Author: Manisha Rana

Election 2024: उत्तराखंड में होटल और रेस्टोरेंट में ग्राहकों को मिलेगी 20 % की छूट, जानिए क्या है ये प्रस्ताव।

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अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि, प्रदेश में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए होटल एसोसिएशन ने 20 अप्रैल को होटल और रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को 20 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव दिया है। जल्द ही एसोसिएशन के साथ वार्ता करने के बाद मानकों के अनुसार इसकी जानकारी जारी की जाएगी।

 सचिवालय में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जोगदंडे ने बताया, राज्य में मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए विभिन्न संगठनों का सहयोग किया जा रहा है। उत्तराखंड होटल एसोसिएशन ने आग्रह किया कि मतदाताओं को मतदान के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ग्राहकों को 20 प्रतिशत छूट दिया जाएगा। मतदान के बाद 20 अप्रैल को होटल व रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहकों को इस छूट का लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा, इस प्रस्ताव पर एसोसिएशन के साथ वार्ता होगी। मानकों के अनुरूप इस पर निर्णय लिया जाएगा। बताया, चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में मेडिकल इमरजेंसी के लिए राज्य में दो हेलीकॉप्टर तैनात किए जाएंगे। मतदान दलों के प्रस्थान से लेकर मतदान दलों की वापसी तक ये हेलिकॉप्टर उपलब्ध रहेंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति में इनका प्रयोग किया जा सकता है।

बताया, इसके अलावा मतदान से 48 घंटे पूर्व और मतदान समाप्ति तक ड्राई डे घोषित रहेगा। बताया, उत्तराखंड की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के उन जिलों में जहां 19 अप्रैल को मतदान होना है। उन क्षेत्रों में 17 अप्रैल को शाम पांच बजे से लेकर 19 अप्रैल को शाम छह बजे तक ड्राई डे प्रभावी रहेगा। सात मई को उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में मतदान के चलते पांच मई को शाम छह बजे से सात मई शाम छह बजे तक ऊधमसिंह नगर क्षेत्र में ड्राई डे प्रभावी रहेगा।

इसके अलावा हरियाणा में 25 मई को होने वाले मतदान को देखते हुए 23 मई को शाम छह बजे से 25 मई को शाम छह बजे तक और हिमाचल प्रदेश में एक जून को होने वाले मतदान के चलते 30 मई को शाम छह बजे से एक जून 2024 को शाम छह बजे तक देहरादून के क्षेत्र में ड्राई डे प्रभावी रहेगा। अन्य राज्यों में कई चरणों में होने वाले मतदान के दौरान उनकी सीमा से उत्तराखंड के जो जनपद लगे हैं, उन जनपदों कि किमी की परिधि के भीतर ड्राई डे प्रभावी होगा।

Uttarakhand: कांग्रेस को गंगवार दंपति ने दिया झटका, 4 बार जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा, अब दे दिया इस्तीफा।

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उत्तराखंड में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। रुदपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार और उनके पति ओबीसी विंग के राष्ट्रीय सह समन्वयक सुरेश गंगवार ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी पर उपेक्षा का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। पार्टी प्रत्याशी प्रकाश जोशी के उनके क्षेत्र में रोड शो करने के बावजूद उनको ना सूचना दी गई और ना ही बुलाया गया। प्रत्याशी के नामांकन में भी उनको नहीं बुलाया गया। गंगवार परिवार का चार बार से जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रेनू और सुरेश गंगवार भाजपा से कांग्रेस में आए थे। सुरेश गंगवार ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष करन माहरा को इस्तीफा भेज दिया गया है।

 

 

Lok Sabha Election: राजनीति में अब भी बेटियां पराया धन, जानिए उत्तराखंड की राजनीति में क्या है बेटियों की तस्वीर।

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लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक पार्टियां महिलाओं के अधिक से अधिक वोट लेने को जितने बेताब दिख रहे हैं, उनकी वैसी इच्छा या बेताबी उन्हें टिकट देने में नहीं दिखाई देती है। उत्तराखंड राज्य में कुल मतदाताओं में 48 फीसदी महिला वोटर्स हैं, जो किसी को भी हराने या जिताने का पूरा दमखम रखती हैं, लेकिन राज्य की सभी पांच लोकसभा सीटों पर 55 प्रत्याशियों में से केवल चार ही महिलाएं हैं।

