Author: Manisha Rana

Woman’s Day: राज्यपाल ने महिलाओं को किया सम्मानित, मंत्री रेखा आर्य ने कहा- घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तीकरण.

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजभवन स्थित लोक भवन में महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान एवं ‘मेरी पहचान–2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह  और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने पिछले एक दशक में बहुत तेजी से प्रगति की है और 2047 के विकसित भारत में यहां की महिलाएं बड़ा योगदान करेंगी।

इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने वात्सल्य योजना लागू की है। अनाथ किशोर-किशोरियों को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

Uttarakhand: हरिद्वार में दिखेगी नए कानूनों की सरलता, धामी सरकार की सफलता की झलक, गृह मंत्री शाह करेंगे मुआयना.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सात मार्च को होने वाले हरिद्वार दौरे के दौरान देश के तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें युवाओं को इन कानूनों की जानकारी दी जाएगी, साथ ही पुष्कर सिंह धामी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर सरकार की प्रमुख उपलब्धियों की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।

गृह मंत्री शाह के हरिद्वार दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं। भाजपा डेढ़ लाख से अधिक कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा कर रहा है तो वहीं सरकारी विभाग के अधिकारी केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की झलक दिखाने की तैयारी में हैं। सात से नौ मार्च तक न्याय संहिता विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी बैरागी कैंप में हो रही है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) प्रमुख तौर पर दिखेंगी।

राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर-

प्रदर्शनी में नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं को सरल और प्रभावी माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें समयबद्ध जांच एवं आरोप-पत्र की अनिवार्यता, शून्य प्राथमिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य विधि-विज्ञान जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान, संगठित अपराध, साइबर अपराध एवं आतंकवाद से संबंधित स्पष्ट दंड प्रावधान, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा संपत्ति की शीघ्र वापसी की व्यवस्था को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर उपलिब्धयों की झलक भी नजर आएगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की सफल योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनसभा को संबोधित करेंगे।

EXAM: उत्तराखंड बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाएं होंगी कल से शुरु,परीक्षा केंद्रों के आधार पर सेक्टर बनाने के आदेश.

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उत्तराखंड बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाएं कल से शुरू हो रही है। परीक्षा में सुरक्षा और नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। शासन ने राजस्व अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाने का आदेश किया है। 21 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा 20 मार्च 2026 तक चलेगी। इसके लिए प्रदेश भर में 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 156 संवेदनशील और छह अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी किया है कि परीक्षा केंद्रों पर केंद्र व्यस्थापक और कक्ष निरीक्षकों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ करते हुए परीक्षाओं की पवित्रता को अक्षुण्ण रख सकें। इसके अलावा यह भी जरूरी है कि परीक्षा के लिए तैयार कराए गए प्रश्नपत्रों की गोपनीयता किसी भी स्थिति में भंग न हो। मुख्य सचिव ने आदेश में यह भी कहा कि अनुचित साधनों, प्रश्न पत्र की गोपनीयता भंग करने और हिंसक कृत्य जैसे अपराधों के खिलाफ कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए।

परीक्षा केंद्रों के आधार पर सेक्टर बनाने के आदेश-

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के आधार पर सेक्टर बनाने का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि परीक्षाएं सुचारु रूप से संपंन कराने के लिए परीक्षा केंद्रों को संख्या के आधार पर सेक्टरों में विभाजित करें। हर सेक्टर में परगानधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट व डिप्टी कलेक्टरों व अन्य समकक्ष अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाकर यह सुनिश्चित करें कि परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों का सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रभावी निरीक्षण करें। यह प्रयास किया जाए कि एक सेक्टर में 10-12 से अधिक केंद्र न हों। प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने सेक्टर के लिए उत्तरदायी होंगे। बोर्ड परीक्षा में किसी भी दशा में नकल और अनुचित साधन का प्रयोग न हो।

1261 केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थी देंगे परीक्षा-

उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर बनाए गए 1261 केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसमें हाईस्कूल में 112679 छात्र-छात्राओं में से 110573 संस्थागत और 2106 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। जबकि इंटरमीडिएट में 103442 परीक्षार्थियों में से 99345 संस्थागत और 4097 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं।

 

