महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवाड़ में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से चार बड़े नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए ये बहुत बड़ा झटका साबित हुआ है। माना जा रहा है कि चारों बड़े नेता इस हफ्ते के अंत में शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
जानिए कौन हैं वो 4 बड़े नेता जिन्होने इस्तीफा दिया-
सोमवार को इस्तीफा देने के बाद चारों नेता शरद पवार का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे। अजित ने कहा, ‘हम मिलकर कोई फैसला लेंगे। मेरे साथ राहुल भोसले, यश साने और पंकज भालेकर ने भी इस्तीफा दिया है। अगर आप पिंपरी चिंचवाड़ शहर को देखें तो इसका विकास बहुत अच्छे तरीके से हुआ और इसमें अजीत पवार का बहुत बड़ा योगदान रहा, लेकिन 2017 से भाजपा ने पीसीएमसी (पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम) पर कब्जा करना शुरू कर दिया और तब से विकास गलत तरीके से हो रहा है। अगर आप दूसरे विधानसभा क्षेत्र को देखें तो जिस तरह का विकास हुआ है, उससे पता चलता है कि यहां गलत चीजें हुई हैं। भ्रष्टाचार भी हुआ है। इसके लिए मौजूदा विधायक जिम्मेदार हैं।’-
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राकांपा की पिंपरी-चिंचवड यूनिट के प्रमुख-अजित गव्हाणे
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राहुल भोसले
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यश साने
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पंकज भालेकर
अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी से इस्तीफा देने के एक दिन बाद मंगलवार को एनसीपी की पिंपरी-चिंचवाड़ यूनिट के प्रमुख अजित गव्हाणे ने कहा, ‘मैंने कल इस्तीफा दे दिया, आज हम दूसरे विधानसभा क्षेत्र के सभी पूर्व पार्षदों के साथ बैठक करेंगे। उसके बाद हम अपनी आगामी रणनीति तय करेंगे।
शरद पवार से मिलेंगे चारों नेता –
सोमवार को इस्तीफा देने के बाद चारों नेता शरद पवार का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे। अजित ने कहा, ‘हम मिलकर कोई फैसला लेंगे। मेरे साथ राहुल भोसले, यश साने और पंकज भालेकर ने भी इस्तीफा दिया है। अगर आप पिंपरी चिंचवड शहर को देखें तो इसका विकास बहुत अच्छे तरीके से हुआ और इसमें अजीत पवार का बहुत बड़ा योगदान रहा, लेकिन 2017 से भाजपा ने पीसीएमसी (पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम) पर कब्जा करना शुरू कर दिया और तब से विकास गलत तरीके से हो रहा है। अगर आप दूसरे विधानसभा क्षेत्र को देखें तो जिस तरह का विकास हुआ है, उससे पता चलता है कि यहां गलत चीजें हुई हैं। भ्रष्टाचार भी हुआ है। इसके लिए मौजूदा विधायक जिम्मेदार हैं।’
यूपी डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था को दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। मामले में शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कतों को खत्म करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। ये जानकारी प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. एमकेएस सुंदरम ने दी। आपको बता दें कि मंगलवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के साथ बेसिक के शिक्षक संगठनों की वार्ता हुई। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
उत्तर प्रदेशीय में प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने बताया कि शासन ने फिलहाल डिजिटल अटेंडेंस स्थगित करने पर सहमति दी है। जल्द इसका आदेश जारी होगा। शिक्षकों की समस्या के समाधान और डिजिटल अटेंडेंस की दिक्कत के समाधान के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें शिक्षाविद, शिक्षक नेता और अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डा. एमकेएस सुंदरम, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा आदि अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने संवाद कर समाधान निकालने का दिया था निर्देश-
बडकोट में चारधाम बचाओ धामी हटाओ को लेकर यमुना के मायके खरशालीगांव स्थित यमुना मंदिर परिसर में पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल के नेतृत्व में नारेबाजी की गई। वहीं, बदरीनाथ धाम में भी ब्रह्म कपाल के तीर्थ पुरोहित और पंडा समाज के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया।
बता दें कि, दिल्ली में केदारनाथ धाम के प्रतीकात्मक निर्माण के विरोध में केदारनाथ में तीर्थपुरोहित, हक-हकूकधारी और अन्य लोगों का आंदोलन चल रहा है। प्रदर्शनकारी नारेबाजी के साथ-साथ जुलूस निकालकर धरना दे रहे है। तीर्थपुरोहितों ने दिल्ली में केदारनाथ धाम नाम से मंदिर का निर्माण बंद होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर धाम की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
