महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख अजित पवार ने बताया कि महायुक्ति सभी 48 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि लगभग सभी मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने बताया कि राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को रायगढ़ लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
मीडिया से बात करते हुए अजित पवार ने कहा, “कौन किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, इस पर फैसला हो चुका है। लगभग 90 फीसदी चीजें तय हो चुकी हैं। अब 28 मार्च को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी घोषणाएं की जाएगी।”
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने कहा, “महायुक्ति में कोई भ्रम नहीं है। हम एक साथ बैठे और सीट समझौते पर बातचीत की। सीट समझौते पर भाजपा और शिवसेना ने भी सहयोग दिया। सभी घोषणाएं अब भाजपा और शिवसेना के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जाएगी।”
बता दें कि महाराष्ट्र के 48 सीटों पर 19 अप्रैल से 20 मई तक पांच चरणों में लोकसभा चुनाव होने वाला है। नतीजे चार जून को आएंगे। पिछली लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने 41 सीटें जीती थी। वहीं राकांपा ने चार, कांग्रेस, एआईएमआईएम और निर्दलीय को महज एक सीट पर जीत मिली।
टिहरी लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह लक्ष्मी नामांकन कराने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ नामांकन रैली में सीएम धामी, वरिष्ठ नेता सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। लोकसभा चुनाव में उतरे भाजपा व कांग्रेस के तीन प्रत्याशी आज 26 मार्च को नामांकन करेंगे।
टिहरी से माला राज्यलक्ष्मी शाह के अलावा गढ़वाल सीट से भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी और कांग्रेस प्रत्याशी जोत सिंह गुनसोला पर्चा भरेंगे। दोनों दलों से पार्टी प्रत्याशियों के नामांकन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। माला राज्यलक्ष्मी शाह के नामांकन में मुख्यमंत्री धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी गुनसोला के नामांकन में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा समेत कई नेता भी रहेंगे।
कांग्रेस के प्रत्याशियों को स्टार प्रचारकों का इंतजार-
लोकसभा चुनाव में उतरे कांग्रेस प्रत्याशियों को स्टार प्रचारकों का इंतजार है। प्रत्याशी अपने स्तर पर चुनाव मैदान में डटे हैं। पार्टी केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई बड़ा नेता उत्तराखंड दौरे पर नहीं आया। भाजपा ने पांचों सीटों पर चुनाव प्रचार के लिए स्टार प्रचारकों की लंबी फेहरिस्त बनाई है। वहीं, कांग्रेस ने अभी तक स्टार प्रचारकों की सूची तैयार नहीं की है।
प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरा दत्त जोशी ने बताया, चुनाव प्रचार में स्टार प्रचारकों की सूची बनाई जा रही है। राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, मुकुल वासनिक, सलमान खुर्शीद समेत कई बड़े नेताओं की पांचों सीटों पर रैली निकालने की रणनीति तैयार की जा रही है। होली पर्व के बाद स्टार प्रचारकों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी।
भाजपा ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनका मुद्दा राष्ट्रवाद है। शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी में पारित प्रस्ताव के से अकाली दल व भाजपा गठबंधन के संकट के बादल छाए हुए थे। जिसके बाद ही भाजपा के तमाम नेता अपनी 13 सीटों को लेकर मंथन में जुट गए थे।
लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और अकाली दल में सहमति नहीं बन पाई। शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी में पारित प्रस्ताव से पंजाब में अकाली दल और भाजपा के गठबंधन पर प्रश्नचिह्न लग गया है। भाजपा को अकाली दल की कोर कमेटी के पारित प्रस्ताव में कई मुद्दों पर सख्त आपत्ति थी। कारण यह था कि कई मुद्दे राष्ट्रवाद से जुड़े हुए हैं। जिसमें एनएसए को खत्म करने, फिरोजपुर व अटारी बॉर्डर को खोलने जैसे मुद्दों पर भाजपा अकाली दल से सुर नहीं मिला रही था।