हरिद्वार जिले में सबसे अधिक चार अतिसंवेदनशील केंद्र-

प्रदेश में कुल छह अतिसंवेदनशील केंद्रों में से हरिद्वार जिले में सबसे अधिक चार अतिसंवेदनशील केंद्र हैं। जबकि एक केंद्र पिथौरागढ़ और एक अल्मोड़ा जिले में है। इसके अलावा इस बार 24 नए केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, 50 एकल केंद्र हैं।

सामूहिक नकल की सूचना पर उस पाली की परीक्षा होगी रद्द-

शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने जारी आदेश में कहा है कि किसी परीक्षा केंद्र में सामूहिक नकल की सूचना मिलने पर या संदेह होने पर प्रश्न पत्र बदल दिए जाएं या उस पाली की परीक्षा को रद्द कर दिया जाए। वहीं, परीक्षा को दूसरे केंद्र पर करवाया जाए। परीक्षा केंद्र में किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सेलुलर फोन, डिजिटल घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, इयर फोन, स्मार्ट फोन, पेजर या किस किसी तरह के संचार उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

परीक्षा केंद्रों की 100 गज की दूरी पर धारा 163 लागू-

परीक्षा केंद्रों की 100 गज की दूरी पर धारा 163 लागू की गई है। इस दायरे में पांच या अधिक लोग नहीं जुट सकेंगे। वहीं, हथियार लाने व लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।

प्रवेश पत्र भूल गए तो घबराएं नहीं, दूसरा मिलेगा-

बोर्ड परीक्षा के दौरान कोई परीक्षार्थी प्रवेश पत्र भूल गया या उसका प्रवेश पत्र खो गया तो घबराएं नहीं, केंद्र व्यवस्थापक को आदेश दिए गए हैं कि वे अनुक्रमांक सूची देकर एक प्रश्न पत्र या अधिकतम एक विषय में परीक्षा के लिए प्रवेश देंगे। अन्य विषयों की परीक्षा में शामिल होने के लिए स्कूल प्रधानाचार्य छात्र के लिए दूसरा प्रवेश पत्र जारी करेंगे।

 

रामनगर बोर्ड ने जारी किए परीक्षार्थियों के लिए आदेश-

उत्तराखंड बोर्ड की 21 फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा को लेकर रामनगर बोर्ड की ओर से परीक्षार्थियों के लिए आदेश जारी किया गया है। परीक्षार्थी अपना प्रवेश पत्र साथ लेकर आए, देर से आने या अनुपस्थित होने पर प्रश्न पत्र की तिथि और समय का पता न होने का बहाना नहीं चलेगा। प्रश्न पत्र मिलने से पहले उत्तर पुस्तिका के आवरण पृष्ठ में दिए खाने भरने के अलावा उस पृष्ठ के ऊपर या उत्तर पुस्तिका के भीतर कुछ न लिखें। ऐसा करने पर अनुचित साधन का प्रयोग किया जाना माना जाएगा। इसके अलावा उत्तर पुस्तिका के ऊपर या भीतर ओम या 786 न लिखा जाए। कोई ऐसी बात जिससे उसका नाम या धर्म प्रकट हो। परीक्षा केंद्र या उसके बाहर निरीक्षक, केंद्र व्यवस्थापक या परीक्षा से संबंधित किसी अन्य व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार पर परिषद परीक्षार्थी को परीक्षा से या आगामी परीक्षाओं से वंचित कर देगी।

 

प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए मिलेगा 15 मिनट का अतिरिक्त समय-

देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। बोर्ड ने आदेश जारी किया है कि परीक्षा में प्रश्न पत्र मिलते ही परीक्षार्थी को उसका शीर्षक ध्यान से पढ़कर यह देख लेना चाहिए कि उन्हें सही प्रश्न पत्र मिला है या नहीं। प्रश्न पत्र में कितने पृष्ठ हैं, पूरे हैं या नहीं। यदि पृष्ठ पूरे नहीं हैं तो उसे उसी समय निरीक्षक को वापस कर सही व पूरे प्रश्न वाला प्रश्न पत्र प्राप्त कर लेना चाहिए।

 

परीक्षार्थी यह बरते सावधानी-

रामनगर बोर्ड ने आदेश जारी किया है कि परीक्षार्थी हर दिन परीक्षा भवन में प्रश्न पत्र बंटने से पहले अपने डेस्क व अपनी तलाशी अवश्य ले। यदि कोई कागज या पुस्तक हो तो निरीक्षक को सूचित करते हुए उसे परीक्षा भवन से बाहर भिजवा दें। निरीक्षक को जांच में कोई कागज या पुस्तक मिलने पर यह माना जाएगा की परीक्षार्थी ने अनुचित साधन का प्रयोग का प्रयास किया है। ऐसे में बोर्ड की ओर से नियमानुसार परीक्षार्थी को दंडित किया जाएगा।