साफ है कि राज्य की महिलाओं को सही मायने में अभी तक अपना हक नहीं मिल पाया है। राज्य की 40 लाख से अधिक महिला मतदाताओं को शायद अभी और इंतजार करना होगा। जहां तक राज्य की महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता का मसला है तो यह देखा गया है कि पुरुष मतदाताओं की तरह राज्य की महिलाएं भी मतदान करने के प्रति काफी सजग रही हैं।

सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े आंदोलनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। इस कारण वे राजनीतिक मुद्दों की भी समझ रखती हैं। राज्य की 50 फीसदी पंचायतों का प्रतिनिधित्व महिलाओं के हाथों में है और वे कुशलतापूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन कर रहीं हैं। लेकिन विधायिका के मोर्चे पर अपनी क्षमताओं और योग्यता के मामले में अभी वे राजनीतिक दलों में भरोसा नहीं बना पाई हैं। यही कारण है कि महिलाओं को बराबरी का हक देने का नारा बुलंद करने वाले राजनीतिक दल भी उन्हें प्रत्याशी बनाने से हिचक रहे हैं। इसकी तस्दीक लोकसभा सीटों पर उतरे प्रत्याशियों से हो रही है।

अब तक तीन महिलाएं ही पहुंचीं लोकसभा-
आपको बता दें कि पहले लोकसभा चुनाव में टिहरी संसदीय सीट से कमलेन्दुमति शाह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीतने में सफल रहीं। इसके बाद नैनीताल सीट से ईला पंत और फिर राज्य गठन के बाद महज एक महिला माला राज्यलक्ष्मी शाह संसद पहुंच पाईं। सालों बाद भी महिलाओं को लोकसभा या राज्य विधानसभा में उनकी आबादी के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया।

राजनीतिक दलों ने किया परहेज-
उत्तराखंड में महिला उम्मीदवारों पर दांव लगाने में प्रमुख दलों ने परहेज किया है। हालांकि महिला अधिकार, सशक्तिकरण और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की बात जोरों से की जाती है लेकिन जब चुनाव मैदान में उतारने की बात आती है तो राजनीतिक दलों की प्राथमिकता बदल जाती है। केवल टिहरी लोकसभा सीट इसका अपवाद है, जहां से प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा ने माला राज्यलक्ष्मी शाह पर दांव खेला है।  गढ़वाल सीट से पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने सुरेशी देवी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया ने  रेशमा और अल्मोड़ा  से उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने किरण आर्य को मैदान में उतारा है।

 

Election 2024: महिलाओं के लिए सालाना 1 लाख रुपये, नौकरी की भी गारंटी, कर्जमाफी, MSP पर कानून… कांग्रेस ने जारी किया घोषणापत्र।

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चंपावत में हादसा: 14 मकान और 3 जानवर जले, 2 मकानों में सो रहे थे चार लोग; 4 सिलिंडर फटने से बढ़ी आग.

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पाटी के रौलामेल ग्राम पंचायत के लड़ा गांव में आग लगने से दो मंजिला बाखली जलकर नष्ट हो गई। 14 मकानों की बाखली में लगी आग से लाखों का नुकसान हो गया। स्थानीय लोगों, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मकान के भीतर सो रहे चार लोगों और एक मवेशी को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला जबकि तीन मवेशियों की झुलसकर मौत हो गई। फिलहाल आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

जानकारी के अनुसार पाटी के रौलमेल ग्राम पंचायत के लड़ा गांव में बुधवार रात करीब 10:25 में अचानक आग लग गई। हवा चलने के कारण और मकान में लगी आग अगल-बगल सटे 14 और मकानों तक पहुंच गई। गांव के चंदन सिंह और भैरव दत्त ने आग की विकरालता को देखकर सूचना पुलिस और राजस्व विभाग की टीम को दी। मौके पर पहुंचे राजस्व विभाग, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने बचाव कार्य शुरू किया।

