार
पिक्चर पैलेस से लण्ढौर रोड, जैन धर्मशाला तक रोड के दाहिने ओर एवं नगर पालिका पार्किंग – 50 कार
कम्पनी गार्डन रोड पर – 30 कार
मैसानिक लॉज बस अड्डा / पिक्चर पैलेस टैक्सी स्टैण्ड – 15 कार
SYLISTON PARKING पिक्चर पैलेस – 60 कार
विकास होटल पार्किंग कुलडी – 60 कार
गज्जी बैंड में सड़क किनारे – 300 कार

कुल पार्किंग – 3065 कार, 20 बस एवं 100 दुपहिया

नोट – नव वर्ष की पूर्व संध्या व नव वर्ष 2025 के दृष्टिगत मसूरी डाईवर्जन व बाटाघाट चैकपोस्ट से मसूरी आने वाले भारी वाहनों को दिनांक 31/12/2024 से 01/01/2025 तक प्रातः 08.00 बजे से 24.00 बजे तक पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जायेगा । आवश्यक सेवा वाले वाहनों को उक्त प्रतिबन्धित समय में आवागमन की छूट रहेगी ।
2 देहरादून शहर में संचालित विक्रम वाहन / सिटी बस को अवश्यकतानुसार डायवर्जन की कार्यवाही की जा सकती है ।
अतः सभी पर्यटकों, सैलानियों से यातायात पुलिस देहरादून की अपेक्षा / अपील है कि –

 Left Turn फ्री रखें ।
 पहाडी क्षेत्र में कृपया अपने लेन में ही चलें ।
 वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल में ही पार्क करें ।
 शराब पीकर वाहन न चलाएं ।
देहरादून की संभ्रांत जनता एवं अन्य प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों से अपील है कि 31st के अवसर पर देहरादून/ मसूरी /ऋषिकेश में यातायात व्यवस्था में अपना योगदान दें साथ ही अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही पार करें ।

Uttarakhand: मदरसों का होगा वेरिफिकेशन, CM के निर्देश के बाद एक्शन में पुलिस, अवैध फंडिंग की भी होगी जांच.

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Dehradun: प्रदेश में अवैध रूप से चल रहे मदरसों की जांच के लिए पुलिस ने भी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब पुलिस प्रदेश में मदरसों का वेरिफिकेशन करेगी। साथ ही मदरसों में अवैध फंडिंग को लेकर भी जांच की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में समिति भी बनाई गई है।

आईजी व पुलिस प्रवक्ता उत्तराखंड डॉ. नीलेश आंनद भ रणे ने बताया कि प्रदेशभर में मदरसों का वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसके साथ ही मदरसों में अवैध फंडिंग की भी जांच कराई जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि मदरसों में बाहरी राज्यों के बच्चे तो नहीं पढ़ रहे हैं।

 

इसके लिए जिले में डीएम की अध्यक्षता में समिति भी बनाई गई है। इसमें सभी विभाग मिलकर मदरसों की जांच करेंगे। समिति में पुलिस से लेकर सभी विभागों को शामिल किया गया हैं। समिति सभी मदरसों की जांच कर एक महीने में इसकी रिपोर्ट सौंपेगी।

 

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Transfer: उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 PCS अफसरों के बदले गए पदभार.

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शासन ने पीसीएस अधिकारियों के पदभार में बड़ा फेरबदल किया है। शासन ने सोमवार देर शाम 23 पीसीएस अधिकारियों के पदभार में बदलाव की सूची जारी की है। 

शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ शिव कुमार बरनवाल को सचिव बाल संरक्षण आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। पीसीएस अरविंद कुमार पांडेय को सचिव सूचना आयोग से अपर जिलाधिकारी टिहरी के पद पर भेजा गया है। अपर जिलाधिकारी टिहरी कृष्ण कुमार मिश्रा को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देहरादून के पद पर तैनाती दी गई है। 

अनिल गबर्याल बने अपर जिलाधिकारी पौड़ी –

अपर जिलाधिकारी हरिद्वार प्यारेलाल शाह को अपर जिलाधिकारी उत्तरकाशी के पद पर तैनाती दी गई है। महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम अनिल गबर्याल को अपर जिलाधिकारी पौड़ी के पद पर स्थानांतरित किया गया है। पीसीएस रजा अब्बास को सचिव उत्तराखंड सूचना आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार युक्ता मिश्र को उप सचिव उत्तराखंड सूचना आयोग का पदभार सौंपा गया है।