 

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए छह महीने के लिए हड़ताल पर रोक-

उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं को देखते हुए शासन ने छह महीने के लिए हड़ताल पर रोक लगाई है। शासन की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि विद्यालयी शिक्षा विभाग जिसमें उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद भी शामिल है। इनकी सभी श्रेणी की सेवाओं में तत्काल प्रभाव से हड़ताल पर रोक रहेगी।

 

प्रिय छात्र छात्राओं, उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू हो रही हैं। आप अपनी तैयारियों पर भरोसा रखें, शांत रहें और परिणाम की चिंता करने के बजाए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित करें। आपके वार्षिक कठिन परिश्रम का सकारात्मक परिणाम अवश्य प्राप्त होगा। मैं इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। -डॉ मुकुल कुमार सती, सभापति उत्तराखंड बोर्ड

Uttarkashi News: निर्माण के दौरान हो रहे विस्फोट से भटवाड़ी में 5 भवनों में आई दरारें, लोगों में दहशत.

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उत्तराकाशी जिले के भटवाड़ी विकासखंड मुख्यालय के ढुमक नामे तोक में तहसील भवन निर्माण के दौरान हो रहे विस्फोट से करीब पांच घरों में दरारें आ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और ठेकेदार को कहा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि आपदा के वर्षों बाद वह मुश्किल से अपना घर तैयार कर पाए हैं।

स्थानीय निवासी अभिषेक रमोला, सुनील नौटियाल, सूरज नौटियाल, जगन्नाथ प्रसाद, अंकित सेमवाल ने बताया कि वर्ष 2010 और 2012 व 2013 की आपदा के दौरान उनके भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे। उसके बाद शासन-प्रशासन की ओर से भटवाड़ी के ढुमक में पुर्नवास के तहत भूमि दी गई। आपदा प्रभावितों ने लंबी जद्दोजहद के बाद वहां पर अपने भवन तैयार किए। अब वहां पर चल रहे निर्माण कार्य से उन भवनों पर खतरा मंडरा रहा है।

अभिषेक रमोला ने बताया कि वहां पर तहसील भवन का निर्माण हो रहा है। जिसके लिए रात में चट्टान काटने के लिए विस्फोट किए जा रहे हैं। इससे पांच घरों और उनकी सुरक्षा दीवारों में दरारें आ गई हैं। विस्फोट के कंपन से लोगों में भय है। इस संबंध में कई बार पीडब्लूडी के अधिकारियों को कहा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि भवनों की सुरक्षा के लिए नियमानुसार कार्य करवाया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेंगे।

 

ठेकेदार को विस्फोट करने की अनुमति नहीं है। उन्हें चेतावनी भी दी गई है। आगे किसी भी प्रकार की नुकसान की भरपाई वह स्वयं करेंगे।– स्वराज चौहान, सहायक अभियंता, लोनिवि

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न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी का सिलसिला थम नहीं रहा है। नैनीताल और उत्तरकाशी की जिला कोर्ट के बाद अब देहरादून और हरिद्वार के जिला कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बुधवार तीसरे दिन देहरादून जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

जिला जज कार्यालय की ओर से इस आशय की सूचना पुलिस को दी गई है। पुलिस ने न्यायालय परिसर में चेकिंग बढ़ा दी है। संदिग्ध वस्तु मिलने या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देने पर इसकी सूचना पुलिस को देने को कहा गया है।

 

हरिद्वार पुलिस ने खंगाला परिसर-

हरिद्वार: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी के बाद पुलिस ने परिसर खंगाला। बम निरोधक दस्ता मुस्तैद रहा। जिला न्यायालय हरिद्वार की आधिकारिक ईमेल पर मंगलवार को एक धमकी भरा मेल आने से हड़कंप मच गया था।

न्यायालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक पत्र भी भेजा गया है। जिसके बाद आज सुबह से ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीमों ने जिला न्यायालय परिसर में डेरा डाल लिया। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह की मौजूदगी में संयुक्त टीम ने न्यायालय परिसर का कोना-कोना खंगाला और सघन चेकिंग अभियान चलाया।

