प्रदेश के आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दिल्ली के कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन बच्चों की मौत के मामले का संज्ञान लेकर उत्तराखंड में कोचिंग सेंटर के लिए निर्देश जारी किए हैं। मंत्री डॉ अग्रवाल ने अपर सचिव आवास अतर सिंह और एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी से दूरभाष पर निर्देश दिए हैं।
प्रदेशभर में मंगलवार को भी कई दौर की तेज बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में भारी से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, अन्य जिलों में भी तेज गर्जन के साथ कई दौर की तेज बारिश होने की संभावना है।
बारिश से राज्य में 131 मार्ग हुए प्रभावित-
रुद्रप्रयाग में आठ, पौड़ी में 11, टिहरी में नौ, नैनीताल में तीन, चंपावत में सात ग्रामीण मोटर मार्ग और अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर में एक राज्य मार्ग और एक ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं। वहीं, टिहरी बांध का जलस्तर 791.91 मीटर (अधिकतम 830 मीटर) है।
केरल के वायनाड जिले में मेप्पाडी के पास पहाड़ी इलाकों में ऊंचाई पर स्थित गांवों में मंगलवार को बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं के बाद तबाह हुए मकान, उफनती नदियां और उखड़े हुए पेड़ों के दृश्य दिखाई दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, गृह मंत्री अमित शाह ने भूस्खलन में फंसे लोगों को लेकर चिंता जाहिर की है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण अबतक 45 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 70 घायल हुए हैं। वहीं सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है। स्थानीय आपदा मोचन बल के जवान राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं। बारिश के कारण कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए रोडमैप तैयार किया जाए: राहुल गांधी
केरल के वायनाड में जबरदस्त बारिश की वजह से आई भूस्खलन की वजह से 45 लोगों की मौत हो चुकी है। भूस्खलन को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा,”आज सुबह-सुबह वायनाड में कई विनाशकारी भूस्खलन हुए। मुंडक्कई गांव का संपर्क टूट गया है और त्रासदी के पैमाने के कारण लोगों की जान और व्यापक क्षति का आकलन अभी किया जाना बाकी है।”
राहुल गांधी ने आगे कहा,”मैंने रक्षा मंत्री और केरल के मुख्यमंत्री से बात की है। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि बचाव और चिकित्सा देखभाल के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाए, मृतकों को तत्काल मुआवजा दिया जाए। वहीं,अगर मुआवजा बढ़ाया जा सकता है तो बढ़ाया जाए। महत्वपूर्ण परिवहन और संचार लाइनों को बहाल किया जाए, जल्द से जल्द राहत की व्यवस्था की जाए और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए रोडमैप तैयार किया जाए।”
भूस्खलन पर एनडीआरएफ के डीआईजी ने यह कहा-
केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन पर एनडीआरएफ के डीआईजी भारत भूषण वैद ने कहा, ‘हमारी टीम प्री-मानसून तैनाती के लिए वहां तैनात थी। हमारी दो टीमें रास्ते में हैं और उनके आज दोपहर तक वहां पहुंचने की संभावना है। बारिश अभी भी जारी है।’
250 लोगों को बचाया गया-
वायनाड में हुए भूस्खलन पर केरल के मंत्री एम.बी. राजेश ने कहा, ‘अब तक 45 लोगों की मृत्यु हो चुकी है…विभिन्न एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हमने सेना से मदद मांगी है जो जल्द ही प्रभावित इलाकों में पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री इस अभियान पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। उन्होंने मंत्रियों की एक टीम वायनाड भेजी है… 250 लोगों को बचाया गया है और उन्हें अस्थायी आश्रय शिविरों में भेजा गया है। हम फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकाल रहे हैं। बचाव अभियान के लिए सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।’
उत्तराखंड से आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ान शुरू होगी। इसको लेकर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) से तैयारी शुरू कर दी है. सिंगापुर, दुबई, कोलंबो, कुआलालंपुर और बैंकॉक के लिए सीधी हवाई सेवा संचालित होने से पर्यटन के साथ औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की चल रही कवायद-
यूकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि बड़े विमान के लिए रनवे की कमी को पूरा करने के लिए जो अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है उसके लिए देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की कवायद तो चल रही है।
यूकाडा की एविएशन कंपनियों के साथ होनी है बैठक-
उन्होंने बताया कि वैश्विक निवेशक सम्मेलन के रोड शो के दौरान दुबई और सिंगापुर के निवेशों ने उत्तराखंड से एयर कनेक्टिविटी पर जोर दिया था। इसका संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने सिंगापुर दुबई कोलबो, बैकाक और कुलालालंपुर के लिए हवाई सेवा शुरू करने की कवायद शुरू की है। इसके लिए यूकाडा की पांच अगस्त को एविएशन कंपनियों के साथ बैठक होनी है।
देश की पहली टनल पार्किंग उत्तरकाशी के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बनने जा रही है। प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को दोनों पार्किंग की डीपीआर तैयार करने का जिम्मा सौंपा है।
एनएचआईडीसीएल ने गंगोत्री में पार्किंग के लिए भूमि का चयन भी कर लिया है। वहीं, यमुनोत्री धाम के लिए दो स्थानों पर सर्वे चल रहा है। चारधाम यात्रा सहित सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दो टनल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने शासन को भेजा था।
बर्फबारी के दौरान सेना भी टनल पार्किंग का कर सकेगी प्रयोग
शासन ने इसे आगे बढ़ाते हुए दोनों टनल पार्किंग के निर्माण की डीपीआर तैयार करने और एनओसी संबंधित प्रक्रिया के लिए एनएचआईडीसीएल को 77 लाख रुपये की धनराशि भी अवमुक्त की है।एनएचआईडीसीएल ने गंगोत्री में टनल पार्किंग के लिए धाम से करीब चार किमी पहले भूमि का चयन किया है।
वहीं, यमुनोत्री धाम में दो स्थानों पर जगह के लिए सर्वे किया जा रहा है। गंगोत्री धाम में प्रस्तावित पार्किंग इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि चारधाम यात्रा में तो यह उपयोगी साबित होगी ही, साथ ही भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बर्फबारी के दौरान सेना भी इस टनल पार्किंग का प्रयोग कर सकेगी।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बिशनपुर, नेताला और सैंज के पास अवरुद्ध हो गया है और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डबरकोट में अवरुद्ध है। सड़क साफ करने का काम जारी है। उत्तराखंड पुलिस ने लोगों ने धैर्य रखने और जल्दबाजी न करने की अपील की है। कहा कि कोई जोखिम न लें और सुरक्षित रहें।
भारी बारिश के चलते प्रदेश में कई जगह पर जलभराव से बुरी स्थिति हो गई है। जौलीग्रांट भानियावाला- ऋषिकेश मुख्य मार्ग पर स्थित भानियावाला मुख्य बाजार में थानो वन रेंज के बरसाती नाले का पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालात हो गए। जिस कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों को आवाजाही करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नगर पालिका डोईवाला की टीम मौके पर पहुंची और पानी निकासी की व्यवस्था करने की कोशिश की। उधर देहरादून एयरपोर्ट के बरसाती नाले के उफान से चोरपुलिया के पास अठुरवाला में कई घरों में पानी घुस गया। स्थानीय निवासी पुष्कर सिंह ने कहा कि सुबह तड़के से ही क्षेत्र में जोरदार बारिश हो रही है। जिस कारण एयरपोर्ट के नाले में बाढ़ आने के कारण एयरपोर्ट द्वारा पिछला गेट खोल दिया गया। इससे बरसात का पानी चोरपुलिया की तरफ अठुरवाला के कई घरों में घुस गया। वहीं गढ़वाली मोहल्ले जौलीग्रांट में भी ऐसा ही हाल है।