किसी तरह मकान के अंदर सो रहीं हीरा देवी, राधिका देवी, प्रीति और भुवन चंद्र को हो हल्ला कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद आग बुझाने का कार्य शुरू किया। पीड़ित परिवारों के कपड़े, बिस्तर, खाद्य सामग्री और कई जरूरी सामान जलकर नष्ट हो गया। राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश कुमार ने बताया कि आग लगने से सभी घरों में रखे सोने-चांदी के जेवरों और नकदी सहित 10 लाख से अधिक का नुकसान हो गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आगे बुझाने में तहसीलदार बलवंत सिंह खड़ायत, भीमा सिंह, एसआई देवेंद्र बिष्ट, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, प्रमोद भट्ट, मोहित मिश्रा, राजू कार्की आदि शामिल रहे। पीड़ित परिवारों ने गांव के अन्य घरों में शरण ले रखी है।

सिलिंडर फटने के बाद आग ने लिया भीषण रूप-
घटना के दौरान मकानों में रखे चार रसोई गैस सिलिंडर फटने के बाद आग ने भीषण रूप ले लिया। बद्रीदत्त के घर में एक और भुवन चंद्र के घर रखे दो सिलिंडरों जब फटे तो आग बुझा रहे लोग कुछ देर के लिए घटना स्थल से दूर भाग गए। गनीमत रही कि किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। गांव में बद्रीदत्त और भुवन चंद्र का परिवार रहता है। घटना के समय बद्रीदत्त के घर में उनकी बहू प्रीति और गांव की हीरा देवी सो रही थीं। बद्रीदत काम से खटीमा गए हुए थे जबकि भुवन चंद्र के मकान में उनकी मां राधिका देवी और वह खुद सोए हुए थे।

एक मकान की आग बुझाने के लिए भी नहीं था पानी-
स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकल वाहन में एक मकान की आग बुझाने के लिए भी पानी नहीं था। फायर ब्रिगेड का पानी जल्द खत्म हो गया। आसपास कोई स्रोत भी नहीं था कि जहां से पानी लाया जा सके। किसी तरह कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया गया। इस कारण सुबह होने तक आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि बृहस्पतिवार को भी मकानों से धुआं निकलने में था। फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में भी काफी समय लगा।

 

संजय सिंह की जमानत पर उनकी पत्नी अनीता बोलीं: हम लोग नहीं मनाएंगे जश्न, देश की जनता सब देख रही, जानिए ऐसा क्यों कहा.

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आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को आखिरकार दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में जमानत मिल गई। वह करीब पिछले छह महीनों से जेल में बंद थे। संजय सिंह को जमानत मिलने के बाद उनकी पत्नी अनीता सिंह का बयान चर्चा में है। उन्होंने कहा है कि हम सभी अभी खुशी नहीं मनाएंगे। आइए जानते हैं उन्होंने ऐसा क्यों कहा है।

अनीता सिंह से जब संजय सिंह के जेल से बाहर आने के बाद पूछा गया कि कितनी खुशी है तो उन्होंने कहा कि अभी खुशी हमारी अधूरी है। अभी हमारी लड़ाई बहुत लंबी है, क्योंकि हमारे तीन बड़े भाई, अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया अभी जेल में हैं। जब तक हमारे तीनों भाई जेल से बाहर नहीं आएंगे तब तक हमारी खुशी अधूरी है। साथ ही तब तक कोई जश्न नहीं मनाएंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। देश की जनता सब कुछ देख रही है।

बता दें कि जस्टिस संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने मंगलवार को छह महीने से जेल में बंद संजय सिंह को जमानत देने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि अगर आप नेता को मामले में जमानत दी जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने छह महीने से जेल में बंद संजय सिंह को रिहा करने का आदेश दिया।

Uttarakhand Board: 10वीं का परिणाम घोषित होने से पहले 11वीं में मिलेगा दाखिला, जानिए इस निर्णय के पीछे की क्या है वजह.

