अब होमगार्डों के बच्चों को यूपीएससी और यूकेपीएससी की कोचिंग के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्रदेश में पहली बार होमगार्ड विभाग ऐसे बच्चों को तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराएगा। इसके लिए कमांडेंट जनरल होमगार्ड आईजी केवल खुराना ने सूबे के होमगार्डों से बच्चों व अन्य अभिभावकों के नाम उपलब्ध कराने के लिए आवेदन मांगे हैं।
प्रदेश में पुलिस व्यवस्था में होमगार्डों का काफी हद तक योगदान रहता है। इनके बूते ही थानों और यातायात समेत अन्य व्यवस्थाएं चलती हैं लेकिन इस महंगाई के दौर में होमगार्डों के कई होनहार बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से वंचित रह जाते हैं। अब ऐसा नहीं होगा। आईजी केवल खुराना ने देश में ही नहीं बल्कि प्रदेश में भी पहली बार होमगार्डों के बच्चों को निशुल्क कोचिंग दिलाए जाने की पहल शुरू की है।
विभाग होमगार्डों के होनहार बच्चों के लिए देहरादून मुख्यालय में कोचिंग सेंटर खोलने जा रहा है। इसमें सभी विषयों के विशेषज्ञ और विभागीय अधिकारी भी बच्चों को कोचिंग देंगे। कोचिंग के लिए बच्चों का एक मानक भी तय किया गया है। मानक के अनुसार जो बच्चे स्नातक कर रहे हैं या स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।
आवेदन दून मुख्यालय भेजे जाएंगे-
वह यूपीएससी और यूकेपीएससी परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं तो उन्हें कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए आईजी केवल खुराना की ओर से सूबे के सभी जिला कमांडेंट को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में अपने-अपने जिले में तैनात इच्छुक होमगार्डों से बच्चों के नाम मांगे गए हैं। इसके बाद जिला मुख्यालय से आवेदन दून मुख्यालय भेजे जाएंगे।
आवेदन के हिसाब से दी जाएगी कोचिंग-
जो बच्चे संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) की तैयारी करना चाहते हैं। उनके आवेदनों की संख्या कितनी होगी। इस हिसाब से दून मुख्यालय में कोचिंग सेंटर तैयार किया जाएगा और विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। माना जा रहा है कि फरवरी माह में कोचिंग शुरू हो जाएगी।
होमगार्डों के जो बच्चे या अन्य आश्रित यूपीएससी और यूकेपीएससी की तैयारी करना चाहते हैं। उन्हें विभाग की ओर से निशुल्क कोचिंग दिलाई जाएगी। देहरादून में रहने वालों को कोचिंग सेंटर और अन्य जिलों में रहने वालों को दो-दो घंटे ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी।-केवल खुराना, कमांडेंट जनरल होमगार्ड, आईजी, देहरादून
हरिद्वार में बुधवार को सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक परिवार ने अपने ही पांच साल के बच्चे को हरकी पैड़ी पर गंगा में डुबोकर मार डाला। पुलिस ने फिलहाल बच्चे के शव को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना बुधवार दोपहर की है। एक परिवार बच्चे को लेकर हरकी पैड़ी पर आया। बच्चे की मां के अलावा अन्य परिजन भी साथ थे। उन्होंने बच्चे को ब्रह्मकुंड में ले जाकर डुबो दिया। इतना ही नहीं उसे लगातार डुबोते रहे। आस-पास के लोगों ने जब ये देखा वहां अफरा-तफरी मच गई। बच्चे को तुरंत बाहर निकाला गया।
सूचना मिलने पर नगर कोतवाली प्रभारी भावना कैंथोला, हरकी पैड़ी चौकी इंचार्ज संजीव चौहान टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाली प्रभारी भावना कैंथोला ने बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है। साथ में आए परिजनों को हिरासत में लेते हुए पूछताछ शुरू कर दी गई है। उनके बात के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
भीड़ ने आरोपियों को पकड़ा-
घटना का पता लगते ही मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ वहां जुट गई। इस दौरान लोगों ने आरोपियों को पकड़ लिया और पीट दिया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्षी पार्टियों से मिलकर बने इंडिया गठबंधन को लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका दिया है। उन्होंने एलान किया है कि आम चुनाव में सीट साझा करने पर उनका किसी से संपर्क नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी अकेले उतरेगी। इसे राज्य में कांग्रेस और लेफ्ट के टीएमसी के साथ लाने की कोशिशों को बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या बोलीं ममता बनर्जी?
ममता ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने मेरा कोई भी प्रस्ताव नहीं माना है। ऐसे में हमारी पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में किसी भी पार्टी में तालमेल नहीं है। इतना ही नहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के लिए भी उन्हें अब तक न्योता नहीं भेजा गया है।
ममता ने कहा कि हम सेक्युलर पार्टी हैं और भाजपा को हराने के लिए हमें जो करना होगा हम करेंगे। हम इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं, इसके बावजूद भारत जोड़ो यात्रा निकालने को लेकर हमसे बात नहीं की गई। बंगाल से जुड़े किसी भी मामले में हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ है।
ममता ने एक दिन पहले ही कांग्रेस को दी थी नसीहत-
गौरतलब है कि बंगाल सीएम ने एक दिन पहले ही कांग्रेस को नसीहत दी थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस लोकसभा की 300 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन उसे कुछ क्षेत्रों को पूरी तरह क्षेत्रीय दलों के लिए छोड़ देना चाहिए। पर कांग्रेस अपनी मनमानी पर अड़ी है। उन्होंने कहा कि कोई भी भाजपा का उतना सीधा मुकाबला नहीं करता, जितना वह करती हैं। उन्होंने साफ कहा था कि अगर इंडिया गठबंधन की पार्टियां उनका साथ नहीं देतीं तो टीएमसी सभी 42 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
गठबंधन पर माकपा का कब्जा मंजूर नहीं –
ममता ने कहा कि गठबंधन की बैठक में वह जब भी शामिल होती हैं तो पाती हैं माकपा विपक्षी एजेंडे को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। यह मुझे स्वीकार नहीं है। मैं उनसे सहमत नहीं हो सकती जिनसे मैंने 34 साल तक संघर्ष किया।