Month: December 2025

उर्मिला सनावर के मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित,जनता आगे आये- उर्मिला

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उर्मिला सनावर के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने एसआईटी गठन का निर्णय लिया है।
एसएसपी के आदेश पर सभी मामलों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है।

उधर, उर्मिला सनावर ने वीडियो बयान जारी कर कहा कि वपुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है। जबकि वो सबूत दे चुकी है। उर्मिला ने प्रदेश की जनता से अंकिता को न्याय दिलवाने के लिए आगे आने को कहा है।इस बीच, पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाते हुए किसी भी प्रकार के संदेह या पक्षपात की संभावना को समाप्त करना है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि सभी मामलों की गहन जांच साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मामलों का जल्द एवं न्यायसंगत निस्तारण हो सके।

 

एसपी सिटी को सौंपी गई एसआईटी की कमान

गठित एसआईटी की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) अभय कुमार सिंह को सौंपी गई है। टीम को निर्देश दिए हैं कि उर्मिला सनावर से जुड़े सभी प्रकरणों की बारीकी से जांच की जाए और प्रत्येक बिंदु पर निष्पक्ष आकलन के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने यह भी कहा है कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चार थानों में दर्ज हैं कुल चार मुकदमे

जानकारी के अनुसार उर्मिला सनावर के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर, कोतवाली रानीपुर, थाना बहादराबाद और थाना झबरेड़ा में कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। अब इन सभी मामलों की जांच एक ही विशेष जांच टीम द्वारा की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि एकीकृत जांच से मामलों में पारदर्शिता बनी रहेगी और जांच की दिशा स्पष्ट रहेगी, जिससे भ्रम या विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।

एसआईटी में शामिल अधिकारी
गठित विशेष जांच टीम में कुल सात सदस्य शामिल किए गए हैं। टीम में निरीक्षक शांति कुमार गंगवार (प्रभारी कोतवाली रानीपुर), निरीक्षक कुंदन सिंह राणा (प्रभारी कोतवाली ज्वालापुर), उप निरीक्षक अंकुर शर्मा (प्रभारी थाना बहादराबाद), उप निरीक्षक रविन्द्र सिंह (थाना झबरेड़ा), अपर उप निरीक्षक रणजीत सिंह बिष्ट (कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर), कांस्टेबल विनय (कार्यालय पुलिस अधीक्षक नगर) और कांस्टेबल वसीम (सीआईयू हरिद्वार) शामिल हैं।

 

कई स्थानों पर प्रदर्शन

वीआईपी के मुद्दे पर प्रदेश के हल्द्वानी में ज्योति अधिकारी के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन जारी है।
देहरादून में महिला कांग्रेस ने स्पीकर के आवास का घेराव कर आंदोलन को धार दी।

प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सीबीआई जॉच व वीआईपी के खुलासे को लेकर भाजपा के विरोध में आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है।

प्रदेश भाजपा संगठन के लचर व आत्मघाती बयानों से स्थिति और भी बिगड़ गयी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के जातिगत बयान का आम जनता ने भारी विरोध कर दिया है।

अंकिता मर्डर केस में पहली बार बोले दो भाजपा नेता,  कहा, सीबीआई जांच जरूरी,

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र्मिला-सुरेश-आरती के अंदरूनी विवाद से जनित कथित वीआईपी विवाद में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल ने भी चुप्पी तोड़ दी है।इन दोनों भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बयान के बाद इस मुद्दे पर पार्टी के मतभेद भी सामने आ गए हैं। उधर, वीआईपी कांड को लेकर भाजपा हाईकमान में भी गम्भीर हलचल देखी जा रही है। निकट भविष्य में प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव की उम्मीद भी बनने लगी है।

 

क्या कहा पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने

विजया बड़थ्वाल के बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पत्रकारों से बातचीत में मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह महिलाओं से जुड़ा हुआ विषय है, जो समाज के 50 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं। त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि यह मामला इस समय न्यायालय के विचाराधीन है । इसलिए सरकार कोई निर्णय नहीं ले सकती ।साथ ही यह भी जोड़ा कि इसकी गहराई से जांच की आवश्यकता है। पूर्व सीएम ने कहा कि इस तरह के गलत काम करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए। चाहे वह उनका अपना बच्चा हो या भाई, कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और समाज पर धब्बा लगाने का काम करती हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह भी कहा कि जब यह घटना हुई थी, तब उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी गहरा दुख और तकलीफ हुई.

