Category Archive : नैनीताल

Uttarakhand: सीएम धामी का बड़ा एलान: नैनीताल को मिली112 करोड़ की सौगात, 17 योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को धारी ब्लॉक स्थित हिमगिरी स्टेडियम लेटीबुंगा में पहुंचे। जहां सीएम ने जिले की 112.34 करोड़ की 17 योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया।

सीएम धामी ने 70.73 करोड़ की लागत से 8 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें 4.53 करोड़ से सेनिटोरियम से अल्मोडा मार्ग तक भवाली बाईपास भाग-1 का डामरीकरण, 11.62 करोड़ से भवाली-सेनिटोरियम से नैनीबैंड तक भवाली बाईपास पार्ट-2 सुधारीकरण, 7.95 करोड़ से भीमताल बाईपास मोटर मार्ग का सुधारीकरण, 16.62 करोड़ भीमताल-खुटानी -चांफी-परमपुरी-धानाचुली पंचेश्चर मोटरमार्ग सुधारीकरण का निर्माण कार्य, 19.48 करोड़ से 50 बैड क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण, 8.43 करोड़ से लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय हल्दूचौड में पुस्तकालय, बहुउददेशीय हॉल का निर्माण, 1.46 करोड़ से निराश्रित गौवंश के लिए ग्राम पुछडी में गौशाला निर्माण, 61.38 लाख से रा.उ.मा.वि. जाडापानी भीमताल में पुस्तकालय कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष एवं विज्ञान प्रयोगशाला कक्ष का लोकापर्ण किया।

साथ ही मुख्यमंत्री ने 41.60 करोड़ से 9 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। सीएम ने 5.35 करोड़ से लालकुआ में राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा भवन निर्माण, 97.72 लाख से  लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में चाहरदीवारी निर्माण, 1.5 करोड़ की लागत से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में स्वीमिंग पुल पर टेंसाईल शेड एवं पूल कवरिंग कार्य, 46.54 लाख से रा.उ.मा.वि. झडगांव में भवन निर्माण कार्य, 75 लाख की लागत से ओखलकांडा में सभागार कक्ष, 45 लाख की लागत से रामनगर में टाईप-4 आवासीय भवन निर्माण, 9.81 करोड़ से बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट तक मोटर मार्ग का निर्माण, 8.19 करोड़ से पंगोट दैचोरी मार्ग का नवनिर्माण, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य की योजनाओं का शिलान्यास किया।

मांस वाहन को रोकने और वाहन चालक से मारपीट के मामले में फरार भाजपा नेता स्कूटी से पहुंचे कोतवाली आत्मसमर्पण करने, कोर्ट में पेश कर भेजा जेल

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मीट प्रकरण में फरार चल रहे भाजपा पूर्व नगर अध्यक्ष मदन जोशी स्कूटी से कोतवाली पहुंचे और आत्म समर्पण कर दिया। उधर पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। भाजपा नेता की गिरफ्तारी को लेकर विधायक समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे। 23 अक्तूबर को मांस वाहन को रोकने और वाहन चालक से मारपीट के मामले में पुलिस ने वाहन चालक की पत्नी की तहरीर पर भाजपा नेता मदन जोशी समेत पांच नामजद व 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद पुलिस लंबे से भाजपा नेता की गिरफ़्तारी के प्रयास कर रहे थी।

वहीं सोमवार को भाजपा नेता की हाई कोर्ट से ज़मानत याचिका ख़ारिज होने के बाद मंगलवार सुबह मदन जोशी ने समर्पण के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड की। जिसके कुछ देर बाद बड़ी संख्या भाजपा कार्यकर्ता व समर्थक कोतवाली पहुंच गए।

उधर गिरफ्तारी को लेकर पुलिस भी भारी संख्या में तैनात की गई। इसी बीच भाजपा नेता भीड़ के बीच स्कूटी से कोतवाली पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में पूर्व में लगी सुप्रीम रोक रहेगी जारी,

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सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तिथि नियत की है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में लगी रोक को जारी रखा है.जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस जयमाला बागची की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अबदुल मतीन सिद्धकी ने सुप्रीम कोर्ट में लीव टू अपील दायर कर हाईकोर्ट की खंडपीठ के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें हाईकोर्ट ने बलभूलपुरा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ के समक्ष रेलवे, राज्य सरकार और कब्जेदारों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं।