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उत्तराखंड बोर्ड का 10वीं और 12वीं का परीक्षा का परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ, लेकिन 10वीं की परीक्षा दे चुके हजारों छात्र-छात्राओं को परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले 11वीं कक्षा में दाखिला मिलेगा।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने इस संबंध में सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा के बाद इन दिनों छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम चल रहा है। विभाग की ओर से इसके लिए 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें 16 मूल्यांकन केंद्र गढ़वाल और 13 कुमाऊं मंडल में हैं।

 

30 अप्रैल को होगा बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित-

विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, 27 मार्च से शुरू हुआ मूल्यांकन का काम 10 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए 3574 शिक्षकों की डयूटी लगाई गई है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बाद 30 अप्रैल को बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित किया जाना है, जिसे घोषित होने में अभी समय है।

इस बीच छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए 10वीं की परीक्षा दे चुके छात्र-छात्राओं को परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले 11वीं में दाखिला दिया जाएगा। शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट के मुताबिक, 11वीं में दाखिले के बाद यदि कोई छात्र 10वीं में अधिकतम दो विषय में फेल होता है तो अंक सुधार परीक्षा के माध्यम से उसे पास होने का मौका दिया जाएगा।
पिछले साल 47 हजार से अधिक छात्र हुए थे फेल-

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में पिछले साल 47 हजार से अधिक छात्र फेल हो गए थे। इसमें 12वीं में 19 हजार और 10वीं में 28 हजार छात्र-छात्राएं शामिल थे।

छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए छात्रहित में निर्णय लिया गया कि 10वीं के छात्र-छात्राओं का रिजल्ट आने से पहले उन्हें 11वीं कक्षा में दाखिला दिया जाए। इस संबंध में सभी सीईओ को निर्देश जारी कर दिया गया है। –महावीर सिंह बिष्ट, निदेशक माध्यमिक शिक्षा

 

बिजली बिल शून्य करने के वादे से लेकर बुलेट ट्रेन और भ्रष्टाचार के मुद्दे तक, PM मोदी की भाषण की बड़ी बातें.

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उत्तराखंड के रुद्रपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा की। पीएम मोदी ने देसी अंदाज में हाल चाल लिया। पीएम मोदी ने कहा कि भीड़ को देखकर यह तय नहीं हो पा रहा कि यह प्रचार सभा या विजय रैली।

मैदान में बैठे लोगों को धूप लगने पर पीएम मोदी ने कहा कि भीड़ के लिए पंडाल छोटा पड़ गया है। जितने लोग अंदर बैठे हैं उससे ज्यादा लोग बाहर धूप में तप रहे हैं। हमारी व्यवस्था में कुछ कमी रही इसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं। आपको विश्वास दिलाता हूं कि धूप में तपने की आपकी तपस्या को बेकार नहीं जाने दूंगा। मैं इसे विकास कर करके लौटा दूंगा।

आपके प्यार के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं। कहा कि यह चुनावी सभा भी ऐसे क्षेत्र में हो रही है जिसे मिनी इंडिया कहा जाता है। कहा कि यह देवभूमि और मिनी इंडिया का ही आशीर्वाद है कि वह उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रति भाजपा का जो प्रेम जग जाहिर है।

हमें उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाकर सबसे आगे लेकर जाना है। इसके लिए केंद्र की भाजपा सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। पिछले दस वर्षों में जितना विकास उत्तराखंड का हुआ है उतना आजादी के बाद के 60-65 साल में भी नहीं हुआ।

 

दस साल में जितना विकास हुआ आज तक नहीं-

पीएम मोदी ने कहा कि हमें उत्तराखंड को विकसित बनाना है, केंद्र सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही। दस साल में जितना विकास हुआ आज तक नहीं हुआ। 12 लाख घरों को पानी कनेक्शन दिया। तीन लाख को स्वामित्व योजना का लाभ मिला। 35 लाख लोगों को बैंक खाते खोले गए। छोटे किसानों के खाते में किसान निधि दी। नियत सही होती है तो काम ऐसे ही होते हैं। नियत सही तो नतीजे भी सही।