 

इधऱ, यमकेश्वर से पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल ने तो तीखा लिखित बयान जारी कर कांग्रेस की तर्ज पर सीबीआई जांच की मांग कर डाली। यही नहीं, उन्होंने यह भी कह दिया कि न्याय होना ही पर्याप्त नहीं है। न्याय दिखना भी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम किसी भी पार्टी के हो सकते हैं, परंतु हमारी बेटियों की प्रतिष्ठा, सम्मान और अस्मिता की रक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। महादेव की इस पवित्र भूमि पर यदि हमारी बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं, तो इस राज्य को संभालने का क्या अर्थ बचता है?

हम अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं कर सकते। यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक ज़िम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों का प्रश्न है। गौरतलब है कि जिस वनन्तरा रिसॉर्ट में अंकिता  नौकरी करती थी। वह यमकेश्वर विधानसभा में आता है। और यहां से मौजूदा भाजपा विधायक रेनू बिष्ट और उमरेला कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ पर वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलाने का आरोप सुर्खियों में है। इस बीच, सालों से मौन साधे रही पूर्व विधायक विजया बड़थ्वाल के झकझोरने वाले बयान के बाद भाजपा की चिंता की लकीरें बढ़ गयी है।

विजया बड़थ्वाल व त्रिवेंद्र के बयान के बाद भाजपा के अंदर राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है। प्रदेश भाजपाध्यक्ष महेंद्र भट्ट उर्मिला सनावर पर दिए गए बयान के बाद स्वंय घिर गए है।

 

उर्मिला मेरी पत्नी नहीं

इस मुद्दे पर भाजपा से निष्कासित सुरेश राठौर ने एक बार फिर प्रेस कांफ्रेंस कर उर्मिला सनावर की नीयत पर सवाल उठाए। कहा कि वो मेरे परिवार को बर्बाद कर रही है। चारित्रिक हनन कर रही है। मैंने फैक्ट्री बेच उर्मिला को 50 लाख रुपए दिए । वह ब्लैकमेल कर रही है। मुझे पति भी कहती है और कालनेमि भी।
राठौर यह कहने से भी नहीं चूके कि उन्होंने भाजपा को खून पसीने से सींचा।
राठौर ने कहा कि उर्मिला मेरी पत्नी नहीं है। सोशल मीडिया में कहने के बजाय उर्मिला को फैमिली कोर्ट जाना चाहिए।

उर्मिला -सुरेश

इस मामले में उक्रांद, महिला मंच, मूल निवास भू कानून समिति समेत अन्य संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। हरिद्वार जिले में ही भाजपा से जुड़े मोर्चा के नेता अंकित बहुखंडी के नेतृत्व में वीआईपी का पुतला दहन भी किया गया। बहुखंडी ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। इससे पूर्व,मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के तहत पुतला दहन कर चुकी है। सोशल मीडिया में कई आम लोग भी बयान जारी कर सुरेश-उर्मिला-आरती के ऑडियो की जांच की मांग कर रहे हैं।

 

Uttarakhand Cabinet: कैशलैस इलाज के लिए बढ़ेगा अशंदान, कैबिनेट में आए 11 प्रस्ताव, इन पर लगी मुहर.

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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आज संपन्न हुई। इस दौरान बैठक में 11 प्रस्ताव पर मुहर लगी। वहीं, उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का मामला मंत्रिमंडल उपसमिति को सौंपा गया है।

ये फैसले हुए-

वित्त: नेचुरल गैस पर वैट की दर 20 से घटाकर 5% करने पर के प्रस्ताव पर मुहर।

कृषि:धराली व आसपास के आपदाग्रस्त क्षेत्र में रॉयल डिलिशियस सेब का 51रुपये, दूसरे रेड डेलिशियस सेब का 45 रुपये प्रति किलो मुल्य।

संस्कृति:  कलाकार व लेखकों को मासिक पेंशन 3000 से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का निर्णय लिया गया।