ऊधमसिंह नगर जिले में शुरू हुई बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। बीते 24 घंटे में लगभग 63 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसमें सबसे कम रुद्रपुर में 22 मिमी तो सबसे अधिक 98 मिमी बारिश खटीमा में दर्ज की गई। लगातार बारिश से जिले में पारा साढ़े तीन डिग्री नीचे लुढ़क गया है। अनवरत बारिश से जिले में नदी-नाले उफान पर हैं। जलभराव के कारण खेतलसंडा खाम के 25 ग्रामीणों को राहत शिविर में रखा गया
मौसम विभाग ने नौ जुलाई तक पूरे कुमाऊं में रेल अलर्ट जारी कर रखा है। जिले में शनिवार की दोपहर से शुरू हुई बारिश लगातार रविवार की शाम तक होती रही। इससे जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त सा हो गया है, वहीं लगातार पारा के नीचे लुढ़कने का क्रम भी जारी है। शनिवार को अधिकतम तापमान जहां 28 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस था। वहीं रविवार को अधिकतम 24.6 तो न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा कि दो-तीन दिन तक जिले में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।
खटीमा में सात परिवारों को राहत शिविर में रखा
दिनभर जारी बारिश के कारण रविवार को नदी और नालों के उफनाने से खटीमा में बाढ़ जैसे हालत उत्पन्न हो गए। जलभराव की समस्या के चलते खेतलसंडा खाम के सात परिवारों के 25 सदस्यों को प्राथमिक स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में रखा गया। नगला तराई ग्रामसभा के सूखापुल गांव में झोपड़ी पर पेड़ गिरने से मां और दो बच्चे बाल-बाल बचे।
खटीमा में सुबह शुरू हुई बारिश दिनभर जारी रही। लगातार जारी बारिश के चलते खकरा और ऐंठा नाले उफना गए। इसके अलावा परवीन नदी में भी पानी बढ़ गया। मुख्य बाजार क्षेत्र के अलावा कंजाबाग, सैनिक कालोनी, लोहियाहेड मार्ग, अमाऊं, राजीव नगर और खेतलसंडा खाम घरों में पानी घुस गया। घरों में पानी घुसने की समस्या को देखते हुए प्रशासन की टीम ने खेतलसंडा खाम के सात परिवारों के करीब 25 लोगों को राजकीय प्राथमिक स्कूल खेतलसंडा खाम में बनाए गए राहत शिविर में शिफ्ट किया, यहां उनके रहने व भोजन की व्यवस्था की गई।
इसके अलावा सीएम पुष्कर सिंह धामी के घर को जाने वाले मार्ग पर सुखापुल गांव में बारिश के चलते एक झोपड़ी पर पेड़ गिर गया। उस समय झोपड़ी में ममता कठायत पत्नी स्व. उमेद सिंह कठायत अपनी 13 साल की बेटी जानवी और 11 साल के बेटे प्रियांशु के साथ थी। अचानक पेड़ के गिरने से ममता दोनों बच्चों को लेकर बाहर भागी। इस दौरान प्रियांशु के पैर थोड़ी चोट लग गई। पेड़ गिरने से कालापुल, चौड़ापानी, बीसबीघा और नगला तराई को जाने वाला मार्ग बाधित हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से पेड़ को रास्ते से हटवाया। एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि लगातार जारी बारिश को लेकर प्रशासन की टीमें अलर्ट हैं।
सैनिक काॅलोनी में नालियां चोक
खटीमा में लगातार बारिश के चलते रविवार को सैनिक काॅलोनी, लोहियाहेड राेड, डिग्री कॉलेज रोड में जगह-जगल नालियां चोक होने की समस्या रही। सैनिक काॅलोनी निवासी गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि नालियों की समस्या के संबंध में कई बार नगर पालिका व प्रशासन से शिकायत की थी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब लोगों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ रही है।
नगर में अधिकतर नाले हुए चोक, सड़कों पर भरा डेढ़ फीट पानी
रुद्रपुर में बारिश ने नगर निगम के तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। शहर के नाले व नालियों के चोक होने से बारिश का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर जमा हो रहा है। जिले में बीते 24 घंटे से अधिक समय से निरंतर हो रही बारिश से शहर के कई स्थानों पर भारी जलभराव हो गया है। सड़कों पर एक से डेढ़ फुट तक पानी आ गया।
नगर निगम की टीम ने 11 जगह पर खोले नाले
जगह-जगह जलभराव की सूचना पर निगम की टीम सक्रिय हुई। टीम लीडर सफाई निरीक्षक गौतम सिंह के नेतृत्व में टीम ने गाबा चौक से फ्लाईओवर तक बड़ा नाला खोला गया। इसके बाद सिटी क्लब, जयनगर वार्ड, मेडिसिटी का लेबर अड्डा, भूतबंगला, हुंडई शोरूम के पास, अग्रसेन चौक, बाटा चौक, रुद्रा होटल, जैन मंदिर व गुरुनानक स्कूल के पास नाला खाेला गया।
लगातार बारिश से प्रभावित हुआ जनजीवन
गदरपुर नगरपालिका क्षेत्र के ज्ञान विहार, करतारपुर रोड, मझराशिला कालोनी, जीआईसी परिसर, जगत विहार कालोनी और गूलरभोज रोड के निचले इलाकों में जलभराव होने से आने-जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में आज भी भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, ऊधमसिंहनगर समेत चमोली और पौड़ी जिले के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
आठ जिलों में स्कूल रहेंगे बंद