 

सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ऐश्वर्या भाटी ने पैरवी की जबकि राज्य सरकार की ओर से अभिषेक अत्रे ने पक्ष रखा। रेलवे ने न्यायालय के समक्ष कहा कि रेल सेवाओं के विस्तार एवं निर्माण के लिए 30 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है और इस भूमि पर हुए अतिक्रमण को शीघ्र हटाकर रेलवे को उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। रेलवे ने जमीन जल्द खाली कराने के लिए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की। वहीं कब्जेदारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद, प्रशांत भूषण सहित अन्य अधिवक्ता पेश हुए। उन्होंने कहा कि जिस भूमि की मांग रेलवे कर रहा है वह पूर्व लिखित दावे में शामिल नहीं थी और रिटेनिंग वॉल के निर्माण के बाद रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को अब कोई खतरा नहीं है। इसके साथ ही कब्जेदारों के अधिवक्ताओं ने बनभूलपुरा के निवासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध किया और इसे अनुचित बताया। इस पर रेलवे के अधिवक्ताओं ने विरोध दर्ज कराया।

Uttarakhand: राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों के आकलन को लेकर तैयारी हुई शुरू, UP, राजस्थान के वन कर्मी होंगे शामिल.

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बाघों के आकलन को लेकर तैयारी शुरू हो गई। राजाजी टाइगर रिजर्व में कई राज्यों के वन कर्मियों को बाघ आकलन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। बाघों के आकलन का काम व्यापक और कई स्तर पर होता है।

आकलन का काम शुरू होने से पहले ट्रेनिंग, साइंस सर्वे, कैमरा ट्रैप लगाने समेत अन्य कार्य होते हैं। कैमरा ट्रैप में आए फोटोग्राफ का भारतीय वन्यजीव संस्थान में अध्ययन होता है। इसके बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाता है। बाघ आकलन का काम वर्ष-2026 में शुरू होना है, इसको लेकर तैयारियों को शुरू किया गया है।

राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक कोको रोसो कहते हैं कि बाघ आकलन से जुड़े कार्य की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 से 20 नवंबर को आरटीआर में रखा गया है। इसमें राजस्थान, यूपी, बिहार और उत्तराखंड के 100 वन कर्मी शामिल होंगे। इसमें टाइगर रिजर्व या जिन प्रभागों में बाघ हैं वहां के वन कर्मी होंगे। संबंधित कर्मियों को बाघ आकलन के संबंध में जानकारी दी जाएगी। इसमें कैमरा ट्रैप का ग्रिड लगाने समेत अन्य कार्याें के बारे में बताया जाएगा।

 

नैनीताल हाई कोर्ट ने एलटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटाई, 1300 अभ्यर्थियों को मिली राहत.

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Nainital- हाई कोर्ट ने प्रदेश में विज्ञापित 1544 सहायक अध्यापक एलटी में चयनित करीब 1300 अभ्यर्थियों को विवादित चार मामलों को छोड़कर, अन्य अभ्यर्थियों को विभागीय नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटा दी है।

इसी के साथ मई 2025 से नियुक्ति की बाट जोह रहे अभ्यर्थियों के विद्यालयों में तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा चुका है जबकि अब केवल विभागीय स्तर पर प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद उनके नियुक्ति पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया शेष है।

कोर्ट के आदेश के बाद चयनित अभ्यर्थियों को दीपावली से पहले बड़ा तोहफा मिल गया है। कोर्ट ने ओबीसी अभ्यर्थी से संबंधित क्षैतिज आरक्षण से संबंधी एक मामले को खारिज कर दिया है जबकि चार अन्य मामलों में चयनित अभ्यर्थियों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने चार पदों को रिक्त रखने के भी निर्देश भी दिए हैं।

मंगलवार को न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ में अभ्यर्थी अरशद अली व अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें ओबीसी चयनित अभ्यर्थियों को अधिक अंक होने पर सामान्य में चयन नहीं करने को चुनौती दी गई थी। इस मामले में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से कहा गया कि चयनित अभ्यर्थियों के टीईटी में अंक कम थे।