आवास: इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत केंद्र के निर्देश के तहत निम्न जोखिम वाले भवन या छोटे व्यावसायिक भवन को एम्पनल्ड आर्किटेक्ट द्वारा नक्शा पास करा सकते हैं। पहले ये विचलन से आया था, आज कैबिनेट ने मुहर लगाई है।

औद्योगिक विकास: ग्राउंड कवरेज एमएसएमई यूनिट और इंडस्ट्री यूनिट का बढ़ाया गया। बांस एवं रेशा विकास परिषद के ढांचे में परिवर्तन किया गया है। तकनीकी प्रकृति के स्टाफ को उपनल के बजाय आउटसोर्सिंग से रखने की व्यवस्था। 13 पदों को कॉन्ट्रैक्ट या आउटसोर्सिंग से होंगे।

  • आयुष्मान और अटल आयुष्मान 100% इन्श्योरेंस मोड में संचालित होगा। गोल्डन कार्ड हाइब्रिड मोङ में चलेगा। पांच लाख से कम के क्लेम इन्श्योरेंस से भुगतान होगा। पांच लाख से यूजर वाले क्लेम ट्रस्ट मोड से मिलेंगे। महंगाई दर के हिसाब से कर्मचारियों से लिये जाने वाला अंशदान करीब 250 रुपये से 450 रुपये तक बढ़ेगा।
  • सिंचाई व लोक निर्माण विभाग के वर्क चार्ज एम्प्लाइज को पेंशन मिलेगी।
  • उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी। प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की उम्र 50 से बढ़ाकर 62 वर्ष, सुपर स्पेशलिटी सर्विसेज के लिए भी विभाग बनाये गए हैं। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट हल्द्वानी के लिए 4 पदों के सृजन को मंजूरी।
  • श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में समान कार्य, समान वेतन मामला…277 कर्मचारियों को मिलना है लाभ। कैबिनेट उपसमिति को भेजा गया।
  •  दुर्गम व अति दुर्गम इलाकों में काम करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 50% अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। करीब 300 डॉक्टरों को मिलेगा लाभ।

वीडियो-ऑडियो विस्फोट से खुलने लगे हैं अंकिता मर्डर फ़ाइल के नाज़ुक पन्ने,पूर्व भाजपा विधायक के ऑडियो से बड़ा भाजपा नेता कठघरे में !

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अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद वीआईपी को लेकर जारी चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।
इस बीच, भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर व उर्मिला सनावर की एक ऑडियो क्लिप ने भी तहलका मचा दिया है।

इस ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर सुरेश राठौर और उर्मिला के बीच बातचीत में एक बड़े भाजपा नेता और महिला का नाम भी सामने आया है। इसमें राठौर कह रहे हैं कि उक्त भाजपा नेता में हरिद्वार की डाम कोठी में महिला को बुलाया था।

उर्मिला ने पूछा कि क्या वो महिला भाजपा नेता से मिलने गयी थी। इस पर पूर्व विधायक ने कहा कि वो गयी या नहीं। उसे पता नहीं। लेकिन उक्त महिला ने मुझे (राठौर)बताया था कि भाजपा नेता के वीडियो व ऑडियो क्लिप उसके पास हैं।

एक मिनट 31 सेकेंड के इस ऑडियो में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर कहते हैं कि उक्त महिला ने ही वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलवाया था। इस रिसॉर्ट इन अंकिता हत्याकांड हुआ था। साफ है कि उक्त महिला ने कथित भाजपा नेता के इशारे पर ही सबूत मिटाने के लिए वनन्तरा रिसॉर्ट में बुलडोजर चलवाया होगा।

इस ऑडियो क्लिप के वॉयरल होने से सुरेश राठौर, गट्टू और एक अन्य महिला के अन्तर्सम्बन्धों के भी राज खुल रहे हैं। यह भी साफ हो रहा है कि ‘गट्टू’ से नजदीकी सम्बंध रखने वाली उक्त महिला वनन्तरा रिसॉर्ट से जुड़े क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रही है। और इस महिला के भाजपा के पूर्व विधायक राठौर से भी नजदीकी सम्बंध रहे हैं।

