Category Archive : देहरादून

पहली बार खोला गया नया गेट, यही मिलेंगे लोगों से प्रधानमंत्री

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देहरादून एयरपोर्ट पर स्टेट गेस्ट हाउस तक आवाजाही करने के लिए पहली बार नए गेट को खोला गया है। स्टेट गेस्ट हाउस के पास एक बड़ा पंडाल भी बनाया जा रहा है। इसी पंडाल में प्रधानमंत्री आपदा प्रभावितों और आपदा वीरों से मुलाकात करेंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेंगे।

 

गेस्ट हाउस के लिए कुछ समय पहले बनाए गए नए गेट के पास पुलिस, अधिकारी और सुरक्षा जवानों ने अपनी तैयारियां पूरी की। एयरपोर्ट टोल बैरियर से पहले दाहिनी तरफ कोठारी मोहल्ले जाने वाले नए मार्ग को स्टेट गेस्ट हाउस तक बनाया गया है।

नया मार्ग और नया गेट बनने से संबंधित विभागों के अधिकारी और अन्य लोग एयरपोर्ट के बाहर से ही गेस्ट हाउस तक आवाजाही कर वीवीआईपी से मिल सकेंगे। जबकि पहले एयरपोर्ट टर्मिनल से पास बनवाकर और तमाम सुरक्षा मानकों का पालन करने के बाद गेस्ट हाउस तक आवाजाही की जाती थी, जिसमें काफी वक्त लगता था।

 

पार्किंग के लिए जगह तलाशी

गेस्ट हाउस तक आवाजाही करने वाली पुलिस, अधिकारियों और तमाम लोगों के वाहनों की पार्किंग के लिए कोठारी मोहल्ले में पुलिस द्वारा जगह तलाश कर जेसीबी से झाड़ियां आदि हटवाई गई।

इस बार स्टेट गेस्ट हाउस तक आवाजाही करने के लिए नए मार्ग और नए गेट का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि पहले एयरपोर्ट टर्मिनल पर पास आदि बनाकर सुरक्षा जांच के बाद गेस्ट हाउस तक आवाजाही होती थी। अब एयरपोर्ट बाउंड्री के बाहर से ही आवाजाही की जाएगी। – कमल कुमार लुंठी, कोतवाल डोईवाला

 

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  उत्तराखंड के आपदाग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें आपदा से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा होगी। पीएम मोदी तीन बैठक करेंगे। शाम 5:45 बजे  पहले वह बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात स्टेट गेस्ट हाउस, देहरादून में मुलाकात करेंगे। इसके बाद शाम 5:55 बजे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र टीम से : स्टेट गेस्ट हाउस देहरादून में मिलेंगे। आखिर में शाम 6:05 बजे देहरादून में समीक्षा बैठक करेंगे।

उत्तराखंड को मिले 20,000 करोड़ की आर्थिक सहायता, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने की केंद्र सरकार से मांग

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उत्तराखंड में आयी आपदाओं से उबरने के लिए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने प्रधानमंत्री से उत्तराखंड के लिए ₹20,000 करोड़ का विशेष राहत पैकेज देने की मांग की,साथ ही उन्होंने  भविष्य की चुनौतियों के लिए विशेषज्ञ टीमों की तैनाती, और 5 सितंबर को लिखे पत्र में रखी गई प्रमुख मांगों को फिर से दोहराया।

Uttarakhand Congress President Karan Mahara attacked Dhami government fiercely cornered it on these issues उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा का धामी सरकार पर हमला, इन मुद्दों पर जमकर ...

माहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग और विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग करते हुए कहा कि पहले उन्होंने ₹10,000 करोड़ की सहायता का आग्रह किया था, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए अब यह राशि अपर्याप्त है। धामी सरकार ने केन्द्र से केवल ₹5,700 करोड़ मांगे हैं, जबकि अकेले जोशीमठ के पुनर्निर्माण में लगभग ₹6,000 करोड़ की आवश्यकता है। उन्होंने पिछले वर्ष की जोशीमठ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि सिर्फ एक क्षेत्र के लिए ही जरूरी है।

जोशीमठ आपदा को लेकर सामने आई जांच रिपोर्ट, जानिए वैज्ञानिकों ने किसे बताया जिम्मेदार - NTPC tunnel responsible for Joshimath crisis Shri Dev Suman Uttarakhand University scientists ...