डिप्टी कलेक्टर चंपावत सौरभ असवाल को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार के पद पर स्थानांतरित किया गया है। नगर आयुक्त रुड़की जितेंद्र कुमार को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार गोपाल सिंह चौहान को इसी पद पर उत्तरकाशी स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर राकेश तिवारी को नगर आयुक्त रुड़की का पदभार सौंपा गया है। डिप्टी कलेक्टर देहरादून शालिनी नेगी को इसी पद पर टिहरी स्थानांतरित किया गया है
अपर निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, हल्द्वानी ऋचा सिंह को डिप्टी कलेक्टर नैनीताल का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार कुश्म चौहान को डिप्टी कलेक्टर पौड़ी के पद पर स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर टिहरी सोनिया पंत को महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर पौड़ी चतर सिंह चौहान को डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर का जिम्मा दिया गया है। 

डिप्टी कलेक्टर नैनीताल राहुल शाह को इसी पद पर पिथौरागढ़ भेजा गया है। डिप्टी कलेक्टर बागेश्वर मोनिका को इसी पद पर चंपावत स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर नैनीताल रेखा कोहली को डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ बनाया गया है। डिप्टी कलेक्टर नैनीताल प्रमोद कुमार को इसी पद पर बागेश्वर भेजा गया है। 

डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर गौरव चटवाल को इसी पद पर देहरादून स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर नवाजिश खलिक को उत्तरकाशी से इसी पद पर नैनीताल भेजा गया है। डिप्टी कलेक्टर श्रेयस गुनसोला को पिथौरागढ़ से पौड़ी स्थानांतरित किया गया है।

Uttarakhand: अब केवल अधिकृत ढाबों पर ही रुकेंगी रोडवेज की बसें, नियम न मानने पर ड्राइवर और कंडक्टर पर होगी कार्रवाई.

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कई मार्गों पर रोडवेज की बसें केवल अधिकृत ढाबों पर ही रुकेंगी। अगर ड्राइवर-कंडक्टर ने मनमर्जी से बसें रोकी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महाप्रबंधक संचालन पवन मेहरा ने सभी सहायक महाप्रबंधकों को कड़ा पत्र जारी किया है।

कहा, देहरादून-दिल्ली, देहरादून-नैनीताल, टनकपुर-देहरादून, देहरादून-हरिद्वार-अंबाला, चंडीगढ़-देहरादून, दिल्ली-नैनीताल, टनकपुर-दिल्ली मार्गों पर परिवहन निगम प्रबंधन ने ढाबे और रेस्टोरेंट अधिकृत किए हुए हैं।

लेकिन, संज्ञान में आया है कि कई ड्राइवर-कंडक्टर बसों का ठहराव अवैध ढाबों या रेस्टोरेंट पर कर रहे हैं, जिससे यात्रियों से खाने के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। निगम की छवि धूमिल हो रही है। स्पष्ट किया कि अग्रिम आदेशों या नए ढाबे अधिकृत करने तक पूर्व के अधिकृत ढाबों पर ही रोडवेज बसों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा कार्रवाई होगी।

Dehradun: भू-कानून और मूल निवास को लेकर भूख हड़ताल शुरु, शहीद स्मारक पर पुलिस फोर्स तैनात।

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सशक्त भू-कानून और मूल निवास की मांग को लेकर आमरण अनशन करने की तैयारी में मूल निवास, भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने शहीद स्मारक के गेट पर ताला भी लगा दिया है। मोहित ने निर्णय लिया है कि वह शहीद स्मारक के गेट के बाहर ही भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने आज मंगलवार से शहीद स्मारक पर आमरण अनशन शुरु करने का एलान किया था। समिति को महिला मंच और राज्य आंदोलनकारी मंच सहित कई संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। समिति का कहना है कि भूमि कानूनों में हुए संशोधनों को रद्द किया जाए।

इसके साथ ही निवेश के नाम पर दी गई जमीनों का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मजबूत भू-कानून को लेकर गंभीर नहीं है। सरकार बजट सत्र में भू-कानून लाने की बात कर रही है, लेकिन किस तरह का भू-कानून सरकार लाएगी, स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि 2018 के बाद भूमि कानूनों में हुए सभी संशोधनों को अध्यादेश के जरिये रद्द किया जाय।