ऑडियो में राठौर यह भी खुलासा करते हैं कि उक्त महिला के तो अन्य छह सात लोगों से भी सम्बंध हैं। और एक बच्चा भी है।

बहरहाल, भाजपा के बड़े नेता से जुड़े ऑडियो-वीडियो के खेल ने राजनीति में खलबली मचा दी है।
हालांकि, कोटद्वार कोर्ट इसी साल अंकिता मर्डर केस के आरोपी पुलकित आर्य व अन्य दो को सजा सुना चुकी है। तीनों ही जेल में है। लेकिन जांच में वीआईपी के नाम का कोई खुलासा नहीं होने के बाद अब कई महीने बाद कहीं “गट्टू ” और कहीं सीधे नाम का उल्लेख भाजपा के लिए चिंता का सबब बन गया है।

इधऱ, राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला ताजातरीन वीडियो में साफ कह रही है कि अंकिता ने गट्टू के पास जाने से मना कर दिया था। इसलिए उसकी हत्या कर दी गयी।

इसके अलावा वॉयरल ऑडियो से यह भी साफ हो रहा है कि राठौर ने बेहतर रिश्ते के समय उर्मिला सनावर को यह गुप्त बातें बता दी थी। और अब रिश्ते खराब होने पर उर्मिला अपने वॉयरल वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े अनसुलझे तथ्य सामने रख रही है।

अंकिता हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गयी है। लोगों का कहना है कि कोर्ट और जांच एजेंसी को वीडियो और ऑडियो क्लिप की जांच कर राठौर, उर्मिला और उक्त महिला से भी पूछताछ करनी चाहिए।

अगर ऐसा हुआ तो लम्बे समय से वीआईपी के चेहरे पर पड़े नकाब के बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है।

बहरहाल, इन नये खुलासे के बाद एक बार फिर कोर्ट के  स्वंय संज्ञान लेने और पुलिस की नयी जांच को लेकर भी बहस शुरू हो गयी है। अगर परिजनों की मांग पर या किसी ब्यक्ति की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट या पुलिस संज्ञान लेती है तो वीआईपी की अनसुलझी गुत्थी से पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है,,,हलांकि dsruncut इन किसी भी आरोपों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता, ये सब जांच का विषय है,,,,बरहाल इस पुरे मामले में भाजपा की तरफ से चुप्पी है,,,बरहाल अंकिता का vip कौन इस मुद्दे ने एक बार फिर चर्चा पकड़ ली है,,,

 

अंकिता भंडारी हत्याकांड- वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस का हमला

उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात का खुलासा करना चाहिए की अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में जिस गटू का जिक्र एक महिला के वायरल हुए वीडियो में किया है वह गट्टू कौन है??

धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि इस महिला के वायरल हुए वीडियो में यह बात भी सामने आई है कि हरिद्वार के पूर्व विधायक सुरेश राठौर का इस गट्टू से कोई संबंध है ।

धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड की जनता को झकझोर कर रखा हुआ है । ऐसी स्थिति में इस गट्टू नाम का अचानक सतह पर आना चिंता का विषय है । मुख्यमंत्री को चाहिए कि इस गट्टू का जल्दी पता लगाए और विधायक सुरेश राठौर की गतिविधियों के बारे में भी बताएं कि वह आखिर क्यों इस महिला के निशाने पर बने हुए हैं।

Uttarakhand: राफ्टिंग गाइडों के लिए प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण अनिवार्य, आयु सीमा बढ़ाने पर भी सहमति.

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जनवरी से शुरू होगा राफ्टिंग गाइडों का विशेष प्रशिक्षण-

 

Dehradun: राज्य में राफ्टिंग की संभावनाओं को सुदृढ़, सुरक्षित एवं व्यवस्थित करने के उद्देश्य से 22 दिसंबर 2025 को पर्यटन सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राफ्टिंग एसोसिएशन, राफ्टिंग गाइड एसोसिएशन, राफ्टिंग तकनीकी एवं विनियामक समिति, गंगा नदी राफ्टिंग समिति सहित संबंधित हितधारकों ने प्रतिभाग किया।