माहरा ने राज्य के अन्य आपदा प्रभावित इलाकों का भी जिक्र किया, जहां लोगों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है,उनका कहना है कि कर्णप्रयाग के बहुगुणा ग्राम में 35 मकान क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन प्रभावित परिवारों को अभी तक सहायता नहीं मिली।जबकि गोपेश्वर और नैनीताल (बलिया नाला क्षेत्र) में लगातार भूस्खलन हो रहे हैं।इसके आलावा कुमाऊं के खटिया, खाती गांव, भराड़ी, सौंग और धारचूला जैसे क्षेत्रों में भी आपदाएं आईं, पर अब तक उनके पास कोई आर्थिक मदद नहीं पहुंची है.

कांग्रेस प्रदेश का कहना है कि  उत्तराखंड को कम से कम ₹20,000 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए, ताकि गांवों का पुनर्निर्माण हो सके। माहरा ने कहा कि आकलन के लिए टीम भेजने के बजाय केन्द्र और राज्य सरकार को वैज्ञानिकों, भूवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीमें भेजनी चाहिए। ये टीमें आने वाले समय में संभावित आपदाओं का आकलन कर उत्तराखंड को तैयार करने की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत कर सकती हैं।

 

इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 5 सितंबर को लिखे पत्र में माहरा ने कहा कि लगातार भारी बारिश से राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में जानमाल की बड़ी क्षति हुई है। बादल फटने की घटनाओं ने कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और पौड़ी जिलों में हालात बेहद गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग ने IIRS की चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिससे यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार का आपदा प्रबंधन तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाया। भारी बारिश और आपदाओं में मारे गए, लापता और घायल लोगों की सही संख्या अभी तक सामने नहीं आई है।

 

करन माहरा ने प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में अपनी रखी गयी प्रमुख बातो को फिर से दोहराया, 

मुख्य मांगें- 

1. उत्तराखंड की मौजूदा आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए।

2. केन्द्र सरकार शीघ्र उत्तराखंड को ₹20,000 करोड़ का राहत पैकेज दे।

3. प्रत्येक आपदा पीड़ित परिवार को केन्द्र और राज्य सरकार से ₹10-10 लाख की तात्कालिक सहायता दी जाए।

4. क्षतिग्रस्त मकानों और भवनों का आंकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए।

5. प्रभावित लोगों का विस्थापन टिहरी बांध विस्थापितों की तरह सुरक्षित स्थानों पर एकमुश्त किया जाए।

 

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि केन्द्र सरकार को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों की जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन बिंदुओं पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। करन माहरा ने केन्द्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि इन मांगों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि आपदा पीड़ितों को वास्तविक राहत मिल सके और राज्य भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सके।

कानून-व्यवस्था, सड़क सुधार पर मुख्यमंत्री धामी ने उच्च स्तरीय बैठक में दिए कड़े निर्देश

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 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर राज्य की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, सेवा पखवाड़ा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जनता को सुगम, सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी, राज्य सीमाओं पर सघन चेकिंग और पुलिस की रात्रिकालीन गश्त को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बरसात के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने और इसके लिए निविदा प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में सभी जनपदों में सेवा, जनजागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यक्रम होंगे। प्रत्येक जिले के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सड़क मार्ग से विभिन्न जिलों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे।

रेत मिश्रित नमक की शिकायत पर उन्होंने तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए और कहा कि दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

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महिला अपराधों पर कांग्रेस में उबाल, महिला कांग्रेस ने गोबर गोमूत्र से किया भाजपा मुख्यालय का शुद्धिकरण

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प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर प्रदेश महिला कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय कूच किया। प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के साथ कांग्रेसी बलवीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव करने पहुंचे।पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कांग्रेसियों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की। महिला कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं पर धरने पर बैठ गईं। कांग्रेस ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की बात कहते हुए भाजपा पर हमला बोला। इस दौरान पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने भी भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। हंगामे के दौरान पुलिस ने महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और अन्य कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनको बाद में रिहा किया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस ने बलबीर रोड स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव किया और गौमूत्र व गोबर से भाजपा कार्यालय का शुद्धिकरण किया।इस दौरान सड़कों पर घण्टों हंगामा होता रहा और कॉंग्रेस नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। कॉंग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश की महिला कॉंग्रेस ब्रिगेड ने पुलिस की किलेबन्दी को तोड़ते हुए बैरिकेडिंग पर चढ़कर घण्टों प्रदर्शन किया।