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भाजपा के पंजाब के सहप्रभारी डॉ. नरिंदर रैना भी पहले ही कह चुके थे कि भाजपा का मुद्दा राष्ट्रवाद है और इस पर पार्टी कभी समझौता नहीं कर सकती। एक देश एक राष्ट्र की बुलंद आवाज लेकर भाजपा पंजाब में 13 सीटों के लिए तैयार है, लेकिन अपने मुद्दे व नीतियों से समझौता नहीं करेगी।
Holi: आस्था और पर्यटन का संगम कही जाने वाली बाबा भोलेनाथ की नगरी उत्तरकाशी होली के रंग में रंग चुकी है। उत्तरकाशी में आज छोटी होली की सुबह बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में भस्म की होली के साथ होली के त्योहार का शुभारंभ हुआ।
उत्तरकाशी में बाबा काशी विश्वनाथ प्रांगण से भस्म की होली के साथ पूरे जनपद में होली शुरू होती है। रविवार सुबह भोलेनाथ के भक्त मंदिर में एकत्रित हुए। जहां मंदिर के महंत अजय पुरी ने पहले स्वयंभू शिवलिंग पर भस्म लगाकर उनका आशीर्वाद लिया। उसके बाद सभी भक्तों पर भस्म लगाकर होली शुरू हुई।
सभी भक्तों ने आपस में भस्म लगाकर एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी। उसके बाद बाबा काशी विश्वनाथ मंडली की और से होली और बसंत के गीत गाए गए। वहीं, भस्म लगाकर शिव भक्त जमकर झूमे।
महंत अजय पुरी ने बताया कि जहां आज के समय में रसायनिक होली का प्रचलन बढ़ गया है। ऐसे समय में भोलेनाथ के दरबार से भस्म की होली खेलकर यह संदेश दिया जा रहा है कि हम रसायनिक रंग छोड़ प्राकृतिक रंगो का प्रयोग करें।
भस्म होली के बाद मंदिर में प्रसाद वितरण का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वहीं इस मौके पर देश के विभिन्न प्रदेशो से आए श्रद्धालु भी भस्म होली के गवाह बने। कहा कि उत्तरकाशी कलयुग की काशी कही जाती है।
कलयुग में बाबा काशी विश्वनाथ अस्सी वरुणा नदी के बीच वरुणावत पर्वत की तलहटी में निवास करेंगे। वहीं, भस्म होली के गवाह बने दिल्ली के पर्यटकों का कहना है कि उन्होंने भस्म की होली पहली बार देखी है। यह उनके जीवन का अनमोल अनुभव है। उन्होंने बाबा काशी विश्वनाथ से देश मे खुशहाली की कामना की।
उत्तराखंड में पटरी से उतर रही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के भले हमेशा से दावे किए जाते रहे हो, लेकिन हालात सुधरने के बजाए बिगड़ते जा रहे हैं। विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के सरकारी स्कूल लगातार छात्रविहीन हो रहे हैं। हाल यह है कि 1,671 सरकारी विद्यालयों में ताला लटक गया है, जबकि अन्य 3573 बंद होने की कगार पर हैं।
हैरानी की बात यह है कि 102 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें हर स्कूल में मात्र एक-एक छात्र अध्ययनरत हैं। प्रदेश में एक अप्रैल 2024 से नया शिक्षा सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन इस सत्र के शुरू होने से पहले राज्य के कई विद्यालयों में ताला लटक गया है। शिक्षा महानिदेशालय ने हाल ही में राज्य के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से जिलों में बंद हो चुके विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी थी।
जिलों से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी विद्यालय छात्र विहीन होने से लगातार बंद हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 3,573 विद्यालयों में छात्र संख्या 10 या फिर इससे भी कम रह गई है। इसमें सबसे अधिक 785 स्कूल पौड़ी जिले के हैं, जबकि सबसे कम तीन स्कूल हरिद्वार जिले के हैं।
पौड़ी जिले में सबसे अधिक 315 स्कूल बंद-
राज्य में पौड़ी एकमात्र ऐसा जिला है, जिसमें सबसे अधिक 315 स्कूलों में ताला लटक चुका है, जबकि ऊधमसिंह नगर जिले में सबसे कम मात्र 21 स्कूल बंद हुए हैं। छात्र न होने की वजह से राज्यभर में 1,671 स्कूल बंद हो चुके हैं।