बैठक में वर्तमान में कार्यरत राफ्टिंग गाइडों की फर्स्ट एड एवं सीपीआर से संबंधित तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस क्रम में मोंटाना (यूएसए) से संबद्ध संस्था Hanifl Centre, जो पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के साथ कार्यरत है, के माध्यम से प्रथम चरण में तीन दिवसीय Wilderness First Aid (WFA) प्रशिक्षण आयोजित करने का निर्णय लिया गया। यह प्रशिक्षण जनवरी 2026 के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होगा। इसके माध्यम से जनवरी–फरवरी 2026 के दौरान राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े लगभग 900 गाइडों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

बैठक के दौरान राफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों—नदी तटों पर राफ्टिंग कैंपों की पुनः स्थापना, गंगा नदी की वहन क्षमता का पुनः आकलन, मुख्य मार्ग से राफ्टिंग पिकअप प्वाइंट में सुधार तथा राफ्टिंग पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था—पर पर्यटन सचिव द्वारा शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।

इसके साथ ही राफ्टिंग गाइड एसोसिएशन के प्रस्ताव पर राफ्टिंग गाइडों की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। गंगा नदी राफ्टिंग समिति द्वारा लिए जाने वाले शुल्क में वृद्धि पर भी राफ्टिंग एवं गाइड एसोसिएशन की सहमति बनी।

अंत में पर्यटन सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने गंगा नदी राफ्टिंग समिति के सचिव, संबंधित अधिकारियों एवं हितधारकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए तथा उत्तराखंड के राफ्टिंग व्यवसाय को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।

बैठक में उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, वरिष्ठ साहसिक खेल अधिकारी एवं सचिव गंगा नदी राफ्टिंग समिति जसपाल सिंह चौहान, साहसिक खेल अधिकारी सीमा नौटियाल, थल क्रीड़ा विशेषज्ञ भूपेन्द्र सिंह, राफ्टिंग समिति अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह नेगी, उपाध्यक्ष रामपाल सिंह, तकनीकी समिति सदस्य अरविन्द भारद्वाज, विनियामक समिति सदस्य मंजूल रावत, ध्रुवनाथ राणा सहित अन्य अधिकारी एवं हितधारक उपस्थित रहे।

Uttarakhand: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना.. CM धामी ने 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे 33.22 करोड़ रुपये.

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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 3848 लाभार्थियों के बैंक खातों में 33.22 करोड़ रुपये की धनराशि का ऑनलाइन माध्यम से वितरण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड का युवा नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना राज्य की उन प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसने वास्तविक रूप से पलायन को रोकने, रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दौरान लौटे प्रवासी, युवा उद्यमी, कारीगर, हस्तशिल्पी एवं शिक्षित बेरोजगार इस योजना के प्रमुख लाभार्थी हैं। योजना के अंतर्गत राज्य के मूल और स्थायी निवासियों को विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार क्षेत्र में राष्ट्रीयकृत, सहकारी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विनिर्माण इकाइयों के लिए 25 लाख तक और सेवा एवं व्यापार इकाइयों के लिए 10 लाख तक की परियोजना लागत अनुमन्य है। योजना के अंतर्गत परियोजना लागत का 15 से 25 प्रतिशत तक सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत लगभग 32 हजार लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था, इस योजना से अब तक 35 हजार से अधिक लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के तहत अब तक 1,389 करोड़ से अधिक का ऋण वितरण किया गया है, जिससे लगभग 64,966 नए रोजगार सृजित हुए हैं।  कहा कि यह प्रमाण है कि योजना केवल कागज़ों में नहीं, बल्कि धरातल पर सशक्त रूप से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। यह सरकार की पारदर्शिता, टेक्नोलॉजी-आधारित और भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यप्रणाली का प्रमाण है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर जिले में स्थानीय उद्यम, हर गांव में रोजगार और हर युवा के हाथ में काम हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

Uttarakhand: देश में सबसे पहले उत्तराखंड में प्रयोग होगी यह तकनीक, 100 KM से तेज हवाओं के बीच केदारनाथ में चलेगा रोपवे.