पीएम मोदी ने कहा कि आज उत्तराखंड हर प्रकार की आधुनिक कनेक्टिविटी से जुड़ रहा है। भाजपा ने प्रदेश के गरीबों को 85000 घर बनाकर दिए हैं। 12 लाख घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाया है। इसके अलावा भाजपा सरकार ने साढे पांच लाख से ज्यादा शौचालयों का निर्माण कराया है। इसके अलावा यहां की पांच लाख से ज्यादा महिलाओं को उज्जवला गैस मुक्त कनेक्शन दिया गया है। करीब 3 लाख लोगों को स्वामित्व योजना के तहत उनकी प्रॉपर्टी के कार्ड दिए गए हैं।  उत्तराखंड के 35 लाख लोगों के पास पहले बैंक में खाता तक नहीं थे। भाजपा सरकार ने 35 लाख लोगों के बैंक खाते खुलवाए और उन्हें बैंकों से जोड़ा। कहा कि इतने सारे काम तब होते हैं जब नीयत सही होती है। इसलिए मैं कहता हूं नियत सही तो नतीजे भी।

मोदी की गारंटी ने उत्तराखंड के घर-घर में सुविधा पहुंचाई

पीएम ने कहा कि मोदी की गारंटी यानी पूरा होने की गारंटी है। मोदी की गारंटी ने उत्तराखंड के घर-घर में सुविधा पहुंचाई है, लोगों का स्वाभिमान बढ़ाया है। अब तीसरे टर्म में आपका ये बेटा एक और बड़ा काम करने जा रहा है। आपको 24 घंटे बिजली मिले, बिजली का बिल जीरो हो और बिजली से कमाई भी हो। इसके लिए मोदी ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ शुरू की है।

भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाने की गारंटी दी

पीएम ने कहा कि मोदी ने भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाने की गारंटी दी है। तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत का मतलब है, लोगों की कमाई बढ़ेगी। नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। गांव-शहर में सुविधा बढ़ेगी। इसका बड़ा फायदा उत्तराखंड को भी होगा।
उत्तराखंड की पवित्र धरती पर खुद को बहुत धन्य महसूस करता हूं

पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब भी उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आता हूं, खुद को बहुत धन्य महसूस करता हूं। इसलिए मेरे दिल की गहराई से एक बात निकली थी- देवभूमि के ध्यान से ही मैं सदा धन्य हो जाता हूं, है भाग्य मेरा सौभाग्य मेरा, मैं तुमको शीश नवाता हूं।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला-

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मां भारती के टुकड़े किए। उत्तराखंड वीर संतान को जन्म देती है, कांग्रेस ने तमिलनाडु के पास समुंद्र में द्वीप भारत का हिस्सा श्रीलंका को दिया। कोई मछुआरे जाता  है तो वो वाह जेल में है। लोगों से पूछा क्या कांग्रेस भारत की रक्षा कर सकती है, मोदी ने सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन दी। नियत सही तो नतीजे सही।

तीसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर तेज प्रहार होगा- PM

पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में दो खेमे हैं। हम लोग ईमानदारी दूसरी तरफ भ्रष्टाचारी, धमकी और गाली दे रहे हैं। हम कह रहे भ्रष्टाचार हटाओ, वो कह रहे भष्टाचारी बचाओ। मोदी देश की आवाज सुनता है। मोदी को कितनी गलियां और धमकी दी जाए, मैं डरने वाला नहीं। पीएम मोदी ने कहा कि तीसरे कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर तेज प्रहार होगा। आगे आना वाला पांच साल देश हित में बड़े फैसलों के होंगे।

 

अरविंद केजरीवाल को हाईकोर्ट से राहत, CM पद से हटाने की याचिका खारिज, जानिए HC ने क्या कहा.

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Arvind Kejriwal : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को पद के हटाने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत मिली है. जी हां, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि यह राजनीतिक मामला है, न्यायिक दखल की जरूरत नहीं है. ऐसे में हम आदेश नहीं दे सकते है. कोर्ट ने साथ ही कहा कि यह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में है इसलिए फैसला वहां से ही हो सकता है. कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी है कि वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के बाद एलजी इस पूरे मामले में दखल दे सकते है.  आपको बता दें कि कथित शराब घोटाला मामले में कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया था.