बता दें कि दो दिनों में उत्तरकाशी, हरिद्वार, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। हालांकि धमकियों के बीच मंगलवार को उत्तराखंड बार काउंसिल के 23 सदस्यों के चुनाव शांतिपूर्ण हो चुके हैं।

सोमवार की सुबह नैनीताल व उत्तरकाशी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। वहीं मंगलवार को पिथौरागढ़, अल्मोड़ा व बागेश्वर जिले में भी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। इस बम थ्रेड के ईमेल को ढूंढने के लिए उत्तराखंड के चार जिले समेत उत्तर प्रदेश के 22 राज्यों की टीमें जुट गई हैं।

 

 

Uttarakhand Board: दो लाख से ज्यादा परीक्षार्थी होंगे परीक्षा में शामिल, नकल रोकने के लिए तीन स्तरों पर गठित होंगे सचल दल.

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प्रदेश में 21 फरवरी से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए तीन स्तरों राज्य, मंडल और जिलास्तर पर सचल दल गठित होंगे। 1261 परीक्षा केंद्रों पर दो लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक के मुताबिक उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा को लेकर विभाग की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के संस्थागत एवं व्यक्तिगत आवेदन पत्रों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर लिया गया है।

उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन के लिए 39 केंद्र बनाए गए हैं। जबकि मूल्यांकन के लिए 29 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 16 गढ़वाल और 13 कुमाऊं मंडल में हैं। हर मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी।

चंपावत जिले में सबसे कम 44 परीक्षा केंद्र-

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं के लिए 1261 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 50 एकल और 1211 मिश्रित केंद्र हैं। इन केंद्रों में 156 संवेदनशील और छह अति संवेदनशील हैं। जबकि 24 नए केंद्र हैं। इसमें टिहरी जिले में सबसे अधिक 136 और चंपावत जिले में सबसे कम 44 केंद्र बनाए गए हैं। उत्तराखंड बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं खत्म हो गई हैं। परीक्षाएं 16 जनवरी से शुरू होगा 15 फरवरी 2026 तक चली।

Uttarakhand Weather: कल से फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार.

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उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मंगलवार से फिर मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 17 फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में हल्की बारिश व बर्फबारी की संभावना है।

खासकर प्रदेश के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम का मिजाज 18 फरवरी को भी ऐसा ही रहेगा। इसके बाद 19 से 21 फरवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्वतीय इलाकों में बदलने वाले मौसम का बहुत अधिक असर तापमान में देखने को नहीं मिलेगा।

उधर रविवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक खिली चटक धूप ने गर्मी का अहसास कराया। आंकड़ों पर नजर डाले तो दिन में दून का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री इजाफे के साथ 26.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री बढ़ोतरी के साथ 11.2 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य इलाकों भी हाल कुछ ऐसा ही रहा।

उत्तराखंड में बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस की विशाल रैली, एक साथ जुटे पार्टी के दिग्गज नेता.

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कांग्रेस की प्रस्तावित रैली में भारी संख्या में भीड़ उमड़ी। लोकभवन घेराव कूच से पहले प्रदेश प्रभारी शैलजा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता एक साथ मंच पर दिखे। राज्यपाल आवास कूच के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रचार प्रसार सामग्री लगाई गई थी, लेकिन आज सुबह इन्हें हटा दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि सरकार आवाज दबाना चाहती है।

 

प्रदेश कांग्रेस कार्यकर्ता आज सोमवार को जन मुद्दों को लेकर लोकभवन का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन में प्रदेशभर से पार्टी नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ता प्रदेश में महिला अपराध, बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, जंगली जानवरों के हमले, पलायन, आपदा प्रभावितों को राहत व मुआवजा, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों को फसल का नुकसान होने पर मुआवजा न मिलने समेत अन्य मुद्दों पर लोकभवन का घेराव करने पहुंचे।

 

पार्टी के सभी नेता व कार्यकर्ता परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए, जहां से लोकभवन घेराव के लिए कूच करने निकले। रैली में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व सीएम हरीश रावत, कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ.हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता भाजपा सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।

 

 

कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के चलते पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है। प्रदेश युवा कांग्रेस प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव सुरभि द्विवेदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में अराजकता फैलाने व शांति भंग करने वालों के खिलाफ युवा कांग्रेस ढाल बनेगी। युवा कांग्रेस के मोहब्बत के सिपाही अराजक तत्वों से लोगों की सुरक्षा के लिए खड़े रहेंगे।

