Day: December 2, 2025

पीसीएस…उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने प्री परीक्षा परिणाम की गलती मुख्य परीक्षा में भी दोहराई

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उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने पीसीएस प्री परीक्षा के परिणाम में जो गलतियां की थीं, उन्हें भी मुख्य परीक्षा परिणाम में दोहरा दिया। इस कारण पूरी गड़बड़ी हुई। आखिरकार आयोग ने इस तकनीकी त्रुटि को दूर करते हुए अर्हता के हिसाब से चयनित अभ्यर्थियों का संशोधित परिणाम जारी किया है। इसमें सभी गड़बड़ियां दुरुस्त कर ली गई हैं।

 

आयोग ने पीसीएस प्री परीक्षा का परिणाम 23 दिसंबर 2024 को जारी किया था। इसमें परिवीक्षा अधिकारी (महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग) के पद के लिए 12 अभ्यर्थियों को क्वालिफाई घोषित किया गया था। इनके रोल नंबर 107132, 119742, 120925, 144302, 146609, 162271, 176078, 186453, 219236, 219819, 238736, 245207 हैं। जब मुख्य परीक्षा परिणाम आया तो आयोग ने इनमें से 162439, 182463 और 197739 को सफल घोषित किया।

 

अभ्यर्थियों ने आयोग के सामने सवाल उठाया
परिवीक्षा अधिकारी प्री परीक्षा की संशोधित कटऑफ 95.9854 अंक थी। जो तीन अभ्यर्थी इस पद के लिए प्री परीक्षा में आयोग ने सफल घोषित किए थे, उनमें से एक के अंक 81.2988, दूसरे के 82.3486 और तीसरे के अंक 91.7894 थे। आयोग ने प्री परीक्षा परिणाम में कटऑफ और अर्हता से कम वाले अभ्यर्थियों को परिवीक्षा अधिकारी के पदों के लिए सफल घोषित किया।

इस गलती को आगे बढ़ाते हुए आयोग ने इस साल 29 नवंबर को मुख्य परीक्षा परिणाम में इन कम कटऑफ वाले तीन अभ्यर्थियों को ही परिवीक्षा अधिकारी पद के लिए सफल घोषित किया। जब इस पर कुछ अभ्यर्थियों ने आयोग के सामने सवाल उठाया तो आयोग ने इसकी जांच पड़ताल की। तब खुलकर यह गलती समझ आई।

 

सोमवार को मुख्य परीक्षा का जो संशोधित परिणाम जारी हुआ, उसमें पूर्व के तीनों अभ्यर्थियों(162439, 182463 और 197739) को आयोग ने परिवीक्षा अधिकारी से हटाकर समेकित पदों के परिणाम में शामिल कर दिया। जबकि इनकी जगह तीन नए अभ्यर्थियों 162271(प्री में 100.1814 अंक), 219236(प्री में 95.9854 अंक), 245207(प्री में 99.6560) को मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किया गया है। इन सभी के अंक प्री परीक्षा की कटऑफ 95.9854 से अधिक हैं और पद के हिसाब से पात्रता भी रखते हैं।

चार से बदलेगा मौसम, बारिश-बर्फबारी के आसार, प्रदेश भर में सूखी ठंड कर रही परेशान

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दो महीने से शुष्क मौसम का सीधा असर तापमान में देखने को मिल रहा है। सुबह-शाम के तापमान में बड़ा अंतर है लेकिन सामान्य तापमान में गिरावट नहीं हो रही है। इस कारण प्रदेश भर में सूखी ठंड परेशान कर रही है।आंकड़ों में नजर डाले तो सोमवार को दून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री इजाफे के साथ 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री गिरावट के साथ 7.8 दर्ज किया गया। इसके उलट पर्वतीय जिले नई टिहरी में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री इजाफे के साथ 20.6 और रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री बढ़ोतरी के साथ 9.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

 

उधर मुक्तेश्वर का भी हाल कुछ ऐसा ही रहा। यहां दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा 21.3 और न्यूनतम तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री अधिकतम के साथ 9.3 रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अक्तूबर से ही प्रदेश भर में अच्छी धूप खिल रही है। यही वजह है कि दिन के साथ अब रात के न्यूनतम तापमान भी इजाफा देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों की बात करें तो तीन दिसंबर तक प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहेगा।

 

उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश-बर्फबारी का इंतजार है। ऐसे में मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार चार दिसंबर से मौसम बदल सकता है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। जबकि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी होने की संभावना है। ऐसा ही मौसम प्रदेश भर में सात दिसंबर तक रहने के आसार हैं।

संसद में उठाया टिहरी झील क्षेत्र परियोजना से संबंधित विकास कार्यों का सवाल

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हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ ही टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह समेत दो अन्य सांसदों ने आज संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन टिहरी झील क्षेत्र परियोजना से संबंधित विकास कार्यों को लेकर केंद्र सरकार से सवाल उठाए।

सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार से सवाल किया कि उत्तराखंड के टिहरी झील क्षेत्र परियोजना में 126. मिलियन डालर की सतत, समावेशी और जलवायु अनुकूल पर्यटन विकास के तहत किए जा रहे बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों का ब्यौरा क्या है। यह भी सवाल किया कि इस परियोजना से कितने निवासियों और पर्यटकों को लाभ मिलने का संभावना है। भूस्खलन और बाढ़ जोखिमों को कम करने के लिए संस्थागत सुद्ढीकरण, आपदा की तैयारी और प्रकृति आधारित समाधानों को अपनाने के लिए लागू की गई प्रमुख पहले क्या हैं। सरकार द्वारा परियोजना के तहत समावेशिता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने और महिलाओं के नेतृत्व वाली आपदा प्रबंधने पहलों का सहयोग करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

इस सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि एडीबी और भारत सरकार ने टिहरी झील परियोजना में सतत, समावेशी और जलवायु अनुकूल पर्यटन विकास के लिए 10 सितंबर, 2025 को 126.4 मिलियन अमेरिकी डालर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य के टिहरी गढवाल जिले के टिहरी झील क्षेत्र में आजिविका, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु प्रतिरोधी पर्यटन के विकास में सहायता करना है। यह उत्तराखंड सरकार की राज्य क्षेत्र की परियोजना है। राज्य सरकार के अनुरोध पर ही भारत सरकार द्वारा एडीबी के साथ ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। परियोजना का पूरी तरह से रखऱखाव राज्य सरकार कर रही है।