 

इसका अध्ययन सरकार की अन्य इकाइयों को कानून के अनुसार-

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुद्दे के गुण-दोषों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह न्यायिक हस्तक्षेप के दायरे से बाहर है. पीठ में न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा भी शामिल रहे. पीठ ने कहा, ‘‘इसका अध्ययन सरकार की अन्य इकाइयों को कानून के अनुसार करना है.’’ अदालत ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सुरजीत सिंह यादव के वकील से कहा कि केजरीवाल के मुख्यमंत्री बने रहने पर कानूनी बाधा बताएं.

‘कठिनाइयां हो सकती हैं लेकिन कानूनी बाधा कहां है’-

अदालत ने पूछा, ‘‘व्यावहारिक कठिनाइयां हो सकती हैं लेकिन वो अलग बात है. कानूनी बाधा कहां है?’’ आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल को आबकारी नीति बनाने से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. इसके बाद दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था.

वरुण गांधी का भावुक पत्र: मैं आपका था, हूं और रहूंगा,  पीलीभीत से अंतिम सांस तक खत्म नहीं होगा रिश्ता, पढ़िए क्या लिखा वरुण गांधी ने. 

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पीलीभीत से मेनका गांधी और उनके बेटे वरुण गांधी का पिछले 35 साल से चला आ रहा सियासी रिश्ता बुधवार को खत्म हो गया। 1989 के बाद यह पहली बार हुआ कि जब दोनों में से किसी ने भी पीलीभीत सीट से पर्चा नहीं भरा। भाजपा ने वरुण गांधी का टिकट काटकर यूपी के कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। पीलीभीत से सियासी रिश्ता टूटने पर वरुण गांधी ने भावुक पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि मेरा और पीलीभीत का रिश्ता प्रेम और विश्वास का है, जो राजनीतिक गुणा-भाग से बहुत ऊपर है।

वरुण गांधी ने पीलीभीत के लोगों को प्रणाम करते हुए लिखा, ‘मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे वर्षों पीलीभीत की महान जनता की सेवा करने का मौका मिला। महज एक सांसद के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के तौर भी मेरी परवरिश और मेरे विकास में पीलीभीत में मिले आदर्श, सरलता, और सहृदयता का बहुत बड़ा योगदान है। आपको प्रतिनिधि होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है और मैंने हमेशा अपनी पूरी क्षमता से आपके हितों के लिए आवाज उठाई है।’

बचपन की याद को किया साझा 
आज जब मैं यह पत्र लिख रहा हूं, तो अनगिनत यादों ने मुझे भावुक कर दिया है। उन्होंने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए लिखा, मुझे वो तीन साल का छोटा सा बच्चा याद आ रहा है, जो अपनी मां की अंगुली पकड़कर 1983 में पहली बार पीलीभीत आया था, उसे कहां पता था कि एक दिन यह धरती उसकी कर्मभूमि और यहां के लोग उसका परिवार बन जाएंगे।

भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े’- वरुण गांधी
पत्र में आगे लिखा कि एक सांसद के तौर पर मेरा कार्यकाल भले समाप्त हो रहा हो, पर पीलीभीत से मेरा रिश्ता अंतिम सांस तक खत्म नहीं हो सकता। मैं राजनीति में आम आदमी की आवाज उठाने आया था और आज आपसे यही आशीर्वाद मांगता हूं कि सदैव यह कार्य करता रहूं, भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े। उन्होंने पीलीभीत से अपने रिश्ते को सियासी गुणा-भाग से बहुत ऊपर बताया। अंत में लिखा- मैं आपका था, हूं और रहूंगा।

सवाल : संगठन में बड़ा पद या किसी दूसरी सीट से मिलेगा टिकट
वरुण गांधी की वजह से पीलीभीत प्रदेश में वीआईपी सीट बनी हुई है। 2009-2010 में वरुण भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। चर्चा है कि पार्टी वरुण को संगठन में कोई बड़ा पद दे सकती है। चर्चा यह भी है कि वरुण को अवध क्षेत्र की किसी वीआईपी सीट से उतारा जा सकता है। यह सब कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं कि वरुण ने टिकट कटने के बाद भी न तो भाजपा छोड़ी है और न ही ऐसा कोई संकेत दिया है।