Author: Manisha Rana

Forest Fire: उत्तराखंड में जलते जंगल, कुमाऊं के जंगलों में 26 जगह पर लगी आग; बेबस है विभाग।

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Election 2024: उत्तराखंड में हुआ कम मतदान, बहिष्कार के मामलों का सरकार ने लिया संज्ञान।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, कम मतदान और इसके बहिष्कार के मामलों का सरकार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने यह बात भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से वार्ता के दौरान कही। दावा किया कि कुल मतदान का 75 प्रतिशत मत भाजपा के पक्ष में हुआ। कम मतदान की एक वजह उन्होंने कांग्रेस की निराशा को बताया।

कहा, प्रतिस्पर्धा के अभाव में विपक्ष के समर्थक मतदान से दूर रहे। चुनाव के बाद पहली बार पार्टी मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब भट्ट ने कहा, देवभूमि ने दिल खोलकर मोदी के लिए मतदान किया है। हमेशा सक्रिय रहने वाले भाजपा के बूथ अध्यक्ष, पन्ना प्रमुख एवं शक्ति केंद्रों ने बेहतर कार्य करते हुए मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने के लिए कार्य किया है। सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने दिए गए दायित्व को जिम्मेदारी के साथ निभाया।

भट्ट ने कहा, वोट न देना किसी समस्या का समाधान नहीं है, क्योंकि इनमें अधिकतर जगह पर्यावरण, कानूनी, जियोग्राफिक एवं तकनीकी कारणों से सड़क एवं विकास कार्यों में गतिरोध आया है। सीएम ने इसका संज्ञान लिया है, जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कम मतदान को उन्होंने प्रतिस्पर्धा का अभाव बताया। कहा, विपक्ष विशेषकर कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही हार मान ली। कहा, इससे राज्य में प्रतिस्पर्धा का अभाव दिखाई दिया। यही वजह है कि लोग मतदान के लिए थोड़ा कम निकले।

विपक्ष के बस्ते तक नहीं दिखे-
मतदान केंद्रों के पास बड़ी संख्या में विपक्ष के बस्ते तक नहीं दिखे। कम मतदान का सबसे बड़ा कारण कांग्रेस समर्थकों की उदासीनता रही है। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, विधायक विनोद चमोली, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन आदि मौजूद रहे।

‘हारी हुई 23 विस सीटों में मत प्रतिशत बढ़ा’-

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, जहां-जहां प्रतिस्पर्धा नजर आई वहां वोट प्रतिशत बढ़ा। विधानसभा चुनाव में हारी हुई 23 सीटों पर प्रतिस्पर्धा नजर आई यही वजह रही यहां मत प्रतिशत अधिक रहा।

चुनाव आयोग को भी नए उपायों पर करना होगा विचार-

भट्ट ने कहा, भविष्य में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग के साथ सभी पार्टियों को प्रयास करना चाहिए। हमें मतदाताओं को जागरूक करना चाहिए। चुनाव आयोग को भी अपनी पद्धति में बदलाव की जरूरत है। बताया, उनके गांव में 334 में से 134 मतदाता थे, लेकिन उन सबके वोट देहरादून के बने हैं। वहीं, मतदान वाले दिन दो सौ से अधिक विवाह थे, इसके अलावा लगातार तीन दिन छुट्टियां थी।

 

Uttarakhand Board Result 2024: इस तारीख को होगा उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट जारी, जानिए पूरी डिटेल.

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उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद का परीक्षा फल 30 अप्रैल को जारी किया जाएगा। इस दिन अंक सुधार द्वितीय का परीक्षा फल भी जारी किया जाएगा।
 उत्तराखंड बोर्ड के सभागार में परीक्षाफल समिति की सुबह 10 बजे बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के सभापति महावीर सिंह बिष्ट ने की। सभापति ने बताया 30 अप्रैल को उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा फल जारी किया जाएगा। इस दिन अंक सुधार द्वितीय का परीक्षा फल भी जारी किया जाएगा। परीक्षाफल सुबह 11:30 बजे घोषित होगा। बैठक में सचिव वीपी सिमल्टी, अपर सचिव बीएम रावत आदि मौजूद रहे।

Uttarakhand: कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुईं पूर्व मंत्री हरक सिंह की बहू अनुकृति गुसाईं।