मीडिया से बात करते हुए अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि “आज भाजपा कार्यालय का गौमूत्र और गोबर से शुद्धिकरण करना हमारी मजबूरी थी। जब NARI 2025 रिपोर्ट देहरादून को देश के सबसे असुरक्षित शहरों में गिनाती है और NCRB के आँकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में महिलाओं पर अत्याचार हर साल बढ़ रहे हैं, तो सवाल उठाना ही होगा।

दिन में 70% महिलाएँ खुद को सुरक्षित मानती हैं लेकिन रात में यह भरोसा केवल 44% रह जाता है। 50% महिलाएँ सार्वजनिक परिवहन में उत्पीड़न झेल चुकी हैं और केवल 25% को ही पुलिस पर भरोसा है। 2022 में 4,337 मामले दर्ज हुए, जिनमें 867 बलात्कार और 637 बच्चों के खिलाफ यौन अपराध थे। क्या यह बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल है? भाजपा सरकार आँकड़े छिपाकर पीठ थपथपा रही है, जबकि महिलाएँ त्रस्त हैं। हमारा यह प्रतीकात्मक शुद्धिकरण भाजपा सरकार और प्रशासन को जगाने का प्रयास है।”

भाजपा मुख्यालय के करीब पुलिस ने सख्त बैरिकेडिंग लगा दी थी लेकिन कॉंग्रेस का जोश हाई नजर आया सुबह तय समय पर कॉंग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता और दिग्गज नेताओं का जुटना शुरू हो गया था जो धीरे धीरे बड़े रैली के रूप में तब्दील हो गया और पूरा हुजूम बलबीर रोड स्थित भाजपा मुख्यालय की तरफ बढ़ने लगा जिसका नेतृत्व खुद ज्योति रौतेला कर रही थी…

 

इस विरोध प्रदर्शन में शामिल पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि “भाजपा सरकार महिलाओं के प्रति असंवेदनशील है। आये दिन उत्पीड़न की घटनाओं में भाजपा के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ताओं का नाम आता है लेकिन मुख्यमंत्री धाकड़ धामी सिर्फ अपनी पीठ थपथपाने में लगे रहते हैं।”

 

महिला कॉंग्रेस अध्यक्ष ने जारी किया रिपोर्ट कार्ड —

•   NARI 2025 रिपोर्ट के अनुसार देहरादून देश के शीर्ष 10 असुरक्षित शहरों में शामिल है।
•   सुरक्षा स्कोर: 60.6% (राष्ट्रीय औसत 64.6%)
•   दिन में सुरक्षित महसूस करने वाली महिलाएँ: 70%
•   रात में सुरक्षित महसूस करने वाली महिलाएँ: 44%
•   सार्वजनिक परिवहन में उत्पीड़न झेलने वाली महिलाएँ: 50%
•   पुलिस में भरोसा रखने वाली महिलाएँ: केवल 25%
•   NCRB 2022 रिपोर्ट के अनुसार:
•   उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,337 मामले दर्ज हुए।
•   इनमें से 867 बलात्कार और 637 बाल यौन शोषण (POCSO) के मामले शामिल हैं।
•   यह आँकड़ा 2021 से 907 मामले अधिक है।
•   राष्ट्रीय स्तर पर 2020 से 2022 के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर में 12.9% की वृद्धि हुई है (58.8 से बढ़कर 66.4 प्रति लाख महिलाएँ)।

कांग्रेस मुख्यालय पर भाजपाइयों का धावा, कांग्रेसियों ने ललकारा,एक घंटे तक गूंजते रहे नारे

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सोमवार की दोपहर साढ़े तीन बजे उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन पर अचानक धावा बोल दिया। लाठी-डंडों से लैस भाजपाइयों ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस बीच कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद कार्यकर्ता भी भड़क उठे और वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में गेट पर पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया। करीब एक घंटे तक क्वालिटी चौक पर दोनों दलों के बीच पुलिस की मौजूदगी में तीखी नारेबाजी और धक्का-मुक्की होती रही।

