Day: January 1, 2025

Uttarakhand News: सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, पेंशन बढ़ाने के लिए होगी एक वेतन की वृद्धि.

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Uttarakhand: राज्य सरकार के अधिवर्षात आयु प्राप्त कर 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को राज्य सरकार ने राहत दी है। इन तिथियों पर रिटायर होने वाले कर्मचारियों को सरकार नोशनल इंक्रीमेंट का लाभ देगी। मंगलवार को सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

फैसले का लाभ कर्मचारियों को हाईकोर्ट के 11 अप्रैल 2023 के आदेश और शासनादेश जारी होने से पहले के वर्ष में 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुए हैं। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में पहले इस संबंध में निर्णय हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई के आदेश चुके हैं।

जारी शासनादेश के मुताबिक, 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले जिन कर्मचारियों को एक जनवरी और एक जुलाई को एक इंक्रीमेंट दिया जाना है, उनके अंतिम वेतन वेतन के साथ एक नोशनल इंक्रीमेंट भी जोड़ा जाएगा। इस वेतन के आधार पर ही उनकी पेंशन की गणना होगी। हालांकि रिटायरमेंट पर मिलने वाले बाकी सभी लाभ में इस नोशनल इंक्रीमेंट को शामिल नहीं किया जाएगा।

एरियर भुगतान नहीं किया जाएगा-

यह लाभ उन्हें तत्काल प्रभाव से मिलेगा। लेकिन एरियर भुगतान नहीं किया जाएगा। बता दें कि राज्य सरकार के कई कर्मचारी हर साल अपनी सेवा पूरी करने के बाद 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होते हैं। इनमें ऐसे कर्मचारी भी होते हैं जो एक ही वेतन स्तर पर उस तिथि पर एक साल की संतोषजनक सेवा पूरी कर लेते हैं। उन्हें एक जुलाई और एक जनवरी को इंक्रीमेंट मिलता है। लेकिन उन्हें अगला इंक्रीमेंट नहीं मिल पाता, क्योंकि वे केवल एक दिन पहले ही 30 जून या 31 दिसंबर को रिटायर हो जाते हैं। 

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कर्मचारी संगठनों ने 2006 से शासनादेश लागू करने की मांग की-

कर्मचारी संगठनों ने नोशनल इंक्रीमेंट दिए जाने के फैसले का स्वागत किया। लेकिन साथ ही शासनादेश को वर्ष 2006 से लागू करने की मांग की है।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडेय और महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने कहा कि यूपी सरकार ने यह लाभ वर्ष 2006 से दिए जाने का शासनादेश जारी किया है, जबकि सचिव वित्त के आदेश में यह अप्लै 2023 के बाद से लागू होगा।

Uttarakhand: भाजपा ने निकाय चुनाव के लिए बनाई प्रबंधन समिति, प्रचार की रणनीति पर मंथन.

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निकाय चुनाव के प्रचार को धार देने के लिए भाजपा ने प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति का गठन कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के संयोजन में गठित यह समिति सभी निकायों की संचालन समिति से समन्वय बनाएगी।

समिति में सह संयोजक प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, खिलेंद्र चौधरी और राजेंद्र बिष्ट शामिल हैं। समिति की पहली बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने सभी सदस्यों की भूमिका एवं जिम्मेदारी को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

कहा, हमें केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जन-जन के बीच पहुंचाना है। कहा, हमारे पास पीएम के अतिरिक्त प्रदेश में मुख्यमंत्री धामी का लोकप्रिय चेहरा है, जिस पर सवा करोड़ देवभूमिवासी भरोसा करते हैं। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने किया।

 

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समिति में ये बनाए गए प्रमुख व सह प्रमुख-

समिति में प्रचार एवं सभाओं के प्रमुख आदित्य कोठारी, सह प्रमुख सीताराम भट्ट, हिमांशु संगतानी, प्रचार सामग्री व साहित्य वितरण प्रमुख कौस्तुभानंद जोशी, सह प्रमुख राजेंद्र ढिल्लो, जगमोहन चंद, मीडिया विभाग प्रमुख मनवीर सिंह चौहान, सह प्रमुख राजेंद्र नेगी, मानिक निधि शर्मा, कुंवर जपेंद्र, प्रचार सामग्री व साहित्य निर्माण प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन, सह प्रमुख अभिमन्यु कुमार, ओपी कुलश्रेष्ठ, मीरा रतूड़ी, चुनाव कार्यालय प्रमुख मुकेश कोली, हरीश डोरा, लच्छू गुप्ता, आशीष रावत, विपुल मेंदोली, संवाद केंद्र प्रमुख प्रवीण लेखवार, सत्यवीर चौहान, सोशल मीडिया प्रमुख नवीन ठाकुर सह प्रमुख गंधार अग्रवाल, कुलदीप रावत, करुण दत्ता, युवा प्रमुख शशांक रावत, महिला सम्पर्क प्रमुख आशा नौटियाल, सह प्रमुख गीता रावत व भावना मेहरा, वार्ड व बूथ स्तर के कार्य प्रमुख राजेंद्र बिष्ट, सह प्रमुख मधु भट्ट, यशपाल नेगी, विशाल गुप्ता, एससी संपर्क प्रमुख समीर आर्य, दर्पण कुमार, ऋषिपाल, हिसाब किताब प्रमुख पुनीत मित्तल, सह प्रमुख साकेत अग्रवाल, प्रशासनिक कार्य व चुनाव आयोग से संपर्क प्रमुख राजीव शर्मा बंटू, सह प्रमुख पुरुषोत्तम कंडवाल, प्रभात बिष्ट को प्रमुख रूप से जिम्मेदारी दी गई है।

 

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धामी, भट्ट, गौतम, रेखा वर्मा व पूर्व सीएम करेंगे प्रचार-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अलावा भाजपा सरकारों के सभी पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम एवं सह प्रभारी रेखा वर्मा पार्टी प्रत्याशियों की पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। सभी सांसद अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले निगमों, निकायों एवं नगर पंचायतों के चुनाव अभियान में शामिल होंगे। विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि काम करेंगे। नाम वापसी तक सभी नेताओं की सभाओं एवं कार्यक्रमों को लेकर रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

Uttarakhand: नए साल में लोगों को मिलेंगी ये बड़ी सौगातें, पढ़ें पूरी खबर इस रिपोर्ट में.

