उत्तराखंड शासन के आदेशानुसार वरिष्ठ IAS अधिकारी बंशीधर तिवारी ने एक बार फिर से महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा (DG स्कूल एजुकेशन) का कार्यभार संभाल लिया है। दरअसल, वर्तमान महानिदेशक शिक्षा झरना कमठान 17 फरवरी से 28 मार्च तक मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में प्रशासनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इस दौरान उनकी अनुपस्थिति में शासन ने IAS बंशीधर तिवारी को डीजी विद्यालयी शिक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया है।
अग्रिम आदेश तक बने रहेंगे पद पर
इसके अलावा, शासन ने अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) डॉ. मुकुल कुमार सती को निदेशक प्रभारी माध्यमिक शिक्षा का कार्यभार सौंपा है। वे यह जिम्मेदारी तब तक संभालेंगे, जब तक कि नियमति पदोन्नति या अग्रिम आदेश जारी नहीं हो जाते।शिक्षा विभाग में इस बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं, क्योंकि बंशीधर तिवारी पहले भी इस पद पर रह चुके हैं और उनकी कार्यशैली को लेकर शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया रही है। अब देखना होगा कि अपने इस नए कार्यकाल में वे किन नई योजनाओं को आगे बढ़ाते हैं।
पहले भी अपने कामों से किया है प्रभावित
उत्तराखण्ड के अब तक के इतिहास में वह सबसे लम्बे समय तक महानिदेशक शिक्षा के पद पर रहे। राज्य गठन के बाद से यहां 23 अधिकारी महानिदेशक बने हैं जिनमें से एकमात्र अधिकारी बंशीघर तिवारी हैं जिन्होंने लगातार तीन वर्ष से अधिक समय तक इस पद की जिम्मेदारी उठाई। वह पहले शिक्षा महानिदेशक हैं जिनको पूरे निदेशालय के कार्मिकों ने शानदार विदाई दी। रविवार को सहस्रधारा रोड स्थित एक होटल में विदाई समारोह आयोजित किया गया।समारोह का खर्च उठाने के लिए जिस कार्मिक से जो बन पड़ा उसने वह योगदान किया। तिवारी सपरिवार समारोह में पहुंचे। पूरे अपनेपन के साथ सभी से मिले। उनका विदाई पत्र जब मंच से पढ़ा गया तो कई कार्मिक भावुक होते दिखे ,,
नैनीताल हाईकोर्ट ने खानपुर विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के एक दूसरे के घर जाकर धमकाने, फायरिंग सहित गुंडागर्दी को लेकर स्वत: संज्ञान वाली याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने विधायक उमेश कुमार को दी गई वाई श्रेणी सुरक्षा से संबंधित रिकॉर्ड पेश करने, सुरक्षा की फिर से समीक्षा जल्द करने तथा सिंचाई विभाग के आवासों को खाली कराने के निर्देश सरकार को दिए हैं।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सरकार की ओर से बताया गया कि विधायक उमेश कुमार को वाई श्रेणी की सुरक्षा का मामला कमेटी के समक्ष लंबित है। सिंचाई विभाग का आवास खाली करने के लिए पूर्व विधायक चैंपियन को नोटिस दिया जा चुका है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि चैंपियन को सिंचाई विभाग का सरकारी आवास 2004 में जबकि विधायक उमेश को 2022 में आवंटित किया गया है।
यह भी बताया गया कि चैंपियन को आवंटित सरकारी आवास का मासिक किराया 9209 रुपये प्रति माह व विधायक उमेश शर्मा को आवंटित सरकारी आवास का मासिक किराया 1693 रुपये प्रति माह है। हाईकोर्ट ने दोनों विधायकों की ओर से एक दूसरे के आवास में जाकर धमकाने, हवाई फायरिंग सहित समर्थकों के हुड़दंग का स्वत: संज्ञान लिया था।
नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के यूसीसी में लिव-इन संबंधों के अनिवार्य पंजीकरण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना शादी किए निर्लज्जता के साथ रह रहे हैं तो फिर निजता का हनन कैसे। कहा कि राज्य सरकार ने भी यह नहीं कहा है कि आप साथ नहीं रहते हैं।
याचिका दायर करने वाले देहरादून के जय त्रिपाठी के अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि ऐसे संबंधों के पंजीकरण के लिए अनिवार्य प्रावधान कर राज्य सरकार गपशप को संस्थागत रूप दे रही है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2017 के फैसले का हवाला दे तर्क दिया कि लिव इन अनिवार्य पंजीकरण से निजता का हनन हो रहा है।
मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि यूसीसी ऐसे रिश्ते के लिए पंजीकरण करने के लिए कह रही है। ‘क्या रहस्य है? आप दोनों एक साथ रह रहे हैं, आपका पड़ोसी जानता है, समाज जानता है और दुनिया जानती है। फिर आप जिस गोपनीयता की बात कर रहे हैं, वह कहां है? बिना शादी के दो लोग निर्लज्जता के साथ रह रहे हैं तो फिर निजता का हनन कैसे, कहां हुआ।