इतने सरकारी स्कूलों में लटका ताला
राज्य में अल्मोड़ा जिले में 197, बागेश्वर में 53, चमोली में 133, चंपावत में 55, देहरादून में 124, हरिद्वार में 24, नैनीताल में 82, पौड़ी में 315, पिथौरागढ़ में 224, रुद्रप्रयाग में 53, टिहरी गढ़वाल में 268, ऊधमसिंह नगर में 21 और उत्तरकाशी जिले में 122 स्कूलों में ताला लटक चुका है।
शिक्षा में फिनलैंड मॉडल अपनाने के दावे
प्रदेश की बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए प्रयोगशाला बनी हैं। पूर्व में अटल उत्कृष्ट विद्यालय, मॉडल विद्यालय, क्लस्टर विद्यालय आदि के रूप में कई प्रयोग किए जा चुके हैं, जबकि अब शिक्षा में फिनलैंड मॉडल अपनाने का दावा किया जा रहा है। इसे लेकर मंत्री के साथ विभागीय अधिकारियों की एक टीम चार दिन फिनलैंड और स्विट्जरलैंड का दौरा कर चुकी है।
राज्य के सभी जिलों से बंद हो चुके सरकारी विद्यालयों की रिपोर्ट मांगी गई थी। बंद हो चुके विद्यालयों का इस्तेमाल आंगनबाड़ी केंद्र, होम स्टे, एएनएम सेंटर एवं पंचायतघर के रूप में किया जाएगा, जिससे उपलब्ध भवन का इस्तेमाल होने से जनता को फायदा हो।
BJP 4th Candidates Lists: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की एक और लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में तमिलनाडु और पुडुचेरी के उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। बीजेपी की इस लिस्ट में कुल 15 उम्मीदवारों के नाम हैं। इनमें से तमिलनाडु के लिए 14 नामों का एलान किया गया है।
तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को तमिलनाडु से एक भी सीट नहीं मिली थी।
बीजेपी ने कल यानी 21 मार्च को तीसरी लिस्ट में 9 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी। इसमें बीजेपी तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष कप्पूसामी अन्नामलाई, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलसाई सौंदरराजन में शामिल हैं।
सात चरणों में होंगे लोकसभा चुनाव
बता दें कि चुनाव आयोग ने बीते शनिवार को चुनाव की तारीखों का एलान किया था। इस बार का लोकसभा चुनाव सात चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को, दूसरे चरण का 26 अप्रैल, तीसरे चरण का सात मई, चौथे चरण का 13 मई, पांचवें चरण का 20 मई, छठे चरण का 25 मई और अंतिम चरण का मतदान एक जून को होगा। चार जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी द्वारा भेजे के समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। केजरीवाल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। उन्होंने ईडी के समन को गैरकानूनी बताया है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा एजेंसी द्वारा उन्हें जारी किए गए कई समन को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सुनवाई की तारीख 22 अप्रैल 2024 तय की है।
मंगलवार को याचिका में केजरीवाल ने तर्क रखा कि सभी समन गैरकानूनी है और निचली अदालत की ओर से उनके खिलाफ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ईडी व सीबीआई बार-बार समन जारी कर रही है। यह मात्र राजनीतिक रूप से जारी किए गए है।
ईडी ने निचली अदालत में कहा था कि केजरीवाल को आठ बार समन जारी किया गया, लेकिन वे इसका अनुपालन नहीं करते हुए एक बार भी पेश नहीं हुए हैं। इसको लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उस मामले में केजरीवाल अदालत में पेश होकर जमानत ले चुके हैं। केजरीवाल के खिलाफ नौवां समन हाल ही में जारी किया गया है। मजिस्ट्रेट की अदालत ने ईडी की दो शिकायतों पर समन जारी किया था। पहली शिकायत पर सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिव्या मल्होत्रा ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि केजरीवाल ईडी के समन का सम्मान करने के लिए बाध्य हैं।
धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत समन जारी होने के बावजूद जांच में शामिल होने में बार-बार विफल रहने के बाद ईडी ने केजरीवाल के खिलाफ अदालत से शिकायत की है।
