Month: May 2026

Uttarakhand: कैबिनेट का बड़ा फैसला; मदरसों को मान्यता व पंजीकरण के लिए देना होगा शुल्क, नियमावली को मंजूरी.

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धामी कैबिनेट ने अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी। नियमावली में राज्य में मदरसों की मान्यता, नवीनीकरण के लिए शुल्क निर्धारित किया जाएगा।

यह नियमावली उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 की धारा 19 में राज्य सरकार को नियम बनाने की शक्ति के तहत बनाई गई है। इसमें मान्यता और नवीनीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक पात्रता, दस्तावेजों और अनुपालन संबंधी प्रावधानों को परिभाषित किया गया है। मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई है। नियमावली के अनुसार अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता के लिए निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। मान्यता या नवीनीकरण की वैधता तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए होगी। नवीनीकरण के लिए आवेदन अवधि समाप्त होने से कम से कम तीन महीने पहले करना होगा।
मान्यता के लिए आवेदन और पात्रता मानदंड-
अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता दिए जाने के लिए आवेदन प्रक्रिया के दौरान संस्थानों की पात्रता, अल्पसंख्यक हितों की पूर्ति, भूमि स्वामित्व, वित्तीय स्थिति और स्टाफ की योग्यता का परीक्षण किया जाएगा। मान्यता के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र, प्रबंधन समिति की सूची, भूमि स्वामित्व प्रमाण, बैंक विवरण और स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता जैसे दस्तावेज चाहिए। संस्थान के अल्पसंख्यक स्वरूप और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने संबंधी घोषणा भी देनी होगी। वहीं, इसके नवीनीकरण के लिए वित्तीय विवरण, बैंक स्टेटमेंट, आयकर रिटर्न और स्टाफ व छात्र नामांकन की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। अल्पसंख्यक छात्रों के नामांकन संबंधी घोषणा भी अनिवार्य है।अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण कर सकेगा मान्यता रद्द-

उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (यूएसएएमई) मान्यता के आवेदन की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर निरीक्षण भी कर सकेगा। सभी मापदंड पूरे होने पर मान्यता प्रदान की जाएगी, मापदंड पूरे न होने पर कारण सहित आवेदन रद्द किया जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन या निधियों के दुरुपयोग की स्थिति में, संबंधित संस्थान को सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाएगा। सुनवाई के बाद उसकी मान्यता रद्द की जा सकेगी।

Uttarakhand: नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही चारधाम यात्रा, अब तक 12.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन.

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चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यात्रा में अब तक 12.60 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बुधवार को चारों धामों में एक दिन में 80 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। चारधाम यात्रा शुरू हुए 25 दिन हो चुके हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 12.60 लाख पार कर चुका है। केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।

22 दिनों में ही 5.23 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र की यात्रा होने से प्रदेश सरकार यहां मौसम के मिजाज पर भी पूरी नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया गया
श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें, इसके लिए स्लॉट प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया गया है। रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य होने के बाद धाम दिव्य और भव्य रूप में नजर आ रहा है।

पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाए जाने से श्रद्धालुओं की राह आसान हुई है। सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा के लिए सरकार ने हरसंभव कदम उठाए हैं। मौसम पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया गया है। हर परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार है।

Chardham Yatra: चरम पर श्रद्धालुओं का उत्साह; 23 दिन में 11 लाख के पार पहुंचा दर्शन करने वालों का आंकड़ा

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चारधाम यात्रा में 23 दिन के भीतर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 11 लाख पार हो गया है। केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में प्रतिदिन औसतन 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। धामों में मौसम की चुनौतियों के बाद भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं थम रहे हैं।

चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से हुआ था। 22 अप्रैल को केदारनाथ व 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुले। यात्रा शुरू होते ही इस बार धामों में श्रद्धालुओं को खराब मौसम की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश से धामों में काफी ठंड है। इसके बावजूद बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है।

पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार चारधाम यात्रा में अब तक 11 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसमें केदारनाथ धाम में 4.50 लाख से अधिक, बदरीनाथ धाम में 2.70 लाख, गंगोत्री में 1.65 लाख, यमुनोत्री में 1.69 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा यात्रा पंजीकरण की संख्या 32.75 लाख पहुंच चुकी है।

हरिद्वार कुंभ 2027: हर की पैड़ी पर 39.60 लाख की लागत से बनेंगे तीन अस्थायी रैंप, भीड़ नियंत्रण के लिए बनी है योजना.

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कुंभ मेला 2027 के लिए हरकी पैड़ी पर तीन अस्थायी रैंप का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर अनुमानित 139.60 लाख रुपये की लागत आएगी और इसे दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रैंप ब्रह्म कुंड में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं, अखाड़ों और स्नानार्थियों की सुविधा के लिए बनाए जाएंगे।

यह निर्माण कार्य कुंभ मेला 2027 के तहत किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य हर की पैड़ी स्थित ब्रह्म कुंड में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम पहुंच प्रदान करना है। इन अस्थायी रैंप का निर्माण तीन अस्थायी स्टील सेतु पुलों के लिए किया जाएगा।

यह परियोजना कुंभ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगी। यह कार्य कुंभ मेले के शुरुआत होने से दो महीने पूर्व पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस बार कुंभ मेला 2027 में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।

200 मीटर लंबा और तीन मीटर चौड़ा होगा रैंप-

तीन अस्थायी रैंप का निर्माण तीन अस्थायी स्टील सेतु पुलों के लिए किया जाएगा। प्रत्येक रैंप की अनुमानित लंबाई 200 मीटर और चौड़ाई तीन मीटर निर्धारित की गई है। इससे तीन अलग-अलग सेतू से होकर लोग ब्रह्म कुंड से दूसरी तरफ मेला आरक्षित क्षेत्र के खुले स्थान पर जा सकेंगे। कुंभ मेले की तैयारियों को समय पर अंतिम रूप दिया जा सके इसकी तैयारियों के बीच रैंप के निर्माण को स्वीकृति मिली है।

 

Uttarakhand Weather: मौसम का मिजाज बदला, नैनीताल समेत विभिन्न जिलों में अगले 6 दिन तक बारिश की चेतावनी.

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सुबह हल्के बादल रहने के बाद रविवार को दोपहर में अचानक मौसम बदला। घने काले बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा नजर आने लगा। कुछ ही पल बाद अंधड़ के साथ तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे बाद आसमान साफ हुआ और धूप निकल आई।

सुबह हल्के बादल रहने के बाद रविवार को दोपहर में अचानक मौसम बदला। घने काले बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा नजर आने लगा। कुछ ही पल बाद अंधड़ के साथ तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे बाद आसमान साफ हुआ और धूप निकल आई।

26 अप्रैल से एक मई तक पारे में रही गिरावट 

नौ दिन में सिर्फ दो दिन तापमान 39 डिग्री के पार गया है। 25 अप्रैल को तापमान 40 डिग्री जबकि इसके अगले दिन 39.8 डिग्री रहा। इसके बाद एक मई तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दो मई को अधिकतम तापमान 34 तो तीन मई को 36.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम की यह सामान्य प्रक्रिया है और हर साल होता रहा है। सोमवार को मैदानी इलाकों में और मंगलवार को पर्वतीय जिलों में तेज बारिश रहेगी जिसके लिए चेतावनी दी गई है। आगे छह और सात मई को तेज हवाओं का दौर रहेगा और बिजली गिरने की आशंका ज्यादा हैं। – डॉ. चंद्र सिंह तोमर, निदेशक मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून