Category Archive : मौसम

दून की आपदा लील गयी 13 लोगों को, 16 लापता

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अतिवृष्टि के कारण देहरादून में 13 व्यक्तियों की मृत्यु हुई। तीन व्यक्ति घायल और 16 लापता हैं।

जिला आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून में अतिवृष्टि के कारण 13 व्यक्तियों की मृत्यु, 03 व्यक्ति घायल और 16 व्यक्ति लापता हुए है। वहीं सरकारी एवं निजी परिसंपत्तियों का भी भारी नुकसान हुआ है। देहरादून जनपद के सभी विकासखंडो में 13 पुल, 10 पुलिया, 02 मकान, 31 दीवार, 02 अमृत सरोवर, 12 खेत, 12 नहर, 21 सड़के, 7 पेयजल योजना, 08 हॉज, 24 पुस्ता आदि परिसंपत्तियों का भारी नुकसान हुआ है।

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मजयाडा में तीन लोग मलबे में दबे होने और एक व्यक्ति लापता होना बताया गया। यहां पर कुछ आवासीय भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र, 13 दुकान, 08 होटल, 03 रेस्टोरेंट सहित सहस्रधारा-कार्लीगाड मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण 09 से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ है। रा.पूर्व.मा.वि. चामासारी में बनाए गए राहत शिविर में कुछ प्रभावित लोगों को ठहराया गया है। शिविर में प्रभावित लोगों से मिलते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद से कार्लीगाड में फंसे 70 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल करने का प्रयास जारी है।

मंगलवार की सुबह सीएम धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया।

जिलाधिकार सविन बंसल  ने देहरादून शहर के मालदेवता, सहस्रधारा, मजयाडा, कार्लीगाड आदि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर मौजूदा स्थिति और क्षति का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों से भेंट करते हुए उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह और सीडीओ अभिनव शाह भी उनके साथ मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्याे में तेजी लाए। लोनिवि एवं पीएमजीएसवाई पर्याप्त संख्या में मैनपावर और मशीनरी लगाते हुए अवरूद्व सड़क एवं संपर्क मार्गाे को शीघ्र सुचारू करें।
प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई राशन, राहत शिविर में ठहराए गए लोगों तक फूड पैकेट वितरण सुनिश्चित करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध की जाए। जिलाधिकारी ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए।

सोमवार की रात्रि को अतिवृष्टि के कारण देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में जनहानि, पशु हानि, सरकारी एवं निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। सड़क, संपर्क मार्ग, पुल, पुलिया क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा की इस कठिन घडी में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खडा है। प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर कसर नही छोड़ी जाएगी। आपदा प्रभावित सभी क्षेत्रों में पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की गई है। रेस्क्यू कार्य के लिए जो भी आवश्यकता पड रही है, उस पर तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवार यदि सुरक्षित स्थानों पर किराए में शिफ्ट होना चाहते है तो उनको प्रति परिवार तीन माह तक 4-4 हजार किराया भी दिया जाएगा।

राहत-बचाव कार्यों में नहीं छोड़ी जाएगी कोई कसर,मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश

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देहरादून सहित प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी मंगलवार देर रात्रि को राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में मंगलवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए की राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करें और लोगों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जाए तथा सभी आवश्यक संसाधनों को सक्रिय किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए है | उन्होंने आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को भी किया जाए सम्मानित करने की बात कही | सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की जल्द से जल्द आपूर्ति के साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की निरंतर जांच करने के निर्देश दिए है | मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष हिदायत देते हुए कहा कि विभाग को आपदा के बाद फैलने वाली संभावित बीमारियों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है | इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारियां पूरी कर ले |

मुख्यमंत्री  धामी ने कहा कि शासन और प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फील्ड पर कार्य कर रही टीमें, विशेषकर SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के कर्मचारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि सभी टीमें समन्वित रूप से कार्य करें और जनता को हर संभव सहायता प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ है और संकट की इस घड़ी में हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज दूरभाष पर मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रदेश को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है।

बैठक में मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की आदतन जानकारी ली |

केदारनाथ मंदिर से ऊपर चौराबाड़ी ग्लेशियर के पास हुआ हिमस्खलन

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केदारनाथ से ऊपर हिमालय क्षेत्र से लगे चौराबाड़ी ग्लेशियर में भारी हिमस्खलन हुआ। जिससे ग्लेशियर से भारी मात्रा में बर्फ टूटकर निचले क्षेत्र में आ गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें बर्फ का भारी