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अभी तक 51 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सोमवार को दिल्ली में भाजपा कोर कमेटी की बैठक में यूपी की 25 सीटों पर उम्मीदवारों के चयन पर मंथन किया गया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई बैठक में भाजपा के साथ ही सहयोगियों की दी जाने वाली सीटों पर भी चर्चा की गई।
दरअसल, बरेली मंडल की तीन लोकसभा सीटों बरेली, बदायूं और पीलीभीत से भाजपा के दावेदारों को टिकट का इंतजार है। उम्मीद थी कि पार्टी की दूसरी सूची में इन सीटों पर प्रत्याशी तय हो जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बुधवार को दूसरी सूची जारी होने के बाद तीनों लोकसभा क्षेत्रों में बदलाव के कयास और तेज हो गए।
इधर, पीलीभीत से पिछला चुनाव भाजपा से वरुण गांधी जीते थे। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद से उनके तेवर बदल गए। वह कई बार अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़े करते और उससे सवाल करते नजर आए। अभी तक इस सीट पर भाजपा ने पत्ते नहीं खोले हैं। सपा और बसपा भी अभी चुप्पी साधे हुए है।
हालांकि टिकट के लिए बढ़ते इंतजार के बीच वरुण के बोल बदले हैं। पिछले दिनों पीलीभीत को मिली सौगातों पर उन्होंने वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया था। हालांकि वरुण गांधी की ओर टिकट कटने या मिलने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि टिकट कटने पर वो किसी दूसरे दल से मैदान में उतर सकते हैं।
सपा से चुनाव लड़ सकते हैं वरुण गांधी-
उधर, अखिलेश यादव ने वरुण गांधी को भी टिकट देने को लेकर संकेत दिया है। उन्होंने इस पर विचार करने की बात कही है। दरअसल, लखनऊ में भाजपा सांसद वरुण गांधी को टिकट देने से संबंधित सवाल पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस बारे में हमारा संगठन निर्णय लेगा। प्रदेश सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने यह बातें कहीं।
मेरे संपर्क में नहीं ब्रज भूषण-
इससे पहले, अखिलेश ने कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह को टिकट देने पर भी बयान दिया था। कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह को सपा से टिकट देने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि आप लोग (संवाददाता) कह रहे हो तो टिकट दे देंगे। फिर यह पूछे जाने पर कि ब्रजभूषण आपके संपर्क में हैं, उन्होंने कहा कि ब्रजभूषण सिंह मेरे संपर्क में नहीं हैं।
प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए आज अधिसूचना जारी होगी। यह अधिसूचना पांचों लोकसभा सीटों के रिटर्निंग ऑफिसर के स्तर से जारी की जाएगी। इसके साथ ही नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगा।
चुनाव आयोग के शेड्यूल के हिसाब से सभी लोकसभा सीटों के लिए बुधवार को अधिसूचना जारी होगी। इसके साथ ही नामांकन पत्रों की बिक्री और जमा करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। चुनाव आयोग ने ऑनलाइन नामांकन का विकल्प भी दिया है। टिहरी लोकसभा के लिए आरओ देहरादून यानी डीएम देहरादून कार्यालय, अल्मोड़ा सीट के लिए डीएम अल्मोड़ा, गढ़वाल सीट के लिए डीएम पौड़ी, नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट के लिए डीएम उधमसिंह नगर और हरिद्वार सीट के लिए डीएम हरिद्वार अधिसूचना जारी करेंगे।
साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जो 27 मार्च तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 28 मार्च को होगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 30 मार्च होगी। इसके बाद सीधे 19 अप्रैल को मतदान और फिर चार जून को मतगणना होगी। छह जून को आचार संहिता समाप्त हो जाएगी।
सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर 27 मार्च तक होंगे नामांकन-