दरअसल उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 18 अगस्त 2024 को एलटी सहायक अध्यापक पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद आयोग की ओर से चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की 13 जनवरी से 28 जनवरी तक जांच की गई।

आयोग की ओर से कुल 1544 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इस मामले में उत्तर कुंजी में दिए गए जवाबों का मामला भी कोर्ट पहुंचा था, जो निस्तारित हो गया है। इसके बाद ओबीसी व क्षैतिज आरक्षण से संबंधित मामला विचाराधीन था।

महाधिवक्ता ने रखा था कोर्ट के समक्ष प्रस्ताव-

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने कोर्ट के समक्ष प्रस्ताव रखा कि विवादित मामलों को छोड़कर अन्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने पर लगी रोक हटाई जाए। महाधिवक्ता ने कहा शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। एकलपीठ के समक्ष महाधिवक्ता के साथ ही उप महाधिवक्ता गणेश कांडपाल व अन्य सरकारी अधिवक्ताओं ने बहस की।

पिथौरागढ़-मुनस्यारी, हल्द्वानी-अल्मोड़ा हेली सेवाओं का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान योजना) के अंतर्गत पिथौरागढ़-मुनस्यारी-पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी हवाई सेवाओं का मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन हवाई सेवाओं के शुरू होने से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन सुगम होगा।

 

दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों को सुगम परिवहन होगा उपलब्ध : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा और मुनस्यारी उत्तराखंड के प्राचीन नगर होने के साथ ही ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर हैं। ये शहर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक मंदिरों और समृद्ध संस्कृति के लिए देश और दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हेली सेवा शुरू होने से अब पर्यटक अल्मोड़ा और मुनस्यारी तक और भी आसानी से पहुँच सकेंगे। इन सेवाओं से हल्द्वानी से अल्मोड़ा पहुँचने का समय 3 से 4 घंटे से घटकर महज़ कुछ मिनटों का रह जाएगा। हेली सेवाओं के प्रारंभ होने से दोनों क्षेत्रों में पर्यटन एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने उड़ान योजना जैसी दूरदर्शी योजना प्रारंभ की थी। इस योजना ने प्रदेश में हवाई संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके अंतर्गत राज्य के कई हिस्सों में हवाई पट्टियों और हेलीपोर्ट्स का विकास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 18 हेलीपोर्ट्स से हेली सेवाओं के संचालन की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएँ सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।

 

राज्य के अन्य क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ा जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेली सेवाओं से अब तक गौचर, जोशियाड़ा, हल्द्वानी, मुनस्यारी, मसूरी, पिथौरागढ़, पंतनगर, चंपावत, बागेश्वर, नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी हेली सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हवाई संपर्क को सशक्त बनाने के साथ ही उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं के लिए विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

गौरतलब है कि पिथौरागढ़ -मुनस्यारी -पिथौरागढ़ एवं हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में 7 दिन तथा प्रत्येक दिन दो बार संचालित होगी। पिथौरागढ़ से मुनस्यारी के लिए यह हेली सेवा सुबह 10:30 बजे एवं दोपहर 1:50 बजे चलेगी। वहीं मुनस्यारी से पिथौरागढ़ के लिए यह सेवा सुबह 10:50 बजे एवं दोपहर 2:10 बजे चलेगी।

हल्द्वानी से अल्मोड़ा के लिए हेली सेवा सुबह 11:50 बजे एवं दोपहर 3:10 बजे चलेगी। जबकि अल्मोड़ा से हल्द्वानी के लिए यह सेवा दोपहर 12:50 बजे एवं सायं 4:10 बजे चलेगी। इन हवाई सेवाओं का किराया ₹2500 है, जिसे यात्री https://airheritage.in/ के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।

कार्यक्रम में सचिव युकाडा  सचिन कुर्वे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी युकाडा  आशीष चौहान एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

नैनीताल जिला पंचायत चुनाव में नया मोड़,गायब हुए सदस्यों ने जारी किया वीडियो

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नैनीताल जिला पंचायत चुनाव के दौरान कांग्रेसियों की ओर से कांग्रेस के पांच जिला पंचायत के सदस्यों को भाजपा के नेताओं द्वारा अपहरण करने के मामले में नया मोड़ आया है। मामले में हल्द्वानी में कांग्रेय कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। जिसके बाद शुक्रवार देर शाम लापता जिला पंचायत सदस्यों ने अपना वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका अपहरण नहीं हुआ है। सोशल मीडिया से उनके अपहरण की जानकारी मिली है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा है कि वह अपनी मर्जी से पांच लोग घूमने के लिए निकले हैं। किसी तरह का कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। जहां भी हैं वह लोग सुरक्षित हैं। जल्द ही सभी लोग सामने आ जाएंगे।