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उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत की पुत्रवधु अनुकृति गुसाईं ने आज भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। अनुकृति के साथ उनके कई समर्थकों ने भी भाजपा ज्वाइन की।

बता दें कि उन्होंने लोकसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। चुनाव प्रचार के दाैरान अनुकृति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का समर्थन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही देश विश्व की तीसरी महाशक्ति बन सकता है। मैंने हमेशा उत्तराखंड को विकसित राज्य बनने का सपना देखा। ये सपना मोदीजी के नेतृत्व में साकार हो सकता है। तब से कयास लगाए जा रहे थे कि वह जल्द ही भाजपा में शामि हो सकती हैं। वहीं, आज उन्होंने देहरादून में भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ली।

अनुकृति गुसाईं मिस इंडिया भी रह चुकी हैं। वह पहाड़ की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लंबे समय से काम कर रही हैं। अनुकृति पिछले विधानसभा चुनाव में लैंसडोन सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। उन्हें भाजपा के दिलीप रावत ने हराया था। इसके बाद से अनुकृति कांग्रेस में खास सक्रिय नजर नहीं आ रहीं थीं।

हल्द्वानी में बढ़ेगा पानी का संकट, बूंद-बूंद को तरस सकते हैं लोग, एक वजह ने किया सभी को परेशान.

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हल्द्वानी में गर्मी बढ़ने और गौला का जलस्तर कम होने का असर अब शहर में भी दिखने लगा है। गौला की पेयजल लाइन वाले कई इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। बारिश नहीं होने से गौला का जलस्तर 99 क्यूसेक पहुंच गया है, जबकि मार्च में बारिश होने के बाद जलस्तर 200 क्यूसेक पहुंच गया था। लगातार जलस्तर घटने से अब नहरों और फिल्टर प्लांट को पर्याप्त पानी नहीं मिल सकेगा।

दमुवाढूंगा, हिम्मतपुर भगवानपुर, इंदिरा नगर, नैनीताल रोड, बरेली रोड और लालडांठ के कई इलाकों में गौला की पेयजल लाइन से पानी मिलता है लेकिन गर्मी की शुरुआत होते ही इन लाइनों में प्रेशर कम होने लगा है। गौला से 35 एमएलडी पानी शीशमहल फिल्टर प्लांट को दिया जाता है, जबकि 100 क्यूसेक पानी की आवश्यकता हर रोज सिंचाई के लिए रहती है। जलस्तर कम होने पर रोस्टर के हिसाब से किसानों को पानी दिया जाता है। विभाग की मानें तो शहर को हर दिन 150 से 200 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है लेकिन अब गौला का जलस्तर 99 क्यूसेक रहने से फिल्टर प्लांट को पानी देने के बाद मात्र 84 क्यूसेक पानी गौला में भेजा जा रहा है, जिससे सिंचाई के लिए भी संकट पैदा होने लगा है।

गौला से हर रोज 35 एमएलडी पानी फिल्टर प्लांट को दिया जाता है। जिससे शहर में पेयजल की आपूर्ति होती है। बचे हुए पानी को सिंचाई विभाग आवश्यकता अनुसार नहराें के माध्यम से बांटता है। – नीरज तिवारी, सहायक अभियंता, जल संस्थान
नए कनेक्शन देने पर रोक-
जिले में अब नए भवन निर्माण के लिए जल संयोजन भी निर्माण कार्य को प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं नए संयोजनों को भी अगले आदेशों तक रोका गया है। जिला प्रशासन ने सर्विस सेंटरों में वाहनों की धुलाई और सर्विस कनेक्शन पर टुल्लू पंप के प्रयोग को प्रतिबंधित कर दिया है। जल संस्थान के एसई विशाल कुमार सक्सेना ने बताया कि जिला प्रशासन के आदेशों के तहत गर्मी के सीजन में नए कनेक्शनों पर रोक लगाई है।

Election 2024: चुनाव में उत्तराखंड में पोलिंग बूथों पर दिव्यांग और वृद्ध वोटरों की सहायता करेंगे 14 हजार से अधिक स्वयंसेवक. 