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी न करने और आधार नंबर, बैंक खाता और जमीन के रिकॉर्ड में जानकारी समान होने के कारण प्रदेश के एक लाख से अधिक किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल रही है। वर्तमान में प्रदेश के 771567 किसान ही योजना में मिलने वाली रकम पा रहे हैं। अब किसानों को जागरूक करने के लिए प्रदेश भर में शिविर लगाए जाएंगे।
किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने दिसंबर 2018 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इस योजना में प्रदेश के नौ लाख पंजीकृत हैं। योजना के शुरूआत में सभी किसानों को बैंक खातों में सम्मान निधि के रूप में दो हजार रुपये की राशि आई। लेकिन कई अपात्र किसान भी योजना का लाभ रहे थे।
इस पर केंद्र सरकार ने दस्तावेजों का सत्यापन के लिए ई-केवाईसी शुरू किया। जिसमें किसान का आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, जमीन से संबंधित खाता खतौनी व खसरा नंबर का सत्यापन किया। लेकिन प्रदेश में एक लाख से अधिक किसान ऐसे हैं। जिनकी ई-केवाईसी नहीं हो पाई या उनके दस्तावेजों में भिन्नता है। जिस कारण उन्हें योजना में मिलने वाली सम्मान निधि नहीं मिल रही है।
कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी पात्र किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिले। जिन किसानों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। इसके लिए प्रदेश भर में जागरूकता शिविर लगाए जाएं।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत दी। कोर्ट ने शुक्रवार को सोरेन को कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में जमानत दे दी। कोर्ट ने सोरेन की जमानत याचिका पर अपना फैसला 13 जून को सुरक्षित रख लिया था। सोरेन के वरिष्ठ वकील अरुणाभ चौधरी ने बताया कि सोरेन को जमानत दे दी गई है। आज कोर्ट के आदेश की कॉपी चली जाएगी कल वे बाहर आ सकते हैं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया, वह दोषी नहीं हैं और जमानत पर रिहा किए जाने दौरान याचिकाकर्ता द्वारा कोई अपराध किए जाने की कोई आशंका नहीं है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। सोरेन (48) वर्तमान में बिरसा मुंडा जेल में हैं। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के वकील एस वी राजू ने दलील दी कि अगर सोरेन को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वह इसी तरह का अपराध फिर करेंगे।
रांची में जमीन से जुड़ी है जांच-
सोरेन के खिलाफ जांच रांची में 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ी है। ईडी का आरोप है कि इसे अवैध रूप से कब्जे में लिया गया था। एजेंसी ने सोरेन, प्रसाद और सोरेन के कथित ‘फ्रंटमैन’ राज कुमार पाहन और हिलारियास कच्छप तथा पूर्व मुख्यमंत्री के कथित सहयोगी बिनोद सिंह के खिलाफ 30 मार्च को यहां विशेष पीएमएलए अदालत में आरोपपत्र दायर किया था। सोरेन ने रांची की एक विशेष अदालत के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित और उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर करने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद की संयुक्त बैठक में अपने संबोधन में कहा कि सरकार पेपर लीक की हालिया घटनाओं की जांच करने और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि दोषियों को सजा मिले।
18वीं लोकसभा को पहली बार संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार देश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने में सक्षम बनाने के लिए एक माहौल बनाने के लिए काम कर रही है।
जैसे ही उन्होंने शिक्षा के मोर्चे पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया, कुछ विपक्षी सदस्यों को “एनईईटी” चिल्लाते हुए सुना गया।
उन्होंने कहा, “अगर किसी कारण से परीक्षाओं में बाधा आती है तो यह उचित नहीं है। सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में शुचिता, पारदर्शिता बहुत जरूरी है।”
उन्होंने कहा, “सरकार पेपर लीक की हालिया घटनाओं में निष्पक्ष जांच करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
राष्ट्रपति ने कहा कि पहले भी कुछ राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं हुई थीं, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दलगत राजनीति से ऊपर उठने और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कदम उठाने की जरूरत है।
राष्ट्रपति ने कहा कि संसद ने पेपर लीक के खिलाफ भी एक मजबूत कानून बनाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए काम कर रही है।
मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह का पूर्वानुमान जारी कर विभिन्न जिलों में 27 से 29 जून और दो व तीन जुलाई को भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि बृहस्पतिवार को चंपावत और नैनीताल जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश ऑरेंज और देहरादून, पौड़ी, बागेश्वर और ऊधमसिंहनगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।