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रोपवे परियोजना से सुरक्षित और सहज होने जा रही पवित्र धाम केदारनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इन परियोजनाओं में देश में पहली बार सबसे सुरक्षित व उन्नत ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला रोपवे तकनीक (3एस) का प्रयोग होगा।

अभी इस तकनीक का प्रयोग विश्व के चुनिंदा देशों में ही किया जा रहा है। इस तकनीक में सौ किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भी तेज हवा में रोपवे का सुरक्षित संचालन किया जा सकेगा।

इस तकनीक में दो स्थिर ट्रैक रोप पर गोंडोला केबिन पूरी तरह संतुलित रहते हैं। इससे केबिन के हवा में डगमगाने की संभावना नहीं रहती।

उत्तराखंड में महत्वाकांक्षी सोनप्रयाग-केदारनाथ व गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं में सबसे पहले प्रयोग होने जा रही ट्राई-केबल डिटैचेबल गोंडोला रोपवे तकनीक (3एस) तकनीक की सबसे बड़ी खासियत तेज हवा व विषम मौसम में गोंडोला केबिन की स्थिरता है।

इस तकनीक में रोपवे संचालन के लिए तीन अलग-अलग स्टील के तारों का उपयोग किया जाता है। इनमें से दो स्थिर केबल (ट्रैक रोप) केबिन के पूरे भार को संभालते हैं, जबकि एक चलायमान केबल (हाल रोप) केबिन को आगे-पीछे खींचता है।

यह तकनीक सामान्य रोपवे प्रणालियों से अलग है। सामान्य रोपवे में एक या दो केबल पर ही पूरा भार और गति निर्भर होती है, 3-एस सिस्टम में भार और गति अलग-अलग केबलों पर होने से सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है।

यह विश्वस्तरीय तकनीक अभी तक स्विट्जरलैंड, आस्ट्रिया, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और चीन में उपयोग में लाई जा रही है।

एआइ बताएगा कहां खराब केबल-ब्रेक-

3-एस तकनीक में एआइ आधारित स्मार्ट तकनीक काम करती है। सेंसर और कैमरों से मिलने वाले रीयल-टाइम डेटा का एआइ विश्लेषण कर केबल, ब्रेक और ड्राइव सिस्टम में संभावित खराबी का पूर्वानुमान लगा लेता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका कम होती है।

3-एस रोपवे की प्रमुख विशेषताएं-

  • प्रत्येक केबिन बंद, वातानुकूलित व मौसम-रोधी होगा, इससे हर मौसम में सुरक्षित व आरामदायक यात्रा संभव होगी।
  • वजन संतुलन के लिए सेंसर और मल्टी-लेयर ब्रेक सिस्टम से रोपवे का संचालन और अधिक सुरक्षित रहेगा।
  • इस प्रणाली में कम टावर प्रयोग होंगे, एक टावर से दूसरे टावर के बीच लंबी दूरी होगी, जिससे निर्माण कम होगा और पर्यावरण को न्यूनतम नुकसान पहुंचेगा।
  • डिटैचेबल ग्रिप सिस्टम से स्टेशन पर गति कम और लाइन पर तेज रहेगी, इससे यात्रा समय में कमी आएगी।
  • आधुनिक केबिन डिजाइन में 16 से 20 या उससे अधिक यात्रियों का एक साथ सुरक्षित परिवहन संभव होगा।
  • एंटी-आइसिंग तकनीक से बर्फबारी में भी निर्बाध और शोर-कंपन रहित आरामदायक सफर सुनिश्चित होगा।

Uttarakhand: सीएम धामी का बड़ा एलान: नैनीताल को मिली112 करोड़ की सौगात, 17 योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को धारी ब्लॉक स्थित हिमगिरी स्टेडियम लेटीबुंगा में पहुंचे। जहां सीएम ने जिले की 112.34 करोड़ की 17 योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किया।