देहरादून मोहिनी रोड पर नदी का पानी पुल के ऊपर से आ गया। दूसरी तरफ नारायणबगड़ में बारिश के कारण थराली के सुनला में ग्वालदम हाईवे तीन घंटे बंद रहा। यहां मलबा गिरने का सिलसिला अभी भी जारी है।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर चमोली और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में भी कई दौर की तेज बारिश होने के आसार हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के मानसून सत्र के दौरान बजट पेश किया। खास बात यह है कि वित्त मंत्री ने सातवीं बार बजट पेश किया है। इस बजट में कई बातों का जिक्र किया गया। इस बीच ‘एनपीएस-वात्सल्य’ योजना की भी घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने कहा, ‘एनपीएस-वात्सल्य के रूप में नाबालिग बच्चों के लिए माता-पिता और अभिभावकों द्वारा योगदान की एक योजना शुरू की जाएगी। नाबालिग के वयस्क होने पर योजना को निर्बाध रूप से सामान्य एनपीएस खाते में परिवर्तित किया जा सकता है।’
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस), केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक मददगार पेंशन योजना है। एनपीएस की मदद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी एक निश्चित आमदनी आपके खाते में आती है। इस योजना के तहत आपको लंबी अवधि तक निवेश करना होता है। अब आप इस योजना के तहत अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर भी निवेश कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने इस अतिरिक्त योजना को ‘एनपीएस-वात्सल्य’ नाम दिया है। केंद्रीय वि्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान इस योजना की घोषणा की।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि एनपीएस-वात्सल्य योजना के तहत माता-पिता अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर निवेश कर सकेंगे। इसके बाद जब बच्चा वयस्क हो जाए, तो माता-पिता इस योजना को एनपीएस में परिवर्तित कर सकते हैं। बच्चों के उज्जवल भविष्य को तैयार करने में एनपीएस-वात्सल्य योजना काफी मददगार साबित होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारम मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का आम बजट पेश कर रही हैं। इस बजट में उन्होंने पहली बार नौकरी पाने वालों को तोहफा दिया है। सीतारमण ने कहा कि संगठित क्षेत्र में पहली बार नौकरी की शुरुआत करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह वेतन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफ (डीबीटी) के जरिए तीन किस्तों में जारी होगा।
सीतारमण ने कहा, “रोजगार और कौशल विकास सरकार की नौ प्राथमिकताओं में से एक है। इसके तहत पहली बार नौकरी करने वालों को बड़ी मदद मिलने जा रही है। संगठित क्षेत्र में पहली बार नौकरी की शुरुआत करने वालों को एक महीने का वेतन दिया जाएगा। यह वेतन डीबीटी के जरिए तीन किस्तों में जारी होगा। इसकी अधिकतम राशि 15 हजार रुपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार से जुड़ी तीन योजनाएं शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि एक महीने का पीएफ (भविष्य निधि) योगदान प्रदान करके नौकरी बाजार में प्रवेश करने वाले 30 लाख युवाओं को प्रोत्साहन प्रदान करेगी। उन्होंने घोषणा की कि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए देश में कामकाजी महिला छात्रावास स्थापित किए जाएंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार एक करोड़ युवाओं को अगले पांच साल में टॉप-500 कंपनियों में इंटर्नशिप का मौका देगी। यह इंटर्नशिप 12 महीने की होगी। इसमें युवाओं को कारोबार के वास्तविक माहौल को जानने और अलग-अलग पेशे की चुनौतियों से रूबरू होने का मौका मिलेगा। इसके तहत युवाओं को हर महीने पांच हजार रुपये का भत्ता भी दिया जाएगा। यही नहीं, उन्हें एकमुश्त मदद के रूप में छह हजार रुपये दिए जाएंगे। कंपनियों को अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत प्रशिक्षण का खर्च और इंटर्नशिप की 10 फीसदी लागत को वहन करना होगा।
4. 1000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा-
उन्होंने कहा, मुझे कौशल विकास और राज्य सरकारों व उद्योग जगत के साथ सहयोग के लिए प्रधानमंत्री पैकेज के तहत चौथी योजना के तौर पर केंद्र की नई प्रस्तावित योजना की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। पांच साल की अवधि में 20 लाख युवाओं को कुशल बनाया जाएगा। एक हजार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को हब में अपग्रेड किया जाएगा।
5. जलवायु के अनुकूल बीज विकसित करने के लिए धन मुहैया करेगी सरकार-