कांग्रेस की ओर से पहले ही पुलिस महानिदेशक को चेतावनी पत्र भेजकर आशंका जताई गई थी कि भाजपा कार्यकर्ता मुख्यालय पर हमला कर सकते हैं, लेकिन सुरक्षा इंतजामों के बावजूद भाजपाई राजपुर रोड स्थित मुख्यालय तक पहुंच गए। स्थिति बिगडऩे पर सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी ने मौके पर पहुंचकर धस्माना से कार्यकर्ताओं को शांत करने का अनुरोध किया, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि पूर्व सूचना के बावजूद भाजपा कार्यकर्ता कैसे मुख्यालय तक पहुंच गए। आखिरकार धक्का-मुक्की और गाली-गलौच के बाद भाजपा कार्यकर्ता पीछे हट गए और कांग्रेस कार्यकर्ता  नारों के साथ वापस मुख्यालय लौट आए।

  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगाए नारे – वोट चोर गद्दी छोड़
  • महिला कार्यकर्ताओं के साथ गाली-गलौच का आरोप
  • कांग्रेस बोली – भाजपा राहुल गांधी की रैली से घबराई
  • पुलिस पर सुरक्षा में चूक का आरोप
  • कांग्रेस कार्यलाय में यह थे मौजूद
    कांग्रेस मुख्यालय पर हुए घटनाक्रम के दौरान वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इनमें ताहिर अली, राजेंद्र शाह, दिनेश कौशल, आयुष गुप्ता, रॉबिन त्यागी, अर्जुन पासी, ललित भद्री, गरिमा माहरा दसौनी, डॉ. प्रतिमा सिंह, सुजाता पॉल, सुशीला शर्मा, मोहन काला, पिया थापा, आशा मनोरमा शर्मा, नजमा खान, उदयवीर पुंडीर, धर्मपाल घाघट, करण घाघट, विशाल मौर्य, फारुक, पुनीत चौधरी समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

सीएम धामी ने पूरा किया वायदा, अग्निवीर आरक्षण नियमावली जारी

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सीएम धामी ने सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को विभिन्न विभागों की वर्दीधारी सेवाओं में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान कर दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक और वायदे को पूरा करते हुए, सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों को विभिन्न विभागों की वर्दीधारी सेवाओं में दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान कर दिया है।

इस संबंध में सोमवार को कार्मिक एवं सर्तकता विभाग की ओर से विधिवित तौर पर उत्तराखंड राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के सीधी भर्ती के वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन हेतु सेवामुक्त अग्निवीरों को क्षैतिज आरक्षण नियमावली – 2025 जारी कर दी है।


सैन्य बहुल प्रदेश होने के कारण उत्तराखंड सरकार के इस निर्णय को मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। इसी नियमावली के जरिए अब सेवामुक्त हुए अग्निवीरों को विभिन्न विभागों के वर्दीधारी पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

इसमें पुलिस आरक्षी (नागरिक/पीएसी), उप निरीक्षक, प्लाटून कमांडर पीएसी, अग्निशामक, अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, बंदी रक्षक, उप कारापाल, वन आरक्षी, वन दरोगा, आबकारी सिपाही, प्रवर्तन सिपाही और सचिवालय रक्षक जैसे महत्वपूर्ण वर्दीधारी पद शामिल हैं।

“देश की सेवा कर लौटे पूर्व अग्निवीर प्रदेश का गौरव हैं। उन्हें सम्मान और रोजगार का अवसर देना हमारी जिम्मेदारी है। यह निर्णय सेवामुक्त हुए अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

हमारी सरकार पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को हर तरह से सेवायोजन का प्रयास कर रही है”।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मुख्यमंत्री बदलने की भ्रामक सूचना पर पुलिस की सख्ती

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देश के कई हिस्सों में मानसून ने कहर बरपाया हुआ है ,जिससे हिमालयी राज्य उत्तराखंड भी अछूता नहीं है ,

पहले उत्तरकाशी के धराली , पौड़ी और फिर चमोली के थराली में जो सैलाब लगातार मुश्किल पैदा कर रहा है वो रुकने का नाम नहीं ले रहा है ,
ऐसे में प्रदेश में कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बदलने की कई वीडियो / विभिन्न सोशल मीडिया माध्यम के जरिए अपुष्ट आधार पर दिखाई गई हैं , जिसको लेकर उत्तराखंड पुलिस ने कठोर क़दम उठा कर कुछ सोशल मीडिया पेज पर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारंभ की है .