 

 

400 से अधिक गांव नगरीय क्षेत्र में हुए शामिल-
भूमि कानून की धारा-2 को हटाया जाए। इस धारा की वजह से नगरीय क्षेत्रों में गांवों के शामिल होने से कृषि भूमि खत्म हो रही है। 400 से अधिक गांव नगरीय क्षेत्र में शामिल हुए हैं और 50 हजार हैक्टेयर कृषि भूमि को खुर्द-बुर्द करने का रास्ता खोल दिया गया। साथ ही भूमि कानून के बिल को विधानसभा में पारित करने से पूर्व इसके ड्राफ्ट को जन समीक्षा के लिए सार्वजनिक किया जाए।

 

 

निवेश के नाम पर दी गई जमीनों का ब्यौरा और इससे मिले रोजगार को सार्वजनिक किया जाय। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने 250 वर्ग मीटर से अधिक जमीन खरीदी है, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाय। समिति ने कहा कि मूल निवासियों को चिह्नित किया जाए। वहीं, 90 प्रतिशत नौकरियों और सरकारी योजनाओं में मूल निवासियों की भागीदारी होनी चाहिए।

 

सरकार भू कानून और मूल निवास पर अपनी मंशा साफ करे-
समिति के महासचिव प्रांजल नौडियाल ने कहा कि सरकार भू कानून और मूल निवास पर अपनी मंशा साफ करे। महिला मंच की उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट ने कहा, राज्य आंदोलन में महिलाओं ने सर्वोच्च बलिदान देकर इस राज्य के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाई। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोहन सिंह रावत ने कहा, 42 शहीदों ने अपनी शहादत देकर राज्य के निर्माण का सपना साकार किया, लेकिन आज जमीन के कानून खुर्द बुर्द किए गए और मूल निवासियों के अधिकार छीने गए।

 

 

समिति को इन संगठनों का मिला समर्थन-

मूल निवास, भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के आंदोलन को पूर्व सैनिक संगठन, महिला मंच, आंदोलनकारी मंच, उत्तराखंड संयुक्त आंदोलनकारी मंच, पहाड़ी स्वाभिमान सेना, धाद, देवभूमि संगठन, महानगर ऑटो यूनियन, दून गढ़वाल जीप कमांडर कल्याण समिति, उपनल महासंघ, अतिथि शिक्षक संगठन, पूर्व कर्मचारी संगठन, ओपीएस संगठन, चारधाम महापंचायत, गढ़ कुमाऊं मंडल, गढ़वाल सभा, उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन, राठ महासभा, आर्यन छात्र संगठन सहित कई संगठनों का समर्थन मिला है।

Uttarakhand: प्रदेश के 13वें डीजीपी बने दीपम सेठ, गृह विभाग ने जारी किए आदेश, 1995 बैच के हैं आईपीएस अधिकारी.

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दीपम सेठ उत्तराखंड के 13वें डीजीपी बन गए हैं। गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। एडीजी दीपम सेठ ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटकर सोमवार को मूल कैडर ज्वाइन किया। ज्वाइन करते ही उन्हें पुलिस के 13वें मुखिया की जिम्मेदारी भी दी गई।
दीपम सेठ 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। और वर्ष 2019 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। अभी उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी नहीं हुई थी कि शासन ने उन्हें वापस बुलाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। पत्र के एक दिन बाद ही केंद्र ने उन्हें रिलीव भी कर दिया। बता दें कि एडीजी दीपम सेठ उत्तराखंड कैडर के वर्तमान में सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। पिछले साल पूर्व डीजीपी अशोक कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद सेठ के वापस आने की चर्चाएं हुई थीं।
सरकार ने उनका नाम भी डीजीपी के पैनल में शामिल करते हुए यूपीएससी को भेजा था। लेकिन, वह प्रतिनियुक्ति से वापस नहीं आए थे। ऐसे में सभी जरूरी अर्हताएं पूरी करने वाले अधिकारियों में एडीजी अभिनव कुमार का नंबर आ गया था। उन्होंने पिछले साल 30 नवंबर की शाम को प्रदेश के 12वें डीजीपी (कार्यवाहक) के रूप में पुलिस की कमान संभाली थी। लेकिन, पिछले दिनों फिर से डीजीपी के चयन के लिए एक पैनल यूपीएससी भेजा गया। मगर, इस पैनल में अभिनव कुमार का नाम शामिल नहीं था।
यूपी की तर्ज पर डीजीपी का करने की सिफारिश
पिछले दिनों कार्यवाहक डीजीपी अभिनव कुमार ने गृह सचिव को पत्र लिखकर यहां डीजीपी का चयन यूपी की तर्ज पर करने की सिफारिश की थी। उन्होंने मौजूदा उत्तराखंड पुलिस एक्ट के नियमों का हवाला भी दिया था। इसमें दो साल के लिए शासन की समिति ही डीजीपी का चयन कर सकती है। लेकिन, अब एकाएक गृह विभाग की ओर से केंद्र सरकार को शुक्रवार को पत्र लिखकर आईपीएस दीपम सेठ को वापस भेजने की मांग की थी।