सीएम धामी ने 70.73 करोड़ की लागत से 8 विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें 4.53 करोड़ से सेनिटोरियम से अल्मोडा मार्ग तक भवाली बाईपास भाग-1 का डामरीकरण, 11.62 करोड़ से भवाली-सेनिटोरियम से नैनीबैंड तक भवाली बाईपास पार्ट-2 सुधारीकरण, 7.95 करोड़ से भीमताल बाईपास मोटर मार्ग का सुधारीकरण, 16.62 करोड़ भीमताल-खुटानी -चांफी-परमपुरी-धानाचुली पंचेश्चर मोटरमार्ग सुधारीकरण का निर्माण कार्य, 19.48 करोड़ से 50 बैड क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण, 8.43 करोड़ से लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय हल्दूचौड में पुस्तकालय, बहुउददेशीय हॉल का निर्माण, 1.46 करोड़ से निराश्रित गौवंश के लिए ग्राम पुछडी में गौशाला निर्माण, 61.38 लाख से रा.उ.मा.वि. जाडापानी भीमताल में पुस्तकालय कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष एवं विज्ञान प्रयोगशाला कक्ष का लोकापर्ण किया।

साथ ही मुख्यमंत्री ने 41.60 करोड़ से 9 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। सीएम ने 5.35 करोड़ से लालकुआ में राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा भवन निर्माण, 97.72 लाख से  लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में चाहरदीवारी निर्माण, 1.5 करोड़ की लागत से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में स्वीमिंग पुल पर टेंसाईल शेड एवं पूल कवरिंग कार्य, 46.54 लाख से रा.उ.मा.वि. झडगांव में भवन निर्माण कार्य, 75 लाख की लागत से ओखलकांडा में सभागार कक्ष, 45 लाख की लागत से रामनगर में टाईप-4 आवासीय भवन निर्माण, 9.81 करोड़ से बेतालघाट में दूनीखाल से रातीघाट तक मोटर मार्ग का निर्माण, 8.19 करोड़ से पंगोट दैचोरी मार्ग का नवनिर्माण, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य की योजनाओं का शिलान्यास किया।

हर साल दो लाख से अधिक भारतीय छोड़ रहे हैं नागरिकता

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18 लाख से अधिक भारतीय नागरिकों ने वर्ष 2011 से 2023 तक 13 वर्षों में अपनी भारतीय नागरिकता छोड़कर अन्य देशों की नागरिकता प्राप्त की हैं। वर्ष 2022 तथा 2023 में तो यह दर प्रतिवर्ष दो लाख नागरिकों से भी अधिक हैं। यह खुलासा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) को विदेश मंत्रालय के जन सूचना अधिकारी द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ हैं।

काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने विदेश मंत्रालय के जन सूचना अधिकारी से भारत की नागरिकता छोड़कर विदेशों की नागरिकता प्राप्त करने वालांे की संख्या की सूचना चाही थी। इसके उत्तर में विदेश मंत्रालय के जन सूचना अधिकारी/अवर सचिव तरूण कुमार ने अपने पत्रांक 551 से उत्तर उपलब्ध कराया है। जन सूचना अधिकारी ने राज्यसभा में कपिल सिब्बल तथा डा0 जोहन बिट्स के प्रश्नों के उत्तर में जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने को लिखित करते हुये उसका इंटरनेट लिंक उपलब्ध कराया है।

नदीम द्वारा उक्त लिंक से सांसदों के प्रश्नों के उत्तर डाउनलोड करने पर वर्ष 2011 से 2023 तक भारत की नागरिकता छोड़ने वाले भारतीयों की संख्या प्रकाश में आयी है।

नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार वर्ष 2022 में पिछले 13 वर्षों में सर्वाधिक 2,25,620 भारतीय नागरिकों ने अपनी भारतीय नागरिकता स्वेच्छा से छोड़ी है। दूसरे स्थान पर वर्ष 2023 में 2,16,219 भारतीय नागरिकों ने अपनी नागरिकता छोड़ी हैं। पिछले 13 वर्षों में सबसे कम नागरिकता छोड़ने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 85256 वर्ष 2020 में रही हैं।
वर्ष 2011 में 1,22,819, वर्ष 2012 में 120,923, वर्ष 2013 में 1,31,405, वर्ष 2014 में 1,29,328, वर्ष 2015 में 1,31,489, वर्ष 2016 में 1,41,603, वर्ष 2017 में 1,33049, वर्ष 2018 में 134561, वर्ष 2019 में 1,44017, वर्ष 2020 में 85256, वर्ष 2021 में 163370, वर्ष 2022 में 225620, वर्ष 2023 में 2,16,219 भारतीय नागरिकों ने स्वेच्छा से अपनी भारतीय नागरिकता त्याग दी है।

