Day: September 9, 2024

उत्तराखंड में इन 11 विभागों में 4,400 पदों पर होगी भर्ती, जानिये कब से शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया।

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प्रदेश में 11 सरकारी विभागों में खाली पदों पर बंपर नौकरियां निकलने वाली हैं। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग 15 सितंबर से 4,400 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसमें पुलिस, वन आरक्षी समेत इंटर और स्नातक स्तरीय पदों पर नौकरी के अवसर मिलेंगे।

 

इसके अलावा आयोग की ओर से आवेदन से लेकर परीक्षा और परिणाम जारी करने का शेड्यूल तैयार करने में जुटा है। प्रदेश सरकार ने अब तक कई विभागों में 16 हजार पद पर चयन प्रक्रिया पूरी कर युवाओं को नौकरी दी है, जो तीन साल के भीतर सबसे अधिक नौकरी देने का रिकॉर्ड है।

 

सीएम धामी चयनित युवाओं को नियुक्तिपत्र देकर सम्मानित किया। अब सरकार ने राज्य के 11 विभागों में खाली पदों पर 4,400 भर्ती करने का निर्णय लिया है। सीएम ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को विभागों से मिले खाली पदों के प्रस्ताव पर पारदर्शिता और समय सीमा के भीतर भर्ती करने के निर्देश दिए हैं।

 

आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने बताया, 11 विभागों से करीब 4,400 खाली पदों के अधियाचन मिले हैं। इन पदों की भर्ती की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस माह के 15 सितंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इन पदों पर मिलेगी नौकरी-

पुलिस आरक्षी के 2,000, वन आरक्षी के 700, इंटर स्तरीय सींचपाल, कनिष्ठ सहायक, राजस्व सहायक, मेट, कार्य पर्यवेक्षक के 1,200, वैयक्तिक सहायक के 280, वैज्ञानिक सहायक के 50, स्नातक स्तरीय 50, सहायक विकास अधिकारी के 40, वाहन चालक 25, लाइब्रेरियन के 10, प्राथमिक शिक्षक एसटी के 15, आईटीआई के कई ट्रेड पर 35 पदों पर भर्ती।

प्रदेश में 4,400 पदों पर युवाओं को नौकरी मौका मिलने जा रही है। अब तक 16 हजार युवाओं को विभागों में नौकरी मिल चुकी है। सरकार ने राज्य में देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून बनाने के बाद प्रतिभावान युवाओं को अब चार-चार नौकरियों में चयन हो रहा है। पहले नकल माफिया की ओर से नौकरी का सौदा करने से एक ही परिवार के सदस्यों को चार-चार नौकरियां मिलती थी। हमने संकल्प लिया कि उत्तराखंड के हितों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

Uttarakhand: बोटियों के लिए खुशखबरी….उच्च शिक्षा के लिए अब हर साल कुछ धनराशि देगी सरकार, जानिये किस योजना में होगा बदलाव.

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नंदा गौरा योजना के तहत बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए सरकार हर साल कुछ धनराशि देगी। इसके लिए नंदा गौरा योजना में बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभागीय अधिकारियों को इसके लिए एक महीने के भीतर विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश की दो देवियों नंदा और गौरा के नाम पर शुरू की गई नंदा गौरा योजना के तहत वर्तमान में सरकार बेटियों के जन्म पर 11,000 रुपये और उसके 12वीं पास करने पर 51,000 रुपये की धनराशि देती है, लेकिन सरकार अब इस योजना में बदलाव करने जा रही है।

 

उच्च शिक्षा में बढ़ेगा प्रतिभाग-
सरकार की मंशा है कि इस योजना को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ते हुए हर साल पात्र बेटियों के खाते में कुछ धनराशि दी जाए। जो 10,000 या इससे अधिक हो सकती है। बेटियों को उच्च शिक्षा में प्रेरित करने के लिए यह धनराशि दी जाएगी, जिससे उनका उच्च शिक्षा में प्रतिभाग बढ़ेगा।

वहीं, हर साल दी जाने वाली इस धनराशि से बेटियों को उच्च शिक्षा के खर्च को वहन करने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नंदा गौरा योजना में जरूरी बदलाव के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

प्रस्ताव तैयार किए जाने के दौरान यह देखा जा रहा कि योजना के तहत पात्र बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए हर साल तय धनराशि दी जाए या फिर अलग-अलग कोर्स के लिए अलग-अलग धनराशि दी जाए।

हर जिले में बनेंगे कामकाजी महिला छात्रावास-

प्रदेश के हर जिले में कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जिसे पीपीपी मोड में संचालित करने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भूमि की उपलब्धता और इसे पीपीपी मोड में चलाने के लिए रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

ये है नंदा गौरा योजना-

नंदा गौरा योजना राज्य लड़कियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई एक विशेष योजना है। दो देवियों नंदा और गौरा के नाम से शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लड़कियों को बेहतर अवसर मिलें। इसका लक्ष्य गरीब परिवारों की लड़कियों की मदद करना है। इन लड़कियों को एक अच्छा जीवन जीने और अच्छी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देना है।