गुबार तेज रफ्तार के साथ नीचे खिसकते हुए दिखाई दे रहा है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। धाम में मौजूद लोगों और मंदिर से जुड़े पदाधिकारियों ने ऊपरी क्षेत्र में बर्फ का गुबार देखा तो उसकी वीडियो बनाई।

उत्तराखंड मे आपदा का प्रकोप जारी, मुख्यमंत्री धामी लगातार आपदा प्रबंधन में जुटे

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आपदा का प्रकोप जारी है, प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की चिंता न कर जहां एक तरफ कई भाजपाई नेता बयानबाज़ी और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का खेल खेलने में व्यस्त हैं तो वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में दौरा कर पीड़ितों का हाल जानने के लिए मौके पर पहुंच रहे हैं .

इसी क्रम में पहाड़ का दौरा कर लौटे धामी हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में ट्रैक्टर के जरिए पहुंच स्थलीय निरीक्षण कर आपदा प्रभावितों को कोई तकलीफ न हो , और भारी बारिश से उत्पन्न हालात पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके ,उसके निर्देश दे कार्यों को गति मिले इसके लिए सख्त तेवर में आदेश जारी किए ..

 

गौरतलंत है कि राज्य में जारी भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते स्थिति काफी विकट बनी हुई है ,पहाड़ से मैदान तक कई जगह पर लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं ,

ऐसे में खुद मुख्यमंत्री के मौके पर पहुंचने से जिले के तमाम अधिकारियों के कार्यों में तत्परता आना स्वाभाविक है ,

हरिद्वार जिले के लक्सर आपदा प्रभावित जलमग्न क्षेत्र में पहुंच मुख्यमंत्री धामी ने प्रभावित परिवारों से बात कर उनकी समस्या का तुरंत निवारण करने के आदेश भी मौके पर ही जारी किए .

अधिकारियों को निर्देश देते हुए धामी ने साफ लफ्जों में जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए

मुख्यमंत्री धामी ने कहा की राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है। हम हर संभव सहायता उपलब्ध कराएँगे, हम इस समय सिर्फ बचाव कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ताकि जनहानि से बचा जा सके ,
प्रदेश सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है कि आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार को सरकार की ओर से यथासंभव सहायता सुनिश्चित हो …

 

 

हरसंभव मदद होगी मुहैया – पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री धामी ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान लक्सर हरिद्वार के गावों में जाकर जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटे हुए पुल एवं जल से घिरे घरों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए उनकी ज़रूरतों की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

लापरवाह अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्यवाही –

जिला प्रशासन को निर्देश देते हुए धामी ने कहा कि
राहत शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था और उनमें समुचित भोजन, पानी, दवाइयाँ एवं साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है ,
जिन परिवारों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा ,
किसानों को हुई फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी ,
आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं .. इसमें लापरवाही बरतने वाले अफसरों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी .

एनएचपीसी टनल में फंसे सभी कर्मी बाहर नहीं निकले,वीडियो से सच आया सामने, तीन दिन से टनल में फंसे हैं कर्मी

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धारचूला। तीन दिन पहले धारचूला से आगे हुए भूस्खलन के बाद एनएचपीसी के हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 19 श्रमिकों का आज सोमवार को एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने खुद को भीतर फंसा हुआ बताया। हालांकि, टनल के अंदर कोई दिक्कत नहीं है। यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक दावों पर सवाल उठने लगे हैं।

जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गिरी गोस्वामी नेरविवार दोपहर वीडियो बयान जारी कर सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का दावा किया था। वहीं, आपदा प्रबंधन सचिव ने जानकारी दी कि 11 श्रमिकों को बाहर निकाल लिया गया है और शेष पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन टनल से आए वीडियो और ऑडियो संदेश ने स्थिति को और उलझा दिया है।

टनल में फंसे श्रमिकों ने स्पष्ट कहा है कि वे अब भी अंदर ही हैं और तीन दिन से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राहत और बचाव कार्यों को लेकर प्रशासन और विभागीय स्तर पर कोई स्पष्टता नहीं है।

