Day: August 8, 2024

Kedarnath Update: केदारनाथ पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त, 16 जगह पूरी तरह से बहे…230 मजदूर रस्सी के सहारे मार्ग को कर रहे हैं ठीक।

343 Minutes Read -

केदारनाथ पैदल मार्ग 29 जगहों पर क्षतिग्रस्त जबकि 16 स्थानों पर पूरी तरह से बह गया है। लोक निर्माण विभाग ने रास्ते की मरम्मत के लिए 230 मजदूर लगाए हैं। संवेदनशील स्थानों पर मजदूर खाई में उतरकर खुदाई कर रहे हैं।

वहीं, रस्सों को पकड़कर पुश्ता निर्माण के लिए बुनियाद रख रहे हैं। पूरे मार्ग को दुरस्त करने में लगभग एक माह का समय लग सकता है। आने वाले दिनों में लोनिवि द्वारा मजदूरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

बता दें कि 31 जुलाई की देर शाम को अतिवृष्टि से केदारनाथ पैदल मार्ग गौरीकुंड से लिनचोली तक व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। यहां 11 किमी के दायरे में रास्ता 16 स्थानों पर दो मीटर से 25 मीटर तक पूरी तरह से वॉशआउट हो रखा है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर पुश्ता ढहने, मिट्टी कटान व भूस्खलन से मार्ग को क्षति पहुंची है।

लोक निर्माण विभाग पैदल मार्ग को दुरस्त करने में जुट गया है। जहां पर रास्ता पूरी तरह से वॉशआउट हुआ है, वहां पर मजदूर खाई में उतरकर पुश्ता निर्माण के लिए खुदाई कर रस्सों के सहारे बुनियाद रख रहे हैं। इन स्थानों पर हल्की सी चूक जान पर भारी पड़ सकती है।
यही नहीं, मार्ग को दुरस्त करने के लिए प्रभावित स्थानों पर पत्थर, सिमेंट व अन्य सामग्री पहुंचाने में भी अन्य मजदूरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ क्षेत्र में आए दिन हो रही बारिश से मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्य में दिक्कत आ रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अति संवेदनशील स्थानों पर आरसीसी पुश्तों का निर्माण किया जाना है। साथ ही जहां पर वॉशआउट हुआ है, वहां ऊपरी तरफ कटान के साथ ही निचली तरफ से सुरक्षा दीवार भी बनाई जानी है। इधर, सोनप्रयाग के समीप भूस्खलन जोन में भूस्खलन जोन में मरम्मत कार्य शुरू हो गया है।
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को दुरस्त करने के लिए 230 मजदूर लगाए गए हैं। आने वाले दिनों में मजदूरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। जहां पर रास्ता वॉशआउट हो रखा है, वहां पर पुनर्निर्माण के लिए मजदूरों को काम करने में दिक्कतें हो रही हैं। सभी साइट पर स्वयं सहित सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता द्वारा किए जा रहे कार्य की मॉनीटरिंग की जा रही है।
-विनय झिक्वांण, अधिशासी अभियंता लोनिवि गुप्तकाशी