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राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुके उत्तराखंड के लिए प्रशासनिक और सामाजिक बदलाव के लिहाज नया साला काफी अहम होगा। धामी सरकार नए साल में कई बड़े कदम उठाने जा रही है। इनमें राज्य के लोगों के तीन बड़ी सौगातें शामिल हैं।

सरकार इस साल समान नागरिक संहिता लागू करेगी। साथ ही सशक्त भू-कानून भी राज्य में लागू हो जाएगा। हरियाणा राज्य की तरह उत्तराखंड सरकार भी राज्यवासियों के लिए परिवार पहचान पत्र योजना शुरू करेगी। अमर उजाला ने नए साल में राज्य सरकार के स्तर पर शुरू की जाने वाली नई पहलों की पड़ताल की। पेश है एक रिपोर्ट।

नए साल के पहले महीने में चारधाम यात्रा विकास प्राधिकरण

चारधाम यात्रा के प्रबंधन के लिए नए साल में चारधाम यात्रा प्राधिकरण अस्तित्व में आ जाएगा। सीएम धामी ने प्राधिकरण पर 15 जनवरी तक सभी तीर्थ पुरोहितों और हितधारकों के साथ बैठक कर उनके सुझाव लेने के निर्देश दिए हैं। जनवरी माह के अंत तक प्राधिकरण का गठन पूरा करने को कहा है।

 

नए साल का आगाज राष्ट्रीय खेलों से-

उत्तराखंड राज्य में नए साल का आगाज 38वें राष्ट्रीय खेलों से होगा। पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर रहे राज्य में देशभर के सैकड़ों खिलाड़ी, प्रशिक्षक और अधिकारी पहुंचेंगे।
लागू हो जाएगा यूसीसी-
वर्ष 2025 में समान नागरिक संहिता भी पूरी तरह लागू हो जाएगी। सीएम धामी पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं। यूसीसी लागू करने को लेकर प्रशिक्षण समाप्त होते ही राज्य सरकार इस कानून को लागू कर देगी।

भू कानून की तैयारी-

2025 में राज्यवासियों को मजबूत भू कानून भी मिल जाएगा। भू कानून को असरदार बनाने के लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। बजट सत्र में सरकार भू कानून को लेकर विधानसभा में विधेयक लाएगी। अभी तक सरकार ने इस दिशा में सघन जांच अभियान चलाया है और नियम विरुद्ध खरीदी गई जमीन को राज्य सरकार में निहित करने की कार्रवाई की है।

परिवार पहचान पत्र योजना शुरू होगी-

हरियाणा राज्य में यह योजना पहले से चल रही है। उत्तराखंड सरकार ने भी परिवार पहचान पत्र योजना पर कार्य शुरू कर दिया है। सरकार राज्य में निवास कर रहे लोगों का डाटा बैंक तैयार करेगा। इस योजना से यह सुनिश्चित हो पाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ पात्र व्यक्ति को मिले।

 

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे होगा शुरू-

नए साल में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस वेपूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद दिल्ली का सफर ढाई से तीन घंटे में पूरा हो सकेगा। कुल चार चरणों में हो रहे इस एक्सप्रेस वे के दो खंड पहले ही पूरे हो चुके हैं। जिसमें गणेशपुर से लेकर डाटकाली तक 12 किमी लंबा एलीवेटेड कॉरिडोर भी शामिल है।

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चार जिला मुख्यालयों के लिए हेली सेवा-

नए साल में मुख्यमंत्री उड़न खटोला योजना के तहत, पौड़ी, गोपेश्वर और केंद्र सरकार की क्षेत्रीय सम्पर्क योजना (आरसीएस) के तहत बागेश्वर और नैनीताल के लिए देहरादून से हेलीसेवा शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही यूकाडा देहरादून से गौचर और चिन्यालीसौड के लिए फिक्स विंग सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसमें दोनों जगह 18 सीटर छोटा विमान सेवाएं देगा।

ओला उबर की तर्ज पर सीएम सारथी योजना-

नए साल में उत्तराखंड में ओला उबर की तर्ज पर महिला सारथी यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचती नजर आएंगी। सरकार की महत्वाकांक्षी महिला सारथी परियोजना पायलट तौर पर देहरादून जिले से शुरू होने जा रही है। इसमें परिवहन विभाग जरूरतमंद महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देने के साथ ही उनका ड्राइविंग लाइसेंस भी बनाएगा। इन महिलाओं के लिए ही वाहनों की व्यवस्था सीएसआर फंड और निर्भया योजना से की जानी प्रस्तावित है। इन गाड़ियों के संचालन के लिए एक पूरी तरह प्रोफेशनल मोबाइल एप बनाया जाएगा, उसमें यूजर इंटरफेस तकरीबन वैसा ही होगा जैसा आजकल ऑनलाइन गाड़ियां बुक करने वाली कमर्शियल कंपनियों के एप में होता है।

हमारी सरकार, बीते तीन साल से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। इस लिहाज से 2025 का साल हमारे लिए, नए संकल्प लेते हुए, उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर करने का साल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नौ संकल्प हमें, इस लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा देते रहेंगे। – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री