लोगों ने सवाल उठाया कि यह राहत-बचाव अभियान है या मजाक। समन्वय के अभाव की स्थिति किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। प्रशासनिक दावों और कर्मियों के संदेशों में बड़ा विरोधाभास सामने आने से परिवारों और क्षेत्रवासियों में गहरी चिंता है।

धारचूला एनएचपीसी परियोजना में सुरक्षा को लेकर जारी निगरानी, प्रबंधन ने कहा सभी सुरक्षित

धारचूला, 1 सितम्बर। एनएचपीसी लिमिटेड की धौलीगंगा पावर स्टेशन, धारचूला की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि पावर हाउस के भीतर कार्यरत सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

प्रशासन और एनएचपीसी प्रबंधन के बीच सतत संवाद बनाए रखते हुए हालात पर निगरानी रखी जा रही है। बताया गया कि पावर हाउस के भीतर कर्मियों की सुरक्षा एवं कार्य संचालन की निरंतर समीक्षा हो रही है।

प्रबंधन ने कहा कि हाल के दिनों में लगातार भारी वर्षा के कारण टनल के मुहाने पर बार-बार मलबा और पत्थरों का जमाव हो रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन की टीम सुबह से ही राहत और सफाई कार्य में जुटी हुई है।

एनएचपीसी प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी और पावर हाउस के भीतर एवं बाहर की गतिविधियों पर प्रशासनिक स्तर से सतर्क निगरानी की जा रही है।

लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित

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उत्तराखंड प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सरकार ने जनहित को लेकर चारधाम यात्रा व हेमकुंड साहिब यात्रा को आने वाली 5 सितंबर तक स्थगित किया गया है .

भारी बारिश और भूस्खलन से मार्ग बाधित –

प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जगह जगह न केवल मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं बल्कि भूस्खलन से जानमाल का ख़तरा भी बरकरार है ,
प्रशाशन लगातार अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए प्रयासरत है ,

यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षा –

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे से बात कर ये जानकारी मिली कि सुरक्षा को देखते हुए ही ये यात्रा स्थगित करने का फैसला जनहित में लिया गया है ,
मौसम के सामान्य होते ही यात्रा पूर्ण रूप से सुचारू कर दी जाएगी .

प्रदेश में जारी है भारी बारिश का अलर्ट –

गौरतलब है कि लगातार होती बारिश की वजह से प्रदेश के कई हिस्सों और जिलों में हालात सामान्य नहीं हैं ,
सुरक्षा और राहत बचाव कार्य के लिए प्रदेश में सरकारी तंत्र के साथ ही प्रदेश की SDRF और NDRF के साथ ही उत्तराखंड पुलिस लगातार जुटी है ,जिसमें स्थानीय निवासियों से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है ,

आपदा राहत केंद्र रखे हुए है हर स्थिति पर नजर –

आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि विभाग 24 घंटे हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है,

खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हर घटना पर नजर बनाए हुए हैं , प्राथमिकता यही है कि आम जनमानस को मुश्किल हालात उत्पन्न होने पर तुरंत सहायता मिले

 

Disaster Management Secy orders round the clock vigilance amid rainfall  warning | Garhwal Post

Garhwal Divisional Commissioner Vinay Shankar Pandey

उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश को देखते हुए, सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पांच सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि भारी बारिश से प्रदेश में कई जगह भूस्खलन या मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं। जिन्हें सरकार प्राथमिकता पर खोल रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा ओर सुविधा को देखते हुए, फिलहाल चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा को 05 सितम्बर 2025 तक स्थगित किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए फिलहाल यात्रा मार्गों पर प्रस्थान न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करें। मौसम सामान्य होने एवं मार्ग पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के उपरांत यात्राओं को पुनः प्रारम्भ किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क मार्गों की निगरानी, सफाई तथा यात्रियों की सुरक्षा हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि धैर्य एवं संयम बनाए रखें तथा यात्रा संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए प्रशासनिक नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क करते रहें।

चमोली जिले में पिछले तीन साल में भूधंसाव की घटनाएं बढ़ी, कर्णप्रयाग, ज्योतिर्मठ के बाद अब नंदानगर

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चमोली जनपद में पिछले तीन साल में भूधंसाव की घटनाएं बढ़ी हैं। सबसे पहले कर्णप्रयाग के बहुगुणा नगर में भूधंसाव की घटना सामने आई। यह क्षेत्र घाटी में होने के बावजूद भूधंसाव हो रहा है। उसके बाद ज्योतिर्मठ के भूधंसाव ने सबको विचलित कर दिया था। यहां सैकड़ों मकान और होटल भूधंसाव की जद में आ गए थे।