विदेश मंत्रालय द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना के अनुसार भारतीय नागरिकता छोड़कर विश्व के 135 देशों की नागरिकता इन व्यक्तियों द्वारा प्राप्त की गयी है। जिन देशों की नागरिकता भारतीय नागरिकता छोड़कर भारतीयों द्वारा प्राप्त की गयी है उनमें जहां पड़ोसी देश, बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका शामिल है, वहीं विकसित माने जाने वाले देश यू के, यू.एस.एस. रूस, चीन, इटली, फ्रांस, जर्मनी व जापान तथा आर्थिक सम्पन्न वाले देशों में इराक, इरान, इटली, तुर्की, यमन, जम्बिया, कज़ाकश्तान, केनिया, मलेशिया, मालद्वीव, ओमान, कतर, सऊदी अरब, साउथ अफ्रीका, सुडान देश भी शामिल है।

 

SIR: 22 साल में दोगुने हुए मतदाता… छंटनी के लिए प्री एसआईआर, यहां बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता; देखें आंकड़े.

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पिछले 22 साल में मतदाताओं की संख्या देहरादून जिले में आठ लाख से लगभग 16 लाख हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा मतदाता नगर निगम देहरादून में बढ़े हैं। इन बढ़े मतदाताओं की कुंडली खंगालने की तैयारी शुरू हो गई है।

फिलहाल बीएलओ ने प्री एसआईआर शुरू कर दिया है। 2003 की मतदाता सूची को इसका आधार बनाया जा रहा है। इसी महीने के अंत तक प्री एसआईआर पूरा करना है ताकि मुख्य एसआईआर के आदेश आएं और उस काम को पूरी गुणवत्ता और समयसीमा में पूरा किया जा सके।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) देश के 12 राज्यों में चल रहा है और जल्द ही उत्तराखंड में भी शुरू होने वाला है। इसी कड़ी में प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान-
बीएलओ प्री एसआईआर के तहत घर-घर जाकर रोजाना 30 मतदाताओं का मिलान कर रहे हैं। मुख्य एसआईआर में राजनीतिक दलों के एजेंटों को भरोसे में लेने के साथ ही उनकी मदद ली जाएगी ताकि एसआईआर निष्पक्ष हो और किसी प्रकार के आरोप न लगें।
वर्तमान मतदाता सूची के साथ होगा मिलान-
सुपरवाइजर से लेकर बीएलओ कार्य में जुट गए हैं। बीएलओ की ओर से 2003 और 2005 की मतदाता सूची के बीच नामों में अंतर को खोजा जाएगा और उसके कारण की समीक्षा की जाएगी। वर्तमान मतदाता सूची के साथ मिलान भी किया जाएगा।
दून में बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता-
जिले में सबसे ज्यादा विस्तार देहरादून नगर निगम का हुआ। 2003 में यहां मात्र 45 वार्ड थे। अनुमानित मतदाताओं की संख्या उस समय करीब दो-ढाई लाख रही। उसके बाद शहर का तेजी से विकास हुआ। 45 वार्ड से आज नगर निगम 100 वार्ड तक पहुंच गया।
पूरे जिले में आज करीब 15.56 लाख के करीब मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाता 8.9 लाख और महिला मतदाता 7.47 लाख के करीब हैं। अकेले देहरादून शहर में मतदाताओं की संख्या 7.71 लाख से ज्यादा है।
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2018 नगर निगम के चुनाव के बाद से ही कुल मतदाताओं में देहरादून शहर में 22 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हुई। ऐसे में 2003 के सापेक्ष मतदाताओं की संख्या यहां तीन गुना से ज्यादा बढ़ी।

देहरादून में प्री एसआईआर चल रहा है। अभी मुख्य एसआईआर शुरू नहीं हुआ और न ही इसकी तिथि आई है। प्री एसआईआर के तहत प्रति बीएलओ को रोजाना 30 मतदाताओं के घर जाना है। दिसंबर के अंत तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। – अभिनव शाह, सीडीओ