भ्रम पैदा करने वालों की वजह से प्रभावित होते हैं राहत बचाव कार्य –

पुलिस से बातचीत कर ये जानकारी मिली कि इस तरह की भ्रामक सूचनाओं से आपदा के इस कठिन समय में राहत कार्य करने में रुकावट का सामना करना पड़ता है ..

आमजनमानस में भ्रम की स्थिति न बने इसलिए इस तरह की कार्यवाही अमल में लाई गई है .

उत्तराखंड के चार जिले भारी बारिश की चपेट में –

गौरतलब है कि इस मानसूनी दौर में बागेश्वर, चमोली , रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जनपद काफी हद तक प्रभावित हैं जहां तमाम सरकारी एजेंसी के साथ ही SDRF और NDRF निरंतर आपदा बचाव राहत कार्य में जुटी हैं ,
झूठी ख़बर फैलाने से न केवल व्यवधान उत्पन्न होता है बल्कि सरकारी कामकाज पर भी असमंजस की स्थिति उत्पन्न होने की वजह से प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित होता है .

उत्तराखंड पुलिस की आमजनता से अपील, अफवाहों पर न दें ध्यान –

इसी के मद्देनजर , उत्तराखंड पुलिस के डीजीपी दीपम सेठ की तरफ से भी ये अपील जारी की गई है कि भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न दें ,

प्रदेश के सभी जिलों की एजेंसीज को भी निर्देश दिए गए हैं कि अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखें ..

भारी बारिश से उत्तराखंड के साथ ही हिमाचल में भी मुश्किल हालात –

यहां ये भी महत्वपूर्ण है कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड , इस समय दोनों भी हिमालयी राज्य भीषण आपदा से गुजर रहे हैं ,

आपदा प्रभावितों की हर संभव मदद के लिए न केवल सरकार, बल्कि विपक्ष भी आपदा की इस कठिन घड़ी में पीड़ितों तक पहुंच कर राहत देने की भरपूर कोशिश में है ..

नाराजगी की अटकलों पर पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत ने किया खारिज, सरकार में नेतृत्व में बदलाव की चर्चा को भी बताया हवा-हवाई

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सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सुर नरम

बोले, नीति और नीलामी से खनन पट्टे दिए जा रहे, इसमें कोई बुराई नहीं

पूर्व मंत्री हरक सिंह बताएं कि जो पैसा दिया, क्या है उसका स्रोत

अधिकारियों को दी नसीहत, जनता के प्रति बनें जवाबदेह

 

देहरादून। दिल्ली में भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार से हुई मुलाकात के बाद देहरादून लौटने पर हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सुर नरम दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान ने त्रिवेंद्र समेत अन्य नेताओं को पार्टी लाइन पर चलने की ताकीद की है।डिफेंस कालोनी स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में त्रिवेंद्र ने उन अटकलों पर विराम लगाया, जिसमें दिल्ली में सांसदों के साथ हुई पार्टी संगठन की बैठक से तुरंत चले जाने को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा था। उन्होंने कहा कि नाराजगी जैसी कोई बात नहीं थी। उन्हें कहीं जाना था, इसलिए तुरंत ही बैठक से चले गए थे।

 

उन्होंने राज्य सरकार में नेतृत्व में बदलाव की चर्चा को भी हवा-हवाई करार दिया और कहा कि धामी सरकार पूरे पांच साल चलेगी। बार-बार मुख्यमंत्री बदलना या इसकी चर्चा करना गलत है। उन्होंने विपक्ष कांग्रेस को भी आड़े हाथ लिया।

 

सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात सामान्य प्रक्रिया है। इसमें हर जगह छेद ढूंढते रहें, यह ठीक नहीं है। खनन से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सरकार नीति के तहत नीलामी के जरिये खनन पट्टे दे रही है तो इसमें बुराई क्या है। एक अन्य प्रश्न पर उन्होंने कहा कि गैरसैंण को भाजपा ने ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया। यह स्थायी राजधानी कब बनेगी, इसका जवाब सरकार बेहतर दे सकती है।

 

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वह उनका पूरा इतिहास जानते हैं। पांच-छह दिन से हरक सिंह काफी जोश में हैं। हो सकता है ये उनकी आंतरिक राजनीति का हिस्सा हो या कुछ और कारण हैं अथवा वह स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्व में भाजपा ने संगठन चलाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ चेक से चंदा लिया। हरक सिंह ने चंदे को लेकर बढ़ा चढ़ाकर बोला, लेकिन जो पैसा लिया गया वह चेक से आया। अब हरक बताएं कि इस पैसे का स्रोत क्या है।