उत्तराखंड में बढ़ती दुर्घटनाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट ने तलब की रिपोर्ट, मुख्य सचिव को भेजा पत्र.

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 उत्तराखंड में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं का स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शासन से कारणों की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के सचिव संजय मित्तल ने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को पत्र भेजकर दुर्घटनाओं के सभी कारणों व दुर्घटना नियंत्रण को उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट 15 दिसंबर तक उपलब्ध कराने को कहा है। 

कमेटी ने देहरादून के ओएनजीसी चौक पर इनोवा कार दुर्घटना में छह युवाओं की मृत्यु और अल्मोड़ा में बस दुर्घटना में 38 यात्रियों की मौत का संज्ञान लिया है। प्रदेश में वाहनों की बेलगाम गति, ओवरलोडिंग व प्रवर्तन एजेंसियों की चेकिंग में लापरवाही के कारण हो रही दुर्घटनाओं पर भी कमेटी ने चिंता जताई है। 

सुप्रीम कोर्ट ने शासन से मांगा जवाब-

जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी के सचिव संजय मित्तल के पत्र में कमेटी ने 11 नवंबर की देर रात दो बजे देहरादून में ओएनजीसी चौक पर हुई दुर्घटना का मुख्य कारण प्रवर्तन एजेंसियों की रात्रि चेकिंग में बरती गई लापरवाही को भी माना है। कमेटी ने चिंता जताते हुए यह जवाब मांगा है कि शासन की ओर से इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई की गई।

बता दें कि, दुर्घटना वाली रात जाखन-मसूरी रोड से पार्टी कर लौट रहे सात युवाओं की बिना पंजीयन नंबर की इनोवा हाइक्रास कार बेलगाम गति से शहर में पुलिस के पांच बैरियर से गुजरती हुई 10 किमी दूर ओएनजीसी चौक तक पहुंच गई, लेकिन कहीं भी यह कार चेकिंग के लिए नहीं रोकी गई। एक बीएमडब्ल्यू कार को ओवरटेक करने के प्रयास में तकरीबन 180 किमी प्रतिघंटा की गति से दौड़ रही यह कार एक कंटेनर से टकराकर पेड़ में जा घुसी थी। 

इस भयावह सड़क दुर्घटना में कार सवार दो युवाओं के सिर धड़ से अलग हो गए थे, जबकि शेष के शव भी क्षत-विक्षत स्थिति में सड़क पर बिखर गए थे। सभी युवा 20 से 24 वर्ष के थे और उनमें तीन युवतियां भी शामिल थीं। इस दुर्घटना में कार सवार एक युवक जीवित है, जिसका सिनर्जी अस्पताल में उपचार चल रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की कमेटी का पत्र मिलने के बाद मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस संबंध में सचिव परिवहन बृजेश संत को निर्धारित समय में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट कमेटी आन रोड सेफ्टी ने अल्मोड़ा के मार्चुला में हुई बस दुर्घटना पर भी सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गत चार नवंबर की सुबह ओवरलोड बस खाई में गिरने से 38 यात्रियों की मृत्यु हो गई थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना के बाद दो एआरटीओ को निलंबित कर दिया था। बता दें कि, उपरोक्त दोनों दुर्घटनाओं में शासन स्तर पर पहले से जांच चल रही हैं, लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है।