Land Subsidence Incidents Increased In Chamoli In Last Three Years After Karnaprayag  Jyotirmath Now Nandanagar - Amar Ujala Hindi News Live - Uttarakhand:चमोली  जिले में पिछले तीन साल में भूधंसाव की घटनाएं

अब नंदानगर के भूधंसाव ने फिर से लोगों को चिंता में डाल दिया है। ज्योतिर्मठ की तरह ही नंदानगर में भी जमीन से पानी का रिसाव हो रहा है। यहां कई घरों से पानी निकलने के बाद लोगों ने मकान छोड़ दिए हैं। भूधंसाव भी लगातार बढ़ रहा है। चमोली जनपद आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील है। यहां बादल फटना, भूस्खलन, भूधंसाव, अतिवृष्टि की आपदाएं चमोलीवासी कई वर्षों से झेल रहे हैं।

Chamoli News Nandanagar Band Bazaar Hit By Landslide 25 Shops In Danger 34  Families Shifted - Amar Ujala Hindi News Live - Chamoli:भूधंसाव की चपेट में  आया नंदानगर का बैंड बाजार, खतरे

पिछले तीन वर्षों में भूधंसाव जैसी आपदा का नया पैटर्न देखने को मिल रहा है। नंदानगर के व्यापार संघ अध्यक्ष नंदन सिंह और कथावाचक शंभू प्रसाद पांडे का कहना है कि भूधंसाव का व्यापार रुप से वैज्ञानिक सर्वे होना चाहिए। नंदानगर क्षेत्र आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। यहां का वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बाद यहां की बसावट के लिए योजना तैयार होनी चाहिए।

Chamoli News Nandanagar Band Bazaar Hit By Landslide 25 Shops In Danger 34  Families Shifted - Amar Ujala Hindi News Live - Chamoli:भूधंसाव की चपेट में  आया नंदानगर का बैंड बाजार, खतरे

नंदानगर में हो रहे भूधंसाव से प्रवासी लोग भी चिंतित हैं। वे लगातार अपने परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों को फोन कर वहां की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। जो लोग नंदानगर में हैं, वे भी प्रभावित क्षेत्र को देखकर चिंतित हैं। रविवार को बैंड बाजार के अलावा संपूर्ण नंदानगर बाजार बंद रहा। नगर के व्यापारियों ने भी प्रभावितों की दुकानों को खाली करवाने में मदद की।

सीएम ने थराली आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को चमोली जिले के आपदा प्रभावित थराली क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कुलसारी राहत शिविर का दौरा कर प्रभावितों से फीडबैक लिया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि के चेक प्रदान किए। साथ ही बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।

सीएम ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों के साथ खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि प्रभावितों को सुरक्षित राहत शिविरों में ठहराया गया है तथा भोजन, चिकित्सा और रहने की उचित व्यवस्था की गई है। क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है और शीघ्र ही बिजली व पेयजल आपूर्ति भी बहाल कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के साथ विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तरकाशी: स्यानाचट्टी में कृत्रिम झील मचा सकती है तबाही, होटल- स्कूल सब डूबे; अब कैसे होगी पंक्चर? लोगों ने पानी में उतर जताया विरोध

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उत्तरकाशी में धराली आपदा के बाद हर्षिल घाटी में बनी कृत्रिम झील  बड़ी तबाही मचा सकती है. दरअसल यमुना नदी में स्यानाचट्टी के पास बनी कृत्रिम झील ने विकराल रूप ले लिया है. यह झील वॉटर बम’ बनती जा रही है. क्या होटल और क्या घर, सब पानी में डूब गए हैं. चार मंजिला कालिंदी होटल की तीन मंजिलें पानी में डूब गई है. पास में बनी पुलिस चौकी का एक मंजिल भी पानी में डूब गया है. पहले यमुनोत्री जाने वाले श्रद्धालु भी यहां बने पुल से होकर गुजरते थे. लेकिन कत्रिम झील की वजह से पुल भी पानी में पूरी तरह से डूब चुका है

हालांकि यमुना में बनी झील का जलस्तर देर रात से  एक मीटर घटा है. लेकिन खतरा टला नहीं है. यमुना नदी की मूल धारा में लगातार गढ़ गाड़ बाधा बन रहा है. गढ़ गाड़ में लगातार मलवा और बोल्डर अपना रुख बदल रहा है. स्यानाचट्टी में बड़ी पार्किंग भी पानी में डूब चुकी है.