विपक्ष कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस ने सदन में जो व्यवहार किया, वह उचित नहीं है। उनकी जानकारी में आया है कि कार्यमंत्रणा समिति में पहले दिन आपदा का विषय विपक्ष की ओर से लाने पर सहमति बनी थी, लेकिन वह कानून व्यवस्था का मुद्दा लेकर आया। सरकार इस पर जवाब देती, लेकिन यह सब नियमों के तहत लाया जाना चाहिए था।पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत के भांजे के प्रकरण पर उन्होंने कहा कि पुलिस का जो काम है, उसे करना चाहिए। यह गंभीर प्रकरण है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले में लापरवाह अधिकारियों को आड़े हाथ लेने की जरूरत है। उन्होंने नौकरशाही को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि नीतियों व निर्णयों का क्रियान्वयन शासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए अधिकारियों को ठीक से काम करना चाहिए। जनता के प्रति उनकी जवाबदेही होनी चाहिए।

रेबीज संक्रमित युवक की निजी अस्पताल में हुई मौत, कुत्ते के काटने के छह माह बाद दिखे थे लक्षण

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रेबीज संक्रमित मरीज की सोमवार सुबह करीब सात बजे मौत हो गई। युवक को एम्स में भी राहत नहीं मिली थी। लिहाजा उसके परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए थे। वहां पर उसने दम तोड़ दिया। दून अस्पताल में रविवार को रेबीज के गंभीर लक्षण दिखने वाले युवक को लाया गया था। करीब तीन घंटे तक उसे दून अस्पताल में उपचार दिया गया था। बाद में हालत बिगड़ने पर उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया था।

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि व्यक्ति को पानी और उजाले से डर लगने के साथ ही उसके मुंह से लगातार लार गिर रही थी। उसके अंदर तीव्र आक्रामकता के लक्षण भी दिख रहे थे। मृतक की मां शशि शर्मा ने बताया कि उसे दून अस्पताल से एम्स ऋषिकेश लेकर गई थीं जहां पर उसको प्राथमिक उपचार दिया गया था। स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसे दूसरे अस्पताल में लेकर गईं, जहां पर सुबह उसकी मौत हो गई।

 

कुत्ते के काटने के छह माह बाद दिखे रेबीज के गंभीर लक्षण, युवक एम्स रेफर

दून अस्पताल में रविवार को रेबीज के गंभीर लक्षण दिखने वाले एक 30 वर्षीय युवक को भर्ती किया गया। करीब चार घंटे बाद हालत बिगड़ने पर उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया। युवक को पानी और उजाले से डर लगने के साथ ही उसके मुंह से लगातार लार गिर रही थी। साथ ही तीव्र आक्रामकता के लक्षण भी दिख रहे थे।

चिकित्सकों समेत वहां मौजूद सभी लोग हैरान हो गए। काफी देर तक चिकित्सक समझ ही नहीं पाए कि युवक को क्या परेशानी है। परिजनों ने जब छह महीने पूर्व युवक को कुत्ते के काटने की बात बताई तो चिकित्सकों को रेबीज होने का संदेह हुआ।

एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई गई
इसके बाद क्लीनिकल जांच की तो यह बात काफी हद तक पुख्ता भी हो गई। चिकित्सक के अनुसार युवक देहरादून का ही रहने वाला है। परिजनों ने यह बात भी बताई कि युवक को कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई गई।

रेबीज का नहीं है कोई उपचार 
डॉ. आरएस बिष्ट के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति रेबीज की चपेट में आ जाए तो उसका कोई उपचार नहीं है। ऐसे में लोगों का जागरूक होना बेहद जरूरी है। अगर किसी को गली या फिर पालतू कुत्ता काटता है तो उसे जरूरी तौर पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाना चाहिए।

दून अस्पताल में हर रोज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे 35 लोग 
दून अस्पताल के आपात चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित अरुण ने बताया कि अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने हर रोज करीब 35 लोग पहुंच रहे हैं। इनमें से 10 से 12 लोग गंभीर घायल होते हैं जिनको एंटी रेबीज के साथ ही सीरम भी लगाना पड़ता है। इन दिनों कुत्ते काटने के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