 

नैनीताल जिला पंचायत चुनाव की वोट गिनती कड़ी सुरक्षा और वीडियोग्राफिंग के बीच पूरी हुई। नतीजों को सील कर हाईकोर्ट कोर्ट के निर्देशों के अधीन रखा गया है। डीएम ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 22 जिला पंचायत सदस्यों के वोटों की गिनती की गई। नियमावली में री-पोलिंग का प्रावधान न होने के कारण सीधे काउंटिंग हुई। केवल बूथ कैप्चरिंग, तकनीकी खामी या बैलेट बॉक्स को नुकसान होने पर ही री-पोलिंग हो सकती है। चुनाव परिणाम सील्ड लिफाफे में रखा गया है, जिसे 18 अगस्त को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा।

नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष की मतगणना पूरी, परिणाम की घोषणा नहीं

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जिला पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान से पहले हाईवोल्टेज ड्रामा के बाद राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देश के बाद मतगणना पूरी कर ली गई है, अलबत्ता परिणाम की घोषणा स्थगित की गई है। मतगणना से संबंधित अन्य जरूरी दस्तावेज को ट्रेजरी में सील बंद कर रख दिया गया। 18 अगस्त को हाई कोर्ट के निर्देश पर इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बीती पूरी रात जिला पंचायत चुनाव परिणाम को लेकर असमंजस बरकरार रहा, तड़के 5 बजे चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक, जिलाधिकारी वंदना की उपस्थिति में मत पेटी पर पड़े मतों की गणना करते हुए सील कर दिया गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की गई।

दरअसल जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के लिए मतदान से पहले कांग्रेस समर्थित पांच सदस्यों के कथित अपहरण के बाद सियासी बवाल खड़ा हो गया। कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित अन्य कांग्रेसजन हाईकोर्ट पहुंचे और अर्जेंट सुनवाई की मांग की। कोर्ट के आदेश पर एसएसपी व जिलाधिकारी कोर्ट में पेश हुए।

हाई कोर्ट की ओर से सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणियों के बीच आधिकारिक आदेश में जिलाधिकारी की ओर से दुबारा मतदान से संबंधित बयान का उल्लेख नहीं होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को मामला रेफर किया गया। आयोग व जिला स्तर तक का पत्राचार आधी रात के बाद तक चलता रहा।

गुरुवार रात तक निर्वाचन आयोग की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी को मतगणना करने या मौजूदा चुनाव को रद कर दुबारा मतदान को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी नही किए गए।

आयोग के पत्र मिलने के बाद स्थिति साफ करने को फिर से रिमाइंडर भेजा गया जिसके बाद आयोग की ओर मामले में अपने स्तर से निर्णय लेने को कहा गया। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से फिर से स्पष्ट दिशा निर्देश मांगे गए।

रात करीब डेढ़ बजे एकाएक मतगणना की तैयारी की गई। तड़के फिर जिला पंचायत चुनाव नियमावली सहित हाई कोर्ट के 2019 में एक मामले में पारित दिशा निर्देश के अध्ययन के बाद तय हुआ कि मतगणना की जाए लेकिन परिणाम को रिजर्व कर दस्तावेज सील कर दिये गए। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी वंदना ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि मतगणना पूरी की जा चुकी है, लेकिन परिणाम घोषित नहीं करते हुए रिजर्व किया गया।

इस मामले को हाई कोर्ट के समक्ष रखा जाएगा, अग्रिम कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुसार होगी। उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा ने दीपा दरमवाल, कांग्रेस ने पुष्पा नेगी, उपाध्यक्ष में भाजपा ने बहादुर नगदली व कांग्रेस ने देवकी बिष्ट प्रत्याशी हैं।

पंचायत चुनाव डबल वोटर: नियम विरुद्ध चुनाव जीतने वालों का कार्यकाल होगा रद्द! हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

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उत्तराखंड हाईकोर्ट में बीडीसी चुनाव में पराजित प्रत्याशियों द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के बाद इन मामलों को चुनाव याचिका के रूप में प्रस्तुत करने को कहा है. साथ ही कहा कि इन चुनाव याचिकाओं का 6 माह के भीतर निस्तारण किया जाए. कोर्ट ने किसी भी याचिका में अंतरिम आदेश नहीं दिया है. इन याचिकाओं की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में हुई.