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प्रदेश में मतदान के दिन दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं की पोलिंग बूथों पर 14,032 स्वयंसेवक सहायता करेंगे। राज्य नोडल अधिकारी दिव्यांगजन गीताराम नौटियाल के मुताबिक, दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं की सहायता के उद्देश्य से राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर बूथ वार संसाधनों की मैपिंग की गई है।

बताया, 80,335 दिव्यांग और 85 से अधिक आयु के 65,150 वृद्ध मतदाताओं को चिह्नित किया गया है। राज्य नोडल अधिकारी ने बताया, मतदान के दिन मतदाताओं को अधिक से अधिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 1,344 व्हील चेयर, 1,623 डोलियां, 95 ब्लाइंड स्टिक का बूथवार मैप किया गया है। आवागमन के लिए 208 वाहन राज्यभर में तैनात किए जाएंगे।

बताया, राज्य में 51,100 दिव्यांगजनों ने सक्षम एप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड किया है। उन्होंने यह भी बताया, राज्य की हर विधानसभा में एक-एक दिव्यांग बूथ तैयार करने के साथ ही हर जिले में एक आदर्श दिव्यांग बूथ तैयार किया जा रहा है। जहां हेल्प डेस्क, रैंप, व्हील चेयर और सुविधा डेस्क बनाई जाएगी। इन बूथों को मतदाताओं के लिए आकर्षक बनाने का काम किया जा रहा है।

बताया, मतदान में अधिक भागीदारी के लिए जिलों में जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं। इसके अलावा बागेश्वर और चमोली जैसे दूरदराज के जिलों में दिव्यांग रथ के माध्यम से मतदान जागरूकता का काम किया जा रहा है।

 

Election 2024: उत्तराखंड में होटल और रेस्टोरेंट में ग्राहकों को मिलेगी 20 % की छूट, जानिए क्या है ये प्रस्ताव।

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अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि, प्रदेश में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए होटल एसोसिएशन ने 20 अप्रैल को होटल और रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को 20 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव दिया है। जल्द ही एसोसिएशन के साथ वार्ता करने के बाद मानकों के अनुसार इसकी जानकारी जारी की जाएगी।

 सचिवालय में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जोगदंडे ने बताया, राज्य में मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए विभिन्न संगठनों का सहयोग किया जा रहा है। उत्तराखंड होटल एसोसिएशन ने आग्रह किया कि मतदाताओं को मतदान के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ग्राहकों को 20 प्रतिशत छूट दिया जाएगा। मतदान के बाद 20 अप्रैल को होटल व रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को इस छूट का लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा, इस प्रस्ताव पर एसोसिएशन के साथ वार्ता होगी। मानकों के अनुरूप इस पर निर्णय लिया जाएगा। बताया, चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में मेडिकल इमरजेंसी के लिए राज्य में दो हेलीकॉप्टर तैनात किए जाएंगे। मतदान दलों के प्रस्थान से लेकर मतदान दलों की वापसी तक ये हेलिकॉप्टर उपलब्ध रहेंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति में इनका प्रयोग किया जा सकता है।

बताया, इसके अलावा मतदान से 48 घंटे पूर्व और मतदान समाप्ति तक ड्राई डे घोषित रहेगा। बताया, उत्तराखंड की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के उन जिलों में जहां 19 अप्रैल को मतदान होना है। उन क्षेत्रों में 17 अप्रैल को शाम पांच बजे से लेकर 19 अप्रैल को शाम छह बजे तक ड्राई डे प्रभावी रहेगा। सात मई को उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में मतदान के चलते पांच मई को शाम छह बजे से सात मई शाम छह बजे तक ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में ड्राई डे प्रभावी रहेगा।

इसके अलावा हरियाणा में 25 मई को होने वाले मतदान को देखते हुए 23 मई को शाम छह बजे से 25 मई को शाम छह बजे तक और हिमाचल प्रदेश में एक जून को होने वाले मतदान के चलते 30 मई को शाम छह बजे से एक जून 2024 को शाम छह बजे तक देहरादून के क्षेत्र में ड्राई डे प्रभावी रहेगा। अन्य राज्यों में कई चरणों में होने वाले मतदान के दौरान उनकी सीमा से उत्तराखंड के जो जनपद लगे हैं, उन जनपदों कि किमी की परिधि के भीतर ड्राई डे प्रभावी होगा।