इतना ही नहीं स्यानाचट्टी सरकारी स्कूल की एक मंजिल पानी में पूरी डूब गई है.सभी सरकारी कागज भी पानी में नष्ट हो गए हैं. कुपड़ा गाड़ के मलवे ने यमुना नदी के मुहाना को ब्लॉक कर दिया है. झील से पानी निकाले जाना बहुत जरूरी है. लेकिन अगर झील टूटी तो यमुना नदी के पानी का वेग बढ़ जाएगा, जिससे तटीय क्षेत्रों में बड़ी तबाही मच सकती है.

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कृत्रिम झील से अब तक हुआ कितना नुकसान?

  • यमुनोत्री नेशनल हाइवे का मोटर पुल और सड़क जलस्तर से डूबा
  • चार मंजिला होटल कालिंदी का दो मंजिल होटल पानी में डूबा
  • पुलिस चौकी स्यानाचट्टी का एक मंजिला भवन पानी में डूबा
  • GMVN गेस्ट हाउस पानी में डूबा
  • स्यानाचट्टी बड़ी पार्किंग के पास पहुंचा यमुना नदी का पानी
  • जूनियर हाईस्कूल के मैदान तक पहुंचा झील का पानी

झील को पंक्चर करना बड़ी चुनौती

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए NDRF-SDRF पहले से मौजूद है. झील को पंक्चर करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. क्यों कि पानी लगातार बढ़ रहा है. पिछले चौबीस घंटे में पुल पूरा डूब चुका है, जो पहले साफ दिखाई दे रहा था. क्रत्रिम झील में पानी इतना ज्यादा है कि 25 फीट तक होटल इसमें डूब चुका है. पहले 10-15 फीट नीचे नदी बहती थी. झील को पंक्टर करने और आसपास के लोगों के रेस्क्यू के लिए टीम मौके पर मौजूद है. ताकि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा सके.

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वहीं पानी को निकालने की कोशिश की जा रही है. लेकिन यहां पर एक और फ्लड आया है.हालांकि उसने अपना रास्ता बदल लिया है. राहत की बात यह है कि रास्ता दूसरी तरफ गया है. कोशिश यही है कि पानी को किसी तरह से झील से निकाला जा सके.स्यानाचट्टी में आक्रोशित लोगों ने झील उतरकर  प्रशाशन के विरुद्ध नारेबाजी की।

हालांकि प्रशासन ने एहतियातन स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और क्षेत्रीय विधायक संजय डोभाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

                                            Uttarkashi DM-प्रशांत आर्य

मलबे में लापता लोगों की तलाश शुरू…सेना और एसडीआरएफ समेत कई टीमें जुटीं

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धराली आपदा में जिंदगी की तलाश जारी है। आपदा को एक हफ्ता हो गया है। वहीं, मौसम की चुनौती के बीच आज रेस्क्यू के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व जिला प्रशासन ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हैं.

 

Uttarkashi Dharali Cloudburst Live news Rescue and Search Operation 7th day bad Weather All Update In Hindi

घोड़े खच्चरों से पहुंचाई जा रही खाद्य सामग्री

ग्रामीणों के लिए घोड़े खच्चरों के माध्यम से राशन सामग्री पहुंचाई जा रही है। वहीं आपदा प्रभावित ग्रामीणों के लिए समेश्वर देवता मंदिर में सामूहिक भोजन बनाया जा रहा है।

मलबे के बीच लापता लोगों की तलाश शुरू

धराली आपदा के छह दिन बाद वहां पर मलबे में सेना, आईटीबीपी सहित एनडीआरफ, एसडीआरएफ की ओर से खोज बचाव शुरू कर दिया गया है। मलबे के बीच खुदाई कर लापता लोगों को ढूढा जा रहा है। वहीं, निम और सेना रेको डिडेकटर मशीन से वहां पर सर्च अभियान चला रही है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने सीएम राहत कोष में दी एक करोड़ की राशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधियों ने उत्तरकाशी जिले के धराली में आई आपदा में राहत कार्यों के लिए सीएम राहत कोष में एक करोड़ की राशि दी। रविवार को सीएम आवास में बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधिमंडल ने धराली व हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक करोड़ की धनराशि का योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