सीतारमण ने कहा कि सरकार जलवायु के अनुकूल बीज विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र और उससे जुड़े विशेषज्ञों व अन्य को धन मुहैया कराएगी।
6. मनरेगा में परिवार के एक सदस्य को कम से कम 100 दिन का रोजगार-
उन्होंने आगे कहा, पहले मौजूद मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी) योजना में प्रत्येक उस परिवार के कम से कम एक व्यक्ति को 100 दिनों का रोजगार प्रदान किया जाएगा, जिसके वयस्क सदस्य शारीरिक काम चाहते हैं।
NEET UG Result 2024: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आज दोपहर 12 बजे तक neet.ntaonline.in. पर नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG 2024) के लिए शहर और केंद्रवार नतीजे जारी करेगा।
इस मामले की सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को छात्रों की पहचान छिपाते हुए आधिकारिक वेबसाइट पर अलग से (NEET UG) के नतीजे प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद एनटीए द्वारा ग्रेस मार्क्स दिए गए।
परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि परीक्षा को फिर से यानी नए सिरे से आयोजित करने के किसी भी आदेश का ठोस निष्कर्ष यह होना चाहिए कि पूरी प्रक्रिया की पवित्रता प्रभावित हुई है।
दिन भर चली सुनवाई के दौरान पीठ ने उम्मीदवारों के वकील से परीक्षा आयोजित करने में व्यापक अनियमितताओं के बारे में अपना दावा साबित करने के लिए कहा।
नीट का रिजल्ट आमतौर पर ऑनलाइन जारी किया जाता है। यह रिजल्ट एनटीए की एक ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होता है, जहां छात्र अपने रोल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी का उपयोग करके अपना परिणाम देख सकते हैं।
बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश की सियासत में किसी बड़े बदलाव’ को लेकर खूब चर्चाएं हो रही हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद बीते तकरीबन 12 घंटे से उत्तर प्रदेश की सियासत में भारी फेरबदल की बात हो रही है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों की मानें, तो उत्तर प्रदेश के संगठन और सरकार में कुछ बदलाव तो होने तय हैं।
उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद से हार के कारणों पर चर्चा हो रही है। इन्हीं चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश में बड़े फेरबदल की बात की जा रही थी। लगातार उत्तर प्रदेश के बड़े नेता मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में थे। लेकिन बीते 12 घंटे के भीतर जिस तरीके से उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मची है, उसे लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि भाजपा सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में शुरुआती दौर में जो बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, उसमें मंत्रिमंडल का विस्तार महत्वपूर्ण है। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ संगठन में फेरबदल की बातचीत हुई है। सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल में फेरबदल या बदलाव की जो भूमिका बनाई गई है, उसमें जातिगत समीकरणों और जहां पर पार्टी चुनाव हारी है उसका पूरा सियासी खाकर खींचा गया है।
सूत्रों के मुताबिक जिन इलाकों में लोकसभा सीटें भारतीय जनता पार्टी हारी है, उन इलाकों से अगर राज्य सरकार में प्रतिनिधित्व नहीं है, तो वहां से सियासी समीकरणों के आधार पर जिम्मेदारी देने की चर्चा हुई है। सूत्रों का कहना है कि बीते कुछ दिनों में जो चर्चाएं हुई हैं, उसमें यह निष्कर्ष निकला है कि अगर जातिगत समीकरणों के आधार पर सभी सियासी दांव-पेंच दुरुस्त कर लिए जाएं, तो आने वाले चुनाव के नतीजे बेहतर होंगे। भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों की मुताबिक उपचुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में न सिर्फ मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार हो सकता है। बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी कुछ बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि उत्तर प्रदेश में होने वाले संगठनात्मक और सरकार के बदलाव में पिछड़ों और दलितों को और जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।