Uttarakhand: कांग्रेस को गंगवार दंपति ने दिया झटका, 4 बार जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा, अब दे दिया इस्तीफा।

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उत्तराखंड में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। रुदपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार और उनके पति ओबीसी विंग के राष्ट्रीय सह समन्वयक सुरेश गंगवार ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी पर उपेक्षा का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। पार्टी प्रत्याशी प्रकाश जोशी के उनके क्षेत्र में रोड शो करने के बावजूद उनको ना सूचना दी गई और ना ही बुलाया गया। प्रत्याशी के नामांकन में भी उनको नहीं बुलाया गया। गंगवार परिवार का चार बार से जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रेनू और सुरेश गंगवार भाजपा से कांग्रेस में आए थे। सुरेश गंगवार ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष करन माहरा को इस्तीफा भेज दिया गया है।

 

 

Lok Sabha Election: राजनीति में अब भी बेटियां पराया धन, जानिए उत्तराखंड की राजनीति में क्या है बेटियों की तस्वीर।

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लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक पार्टियां महिलाओं के अधिक से अधिक वोट लेने को जितने बेताब दिख रहे हैं, उनकी वैसी इच्छा या बेताबी उन्हें टिकट देने में नहीं दिखाई देती है। उत्तराखंड राज्य में कुल मतदाताओं में 48 फीसदी महिला वोटर्स हैं, जो किसी को भी हराने या जिताने का पूरा दमखम रखती हैं, लेकिन राज्य की सभी पांच लोकसभा सीटों पर 55 प्रत्याशियों में से केवल चार ही महिलाएं हैं।

साफ है कि राज्य की महिलाओं को सही मायने में अभी तक अपना हक नहीं मिल पाया है। राज्य की 40 लाख से अधिक महिला मतदाताओं को शायद अभी और इंतजार करना होगा। जहां तक राज्य की महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता का मसला है तो यह देखा गया है कि पुरुष मतदाताओं की तरह राज्य की महिलाएं भी मतदान करने के प्रति काफी सजग रही हैं।

सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े आंदोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। इस कारण वे राजनीतिक मुद्दों की भी समझ रखती हैं। राज्य की 50 फीसदी पंचायतों का प्रतिनिधित्व महिलाओं के हाथों में है और वे कुशलतापूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन कर रहीं हैं। लेकिन विधायिका के मोर्चे पर अपनी क्षमताओं और योग्यता के मामले में अभी वे राजनीतिक दलों में भरोसा नहीं बना पाई हैं। यही कारण है कि महिलाओं को बराबरी का हक देने का नारा बुलंद करने वाले राजनीतिक दल भी उन्हें प्रत्याशी बनाने से हिचक रहे हैं। इसकी तस्दीक लोकसभा सीटों पर उतरे प्रत्याशियों से हो रही है।

अब तक तीन महिलाएं ही पहुंचीं लोकसभा-
आपको बता दें कि पहले लोकसभा चुनाव में टिहरी संसदीय सीट से कमलेन्दुमति शाह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीतने में सफल रहीं। इसके बाद नैनीताल सीट से ईला पंत और फिर राज्य गठन के बाद महज एक महिला माला राज्यलक्ष्मी शाह संसद पहुंच पाईं। सालों बाद भी महिलाओं को लोकसभा या राज्य विधानसभा में उनकी आबादी के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया।

राजनीतिक दलों ने किया परहेज-
उत्तराखंड में महिला उम्मीदवारों पर दांव लगाने में प्रमुख दलों ने परहेज किया है। हालांकि महिला अधिकार, सशक्तिकरण और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की बात जोरों से की जाती है लेकिन जब चुनाव मैदान में उतारने की बात आती है तो राजनीतिक दलों की प्राथमिकता बदल जाती है। केवल टिहरी लोकसभा सीट इसका अपवाद है, जहां से प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा ने माला राज्यलक्ष्मी शाह पर दांव खेला है।  गढ़वाल सीट से पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने सुरेशी देवी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया ने  रेशमा और अल्मोड़ा  से उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने किरण आर्य को मैदान में उतारा है।

 

Election 2024: महिलाओं के लिए सालाना 1 लाख रुपये, नौकरी की भी गारंटी, कर्जमाफी, MSP पर कानून… कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र।

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