27 करोड़ के चंदे में उत्तराखण्ड बीजेपी ने अपनाई पारदर्शिता,हरक सिंह पर भरोसा नहीं किया जा सकता-त्रिवेंद्र

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हरिद्वार से सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरक के ताजातरीन आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि संक्रमणकाल से गुजर रहे हरक सिंह की बातों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए त्रिवेंद्र ने कहा कि हरक सिंह रावत पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वह कब, क्या बोलेंगे, यह उन्हें खुद भी नहीं पता होता। इस समय वे अपने जीवन के संक्रमण काल से गुजर रहे हैं, इसलिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।

कहा है कि मौजूदा हालात में प्रदेश में सुधार की सख्त जरूरत है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी सूरत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की छवि को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। पार्टी की छवि खराब करने वालों को बार-बार चेताना संगठन का फर्ज है।

पत्रकारों से बातचीत में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पुलिस के कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई मामलों में 8-8 महीने से प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, वहीं कुछ मामलों में 2-2 महीने से रिपोर्ट लंबित है।
उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक और अफसोसजनक स्थिति बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए 47 विधायक और पांच सांसद जीताकर दिए हैं। ऐसे में पार्टी का दायित्व है कि हर हाल में जनता के विश्वास को बनाए रखा जाए।

गौरतलब है कि जुलाई के महीने में पूर्व सीएम ने डीजीपी को पत्र लिख 50 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई के लिए लिखा था। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई (देखें पत्र)।

इधर, पूर्व सीएम ने कांग्रेस नेता हरक के भाजपा को 30 करोड़ रुपये चंदा मिलने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी को 27 करोड़ रुपये का चंदा मिला था, जो पूरी तरह पारदर्शिता के साथ चेक द्वारा प्राप्त हुआ है। इसका एक-एक हिसाब मौजूद है।

उन्होंने कहा कि देश की हर राजनीतिक पार्टी को चंदा मिलता है और इसमें कोई गलत बात नहीं है। लेकिन यह जरूरी है कि मदद पारदर्शी तरीके से मिले।
भाजपा ने यही किया है। त्रिवेंद्र ने कटाक्ष करते हुए कहा कि हरक सिंह कभी-कभी सच बोल देते हैं, लेकिन अक्सर अगले ही दिन अपने ही बयान से पलट जाते हैं। खनन के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खनन होना जरूरी है, लेकिन यह केवल कानून और मर्यादा के दायरे में होना चाहिए।
अगर नदियों से नियंत्रित खनन नहीं होगा तो खेत-खलिहान कट जाएंगे और राजस्व की भी हानि होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे तालाब से पानी लेना जरूरी है, लेकिन मशीन लगाकर पूरा तालाब खाली कर देना गलत है। उसी तरह खनन नियंत्रित और नियमों के तहत होना चाहिए।
गैरसैंण में संपन्न मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के रवैये पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन यह मर्यादित और नियमों के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस विधायकों के सदन में अमर्यादित आचरण की आलोचना करते हुए कहा कि अध्यक्ष के आसन के सामने बिस्तर लगाकर सोना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।

त्रिवेंद्र ने दो टूक कहा कि यदि भविष्य में कांग्रेस सत्ता में आती है और भाजपा ऐसा व्यवहार करती है तो कांग्रेस को भी यह स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जनता ने अपने विश्वास से प्रतिनिधियों को विधानसभा भेजा है। यदि विधायक अपना दायित्व नहीं निभाते हैं तो जनता समय आने पर हिसाब करना भी जानती है।

…मां धारी देवी की भी कसम खायी थी हरक ने

उल्लेखनीय है कि हरक सिंह रावत बीते कुछ दिन से भाजपा सरकार पर हमला कर रहे हैं। हाल ही में हरक सिंह ने एक और कसम खा डाली। हरक में कहा कि वे तभी माला पहनेंगे जब भाजपा की ‘अंत्येष्टि’ कर देंगे। हरक की।यह कसम में चर्चा का विषय बनी हुई है।
गौरतलब है कि 2012 में विजय बहुगुणा के सीएम बनने से खफा हरक सिंह ने मां धारी देवी की कसम खाकर कहा था कि कैबिनेट मंत्री नहीं बनेंगे। लेकिन कुछ महीने बाद विजय बहुगुणा कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले ली थी।