आज प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जाएगी- गंगोत्री विधायक

गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा, “फिलहाल 50 लापता लोगों की सूची तैयार की गई है। बिहार और उत्तर प्रदेश से कई लापता लोग जो काम के लिए यहां आए थे, उनकी भी तलाश की गई है। टीम सक्रिय रूप से बचाव कार्य कर रही है, खोजी कुत्ते उनके स्थान की खोज कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं एक शिविर स्थापित किया और दो दिनों तक  कार्य की निगरानी की। मैं 3-4 दिनों से यहां हूं। प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक धन और अन्य आपूर्ति भी यहां पहुंच गई है। सड़कें खोलना और धराली को फिर से बसाना हमारे लिए एक चुनौती है। मुख्यमंत्री इसके लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री भी मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने तुरंत उन मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये की घोषणा की है। आज, सभी प्रभावितों को राशि वितरित की जाएगी।”

43 लोग लापता- गढ़वाल कमिश्नर

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि धराली आपदा में 43 लोग अब तक मिसिंग चल रहे हैं। आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और राहत पैकेज देने के लिए राजस्व परिषद के सचिव की अध्यक्षता में जो कमेटी गठित की गई है। वह आज उत्तरकाशी पहुंच जाएगी। टीम प्रभावित क्षेत्र में जाकर वहां हुए नुकसान कार्यों का जायजा लेगी और प्रत्येक व्यक्ति से संवाद कर उनके हित में जो भी अच्छा राहत पैकेज हो सकता है, वह दिया जाएगा।

धराली आपदा में ध्वस्त कल्प केदार देवता के मंदिर का पुनर्निर्माण होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीएम सहित संबंधित विभागों के सचिवों को धराली आपदाग्रस्त क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए निजी, सार्वजनिक संपत्ति के आकलन को सात दिन में तैयार करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव को आकलन तैयार होते ही केंद्र सरकार को भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि धराली आपदा में ध्वस्त हुए कल्प केदार देवता के मंदिर का पुर्निर्माण किया जाएगासीएम धामी ने यह निर्देश आपदा कंट्रोल रूम में रेस्क्यू अभियान की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने राज्य के सभी आपदाग्रस्त क्षेत्रों में सरकार की ओर से दी जा रही तात्कालिक सहायता वितरण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को सहायता राशि फौरी रूप में दी जा रही है। इस किसी भी प्रकार की नकारात्मकता नहीं फैलाई जानी चाहिए। ज्योर्तिमठ के लिए तैयार राहत पैकेज का समिति करेगी अध्ययन : धराली आपदा प्रभावितों के पुनर्वास और आजीविका के लिए शासन ने सचिव राजस्व की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। यह समिति जोशीमठ के लिए तैयार किए राहत पैकेज का भी अध्ययन करेगी।

हर्षिल में बनी झील से पानी निकासी का काम मैनुअल करने की तैयारी

सिंचाई विभाग हर्षिल में बनी कृत्रिम झील से पानी की निकासी रास्ता बनाने का काम मैनुअल करने की तैयारी में है। सिंचाई विभाग के अधिकारी और श्रमिक आज हेलिकाप्टर के माध्यम से हर्षिल जाएंगे। अधिकारियों को वहीं पर कैंप करने का भी निर्देश दिया गया है। वहीं झील पर जल निकासी का कार्य करने के लिए यूजेवीएनएल की टीम भी हर्षिल पहुंच गई है।

उत्तरकाशी को हर्षिल से जोड़ने वाला पुल बना

उत्तरकाशी को हर्षिल से जोड़ने वाले पुल का पुनर्निर्माण किया गया है। इससे पांच अगस्त को उत्तरकाशी जिले के धराली और हर्षिल में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के बाद मशीनरी और राहत सामग्री की आसान आवाजाही हो सकेगी।

खोज और बचाव अभियान का दूसरा चरण शुरू

आपदाग्रस्त धराली में पुलिस ने खोज और बचाव अभियान का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। इसके लिए आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी को इंसीडेंट कमांडर और कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी को डिप्टी कमांडर बनाया गया है। धराली में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अब लापता लोगों की तलाश की जाएगी।