याचिकाकर्ता ने कहा कि अल्मोड़ा के एक युवक की हत्या अंतर-धार्मिक लिव-इन रिलेशनशिप की वजह से कर दी गई। खंडपीठ ने इस याचिका को अन्य याचिकाओं के साथ संबद्ध करते हुए अगली सुनवाई के लिए पहली अप्रैल की तिथि नियत कर दी है।
राज्यपाल के अभिभाषण के साथ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। अभिभाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा जारी रहा। विपक्षी विधायकों ने वेल में जाकर नारेबाजी की। इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री और विपक्षी विधायकों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई।
मुख्यमंत्री ने ई विधानसभा का भी शुभारंभ किया। विधानमंडल भवन नए लुक में दिखाई दे रहा है। पहली बार टैबलेट के माध्यम से विधायी कार्य में विधानसभा सदस्य शामिल हो रहे हैं। 20 फरवरी को प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश करेगी। सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के अंदर व बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
बता दें, कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 18 से 20 फरवरी तक सदन संचालन के लिए एजेंडा तय किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण पर चर्चा और धन्यवाद प्रस्ताव होगा। 20 फरवरी को वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल दोपहर 12.30 बजे बजट पेश करेंगे। एक लाख करोड़ से अधिक बजट होने का अनुमान है। इसमें महिला, युवा, गरीब, किसान, अवस्थापना विकास पर बजट में सरकार का फोकस रह सकता है।
भू कानून लागू करने की मांग को लेकर विधानसभा के सामने प्रदर्शन कर रहे पूर्व विधायक भीम लाल सहित अन्य लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस सभी को वाहन से दूसरे स्थान पर ले गई है।सदन में सरकार की उपलब्धियों पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने मेज थपथपाई। वहीं कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट और संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बीच बहस शुरू हो गई।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सत्र की अवधि न बढ़ाने पर विरोध किया। विपक्ष के नेता वेल में आकर प्रदर्शन कर रहे है।सदन में राज्यपाल का अभिभाषण शुरू हो गया है। राज्यपाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड, देश का पहला राज्य है। इसमें प्रमुख रूप से महिला हितों की रक्षा की गई है। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के विधायक वेल में नारेबाजी कर रहे हैं।
सदन पटल पर आएंग दो विधेयक व तीन अध्यादेश भी
इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से दो विधेयक व तीन अध्यादेश भी सदन पटल पर आएंगे। पेपरलेस सत्र की पहल के तहत पहली बार सत्र ई-विधानसभा में होगा। इसके लिए सदन में सभी सदस्यों के बैठने के स्थान पर टैबलेट लगाए गए। इसके माध्यम से ही विधायकों को एजेंडा, प्रश्नों की जानकारी मिलेगी।
विधानसभा अध्यक्ष से मिले सीएम
विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, विधायक खजान दास और पार्वती दास भी मौजूद थे।
ई-विधान एप्लीकेशन का लोकापर्ण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण की उपस्थिति में ई-विधान एप्लीकेशन का लोकापर्ण किया। इस बार विधानसभा का बजट सत्र नेशनल ई- विधान एप्लीकेशन के तहत संचालित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड में विधानसभा के कार्यों को डिजिटल और पेपरलेस बनाने के लिए ई-विधानसभा प्रणाली अपनाई गई है। इसके माध्यम से विधायकों को कार्यसूची, विधानसभा में पूछे गये प्रश्नों के जवाब और अन्य दस्तावेज अब ऑनलाइन उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके तहत विधानसभा में विधायकों की टेबल पर टैबलेट लगाए गए हैं, और सभी दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही भी अधिक दक्षता से संपन्न होगी
बजट अभिभाषण में राज्यपाल में कहा
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह-
विशेष रूप से उल्लेख करना है कि उत्तराखंड राज्य में वर्ष 2000-2001 में प्रति व्यक्ति आय 16,232 (सोलह हजार दो सौ बत्तीस) रुपये थी, जो वर्ष 2023-24 में 2,46,178 (दो लाख 46 हजार एक सौ 78)रुपये हो गई है। जो हमारी राज्य की निरन्तर प्रगति को दर्शाता है। राज्य में बेरोजगारी दर में कमी आई है। राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी और नकल विहीन परीक्षाओं का आयोजन किया गया, जिससे राज्य के प्रतिभावान युवाओं को सरकारी सेवाओं में निरंतर अवसर मिल रहे हैं। सरकार की प्राथमिकताओं, संकल्पों के साथ सदन में राज्यपाल का बजट अभिभाषण समाप्त हुआ।