द्विवेदी ने कहा कि एक समय था जब देश दुनिया में देहरादून को सुरक्षित शहर के रूप में जाना जाता था लेकिन आज प्रदेश में अराजकता फैलाकर भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल जैसे संगठन धर्म के नाम पर हिंसा फैलाने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें सरकार का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा, बजरंग दल पंजीकृत संगठन नहीं है।

बजरंग बली के नाम पर गुंडागर्दी की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि बजरंग दल वास्तव में हिंदू रक्षक हैं, तो अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में न्याय के लिए आवाज क्यों नहीं उठाई?।

Uttarakhand: उत्तरायणी कौथिक महोत्सव में शामिल हुए CM धामी, कहा- उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति के संरक्षण में जुटी है सरकार।

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उत्तरायणी कौथिक महोत्स में लोक कलाकार सम्मनित

देहरादून-  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला प्रेमियों एवं बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोक संस्कृति को एक सूत्र में पिरोकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है।

महोत्सव के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सेवा संकल्प फाउंडेशन, संस्थापक गीता धामी तथा आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं तथा लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और कारीगरी को समझने का अवसर देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव तथा झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महोत्सव में लगे स्टॉलों के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और उत्तराखंडी व्यंजनों के प्रदर्शन की सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य हो रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाई है।

इसके अलावा स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

 

किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है और युवाओं को रोजगार देने में भी राज्य अग्रणी बना है। उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।

नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2023-24 में भी उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में राज्य को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।

 

राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। वर्ल्ड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवार्ड में भी राज्य को ‘वन टू वॉच’ सम्मान मिला है। मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2024 में राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला तथा अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन में ‘बेस्ट स्टेट फॉर प्रोमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम’ सम्मान प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। कोरोना काल में लगभग 3200 कलाकारों को आर्थिक सहायता दी गई तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोक कलाकारों को पेंशन दी जा रही है। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार लोक साहित्य के प्रकाशन, आर्ट गैलरी स्थापना तथा स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है।
सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि चार दिवसीय महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद और जीवनशैली को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे राज्य की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करता है और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास है।

 

उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य पूरा होगा।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, अनिल नौटियाल, भोपाल राम टम्टा, सुरेश गढ़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

Uttarakhand: देहरादून में सड़कों की खुदाई पर डीएम का सख्त एक्शन, 7 एजेंसियों के परमिट हुए रद।

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Dehradun: विकास के नाम पर सड़कों को बेतरतीब ढंग से खोदने और साइट पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी किए जाने पर जिलाधिकारी सविन बंसल का सब्र जवाब दे दिया। जिलाधिकारी बंसल की बार बार की हिदायत को नजरअंदाज किए जाने के बाद प्रशासन ने रोड में लगीं सात एजेंसियों की अनुमति रद्द कर दी है। अब ये एजेंसी फिलहाल आगे सड़कों की खोदाई नहीं कर पाएंगी।

 

दैनिक जागरण ने रविवार के अंक पर सड़कों पर मनमर्जी की खोदाई और उससे नागरिकों को होने वाली परेशानी पर विस्तृत खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया गया था कि निर्माण एजेंसियां सुधरने को तैयार नहीं हैं। जिलाधिकारी ने खबर का संज्ञान लेकर विभिन्न कार्यों के लिए अधिशासी अभियंता (उत्तर) जल संस्थान, अधीक्षण अभियंता पिटकुल, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम (कौलागढ़ रोड), यूयूएसडीए, अधिशासी अभियंता ऊर्जा निगम (दक्षिण), अधिशासी अभियंता जल संस्थान (दक्षिण) और स्मार्ट सिटी को दी गई सभी अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई।

 

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रशासन की क्यूआरटी ने समय समय पर निरीक्षण में पाया कि निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा मानकों का घोर अभाव है। इसके लिए लापरवाह एजेंसियों के विरुद्ध एफआइआर और दंडात्मक कार्रवाई की गई। जब इसके बाद भी सुधार नजर नहीं आया तो रोड कटिंग की अनुमति निरस्त करने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं था।

 

लोनिवि और राजमार्ग अधिकारी 10 दिन में सड़क करेंगे दुरुस्त-
रोड कटिंग की सभी अनुमति निरस्त किए जाने के साथ ही जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, नगर निगम और सड़क निर्माण से जुड़ी अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए कि वह 10 दिन के भीतर सड़कों को पूर्व की स्थिति में ले आएं। मरम्मत कार्य में किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।