प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर 27 मार्च तक रोजाना सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक नामांकन होंगे। बुधवार को सभी आरओ मुख्यालय में नामांकन के लिए पब्लिक नोटिस चस्पा कर दिया जाएगा। मंगलवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नमामि बंसल ने बताया, 20 मार्च से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में आरओ मुख्यालय में नामांकन के लिए बुधवार को सुबह पब्लिक नोटिस चस्पा कर दिया जाएगा। 27 मार्च तक सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर रोजाना 11 से लेकर तीन बजे तक नामांकन की प्रक्रिया होगी।प्रत्याशियों की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले डॉक्यूमेंट्स की एक चेक लिस्ट भी बनाई गई है, जिसमें फॉर्म-ए, फॉर्म-बी, एफिडेविट, सिक्योरिटी डिपॉजिट के प्रूफ आदि शामिल हैं। नामांकन प्रक्रिया को करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल suvidha.eci.gov.in की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रत्याशी मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
RO मुख्यालय में सुरक्षा की तैयारियां भी पूरी-
इसका प्रिंट निकाल कर हस्ताक्षर करने के उपरांत आरओ कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया को निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व अनिवार्य रूप से जमा कराना जरूरी होगा। प्रत्याशी पोर्टल में ही डॉक्यूमेंट को भी मुख्यालय में जमा करने की समय और तिथि को भी अपनी सुविधानुसार चयन कर सकते हैं। जिस तिथि में प्रत्याशी प्रत्यक्ष रूप से आरओ मुख्यालय में उपस्थित होकर अपने डॉक्यूमेंट को जमा करा सकते हैं। इसके अलावा आरओ मुख्यालय के 100 मीटर की परिधि के दायरे में तीन से अधिक वाहनों की अनुमति नहीं होगी। इसी क्रम में प्रत्येक आरओ मुख्यालय में सुरक्षा की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। सी-विजिल एप पर 3,066 शिकायत-
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया, लगभग 94 हजार भवनों से पोस्टर बैनर हटाए गए हैं। सी-विजिल एप के माध्यम से आदर्श आचार संहिता से जुड़े करीब 3,066 मामले निस्तारित किए जा चुके हैं, जिनमें से 2800 मामले सही पाए गए हैं। निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत निस्तारित कर दिए गए। इसके साथ ही लगभग 10,900 शस्त्र जमा कराए जा चुके हैं। यह कार्रवाई लगातार जारी है।
अब चुनाव नतीजों तक कोई भी नया मतदाता नहीं बनेगा। अगर आप आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपना वोट बनवाना चाह रहे हैं, तो ये मुराद पूरी नहीं हो पाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक जिन्होंने वोट बनवाने या मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन किया होगा और वह निर्वाचन कार्यालय के सॉफ्टवेयर में आ गया होगा, केवल वही लोकसभा चुनाव में मतदान कर सकेंगे।
दरअसल, नियमानुसार नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक मतदाता बनने का अवसर दिया जाता है। चूंकि, राज्य में 27 को नामांकन की अंतिम तिथि है, इसलिए 17 मार्च तक ही ये मौका था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, अब जो भी नया मतदाता बनने के लिए आवेदन करेंगे, उनकी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर में आगे नहीं बढ़ पाएगी।
7 जून को आचार संहिता खत्म होने के बाद ही उनका वोट बन सकेगा। हां, 17 से पहले जिनके आवेदन प्रोसेस में आ चुके हैं, उनका वोट बनेगा और वह इस लोकसभा चुनाव में मतदान भी कर सकेंगे।
दिव्यांग, 85 से अधिक आयु के मतदाताओं को फार्म 12-डी-
प्रदेश के 79,965 दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक आयु के 65,177 मतदाताओं को उनके बीएलओ घर पर ही फार्म 12-डी मुहैया करा रहे हैं। आप भी अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। इस फार्म को भरकर बीएलओ को ही देना है। इसके बाद चुनाव आयोग की टीम आपके घर पर ही मतदान की सुविधा देगी। पांच अप्रैल को घर से वोट करने वाले मतदाताओं की संख्या स्पष्ट हो जाएगी।