मामले के अनुसार, पौढ़ी गढ़वाल निवासी दीक्षा नेगी, टिहरी निवासी नीरू चौधरी और उत्तरकाशी निवासी उषा ने अपनी याचिका में कहा कि वे बीडीसी सदस्य का चुनाव हारे हैं और उनके खिलाफ जो प्रत्याशी जीते हैं, उनके दो जगह की मतदाता सूची में नाम थे. इसलिए उनका निर्वाचन रद्द किया जाए और उन्हें 14 अगस्त को ब्लॉक प्रमुख, ज्येष्ठ प्रमुख और कनिष्ठ प्रमुख के चुनाव में मतदान करने से रोका जाए. जबकि वर्षा राणा, गंगा नेगी, कनिका, त्रिलोक बिष्ट ने कहा कि वे चुनाव जीते हैं. लेकिन उनके खिलाफ लड़ रहे प्रत्याशी दूसरे क्षेत्र से चुनाव जीते हैं. जिनके दो मतदाता सूची में नाम थे. इसलिए उनका निर्वाचन रद्द किया जाए और उन्हें भी 14 अगस्त को होने वाले ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में मतदान करने से रोका जाए.

याचिकाकर्ताओं के अनुसार हाईकोर्ट ने 11 जुलाई 2025 को शक्ति सिंह बर्त्वाल की याचिका में अंतरिम आदेश जारी कर राज्य निर्वाचन आयोग के सर्कुलर पर रोक लगा दी थी. जिसमें आयोग ने दो जगह वोटर लिस्ट में नाम वाले व्यक्ति को मतदान करने और चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी थी. लेकिन तब चुनाव आयोग ने 11 जुलाई तक त्रिस्तरीय पंचायत हेतु नामांकन प्रक्रिया हो जाने के कारण निर्वाचन प्रक्रिया जारी रखी. जिसके बाद दो जगह वोटर लिस्ट में नाम वाले व्यक्ति चुनाव में भाग लेने में सफल रहे. जिन्हें अब चुनाव याचिकाओं के रूप में बड़े स्तर पर हाईकोर्ट में चुनौती मिल रही है.

 

याचिकाकर्ता ने कोर्ट के सामने यह तथ्य रखा कि, ठीक है वे चुनाव हार गए. उसके बाद अगर चुनाव को वे चुनौती देते हैं तो उसका निर्णय पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी नहीं आता और कोर्ट में मामला चलता रहता है. जिसपर आज कोर्ट ने अहम फैसला देते हुए कहा कि चुनाव से संबंधित जो भी याचिकाएं दायर होंगी, उनका निस्तारण 6 माह के भीतर होगा. जो प्रत्याशी नियमों, शर्तों के अनुसार जीता है, वह कार्यकाल पूरा करेगा. अगर नियमों के विरुद्ध जीता है तो उसका कार्यकाल निर्णय आने के बाद रद्द होगा.

जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण’ बताकर कांग्रेसी हाईकोर्ट पहुंचे, जमकर हंगामा; होगा चुनाव का बहिष्कार?

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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर नैनीताल में जमकर हंगामा हो रहा है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कुछ लोगों पर उनके जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता न्याय की मांग को लेकर हाईकोर्ट गए। नेता प्रतिपक्ष ने इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है।

बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए मतदान करने जा रहे जिला पंचायत सदस्यों को कई लोगों ने जिला पंचायत कार्यालय के पास से ही जबरन उठा लिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। कांग्रेसियों ने पुलिस के सामने ही उनके समर्थक जिला पंचायत सदस्यों को अगवा करने का आरोप लगाया है। जिसके बाद सभी कांग्रेसी नेता हाईकोर्ट की शरण चले गए हैं। जिसके बाद नैनीताल का माहौल गर्म हो गया है।